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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 23 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: सा.अ.1– सामाजिक सशक्तिकरण; भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं, भारत की विविधता।

सा.अ.2- केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

1. हाथ से मैला ढ़ोने की प्रथा (manual scavenging) जाति व्यवस्था में कैसे और क्यों अंतर्निहित है? समझाइए। देश में हाथ से मैला ढ़ोने की समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार द्वारा किये गए प्रयासों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में हाथ से मैला ढ़ोने की प्रथा एवं जाति व्यवस्था के साथ इसके संबंध के सन्दर्भ में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

हमारे देश में यह सामाजिक बुराई से भी अधिक क्यों है? समझाइए।

ऐसी व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा किये गए प्रयासों पर चर्चा कीजिए एवं इन उपायों की खामियों को भी उजागर कीजिए।

लेख से संकेत लीजिए एवं सरकार द्वारा अब तक किए गए उपायों और उनकी आंशिक सफलता के कारणों को सूचीबद्ध कीजिए।

उन्हें संबोधित करने के लिए उपयुक्त समाधान भी सुझाइये।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

2. जल संकट से उबरने के लिए भारत एवं चीन दोनों के लिए ब्रह्मपुत्र एक भू-राजनीतिक अवसर के साथ-साथ एक चिंता का विषय क्यों है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ब्रह्मपुत्र नदी के बारे में चर्चा कीजिए; एक बारहमासी नदी, जिसकी भौगोलिक एवं प्रचलित जलवायु परिस्थितियों तथा भारत-चीन के लिए इसके महत्व के कारण अनेक अद्वितीय विशेषताएं हैं।

 विषय वस्तु:

यह भारत और चीन दोनों के लिए एक चिंता का कारण होने के साथ-साथ एक भूराजनीतिक अवसर कैसे है? स्पष्ट कीजिए।

भारत-चीन सीमाओं के पार जल संकट, खाद्य सुरक्षा के मुद्दे और नदी के प्रवाह के आसपास के सुभेद्य पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव आदि के बारे में चर्चा कीजिए।

भारत एवं चीन दोनों के लिए इस नदी के महत्व पर चर्चा कीजिए।

बांध निर्माण के कारण उत्पन्न मुद्दों और संघर्षों की व्याख्या कीजिए। समझाइए कि इस समस्या के समाधान के लिए क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

 निष्कर्ष निकालिए कि दोनों पक्षों को नदी पर नवीन निर्माण को रोकना चाहिए और संभावित रूप से कम विनाशकारी समाधान के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। चेक बांधों के विकेंद्रीकृत नेटवर्क का निर्माण, वर्षा-जल धारण करने वाली झीलें एवं जल- संग्रहण के पारंपरिक साधनों के उपयोग से पारिस्थितिक संतुलन को बेहतर बनाने में प्रभावी परिणाम दिखाई दिए हैं।

  

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. लॉकडाउन के प्रभाव एवं परिणामी आर्थिक संकट ने गरीबों तथा अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। ऐसी विकट स्थिति के मद्देनजर देश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संक्षेप में समझाइए कि लॉकडाउन के प्रभाव एवं परिणामी आर्थिक संकट ने गरीबों तथा अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों पर प्रतिकूल प्रभाव कैसे डाला है।

 विषय वस्तु:   

समझाइए कि कम आय एवं खाद्य असुरक्षा से निपटने के लिए लोगों ने अपने भोजन की खपत कम कर दी है और खाद्य गुणवत्ता से समझौता किया है।

इस संदर्भ में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से नकदी-समर्थन उपायों के साथ एक अच्छी तरह से कार्यशील सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के योगदान को समाप्त नहीं किया जा सकता है।

सार्वजानिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने की आवश्यकता को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष: 

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सा.अ.2– शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

सा.अ.4– सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता।

4. “डिजिटलीकरण का उपयुक्त मापन सभी नागरिक सेवाओं का निर्बाध वितरण होगा”, भारत के संदर्भ में इस कथन का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नागरिक सेवाओं के वितरण के महत्व पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

 विषय वस्तु:  

एक डिजिटल राष्ट्र का सही मापन, नागरिकों के लिए एक विश्वसनीय, खुली एवं सहभागी सार्वजनिक प्रणालियों का निर्माण करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने में सरकारों की तत्परता है।

