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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 13 नवम्बर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

1. सामाजिक नियंत्रण और समाजीकरण एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। क्या आप सहमत हैं? आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: sociologyguide.com

निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामाजिक नियंत्रण और समाजीकरण दोनों को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि सामाजिक नियंत्रण, समाजीकरण से कैसे सम्बंधित है?

सामाजिक नियंत्रण स्थापित करने में समाजीकरण कैसे भूमिका निभाता है? समझाइए।

उपर्युक्त की पुष्टि के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

प्रश्न में उल्लिखित तथ्य पर एक निष्पक्ष और संतुलित राय प्रस्तुत करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

2. पारंपरिक भारतीय समाज की खामियों के परिणामस्वरूप सोशल मीडिया के उदय का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सोशल मीडिया के बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए। यह हमारे समाज में लाखों लोगों को प्रभावित करते हुए तेजी से आगे कैसे बढ़ा है? स्पष्ट कीजिए।

 विषय वस्तु:

हमारे समाज में उपस्थित उन खामियों पर चर्चा कीजिए, जिन्होंने सोशल मीडिया के उत्थान में योगदान दिया है।

समझाइये कि एक आदर्श रूप में सोशल मीडिया का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए?

इन चुनौतियों से पार पाने के लिए और सोशल मीडिया को अधिक लाभप्रद बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए? सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।

3. भारत के महान्यायवादी की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत का महान्यायवादी देश का सर्वोच्च कानून अधिकारी होता है। महान्यायवादी के सन्दर्भ में सामान्य चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:   

महान्यायवादी के सन्दर्भ में भारत के संविधान में वर्णित प्रावधानों पर प्रकाश डालिए।

इसकी भूमिका एवं उत्तरदायित्वों पर विस्तार से चर्चा कीजिए। यदि संभव हो तो हाल के कुछ उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इस पद के महत्व पर चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।

4. केंद्र-राज्य संबंध में एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में वित्त आयोग की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वित्त आयोग के सन्दर्भ में प्रासंगिक विवरण एवं भारत में इसकी संवैधानिक स्थिति को दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

केंद्र-राज्य संबंध में तटस्थ मध्यस्थ के रूप में कार्य करने की वित्त आयोग की प्रमुख भूमिका पर चर्चा कीजिए।

इसकी शक्तियों और कार्यों के बारे में विस्तार से वर्णन कीजिए।

15 वें वित्त आयोग की हालिया रिपोर्ट पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

केंद्र-राज्य संबंध में एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

5. जलवायु परिवर्तन ने सम्पूर्ण भारत में जल संसाधनों के वितरण और उपलब्धता को कैसे प्रभावित किया है? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  www.researchgate.net

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामान्य रूप से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

जलवायु परिवर्तन के कारण देश में उत्पन्न जल संसाधन के गंभीर खतरे को दर्शाइए; जैसे: वर्षा जल की मात्रा एवं तीव्रता में परिवर्तन, भूजल पुनर्भरण, बाढ़ और सूखा आपदायें, सतही जल एवं भूजल संसाधनों का प्रदूषण आदि।

इसने देश के विभिन्न भागों में जल के वितरण को कैसे प्रभावित किया है? उदाहरण सहित समझाइए।

कुछ प्रमुख तथ्यों के साथ अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

इस मुद्दे के समाधान के लिए आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

6. कानून किसी भी समाज का एक अनिवार्य भाग है। यह सदाचार एवं नैतिकता दोनों के लिए एक आवश्यक पूरक है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कानून एवं नैतिकता को संक्षेप में परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

प्रश्न के लिए प्रासंगिक निम्नलिखित पहलुओं को शामिल कीजिए-

समाज में नैतिक आचरण के लिए आवश्यक कानून की भूमिका पर उदाहरणसहित चर्चा कीजिए।

समझाइए कि कानून, सदाचार एवं नैतिकता दोनों का अनुपूरक कैसे है।

प्रश्न में उल्लिखित कथन की पुष्टिकरण के लिए उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि नैतिकता, समाज में विशेष रूप से तब सामने आती है जब कानून अपनी सीमाओं के कारण सार्वजनिक हित को सुनिश्चित करने में सक्षम नहीं होता है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि नैतिकता, कानून की अनदेखी करता है।

  

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

7. ‘वैश्विक नैतिकता’ से आप क्या समझते हैं? यह “वैश्विक ग्राम” अथवा ‘वसुधैव कुटुम्बकमकी अवधारणा से कैसे संबंधित है? समझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्विक नैतिकता को संक्षेप में परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

वैश्विक ग्राम के अर्थ एवं वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन को समझाइये।

वैश्विक नैतिकता की अवधारणा, वैश्विक ग्राम एवं वसुधैव कुटुम्बकम से कैसे संबंधित है, विश्लेषण कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि वर्तमान समय में जब विश्व शरणार्थी संकट, जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद, गरीबी और भुखमरी की समस्याओं का सामना कर रहा है, ऐसे में वैश्विक नैतिकता को बढ़ावा देना, समय की मांग है।


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