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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 10 November

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. पंद्रहवां वित्त आयोग

2. गूगल द्वारा ‘प्रभावी स्थिति’ के दुरुपयोग पर जांच

3. ओपेक प्लस

 

सामान्य अध्ययन-III

1. पोलावरम परियोजना

2. पटाखों की बिक्री का वायु गुणवत्ता से संबंध: राष्ट्रीय हरित अधिकरण

3. फाइजर वैक्सीन

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC)

2. केसर (Saffron)

3. मिंक्स (Minks)

4. भारत और मालदीव के मध्य चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

5. 13वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन (UMI) सम्मेलन का उद्घाटन

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।

पंद्रहवां वित्त आयोग


(Fifteenth Finance Commission)

संदर्भ:

हाल ही में, पंद्रहवे वित्त आयोग के अध्यक्ष एन के सिंह के द्वारा भारत के राष्ट्रपति को आयोग की रिपोर्ट सौंप दी गयी है।

केंद्र सरकार द्वारा संसद में इस रिपोर्ट को प्रस्तुत किया जाएगा, इसके पश्चात यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होगी।

पृष्ठभूमि:

विचारणीय विषयों (ToR) की शर्तों के अनुसार, आयोग को 2021-22 से 2025-26 तक अर्थात पांच साल की अवधि के लिए 30 अक्टूबर, 2020 तक अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करना अनिवार्य था।

पिछले वर्ष आयोग द्वारा  वर्ष 2020-21 के लिए सिफारिशों सहित पहली रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी थी। जिसे केन्द्र सरकार ने स्वीकार कर लिया था और यह रिपोर्ट 30 जनवरी, 2020 को संसद के पटल पर रखी गई थी।

विचारणीय विषय (Terms of referenceToR)

  • वित्त आयोग को इसके विचारणीय विषयों (ToR) में कई अद्वितीय और व्यापक मुद्दों पर सिफारिशें देने के लिए कहा गया था।
  • ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज कर वितरण, स्थानीय स्तर पर सरकारी अनुदान, आपदा प्रबंधन अनुदान के अतिरिक्त आयोग को विभिन्न क्षेत्रों जैसे बिजली क्षेत्र, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को लागू करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि की जांच करने और राज्यों के लिए प्रदर्शन प्रोत्साहन हेतु सिफारिश करने का भी अधिदेश दिया गया था।
  • आयोग से रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के वित्तीयन हेतु एक पृथक तंत्र स्थापित किए जाने की आवश्यकता संबंधी जांच करने के लिए कहा गया था। इसके साथ ही, यदि ऐसे तंत्र की आवश्यकता होने पर, इसके परिचालन हेतु सुझाव देने को भी कहा गया था।

वित्त आयोग के बारे में:

वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है और यह राजकोषीय संघवाद की धुरी है।

  • वित्त आयोग का गठन संविधान के अनुच्छेद 280 के अंतर्गत किया जाता है।
  • इसका प्रमुख कार्य, केंद्र और राज्य सरकारों की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन करना, उनके मध्य करों के वितरण हेतु सिफारिश करना, तथा राज्यों के मध्य ऐसे आगमों का आवंटन करने वाले सिद्धांतों का निर्धारण करना है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. वित्त आयोग- संरचना
  2. वित्त आयोग के कार्य
  3. वित्त आयोग का गठन एवं सदस्यों की नियुक्ति
  4. वित्त आयोग द्वारा सिफारिश किये जाने वाले अनुदानों के प्रकार
  5. 15 वें वित्त आयोग द्वारा उपयोग किया जाने वाला फॉर्मूला

मेंस लिंक:

भारत के संविधान में उल्लिखित वित्त आयोग की संरचना और कार्यों का विवरण दीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्द्ध-न्यायिक निकाय।

गूगल द्वारा प्रभावी स्थिति’ के दुरुपयोग पर जांच


संदर्भ:

हाल ही में, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of IndiaCCI) द्वारा गूगल पे के संदर्भ में अपनी प्रभावी स्थिति (Dominant Position) का दुरुपयोग करने के लिए इंटरनेट क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल के खिलाफ विस्तृत जांच का आदेश दिया गया है।