समझाइए कि किन तरीकों और साधनों से किसी देश के डिजिटलीकरण के स्तर को मापा जा सकता है।

लेख से संकेत लीजिए एवं उदाहरण प्रस्तुत कीजिए। उन क्षेत्रों की चर्चा कीजिए, जिनमें भारत के डिजिटल गवर्नेंस को विकसित करने की क्षमता है।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. ‘डेटा सेंटर पार्क’ क्या हैं? जलवायु धारणीयता के लिए एक संभावित जोखिम के रूप में उनकी पहचान क्यों की जा रही है? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Financial Express 

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

‘डेटा सेंटर पार्क’ को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

डेटा सेंटर पार्क के कार्यों, महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।

उनकी कार्यप्रणाली से सम्बंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि प्राकृतिक संसाधनों पर अत्यधिक निर्भरता एवं ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि के कारण जलवायु स्थिरता के लिए संभावित जोखिम के रूप में पहचाने जाने वाले डेटा केंद्रों का निर्माण हुआ है।

निष्कर्ष:

इन समस्याओं को हल करने के लिए समाधान बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

6. भारत को हरित ऊर्जा महाशक्ति बनने का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपने नवीकरणीय संसाधनों को नियंत्रित करने के विघटनकारी समाधानों के मार्ग का चयन करना एवं उस पर चलना होगा। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत के ऊर्जा क्षेत्र की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत कीजिए।

विषय वस्तु:

भारत की प्रति व्यक्ति ऊर्जा आवश्यकता 2050 तक लगभग दोगुनी हो जाएगी और भारत की जनसंख्या में भी वृद्धि होने का अनुमान है। 1.4 बिलियन की जनसंख्या के साथ और विश्व की सबसे तेजी से उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक, भारत की ऊर्जा मांग बढ़ने का अनुमान है।

देश की बढ़ती ऊर्जा मांगों पर एक लेख लिखिए। नवीकरणीय एवं गैर-नवीकरणीय ऊर्जा मांग एवं समग्र आवश्यकता दोनों को प्रस्तुत कीजिए।

विघटनकारी समाधान क्या हैं, इस पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

 निष्कर्ष निकालिए कि ऊर्जा क्रांति और चतुर्थ औद्योगिक क्रांति के मध्य तालमेल को और अधिक मजबूत ऊर्जा डेटा और नीति शासन की ओर बढ़ने के लिए तैयार किया जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: केस स्टडी।

 7. सर्वौच्च न्यायालय की एक न्यायाधीश एक निर्णय में भागीदार रही हैं। अब इस मामले को पांच न्यायाधीशों की एक बेंच को भेज दिया गया है, जिसमें वह भी एक सदस्या हैं। वह न्यायाधीश अपनी ईमानदारी और निष्ठा के लिए प्रसिद्ध हैं। लेकिन उन पर इस मामले को अस्वीकार करने का अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है क्योंकि उनकी उपस्थिति से हितों का टकराव होने की सम्भावना है। लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया है। आपके विचार में, इस स्थिति में सबसे उपयुक्त आचरण क्या होना चाहिए? अपने दृष्टिकोण के औचित्य के लिए पर्याप्त कारण भी प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

न्यायाधीश के समक्ष उपस्थित परिदृश्य को संक्षेप में प्रस्तुत कीजिए, इसमें शामिल नैतिक संघर्षों की व्याख्या कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसमें शामिल विभिन्न पहलुओं जैसे – प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत, संस्थागत सत्यनिष्ठा बनाम व्यक्तिगत सत्यनिष्ठा आदि पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि क्या न्यायाधीश को इस मामले को अस्वीकार का देना चाहिए, यदि ऐसा है तो उसका क्या पक्ष होना चाहिए।

अपने विचारों को उपयुक्त समर्थन के साथ प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि न्यायिक अखंडता की रक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए न्यायाधीश को इस पीठ से स्वयं को बाहर कर देना चाहिए। उसे व्यक्तिगत सत्यनिष्ठा के स्थान पर संस्थागत सात्यनिष्ठा को बनाए रखने की आवश्यकता है।


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