Print Friendly, PDF & Email

INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 2 November

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-I

1. राष्ट्रीय एकता दिवस

2. टाइफून गोनी

 

सामान्य अध्ययन-II

1. वार्षिक एमबीबीएस प्रवेश विनियमन (2020) हेतु न्यूनतम आवश्यकताएं

2. गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है: विदेश मंत्रालय

 

सामान्य अध्ययन-III

1. बल्क ड्रग्स पार्क हेतु हिमाचल प्रदेश की मांग

2. राज्य, साइबर अपराधों के लिए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करें: गृह मंत्रालय

3. आर्मी एविएशन कोर

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. एज्हुथाचन पुरस्कारम

2. चर्चित स्थल: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व (KNPTR)

3. ’16 साइकी’ क्षुद्रग्रह

4. केवडिया टूरिज्म सर्किट

5. वैभव शिखर सम्मेलन

6. मानसर झील परियोजना

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

राष्ट्रीय एकता दिवस


(Rashtriya Ekta Diwas)

संदर्भ:

31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर, पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया।

पृष्ठभूमि:

सरकार द्वारा वर्ष 2014 में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया था। यह दिवस, एकता, अखंडता और सुरक्षा हेतु खतरों का सामना करने के लिए राष्ट्र की अंतर्निहित शक्ति और लचीलेपन की पुनः पुष्टि करने का मौका प्रदान करता है।

सरदार वल्लभाई पटेल के बारे में:

सरदार बल्लभ भाई पटेल का जन्म 31 अक्तूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाड नामक शहर में हुआ था। सरदार पटेल को स्वतंत्र भारत में सभी 562 रियासतों का विलय करके भारत गणराज्य के निर्माण करने का श्रेय दिया जाता है।

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका:

  1. सरदार पटेल को वर्ष 1917 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की गुजरात शाखा के सचिव के रूप में निर्वाचित किये गए।
  2. इन्होने वर्ष 1918 में गुजरात के ‘खेडा’ में एक व्यापक किसान आन्दोलन का नेतृत्व किया। खेड़ा में भंयकर सूखे के बाबजूद अंग्रेजों द्वारा कर चुकाने पर जोर दिया जा रहा था, सरदार पटेल ने किसानों से ‘कर नहीं’ चुकाने का आग्रह किया।
  3. सरदार पटेल ने महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए असहयोग आंदोलन में भाग लिया और उनके साथ पूरे राष्ट्र का दौरा किया।
  4. वर्ष 1928 में सरकार द्वारा अतिरिक्त कर का भुगतान करने से इंकार करने के बाद किसानों की ज़मीनें जब्त कर ली गयी थी। सरदार पटेल ने ब्रिटिश सरकार और किसान-प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता करके किसानों का सहयोग किया। अपने क्षेत्र के किसानों को एक साथ लाने के प्रयासों के चलते इन्हें ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की गयी।
  5. इन्हें वर्ष 1930 में महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए प्रसिद्ध नमक सत्याग्रह आंदोलन में भाग लेने के कारण कारावास की सजा सुनाई गयी।
  6. इन्हें वर्ष 1931- कराची अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित किया गया।
  7. इन्होने, हैदराबाद के निज़ाम द्वारा पाकिस्तान में शामिल होने या स्वतंत्र रहने के इरादों के बाद हैदराबाद को स्वतंत्र और राष्ट्र में एकीकृत करने के लिए ‘ऑपरेशन पोलो’ शुरू किया।

उन्हें “सरदार” की उपाधि किसके द्वारा प्रदान की गयी?

वर्ष 1928 में बारदोली सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहां की महिलाओं ने वल्लभभाई पटेल को ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की।

statue

प्रीलिम्स लिंक:

  1. “सरदार” की उपाधि किसके द्वारा प्रदान की गयी?
  2. “ऑपरेशन पोली” क्या है?
  3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कराची अधिवेशन 1931 का महत्व
  4. 1918 ‘कर-नहीं’ अभियान किसके द्वारा शुरू किया गया?
  5. सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा अन्य महत्वपूर्ण योगदान।

मेंस लिंक:

सरदार वल्लभ भाई पटेल एक सच्चे व निस्वार्थी नेता थे, इनका सर्वोपरि लक्ष्य देश का एकीकरण करना था, और इसके प्रति अटूट श्रद्धा से इन्होने भारत को एक आकार प्रदान किया। चर्चा कीजिए।

 स्रोत: पीआईबी

 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

टाइफून गोनी


(Typhoon Goni)

संदर्भ:

हाल ही में, फिलिपींस में एक शक्तिशाली टाइफून गोनी (Typhoon Goni) ने दस्तक दी है, इसे टाइफून रॉली (Rolly) भी कहा जा रहा है। राजधानी मनीला सहित टाइफून के रास्ते में पड़ने वाले स्थानों से करीब 10 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

हरिकेन, टाइफून और चक्रवात: में अंतर

ये सभी उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के प्रकार होते हैं। इन्हें अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है।

  • उत्तरी अटलांटिक महासागर और पूर्वोत्तर प्रशांत महासागर में उत्पन्न इन चक्रवातों को हरिकेन (Hurricanes) कहा जाता है।
  • उत्तर पश्चिमी प्रशांत महासागर में उत्पन्न होने वाले इसी प्रकार के चक्रवातों को टाइफून (Typhoon) के रूप में जाना जाता है।
  • दक्षिण प्रशांत और हिंद महासागर में इन्हें चक्रवात (Cyclone) कहा जाता है, जो इस प्रकार की वायुमंडलीय गतिविधियों के लिए सही शब्द है।

चक्रवातों की उत्पत्ति

  • उष्ण सागरीय जल के संपर्क में आने पर वायु गर्म होकर तीव्रता से ऊपर उठती है।
  • जैसे ही वायु ठंडी होती है, इसे सागरीय सतह से उपर उठने वाली गर्म हवा द्वारा दूसरी ओर धकेल दिया जाता है।
  • यह प्रक्रिया तीव्र हवाओं का कारण बनती है। सागर के ऊपर निर्मित उष्णकटिबंधीय चक्रवात से विशाल लहरों उत्पन्न होती है।
  • जब ये लहरें भूमि पर पहुँचती हैं, जो तटीय क्षेत्रों में भयावह बाढ़ का कारण बन जाती है।
  • स्थल पर तीव्र हवाओं से अत्याधिक क्षति हो सकती है – ये हवाएं तटीय क्षेत्रों में मकानों, पेड़ों व वाहनों को अपने साथ उड़ा सकती हैं।

चक्रवात के विभिन्न भाग

  • आंख (Eye): तूफान के केंद्र में एक शांत क्षेत्र होता है, इसे तूफ़ान की ‘आंख’ कहते हैं। इस क्षेत्र में हल्की हवाएँ बहती हैं। आसमान में हलके बादल छाए रहते हैं तथा कभी-कभी आसमान बिल्कुल साफ होता है।
  • आँख की परिधि (Eye wall): तूफ़ान की आँख के चारो ओर एक झंझावातों की मेखला होती है। ये तूफ़ान ‘आँख के चारो ओर वृताकार पथ में घूमते है। आँख की परिधि में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा होती है।
  • वर्षा कटिबंध (Rain bands): हरिकेन की आँख की परिधि से बाहर की ओर दूर तक वर्षा कटिबंधो तथा बादलों का विस्तार होता है। इनके द्वारा गरज के साथ भारी वर्षा होती है तथा कभी-कभी टोरनाडो भी निर्मित हो जाते हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. चक्रवात की उत्पत्ति हेतु उत्तरदायी कारक
  2. दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में चक्रवातों का नामकरण
  3. भारत के पूर्वी तट में अधिक चक्रवात आने का कारण
  4. कोरिओलिस बल क्या है?
  5. संघनन की गुप्त ऊष्मा

मेंस लिंक:

उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की उत्पत्ति के लिए जिम्मेदार कारकों पर चर्चा कीजिए। उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के विभिन्न प्रकारों के बारे में बताइए।

wind_speed

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्द्ध-न्यायिक निकाय।

वार्षिक एमबीबीएस प्रवेश विनियमन (2020) हेतु न्यूनतम आवश्यकताएं


(Minimum Requirements for Annual MBBS Admissions Regulations)

संदर्भ:

हाल ही में, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (National Medical CommissionNMC)  द्वारा “वार्षिक एमबीबीएस प्रवेश विनियमन (2020) के लिए न्यूनतम आवश्यकताओं” को अधिसूचित किया गया है।

इसके द्वारा, तत्कालीन भारतीय चिकित्सा परिषद (Medical Council of IndiaMCI) के “मेडिकल कॉलेजों के लिए न्यूनतम मानक आवश्यकताएं, 1999 को प्रतिस्थापित किया गया है।

नए विनियमन की प्रमुख विशेषताएं (संक्षिप्त विवरण):

  • यह नया विनियमन, सभी प्रस्तावित मेडिकल कॉलेजों तथा अकादमिक वर्ष 2021-22 से वार्षिक एमबीबीएस प्रवेश संख्या में बढ़ोतरी करने के इच्छुक पहले से स्थापित मेडिकल कॉलेजों पर लागू होगा।
  • नए विनियमन में एक मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध शैक्षिक अस्पतालों के लिए आवश्यक भूमि सीमा की शर्त को हटा दिया गया है।
  • नए विनियमन के तहत अब छात्रों को प्रशिक्षण देने के लिए पूर्ण रूप से सुसज्जित एक “कौशल प्रयोगशाला” (Skills Laboratory) का होना आवश्यक है।
  • इसमें ‘मेडिकल चिकित्सा इकाई’ को शैक्षिक क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षकों के प्रशिक्षण के तौर पर परिभाषित किया गया है।
  • हाल ही के दिनों में चिकित्सा छात्रों और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों में बढ़ते तनाव को देखते हुए छात्र परामर्श सेवाएँ अनिवार्य की गयी है।
  • इस विनियमन में नये मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवेदन के समय कम से कम 2 वर्षों से पूरी तरह संचालित 300 बिस्तर वाले मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल की उपलब्धता को अनिवार्य किया गया है।
  • स्नातक मेडिकल छात्रों के प्रशिक्षण के लिए सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में अब दो नए शैक्षिक विभाग का होना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें आपातकालीन चिकित्सा सेवा तथा भौतिक चिकित्सा विभाग एवं पुनर्वास विभाग सम्मिलित है।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के बारे में:

सरकार द्वारा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की स्थापना मुख्य रूप से चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने के लिये की गई है। यह नवगठित NMC, पूर्व नियामक संस्था भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) का स्थान लेगा।

  • हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा सुरेश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में 33-सदस्यीय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को अधिसूचित किया गया है, इसका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
  • राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग में अध्यक्ष के अतिरिक्त 10 पदेन सदस्य और 22 अंशकालिक सदस्य होंगे, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाएगी।

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के कार्य:

  • चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा पेशेवरों को विनियमित करने हेतु नीतियों का निर्माण करना।
  • स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे संबंधी आवश्यकताओं का आकलन करना।
  • विधेयक के तहत बनाए गए नियमों का राज्य चिकित्सा परिषदों द्वारा अनुपालन सुनिश्चित करना।
  • निजी चिकित्सा संस्थानों में 50% स्थानों हेतु शुल्क निर्धारण करने के लिए दिशानिर्देश जारी करना।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) के बारे में
  2. राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के बारे में
  3. गठित स्वायत्त बोर्ड के बारे में
  4. NMC के कार्य
  5. NMC की संरचना

मेंस लिंक:

नवगठित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) की भूमिकाओं एवं कार्यों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है: विदेश मंत्रालय


(Gilgit-Baltistan a part of India, says MEA)

संदर्भ:

पाकिस्तान ‘तथाकथित गिलगित-बाल्टिस्तान’ क्षेत्र को प्रांतीय दर्जा देने की योजना बना रहा है।

नवीनतम घटनाक्रम

  • पाकिस्तान द्वारा इस महीने के अंत तक ‘गिलगित-बाल्टिस्तान’ में विधान सभा चुनाव कराने की घोषणा की गयी है।
  • पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी इस क्षेत्र में आम चुनाव कराने हेतु वर्ष 2018 के प्रशासनिक आदेश में संशोधन करने की अनुमति दी गयी है।
  • गिलगित-बाल्टिस्तान सरकार, आदेश 2018 के द्वारा क्षेत्र में प्रशासनिक परिवर्तन किये जाने संबंधी प्रावधान किये गए है, जिसके तहत पाकिस्तान के प्रधान मंत्री को विभिन्न विषयों पर कानून बनाने के लिए अधिकृत किया गया है।