गूगल के विरुद्ध मामला

गूगल पर अपनी प्रभावी स्थिति के दुरुपयोग से संबंधित कई उदाहरण है, जिनमे एंड्राइड स्मार्टफोंस में गूगल पे (GPay) का पहले से ही इंस्टालेशन तथा ऐप के माध्यम से भुगतान के लिए डेवलपर्स द्वारा भुगतान की विधि के रूप में गूगल पे का उपयोग, आदि शामिल हैं।

आगे की राह

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) का प्रथम दृष्टया विचार है कि कंपनी ने अधिनियम के अनुच्छेद 4 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया है। इन सारे पहलुओं पर एक विस्तृत जांच की आवश्यकता है।

प्रतिस्पर्धा अधिनियम का अनुच्छेद 4 बाजार में अपनी प्रभावी स्थिति के दुरुपयोग से संबंधित है।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI), भारत सरकार का एक सांविधिक निकाय है। यह संपूर्ण भारत में प्रतिस्पर्द्धा अधिनियम, 2002 (Competition Act, 2002) के प्रवर्तन और प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए उत्तरदायी है।

प्रतिस्पर्धा आयोग के कार्य:

  1. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग का कार्य, प्रतिस्पर्द्धा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले अभ्यासों को समाप्त करना, प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा देना और उसे जारी रखना, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना तथा भारतीय बाज़ारों में व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना है।
  2. आयोग, किसी क़ानून के तहत स्थापित किसी सांविधिक प्राधिकरण से प्राप्त संदर्भ पर प्रतिस्पर्द्धा संबंधी विषयों पर परामर्श प्रदान करता है, तथा प्रतिस्पर्द्धा की भावना को संपोषित करता है।
  3. इसके अतिरिक्त, आयोग द्वारा सार्वजनिक जागरूकता पैदा करने संबंधी कार्य एवं प्रतिस्पर्द्धा के विषयों पर प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के बारे में
  2. कार्य
  3. प्रतियोगिता अधिनियम, 2002 का अवलोकन
  4. CCI के आदेशों के खिलाफ अपील

मेंस लिंक:

देश में प्रतिस्पर्धा कानून किस प्रकार लागू किया जाता है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

ओपेक प्लस


(OPEC+)

संदर्भ:

कोविड-19 के खिलाफ एक अत्यधिक प्रभावी फाइजर वैक्सीन (Pfizer vaccine) के आने की खबर तथा सऊदी अरब द्वारा ‘बाजार को संतुलित करने हेतु ओपेक प्लस (OPEC+) तेल निकासी समझौतों को समायोजित’ किए जाने के आश्वासन के बाद, तेल की कीमतों में उछाल आया है।

‘ओपेक प्लस’ क्या है?

ओपेक प्लस (OPEC+) कच्चे तेल का उत्पादन करने वाले देशों का एक गठबंधन है। यह गठबंधन वर्ष 2017 से तेल बाजारों में की जाने वाली आपूर्ति में सुधार कर रहा है।

ओपेक प्लस देशों में अज़रबैजान, बहरीन, ब्रुनेई, कजाकिस्तान, मलेशिया, मैक्सिको, ओमान, रूस, दक्षिण सूडान और सूडान शामिल हैं।

ओपेक (OPEC) क्या है?

ओपेक (OPECOrganization of the Petroleum Exporting Countries) ‘पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन’ है।

  • इसकी स्थापना, सितंबर, 1960 में आयोजित बगदाद सम्मेलन, इराक में पांच देशों, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर के साथ की गयी थी। ये पांचो देश ओपेक संगठन के संस्थापक सदस्य थे।
  • OPEC एक स्थायी, अंतर-सरकारी संगठन है।
  • इस संगठन का उद्देश्य अपने सदस्य देशों के मध्य पेट्रोलियम नीतियों का समन्वय और एकीकरण करना तथा उपभोक्ता राष्ट्रों के लिए पेट्रोलियम की सफल, आर्थिक और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु तेल बाज़ारों का स्थिरीकरण सुनिश्चित करना है।
  • इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के वियना शहर में है।
  • पर्याप्त मात्रा में तेल निर्यात करने वाला, तथा संगठन के आदर्शों को साझा करने वाला कोई भी देश OPEC का सदस्य बन सकता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. OPEC के संस्थापक सदस्य
  2. शीर्ष तेल उत्पादक
  3. भारत द्वारा कच्चे तेल का आयात
  4. कच्चे तेल के घटक और शोधन
  5. भारत में कच्चे तेल के भंडारण की सुविधा
  6. ओपेक सदस्यों का भौगोलिक अवस्थति
  7. ओपेक और गैर-ओपेक सदस्यों द्वारा उत्पादित कच्चे तेल का प्रकार

