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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 18 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

1. क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) से भारत का बाहर निकलना, इसके आर्थिक औचित्य के संदर्भ में अधिक विवादास्पद प्रतीत होता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) की पृष्ठभूमि को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस तथ्य को संबोधित कीजिए कि भारत ने हाल ही में इससे बाहर निकलने का विकल्प चुना है, इसके कारणों को प्रस्तुत कीजिए।

इसके महत्व पर चर्चा कीजिए।

इसके पक्ष एवं विपक्ष दोनों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

2. फर्जी समाचार (Fake news) एक बड़ी समस्या है, जो नवीनतम तकनीकों के दुरुपयोग के कारण आसानी से संचारित हो जाती है एवं अनेक अप्रिय घटनाओं को जन्म देती है। इस संदर्भ में देश में फर्जी समाचारों के कारण उत्पन्न होने वाली गलत सूचना को दूर करने के लिए एक तंत्र की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Hindustan Times 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

फर्जी समाचार (Fake News) को परिभाषित कीजिए एवं समझाइए।

 विषय वस्तु:

स्पष्ट कीजिए कि इस फर्जी समाचार समस्या के लिए किसे दोषी ठहराया जाए? क्या यह एक नीतिगत मुद्दा है या यह सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा अपनाये गए अभाववादी दृष्टिकोण के कारण उत्पन्न हुआ है या यह दोनों का एक संयोजन है?

उन प्रेरक कारकों का विश्लेषण कीजिए, जिनके कारण देश में फर्जी समाचारों का प्रसार होता है।

जमीयत उलमा-ए-हिंद जैसी केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए। इसके दुष्परिणामों पर चर्चा कीजिए।

देश में फर्जी खबरों के कारण उत्पन्न होने वाली गलत सूचना को संबोधित करने के लिए एक तंत्र के महत्व और इसकी तात्कालिक आवश्यकता को समझाइए।

निष्कर्ष:

इस समस्या को हल करने के लिए एक तंत्र की आवश्यकता का सुझाव दीजिए एवं निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. क्या आंध्र प्रदेश राज्य के लिए तीन राजधानियों को चिह्नित करना ‘वितरित विकास’ को बढ़ावा देगा? किसी राज्य की एकाधिक राजधानियों की अवधारणा का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

विश्लेषणकीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तरकीसंरचना:

परिचय:

आंध्र प्रदेश सरकार ने अपने पिछले सत्र में राज्य के लिए तीन-राजधानी योजना का प्रस्ताव पेश किया था।

विषयवस्तु:

आंध्र प्रदेश विकेंद्रीकरण और सभी क्षेत्रों का समावेशी विकास विधेयक, 2020 के अनुसार, राज्य की कार्यकारी, विधायी और न्यायिक राजधानियाँ क्रमशः विशाखापत्तनम, अमरावती और कुरनूल होंगी।

इसमें शामिल मुद्दों को विस्तृत रूप में समझाइए।

तीन राजधानियों की अवधारणा की उत्पत्ति पर चर्चा कीजिए, इसमें शामिल चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

4. प्रौद्योगिकी की गति में तीव्रता के साथ सीमाएँ धुंधली होती जा रही हैं, इसकारण प्रौद्योगिकी की सीमाओं को परिभाषित करने के लिए एक नीतिगत ढांचे की सख्त आवश्यकता है। क्या आप सहमत हैं? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu  

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

20 वीं सदी के उत्तरार्ध एवं 21 वीं सदी के शुरुआती दौर में जैसे-जैसे प्रौद्योगिकी का विकास हुआ, वस्तुओं एवं सेवाओं के बीच की पारंपरिक सीमाएँ धुंधली होती जा रही हैं।

 विषय वस्तु:  

मूर के नियम के अनुसार, पारंपरिक उद्योगों में क्षमताओं की तुलना में कंप्यूटिंग क्षमताओं में तेजी से वृद्धि हुई है।

एक नवीन मुद्रा के रूप में डेटा की उपयोगिता पर प्रकाश डालिए। सूचना एक नवीन मुद्रा है, जो अर्थव्यवस्थाओं को सशक्त बनाती है। कंप्यूटिंग शक्ति के विस्तार ने सूचना एकत्रण एवं विश्लेषण की गति को प्रेरित किया है।