भारत की प्रतिक्रिया:

  • भारत द्वारा इस कदम को पाकिस्तान द्वारा इस क्षेत्र पर ‘अवैध’ कब्जे को छिपाने का का एक प्रयास बताया गया है।
  • भारत द्वारा स्पष्ट किया गया है कि 1947 के भारत संघ में राज्य-विलय के वैधानिक और अखण्डनीय प्रावधानों के अनुसार, संपूर्ण केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तथा गिलगित-बाल्टिस्तान के क्षेत्र, भारत के अभिन्न अंग हैं।

गिलगित-बाल्टिस्तान की अवस्थिति

  • गिलगित-बाल्टिस्तान, उत्तर में चीन, पश्चिम में अफगानिस्तान, और दक्षिण पूर्व में कश्मीर के साथ सीमा बनाता है।
  • यह पाक-अधिकृत कश्मीर के साथ एक भौगोलिक सीमा साझा करता है, तथा भारत इसे अविभाजित जम्मू और कश्मीर का हिस्सा मानता है, जबकि पाकिस्तान इस क्षेत्र को पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) से अलग मानता है।

प्रमुख बिंदु:

  • चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (China-Pakistan Economic Corridor -CPEC) गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र से होकर गुजरता है।
  • इस क्षेत्र मे पांच पर्वत-शिखरों की ऊंचाई ‘आठ-हजार’ मीटर से अधिक है, तथा पचास से अधिक पर्वत-शिखर 7,000 मीटर (23,000 फीट) से अधिक ऊंचाई के है।
  • ध्रुवीय क्षेत्रों के अलावा, दुनिया के तीन सबसे बड़े ग्लेशियर गिलगित-बाल्टिस्तान में पाए जाते हैं।

पाकिस्तान के समक्ष चुनौतियां

  • पाकिस्तान के इस निर्णय से कराची समझौते तथा साथ ही संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन होगा, जिससे कश्मीर मुद्दे पर उसकी स्थिति को नुकसान होगा। कराची समझौता, संभवतः एकमात्र उपकरण जो पाकिस्तान के गिलगित- बाल्टिस्तान प्रशासन को अस्पष्ट कानूनी अधिकार प्रदान करता है।
  • ऐसा कोई भी कदम, वर्ष 1963 के पाक-चीन सीमा समझौते का भी उल्लंघन होगा। जिसके अनुसार, संप्रभु प्राधिकरण के साथ चीन की वार्ता, ‘पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद के निपटारे के बाद’ तथा 1972 के शिमला समझौते, (जिसमे कहा गया है, कि ‘दोनों पक्ष, स्थिति में एकतरफा परिवर्तन नहीं करेंगे’) को हल करने के बाद ही पुनः शुरू की जायेगी।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. गिलगिट- बाल्टिस्तान- स्थान, पड़ोसी और महत्वपूर्ण नदियाँ।
  2. कराची समझौता किससे संबंधित है?
  3. 1963 पाक- चीन सीमा समझौता।
  4. 1972 शिमला समझौता।
  5. PoK और CPEC के बारे में।

मेंस लिंक:

गिलगित- बाल्टिस्तान कहां है? यह पाकिस्तान के नियंत्रण में किस प्रकार आया? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

बल्क ड्रग्स पार्क हेतु हिमाचल प्रदेश की मांग


संदर्भ:

हिमाचल प्रदेश, केंद्र सरकार की एक योजना के तहत एक बल्क ड्रग्स पार्क (Bulk Drug Park) आवंटन किये  जाने की मांग कर रहा है।

केंद्र सरकार द्वारा देश भर में तीन ऐसे पार्क स्थापित करने की योजना बनायी जा रही है।

बल्क ड्रग्स क्या होते हैं?