मेंस लिंक:

ओपेक जैसे समूह विश्व भर में तेल की कीमतों को किस प्रकार प्रभावित करते हैं? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण

पोलावरम परियोजना


(Polavaram project)

संदर्भ:

हाल ही में, आंध्र प्रदेश सरकार ने वर्ष 2022 के खरीफ फसलों के मौसम तक पोलावरम परियोजना (Polavaram project) को पूरा करने को कहा है, इसके साथ ही अन्य परियोजनाओं, वंशधारा- चरण 2, वंशधारा-नागवली लिंक, ऑवक सुरंग (Owk tunnel)-2, वेलुगोंडा-चरण 1 और नेल्लोर और संगम बैराज को वर्ष 2020-21 तक पूरा करने की योजना बना रही है।

(कृपया ध्यान दें: महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजनाओं और संबंधित नदियों का अवलोकन करने का प्रयास करें तथा उन्हें मानचित्र पर खोजें।)

पोलावरम परियोजना के बारे में:

  • पोलावरम परियोजना, एक बहुद्देशीय परियोजना है। इसके तहत आंध्र प्रदेश में गोदावरी नदी पर एक बाँध बनाया जा रहा है।
  • इस परियोजना के पूरी होने पर, गोदावरी के जल को इसकी दायीं ओर की नहर के माध्यम से कृष्णा नदी बेसिन में अंतर-बेसिन स्थान्तरित किया जा सकेगा।
  • इस परियोजना का जलाशय, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा राज्यों के कुछ भागों तक विस्तृत है।
  • यह परियोजना सिंचाई, जल विद्युत और पेयजल सुविधाओं के विकास हेतु एक बहुउद्देशीय प्रमुख टर्मिनल जलाशय परियोजना है।
  • इस परियोजना को वर्ष 2014 में ‘आंध्र प्रदेश विभाजन अधिनियम’ (Andhra Pradesh Bifurcation Act) के अंतर्गत राष्ट्रीय दर्जा प्रदान किया गया था और इसके साथ ही इसके स्वरूप में भी परिवर्तन किया गया था।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. गोदावरी और उसकी सहायक नदियाँ
  2. पोलावरम परियोजना- घाटी राज्य
  3. वंशधारा- चरण 2, वंशधारा-नागवली लिंक, ऑवक सुरंग (Owk tunnel)-2, वेलुगोंडा-चरण 1 और नेल्लोर और संगम बैराज, इन परियोजनाओं को मानचित्र पर खोजें।

मेंस लिंक:

पोलावरम परियोजना के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

पटाखों की बिक्री का वायु गुणवत्ता से संबंध: राष्ट्रीय हरित अधिकरण


संदर्भ:

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green TribunalNGT) द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में  पटाखों की बिक्री और इनके उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही, पिछले वर्ष जिन शहरों में वायु-गुणवत्ता खराब’ स्तर तक गिर गयी थी, वहां भी समान प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पटाखों पर प्रतिबंध 9 नवंबर की मध्यरात्रि से शुरू होकर 30 नवंबर की मध्यरात्रि तक जारी रहेगा।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा जारी किये गए अन्य निर्देश:

  1. कोविड-19 महामारी की स्थिति बिगड़ने की संभावना को देखते हुए सभी स्रोतों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण हेतु सभी राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश एक अभियान शुरू करें।
  2. जिन शहरों / कस्बों में हवा की गुणवत्ता ‘औसत दर्जे की’ या उससे निम्न स्तर की है, वहां केवल हरित-पटाखे (Green Crackers) बेचे जाएँ।
  3. दीवाली, छठ, नव वर्ष / क्रिसमस की पूर्व संध्या आदि त्योहारों के दौरान पटाखों के उपयोग को दो घंटे तक सीमित किया जाए। उपयोग समय को संबंधित राज्य द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है।