यह नवीन मुद्रा, उत्पादों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला में प्रक्रियाओं और निर्णय निर्धारण को प्रेरित करती है, जिससे वे उपभोक्ताओं के लिए अधिक कुशल और मूल्य अभिवृद्धि करती हैं।

इस सन्दर्भ में एक नीति की आवश्यकता पर बल दीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे का मार्ग बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. भारत में महिला कर्मचारियों की स्थिति पर एक लेख लिखिए। उन पर कोविड-19 महामारी तथा नवीन श्रम कोड के प्रभावों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में महिलाओं की स्थिति पर समिति (CSWI) द्वारा “समानता की ओर” नामक रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र (UN) को सौंपे जाने को लगभग पचास वर्ष पूरे हो चुके हैं। इसने भारत में महिला-संवेदनशील नीति निर्धारण पर ध्यान केंद्रित किया, जो लैंगिक समानता पर एक नया दृष्टिकोण प्रदान करता है।

 विषय वस्तु:

देश में महिला कार्यबल के विभिन्न पहलुओं पर टिप्पणी कीजिए; इनकी स्थिति को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख आंकड़े प्रस्तुत कीजिए।

हाल ही में जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS), 2018-19 पुरुषों और महिलाओं के लिए पूर्ण रोजगार में एक नाटकीय गिरावट का संकेत देता है, जिन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम भागीदारी दर (2011 से 2019 तक) में 35.8% से 26.4% तक की कमी और शहरी क्षेत्रों में लगभग 20.4% की स्थायी दर का सामना करना पड़ा।

महिलाओं की श्रम भागीदारी पर कोविड-19 के प्रभावों को प्रस्तुत कीजिए।

इन चिंताओं के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

आगे क्या किया जाना चाहिए, बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

6. प्रौद्योगिकी किन संभावित तरीकों से भारतीय कृषि को बौद्धिक रूप से अधिक संतोषजनक और आर्थिक रूप से लाभप्रद बना सकती है? विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व को प्रस्तुत करने वाले कुछ प्रमुख आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

कृषि को तकनीकी रूप से विकसित करने की आवश्यकता क्यों है?  चर्चा कीजिए।

कृषि को बौद्धिक रूप से संतोषजनक और आर्थिक रूप से लाभप्रद बनाये जाने का क्या अर्थ है? समझाइए।

अधिक युवाओं को कृषि से जोड़ने, कृषि क्षेत्र को और अधिक आकर्षक बनाने, अधिक रोजगार उत्पन्न करने आदि पर चर्चा कीजिए।

हाल के दिनों में इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों को प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्व और इसके विकास पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।


 सामान्य अध्ययन4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. “प्रेरक (persuasive) बनने के लिए हमें विश्वासयोग्य (believable) होना आवश्यक है; विश्वासयोग्य (believable) होने के लिए हमें विश्वसनीय (credible) होना आवश्यक है; विश्वसनीय (credible) होने के लिए हमें सत्यवादी (truthful) होना आवश्यक है।” लोक प्रशासन में एक सद्गुण के रूप में सत्य की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

एक सद्गुण के रूप में “सत्य” को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस कथन का अर्थ संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।

उपरोक्त कथन एडवर्ड आर. मुरो द्वारा दिया गया है। यह बताता है कि जब कोई व्यक्ति सत्यवादी होता है, तो हम आम तौर पर उसे अच्छा और नैतिक व्यक्ति मानते हैं। इससे व्यक्ति की विश्वसनीयता अर्थात भरोसेमंद होने और विश्वास करने की गुणवत्ता में सुधार होता है।

इसके महत्व को स्पष्ट कीजिए- ईमानदारी, विश्वास की नीव है। सत्य से विश्वसनीय बनने की प्रक्रिया में सरलता एवं तेजी आती है।

महात्मा गांधी का उदाहरण प्रस्तुत किया जा सकता है; सत्य के महत्व पर उनके दृष्टिकोण को समझाइए।

लोक प्रशासन एवं बेहतर प्रशासन में सत्यता की प्रासंगिकता को उचित ठहराने के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

एक सफल लोक प्रशासन के लिए आवश्यक प्रमुख गुणों में से एक के रूप में सत्य के महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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