बल्क ड्रग (Bulk Drug) को सक्रिय दवा संघटक (Active Pharmaceutical IngredientAPI) भी कहा जाता है।

  • यह किसी औषधि अथवा ड्रग के प्रमुख संघटक होते है, जो औषधि को वांछित चिकित्सीय प्रभाव प्रदान करने में सक्षम बनाते है अथवा इच्छित औषधीय गतिविधियों को सक्रिय करते है।
  • उदाहरण के लिए, पैरासिटामोल एक बल्क ड्रग है, जो शरीर में दर्द और बुखार से राहत देता है। इसे रोगियों के सेवन हेतु अंतिम रूप से औषिधीय उत्पाद, अर्थात ‘गोली, कैप्सूल या सिरप, के रूप में तैयार करने के लिए ‘बाइंडिंग एजेंट्स अथवा ‘विलायकों’ (Solvents) के साथ मिश्रित किया जाता है।

API किस प्रकार निर्मित किये जाते हैं?

सक्रिय दवा संघटक (API) विभिन्न रसायनों और विलायकों द्वारा कई अभिक्रियाओं से तैयार किये जाते हैं।

  • API तैयार करने की प्रक्रिया में विभिन्न अभिक्रियाओं से होकर गुजरने वाले प्राथमिक रासायन या आधारभूत कच्चे माल को मुख्य शुरुआती सामग्री (key starting materialKSM) कहा जाता है।
  • इन अभिक्रियाओं के मध्यवर्ती चरणों के दौरान निर्मित होने वाले रासायनिक यौगिकों को मध्यवर्ती दवा (drug intermediates or DIs) कहा जाता है।

बल्क ड्रग्स पार्क को प्रोत्साहन दिए जाने का कारण

भारतीय फार्मास्यूटिकल उद्योग का विश्व में तीसरा स्थान है

किंतु, यह उद्योग सक्रिय दवा संघटकों (APIs), मध्यवर्ती दवाओं (DIs) और मुख्य शुरुआती सामग्री (KSM) के आयात हेतु अन्य देशों, विशेषकर चीन पर निर्भर है।

  • अतः इन देशों में होने वाले किसी व्यवधान से भारत का दवा उद्योग प्रभावित हो सकता है।
  • उदाहरण के लिए, इस वर्ष, भारत में दवा निर्माताओं को कोविड-19 के कारण आयात में व्यवधान होने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
  • भारत और चीन के मध्य सीमा संघर्ष से स्थिति और भी ख़राब हुई।

भारत द्वारा इस संदर्भ में उठाए जा रहे कदम

बृहत्तर आत्मनिर्भरता की आवश्यकता: इसी वर्ष जून में, फार्मास्युटिकल्स विभाग द्वारा देश में तीन बल्क ड्रग्स पार्कों को बढ़ावा देने के लिए एक योजना की घोषणा की गयी।

  • बल्क ड्रग पार्क में, विशिष्ट रूप से सक्रिय दवा संघटकों (APIs), मध्यवर्ती दवाओं (DIs) और मुख्य शुरुआती सामग्री (KSM) के निर्माण हेतु सामूहिक अवस्थापना सुविधाओं सहित एक संस्पर्शी क्षेत्र निर्धारित किया जायेगा, इसके अलावा इसमें एक सामूहिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली भी होगी।
  • इन पार्कों से देश में बल्क ड्रग्स की विनिर्माण लागत कम होने और घरेलू बल्क ड्रग्स उद्योग में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।

बल्क ड्रग पार्क योजना की प्रमुख विशेषताएं:

  • यह योजना, सामूहिक अवसंरचना सुविधाओं के निर्माण हेतु एकमुश्त अनुदान सहायता प्रदान करते हुए देश में तीन बल्क ड्रग पार्कों की स्थापना में सहयोग करेगी।
  • सामूहिक अवसंरचना सुविधाओं के निर्माण में व्यय होने वाली कुल राशि का 70 प्रतिशत अनुदान सहायता के रूप में प्रदान किया जायेगा, तथा हिमाचल प्रदेश और अन्य पहाड़ी राज्यों के मामले में, अनुदान सहायता राशि 90 प्रतिशत होगी।
  • केंद्र सरकार द्वारा प्रति पार्क अधिकतम 1,000 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की जाएगी।
  • कोई राज्य, बल्क ड्रग पार्क के निर्माण हेतु केवल एक स्थल का प्रस्ताव कर सकता है, जिसका क्षेत्रफल एक हजार एकड़ से कम नहीं होना चाहिए है। पहाड़ी राज्यों के मामले में न्यूनतम सीमा 700 एकड़ निर्धारित की गयी है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. उपर्युक्त योजना की प्रमुख विशेषताएं।
  2. अनुदान सहायता
  3. लक्ष्य
  4. सक्रिय दवा संघटक (API) क्या होती है?
  5. फिक्स्ड-डोज़ दवाओं बनाम सिंगल-डोज़ दवा संयोजनों में API
  6. औषधियों में एक्ससिपिएंट्स (excipients) क्या होते हैं?