संबधित प्रकरण

हाल ही में, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पटाखों के उपयोग से उत्पन्न प्रदूषण संबंधी मामलों की सुनवाई के अपने अधिकार-क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से आगे तक विस्तृत करते हुए 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है। इन राज्यों में वायु गुणवत्ता का स्तर निर्धारित मानदंडों से निम्नतर स्थिति में है।

इस प्रकार के उपायों की आवश्यकता

प्राधिकरण द्वारा सतत विकास के लिए रोजगार और राजस्व घाटे की अपेक्षा एहतियाती सिद्धांतों (Precautionary Principle) को प्रधानता दी गयी है।

  • यह साफ़-जाहिर है, कि कोविड-19 का प्रभाव मार्च के महीने में ही स्पष्ट हो गया था, और सर्दियों के दौरान इसके संक्रमण में वृद्धि की आशंका थी। यह पूर्णतयः केंद्र के ऊपर था, कि वह राज्यों के साथ समन्वय से कार्य करे और दीपावली से पहले फसल-अपशिष्ट/ पराली को जलाने से रोकने का उपाय करे।
  • वार्षिक रूप से होने वाली इस घटना से उत्तर और पूर्वी भारत की वायु हमेशा दूषित होती है, जिसका स्वास्थ्य और उत्पादकता पर भारी प्रभाव पड़ता है।

आगे की राह

अब, केवल क्षति नियंत्रण ही किया जा सकता है, जिसमे आतिशबाजी उद्योग से संबंधित मामलों का समाधान करना शामिल है।

तमिलनाडु जैसे राज्यों में, जहां 90% पटाखों का उत्पादन होता है, इस वर्ष आतिशबाजी उद्योग का भविष्य संकट में है। इन राज्यों के आतिशबाजी निर्माताओं के अनुसार, इस साल लगभग 2,300 करोड़ रुपये की आतिशबाजी निर्मित की गयी है।

  • अतः, कारीगरों के लिए उचित मुआवजा योजना और निर्माताओं के लिए उपयुक्त राहत प्रदान किए जाने की आवश्यकता है।
  • दीर्घकालिक समाधान के रूप में आतिशबाजी उद्योग पर निर्भरता समाप्त करने हेतु व्यापक आधार वाली अन्य आर्थिक गतिविधियां आरंभ की जानी चाहिए।

शिवकाशी क्षेत्र में व्यापक आधार वाली आर्थिक गतिविधि में निहित हो सकता है, पटाखों पर निर्भरता को कम कर सकता है।

निष्कर्ष:

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र वर्ष 2019 के दौरान 148 दिन तक वायु गुणवत्ता का स्तर खराब रहा, इससे पिछले वर्ष 2018 में खराब वायु गुणवत्ता वाले दिनों की संख्या 206 दिन थी। देश के कई अन्य शहरों में इसी प्रकार की स्थिति है, किंतु इन पर कम ध्यान दिया जाता है।

प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं में प्रदूषण से होने वाली 40% मौतें वायु की गुणवत्ता खराब होने से होती हैं। अमेरिका में उच्च प्रदूषित क्षेत्रों में कोविड-19 के कारण होने वाली मौतों में वृद्धि के प्रमाण मिले है। यह सरकारों के लिए ‘स्वच्छ हवा में सांस लेने के अधिकार’ पर जवाबदेही की भावना प्रदर्शित करने का समय है।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

फाइजर वैक्सीन


(Pfizer Vaccine)

संदर्भ:

हाल ही में, अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर (Pfizer) और उसकी जर्मनी की पार्टनर कंपनी BioNTech ने दावा किया है कि उनके द्वारा संयुक्त रूप से विकसित कोरोना वायरस वैक्सीन तीसरे चरण के ट्रायल में 90 फीसदी प्रभावी है।

तीसरे चरण का परीक्षण

वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षणों के दौरान दवा-निर्माताओं का प्रमुख लक्ष्य वैक्सीन की प्रभावकारिता और सुरक्षा निर्धारित करना होता है।

  • इसका उद्देश्य, दवाओं के अनुमोदन और पंजीकरण को विनियमित करने वाले विभिन्न वैश्विक और राष्ट्रीय निकायों के समक्ष प्रस्तुत करने हेतु स्पष्ट आंकड़ों को एकत्र करना होता है।
  • यदि टीका, प्रभावी और अपेक्षाकृत सुरक्षित पाया जाता है, तो इसे वितरण हेतु अनुमोदित कर दिया जाता है।

उपरोक्त वैक्सीन किस प्रकार विकसित की गयी?

