[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 17 नवम्बर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: गरीबी एवं विकासात्मक विषय।

1. भारत में गरीबी, सभी सामाजिक बुराइयों का मूल कारण है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय अर्थव्यवस्था: दत्ता एवं सुंदरम

निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गरीबी को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। इससे सम्बद्ध मुद्दों को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

बेरोजगारी, भूख, सामर्थ्य की कमी आदि जैसे विभिन्न पहलुओं के साथ गरीबी के संबंध पर चर्चा कीजिए।

समझाइये कि “धन की कमी सभी बुराई की जड़ है।” लोगों को धन की खोज में उनकी नैतिक सीमा एवं उससे परे तक धकेला जा सकता है। वे अपने वास्तविक मूल्यों को भूल सकते हैं, जघन्य अपराध कर सकते हैं आदि।

 सोदाहरण गरीबी के अधिकाधिक आयाम प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इन समस्याओं को दूर करने का समाधान बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

2. धारणीय शहरीकरण की ओर निर्देशित मुद्दों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। शहरीकरण की राह में आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रारम्भ की गयी विभिन्न सरकारी योजनाओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: smartnet.niua.org

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

धारणीय शहरीकरण को परिभाषित कीजिए। समझाइए कि हाल के वर्षों में विश्व, लोगों के जीवन में सुधार लाने और कस्बों और शहरों में आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए देशों को अवसर प्रदान करते हुए शहरीकरण की ओर तेजी से बढ़ रहा है।

 विषय वस्तु:

शहरी धारणीयता से सम्बंधित समस्याओं को स्पष्ट कीजिए।

शहरीकरण, धारणीयता को कैसे प्रभावित करता है? समझाइए।

शहरीकरण से सम्बंधित समस्याओं पर चर्चा कीजिए।

शहरीकरण की राह में आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रारम्भ की गयी विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

3. भारत में नौसेना विद्रोह, ब्रिटिश औपनिवेशिक आकांक्षाओं के ताबूत की अंतिम कील कैसे सिद्ध हुआ? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  विगत वर्ष के यूपीएससी प्रश्नपत्र, आधुनिक भारतीय इतिहास: बिपिन चंद्र 

निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

रॉयल इंडियन नेवल रेटिंग या नौसेना विद्रोह, ब्रिटिश उच्च अधिकारियों के खिलाफ भारतीय नौसेना के सैनिकों का विद्रोह था। यह नस्लीय भेदभाव के खिलाफ ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा किया गया प्रारंभिक विद्रोह था लेकिन शीघ्र ही यह एक विशाल विद्रोह में परिवर्तित हो गया एवं सम्पूर्ण भारत में फैल गया।

विषय वस्तु:   

इस विद्रोह के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालिए।

ब्रिटिश औपनिवेशिक आकांक्षाओं को समाप्त करने में नौसैनिक विद्रोह की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

संपूर्ण विद्रोह एवं उसके प्रभाव की एक टाइमलाइन (समयरेखा) प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार, नौसैनिक विद्रोह इस बात का संकेत था कि यदि भविष्य में स्वतंत्रता प्राप्त नहीं हुई तो इसके दूरगामी परिणाम अच्छे नहीं होंगे। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश सत्ता की क्षति ने भारत में ताज की सत्ता को बनाए रखने के उनके विश्वास को समाप्त कर दिया।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

4. नवीन श्रम कानून, श्रमिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखने में उनकी क्षमता पर एक आक्रमण कैसे हैं? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu  

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में श्रम कानून सुधारों की संक्षिप्त पृष्ठभूमि प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:  

आर्थिक विकास के लिए प्रत्येक सरकार के पसंदीदा समाधान के रूप में 1991 के बाद से श्रम कानूनों में सुधार किया गया है। फिर भी, इसके अर्थ को लेकर सरकारों, राजनीतिक दलों, श्रमिकों और श्रम संगठनों तथा नियोक्ताओं के मध्य सहमति नहीं थी।

2019 में केंद्र सरकार ने 29 केंद्रीय कानूनों को सशक्त बनाने के लिए श्रम संहिता पर चार विधेयक पेश किए।

हालाँकि, वेतन संहिता विधेयक को 2019 में पारित किया गया था लेकिन अन्य तीन विधेयकों को श्रम पर गठित एक स्थायी समिति के लिए भेज दिया गया था।

समिति की सिफारिशों के अनुसार, सरकार ने सितंबर 2020 में इन विधेयकों को परिवर्तित कर दिया और इन्हें उसी माह पारित कर दिया गया।

इनके विरुद्ध आलोचनाएं प्रस्तुत कीजिए। इनके अवगुणों को भी सूचीबद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

इन मुद्दों के समाधान के लिए क्या किया जाना चाहिए, सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

5. विश्व भर में आपदा प्रबंधन के हालिया रुझानों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  egyankosh.ac.in

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

आपदा प्रबंधन के महत्व को समझाते हुए उत्तर प्ररम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इससे सम्बंधित कारकों पर चर्चा कीजिए।

आपदाओं के बदलते रुझानों के साथ आपदा प्रबंधन रणनीतियों के संदर्भ में वैश्विक स्तर पर किस प्रकार के बदलाव देखे गए हैं? समझाइए।

इस सन्दर्भ में केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. किसी समाज के नैतिक मूल्यों के निर्धारक क्या हैं? वे ऐसे समाज में नैतिकता के पालन को कैसे प्रभावित करते हैं? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिक मूल्यों को परिभाषित कीजिए एवं उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

विषय वस्तु:

समाज के नैतिक मूल्य एक समाज में विकसित व्यवहार के मानक हैं। वे लोगों द्वारा समाज में सामान्य न्यूनतम स्वीकार्य आचरण का नेतृत्व करते हैं।

समाज के नैतिक मूल्यों के निर्धारकों का उल्लेख कीजिए, जैसे कि पारिवारिक मूल्य, स्कूली शिक्षा, संस्कृति, धर्म आदि। समझाइए कि वे समाज में नैतिकता के पालन को कैसे प्रभावित करते हैं।

अपनी राय की पुष्टि के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि समाज के नैतिक मूल्य, समाज में व्यवहार के सामान्य न्यूनतम मानकों को सुनिश्चित करने में सहायता करते हैं।

  

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

7. विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर जॉन स्टुअर्ट मिल के विचारों पर चर्चा कीजिए। प्रतिनिधि लोकतंत्र पर उनके विचारों पर भी प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर स्टुअर्ट मिल के विचारों पर संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उनके विचारों के अंतर्निहित सिद्धांतों पर प्रकाश डालिए।

प्रतिनिधि लोकतंत्र पर मिल के विचारों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

वर्तमान में भी उनके विचारों की प्रासंगिकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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