HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
भरहुत स्तूप के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- भरहुत स्तूप का निर्माण का शुंग काल के दौरान शुरू और पूरा हुआ था।
- इसमें बुद्ध के पूर्वजन्म या जातक कथाओं का वर्णन मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
भरहुत स्तूप (मध्यप्रदेश) मौर्य राजा अशोक द्वारा पहली बार तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बनवाया गया था, लेकिन शुंग काल के दौरान इसमें कलात्मक कई कलात्मक कार्य करवाए गए थे। इसमें बुद्ध के पूर्वजन्म या जातक कथाओं का वर्णन मिलता है।
इसकी वेदिका पर रानी माया का सपना, बुद्ध के पूर्व जन्म आदि का वर्णन मिलता है।
Incorrect
उत्तर: b)
भरहुत स्तूप (मध्यप्रदेश) मौर्य राजा अशोक द्वारा पहली बार तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बनवाया गया था, लेकिन शुंग काल के दौरान इसमें कलात्मक कई कलात्मक कार्य करवाए गए थे। इसमें बुद्ध के पूर्वजन्म या जातक कथाओं का वर्णन मिलता है।
इसकी वेदिका पर रानी माया का सपना, बुद्ध के पूर्व जन्म आदि का वर्णन मिलता है।
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Question 2 of 5
2. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- रोमन कला शैली में अलंकरण और सजावट की प्रधानता तथा प्रकृति यथार्थवादी है।
- देवताओं का पुरुष रूप में चित्रण यूनानी कला शैली में परिलक्षित होता है।
- गांधार शैली में ग्रीक और रोमन दोनों कला शैलियों की विशेषताएं पाई जाती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
ग्रीक और रोमन शैलियों के बीच कुछ अंतर मौजूद है, और गांधार शैली में ग्रीक और रोमन दोनों कला शैलियों की विशेषताएं पाई जाती हैं। यूनानियों की आदर्शवादी शैली में देवताओं का पुरुष रूप में चित्रण किया गया है।
दूसरी ओर, रोमन कला शैली में अलंकरण और सजावट की प्रधानता तथा ग्रीक आदर्शवाद के विपरीत इसकी प्रकृति यथार्थवादी है।
Incorrect
उत्तर: d)
ग्रीक और रोमन शैलियों के बीच कुछ अंतर मौजूद है, और गांधार शैली में ग्रीक और रोमन दोनों कला शैलियों की विशेषताएं पाई जाती हैं। यूनानियों की आदर्शवादी शैली में देवताओं का पुरुष रूप में चित्रण किया गया है।
दूसरी ओर, रोमन कला शैली में अलंकरण और सजावट की प्रधानता तथा ग्रीक आदर्शवाद के विपरीत इसकी प्रकृति यथार्थवादी है।
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Question 3 of 5
3. Question
भक्ति संतों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- संत कबीर अपने दोहो (couplets) के लिए प्रसिद्ध हैं
- सूरदास ने रामचरितमानस की रचना की, जो सर्वाधिक पवित्र हिंदू ग्रंथ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
कबीर 15वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे, कुछ विद्वानों के अनुसार, इनके लेख हिंदू धर्म के भक्ति आंदोलन से प्रभावित थे। कबीर के छंद सिख धर्म के ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब में भी समाविष्ट हैं। वह अपने दोहो के लिए प्रसिद्ध है।
तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की
Incorrect
उत्तर: a)
कबीर 15वीं सदी के भारतीय रहस्यवादी कवि और संत थे, कुछ विद्वानों के अनुसार, इनके लेख हिंदू धर्म के भक्ति आंदोलन से प्रभावित थे। कबीर के छंद सिख धर्म के ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब में भी समाविष्ट हैं। वह अपने दोहो के लिए प्रसिद्ध है।
तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना की
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Question 4 of 5
4. Question
संगम युग के संदर्भ में, पनार और विरालियार थे
Correct
उत्तर: c)
संगम युग के लोगों के बीच कविता, संगीत और नृत्य लोकप्रिय थे। राजाओं, सरदारों और अमीरों द्वारा कवियों को उदार दान दिया गया था।
शाही दरबार में पनार और विरालीयार नामक गायन मंडली होता था। वे लोक गीत और लोक नृत्यों के विशेषज्ञ थे।
संगीत और नृत्य कलाएँ अत्यधिक विकसित थीं। संगम साहित्य में विभिन्न प्रकार के यज़्ह और ड्रम का उल्लेख किया गया है।
नृत्य कनिगयार द्वारा किया जाता था। कुथू लोगों का सबसे लोकप्रिय मनोरंजन था।
Incorrect
उत्तर: c)
संगम युग के लोगों के बीच कविता, संगीत और नृत्य लोकप्रिय थे। राजाओं, सरदारों और अमीरों द्वारा कवियों को उदार दान दिया गया था।
शाही दरबार में पनार और विरालीयार नामक गायन मंडली होता था। वे लोक गीत और लोक नृत्यों के विशेषज्ञ थे।
संगीत और नृत्य कलाएँ अत्यधिक विकसित थीं। संगम साहित्य में विभिन्न प्रकार के यज़्ह और ड्रम का उल्लेख किया गया है।
नृत्य कनिगयार द्वारा किया जाता था। कुथू लोगों का सबसे लोकप्रिय मनोरंजन था।
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Question 5 of 5
5. Question
भरतनाट्यम नृत्य के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- इसेक प्रदर्शन के साथ में गाया जाने वाला गीत आमतौर पर बेहतर पैदावार को समर्पित होता है।
- इसका प्रस्तुतीकरण का अंत तिल्लाना के साथ होता है, जहां इसकी उत्पत्ति हिन्दुस्तानी संगीत के तराना में होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
भरतनाट्यम् की एक एकल नृत्य और बहुत अधिक झुकाव अभिनय या नृतय के स्वांग पहले- नृत्य पर होता है, जहां नर्तकी गतिविधि और स्वांग द्वारा साहितय को अभिव्यक्त करती है।
यह एक अनुनादी (गुंजायमान) नृत्य है, जो साहितय की कुछ पंक्तियों के साथ संगीत के अक्षरों के साथ-साथ प्रस्तुत किया जाता है । विशिष्ट रूप से अभिकल्पित लयात्मक पंक्तियों के एक चरमोत्कर्ष पर पहुंचने के साथ खण्ड का समापन होता है । इसका प्रस्तुतीकरण का अंत तिल्लाना के साथ होता है, जहां इसकी उत्पत्ति हिन्दुस्तानी संगीत के तराना में होती है।
Incorrect
उत्तर: b)
भरतनाट्यम् की एक एकल नृत्य और बहुत अधिक झुकाव अभिनय या नृतय के स्वांग पहले- नृत्य पर होता है, जहां नर्तकी गतिविधि और स्वांग द्वारा साहितय को अभिव्यक्त करती है।
यह एक अनुनादी (गुंजायमान) नृत्य है, जो साहितय की कुछ पंक्तियों के साथ संगीत के अक्षरों के साथ-साथ प्रस्तुत किया जाता है । विशिष्ट रूप से अभिकल्पित लयात्मक पंक्तियों के एक चरमोत्कर्ष पर पहुंचने के साथ खण्ड का समापन होता है । इसका प्रस्तुतीकरण का अंत तिल्लाना के साथ होता है, जहां इसकी उत्पत्ति हिन्दुस्तानी संगीत के तराना में होती है।