  • फाइजर (Pfizer) और BioNTech वैक्सीन में मैसेंजर RNA (mRNA) तकनीक का उपयोग किया गया है। यह तकनीक ‘सिंथेटिक जीन’ पर निर्भर करती है। इस सिंथेटिक जीन को कुछ हफ्तों में उत्पन्न और निर्मित किया जा सकता है।
  • पारंपरिक टीकों के द्वारा, रोगजनकों (Pathogens) द्वारा निर्मित प्रोटीन को पहचानने और उसे नष्ट करने के लिए शरीर को प्रशिक्षित किया जाता है। इसके विपरीत, mRNA द्वारा रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को खुद से वायरल प्रोटीन का उत्पादन करने के लिए भ्रमित किया जाता है। ये प्रोटीन हानिरहित होते हैं, किंतु एक सशक्त प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया सक्रिय करने हेतु पर्याप्त होते है।

आगामी चुनौतियां:

  • फाइजर की कोविड-19 वैक्सीन को अतिशीत तापमान (Ultracold Temperatures) पर भंडारण किये जाने की आवश्यकता होती है। विश्व के कई देशों में अधिकाँश लोगों के पास इस वैक्सीन अथवा अन्य परंपरागत कोरोनावायरस वैक्सीन के भण्डारण हेतु आवश्यक बुनियादी ढांचा नहीं है।
  • यह वैक्सीन द्वारा कितने समय तक सुरक्षा प्रदान करेगी? यह प्रश्न अभी अनुत्तरित है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा $ 4.5 बिलियन की वित्तीय कमी होने की चेतावनी दी गयी है, इससे निम्न और मध्यम आय वाले देशों में परीक्षण, दवाओं और टीकों की पहुंच में देरी हो सकती है।

सामान्यतः टीकाकरण आवश्यकता क्यों होती है?

सर्वसाधारण के टीकाकरण करने का लक्ष्य उस विभक्ति बिंदु तक पहुंचना होता है, जहाँ लगभग सभी लोगों को टीका दिया जाता है और उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली आंशिक रूप से काफी प्रबल हो जाती है, कि किसी बीमारी के वायरस को मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण करने हेतु उपयुक्त मेजबान नहीं मिलता है, और अंततः वायरस नष्ट हो जाता है। यह सामूहिक रोग प्रतिरोधक शक्ति (Herd Immunity) का एक स्वरूप होता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. RT- PCR, रैपिड एंटीबॉडी और रैपिड एंटीजन टेस्ट के मध्य अंतर
  2. एंटीबॉडी क्या होते हैं?
  3. एंटीजन क्या होते हैं?
  4. शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली किस प्रकार कार्य करती है?
  5. लिम्फोसाइट्स (lymphocytes) क्या हैं?
  6. mRNA तकनीक क्या है?

मेंस लिंक:

रैपिड एंटीजन परीक्षण पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: द हिंदू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC)

संदर्भ:

हाल ही में, इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2020 के चौथे संस्करण के आयोजन की घोषणा की गयी है।

इस वर्ष इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) की थीम – “समावेशी नवाचार – स्मार्टसुरक्षित, टिकाऊ” (Inclusive Innovation – Smart I Secure I Sustainable)।

प्रमुख बिंदु:

  • इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) को दूरसंचार विभाग (DoT) और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।
  • डिजिटल प्रौद्योगिकी के एशिया के सबसे बड़ेमंच के तौर पर IMC ने खुद को, आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (Al), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (loT), डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड एंड एज कम्प्यूटिंग, जैसे प्रमुख विषयों के संबधित नवीनतम उद्योग प्रौद्योगिकी रुझानों के बारे में चर्चा, विचार और प्रदर्शन करने के लिए उद्योग, सरकार, शिक्षाविद और अन्य पारिस्थितिकी तंत्र के लोगों को एकसाथ लाने वाले एक प्रमुख मंच के रूप में स्थापित किया है।

