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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 5 नवम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

1. भारतीय समाज सुधारक और स्वतंत्रता कार्यकर्ता कमलादेवी चट्टोपाध्याय के योगदान पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कमलादेवी चट्टोपाध्याय कौन थी, उनके बारे में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

एक स्वतंत्रता सेनानी, अभिनेता, सामाजिक कार्यकर्ता, कला के प्रति उत्साही, राजनीतिज्ञ और स्वतंत्र सोच वाली नारीवादी सभी विशेषताओं से युक्त कमलादेवी का भारत के लिए योगदान बेहद विविधतापूर्ण है। उनके विचार, नारीवाद और समतावादी राजनीति से लेकर भारतीय हस्तशिल्प में उनके आत्मविश्वास की भावना आज भी प्रासंगिक बनी हुई है।

उनके योगदानों को सूचीबद्ध कीजिए एवं उनके महत्व को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

उनके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना।

2. अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया की जटिलता और प्राधिकारी वर्ग की बहुलता, भ्रम उत्पन्न करने के लिए पर्याप्त है। इस संदर्भ में भारतीय चुनाव प्रक्रिया की अमेरिका के साथ तुलना कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: www.usa.gov , भारतीय राजव्यवस्था: लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 तुलना कीजिए – दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

किसी भी देश और उसके लोकतंत्र के लिए चुनाव प्रणाली और प्रक्रियाओं के महत्व पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

अमेरिकी चुनाव प्रणाली की व्याख्या कीजिए। 

इस प्रणाली में मौजूद जटिलताओं पर चर्चा कीजिए, चुनाव की भारतीय प्रणाली के साथ इसकी तुलना कीजिए एवं इसकी दृढ़ता पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष और संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

3. भारत में राष्ट्रपति और राज्यपाल की क्षमादान करने की शक्तियों की विस्तृत तुलना कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 तुलना कीजिए – दोनों प्रकारों का एक विस्तृत तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत कीजिए, उनकी समान और असमान दोनों प्रकार की विशेषताओं को दर्शाइए। अभ्यर्थी को चाहिए कि वह दोनों का विस्तृत मूल्यांकन प्रस्तुत करे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

क्षमादान करने की शक्तियाँ क्या हैं, यह बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:   

राज्यपाल और राष्ट्रपति की क्षमादान करने की शक्तियों के मध्य अंतर स्पष्ट कीजिए (बेहतर प्रस्तुति के लिए उन्हें सारणीबद्ध कीजिए) ।

प्रासंगिक उदाहरण / केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

दोनों का महत्व दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय। शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

4. हाल ही में देखे गए छात्रवृत्ति घोटाले, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण संरचना में नियंत्रण एवं संतुलन को सशक्त बनाने तथा उत्तरदायित्व निर्धारित करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में सामाजिक कल्याण और सब्सिडी योजनाओं से सम्बंधित सतत समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को कैसे एक उपाय के रूप में प्रस्तावित किया गया था, चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उन प्रणालियों में खामियों पर चर्चा कीजिए, जो प्रौद्योगिकी के हस्तक्षेप के बावजूद भ्रष्टाचार की घटनाओं को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी हैं।

प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) संरचना को संशोधित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालिए।

इन चुनौतियों को दूर करने के लिए आवश्यक हस्तक्षेप और विकल्प सुझाएं।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. व्हेल बीचिंग क्या है? व्हेल बीचिंग क्यों होती है? इसके उत्तरदायी कारकों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  bbc.com

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

व्हेल बीचिंग, जिसे अधिक सटीक रूप से ‘सिटेसियन स्ट्रैंडिंग’ कहा जाता है, वह घटना है जिसमें व्हेल और अन्य बड़ी मछलियां जब समुद्री तट पर आकर फंस जाती हैं।

 विषय वस्तु:

व्हेल बीचिंग क्यों होती है, विस्तार से समझाइए।

बीचिंग के कारणों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. “नैतिकता; कानून, सदाचार, मूल्य, धर्म और सामाजिक मानदंडों के मध्य एक बाध्यकारी शक्ति के रूप में काम करती है।” स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  ethics.org.au

 निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नैतिकता क्या है, परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

उपयुक्त उदाहरणों का उपयोग करते हुए नैतिकता और कानून, सदाचार, मूल्य, धर्म और सामाजिक मानदंडों के मध्य संबंध की व्याख्या कीजिए।

इसके महत्व को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि नैतिकता अपने आचरण में सभी के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत प्रदान करती है।

  

विषय: शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।

 7. नागरिक अधिकार पत्र, सूचना का अधिकार, सामाजिक अंकेक्षण एवं ई-शासन, शासन व्यवस्था में ईमानदारी को कैसे प्रभावित करते हैं? सोदाहरण चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

शासन व्यवस्था में ईमानदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता को दर्शाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

समझाइए कि नागरिक अधिकार पत्र, सूचना का अधिकार, सामाजिक अंकेक्षण और ई-शासन, शासन व्यवस्था में ईमानदारी को कैसे प्रभावित करते हैं।

उपर्युक्त को केस स्टडी एवं उदाहरणों की सहायता से स्पष्ट कीजिए।

समझाइए कि यद्यपि ईमानदारी में वृद्धि हुए है लेकिन भ्रष्टाचार की अभिव्यक्ति में समय के साथ परिवर्तन हुआ है।

निष्कर्ष:

शासन व्यवस्था में ईमानदारी सुनिश्चित करने में इस प्रकार के उपकरणों के महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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