केसर (Saffron)

  • केसर का कटोरा (Saffron bowl of Kashmir) जो अभी तक कश्मीर तक ही सीमित था अब उसका जल्द ही भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र तक विस्तार हो सकता है।
  • केसर के बीजों से निकले पौधे कश्मीर से सिक्किम ले जाए गए और उन्हें वहां रोपा गया। ये पौधे पूर्वोत्तर राज्य के दक्षिण भाग में स्थित यांगयांग में फल-फूल रहे हैं।
  • पंपोर (कश्मीर) और यांगयांग (सिक्किम) में जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों की समानता से यांगयांग में केसर की नमूना खेती की सफलता को बढ़ावा मिला है।
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र में केसर उगाने की व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लिकेशन और रीच (NECTAR) द्वारा पायलट परियोजना शुरू की गयी है।

पृष्ठभूमि: भारत में पंपोर क्षेत्र को आमतौर पर कश्मीर के केसर के कटोरे के रूप में जाना जाता है। इसका केसर के उत्पादन में मुख्य योगदान है। इसके बाद बडगाम, श्रीनगर और किश्तवाड़ जिलों का स्थान आता हैं।

मिंक्स (Minks)

  • मिंक (Mink) मस्टेलिडे (Mustelidae) परिवार के धुँधले रंग के मांसाहारी स्तनधारी होते हैं। इस परिवार में नेवला (weasels), उदबिलाव (otters) और गंधबिलाव (ferrets) भी शामिल किये जाते हैं।
  • मुख्यतः चीन, डेनमार्क, नीदरलैंड और पोलैंड में सालाना 50 मिलियन से अधिक मिंक्स को फर (fur) के लिए प्रजनित करके पाला जाता है।
  • मिंक के तेल का उपयोग कुछ चिकित्सा उत्पादों और सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है।
  • ‘मिंक’ की दो विस्तारित प्रजातियाँ पायी जाती हैं: अमेरिकन मिंक और यूरोपीय मिंक।
  • यूरोपीय मिंक को IUCN द्वारा गंभीर रूप से लुप्तप्राय के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

चर्चा का कारण

  • डेनमार्क में मिंक-पालन से जुड़े 200 से अधिक व्यक्तियों को SARS-CoV-2 वेरिएंट से संक्रमित पाया गया है।
  • मिंक, अपने परिवार के अन्य सदस्य गंधबिलाव (ferrets) की भांति कोरोनावायरस के प्रति अतिसंवेदनशील माने जाते हैं।
  • मनुष्यों की भांति इनमे भी कोविड-19 के लक्षणों की एक श्रृंखला देखी जा सकती हैं, जिनमें प्रारम्भ में बीमारी के कोई लक्षण नहीं दीखता है, फिर निमोनिया जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।

भारत और मालदीव के मध्य चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर

  • इनमे ‘ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट’ के बेहतर कार्यान्वयन के लिए 100 मिलियन डॉलर का अनुदान के तौर पर तथा 400 मिलियन डॉलर नई लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of Credit- LoC) के वित्तीय पैकेज के जरिये सहायता प्रदान किये जाने संबंधी समझौते शामिल है।
  • ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (GMCP) मालदीव में अब तक की सबसे बड़ी नागरिक अवसंरचना परियोजना है।
  • दोनों देशों द्वारा सामुदायिक विकास परियोजनाओं के लिए दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।
  • इसके अलावा, खेल और युवा मामलों में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

13वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन (UMI) सम्मेलन का उद्घाटन

  • वार्षिक अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन (UMI) और एक्सपो, भारत सरकार के आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित किया जाने वाला एक फ्लैगशिप इवेंट है।
  • UMI की शुरुआत, भारत सरकार की राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति, 2006 (NUTP) से हुई है।
  • यह शहरी परिवहन के क्षेत्र में पेशेवरों, विशेषज्ञों, शिक्षा, उद्योग, नागरिक समाज, प्रौद्योगिकी, सेवा प्रदाताओं और अन्य हितधारकों के साथ वार्ता करने का एक मंच है।
  • अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन 2020 की थीम: “शहरी गतिशीलता के उभरते रुझान”।

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