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।

राज्य, साइबर अपराधों के लिए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करें: गृह मंत्रालय


(File FIRs for cybercrime, States told)

संदर्भ:

हाल ही में, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों को राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, www.cybercrime.gov.in. पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्राथमिकी (First Information ReportFIR) दर्ज करने और जांच और करने के लिए पत्र लिखा गया है।

आवश्यकता

  • पोर्टल पर पंजीकृत होने वाली कुल शिकायतों में से मात्र 2.5% ही प्राथमिकी (FIR) में परिवर्तित होती है।
  • राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में वर्ष 2019 के दौरान पंजीकृत साइबर अपराधों की संख्या में 63.5% की वृद्धि हुई है।

गृह मंत्रालय द्वारा जागरूकता बढ़ाने के प्रयास:

  • उपर्युक्त पोर्टल के माध्यम से, मंत्रालय का उद्देश्य इंटरनेट पर ‘विधिविरुद्ध सामग्री’ (Unlawful Content) को चिह्नित करने के लिए ‘साइबर अपराध स्वयंसेवकों’ (Cybercrime Volunteers) का एक समूह गठित करना है।
  • गृह मंत्रालय द्वारा विधिविरुद्ध / अवैध ऑनलाइन सामग्री की पहचान व रिपोर्ट करने और इसे हटाने में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सहायता करने हेतु विधिविरुद्ध सामग्री चिह्नित करने वालों की भूमिका निभाने हेतु भले नागरिकों को साइबर अपराध स्वयंसेवकों के रूप में पंजीकरण कराने के लिए आमंत्रित किया गया है।

विधिविरुद्ध सामग्री क्या होती है?

विधिविरुद्ध सामग्री (Unlawful Content) को भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत व इसके राज्यों की सुरक्षा तथा विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों के खिलाफ और सांप्रदायिक सद्भाव तथा सार्वजनिक व्यवस्था में गड़बड़ी उत्पन्न करने के उद्देश्य से और बाल यौन शोषण संबंधी सामग्री के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

साइबर अपराधों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए अन्य कदम:

  • देश में साइबर अपराध से संबंधित मुद्दों को व्यापक और समन्वित तरीके से हल करने हेतु भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (Indian Cyber Crime Coordination Centre I4C) का गठन करने की योजना बनायी गई है।
  • देश में महत्वपूर्ण सूचना ढाँचे की सुरक्षा हेतु ‘राष्ट्रीय अति-संवेदनशील सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र’ (National Critical Information Infrastructure Protection CentreNCIIPC) की स्थापना।
  • डिजिटल सेवा प्रदान करने वाले सभी संगठनों के लिए साइबर सुरक्षा की घटनाओं को CERT-In में शीघ्रता से रिपोर्ट करने के लिए अनिवार्य किया गया है।
  • दुर्भावनापूर्ण प्रोग्राम और फ्री टूल्स का पता लगाने और हटाने के लिए साइबर स्वच्छता केंद्र (Cyber Swachhta Kendra) शुरू किया गया है।
  • साइबर हमलों और साइबर आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए संकट प्रबंधन योजना (Crisis Management Plan) का निरूपण।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के बारे में
  2. राष्ट्रीय अति-संवेदनशील सूचना अवसंरचना संरक्षण केंद्र (NCIIPC)
  3. CERT-In
  4. साइबर स्वच्छ्ता केन्द्र

मेंस लिंक:

डिजिटल इंडिया में साइबर सुरक्षा की भूमिका का परीक्षण कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश।

आर्मी एविएशन कोर (AAC)  


संदर्भ:

आर्मी एविएशन कॉर्प्स (Army Aviation CorpsAAC)  द्वारा 1 नवंबर को अपना पैतीसवां स्थापना दिवस मनाया गया।

आर्मी एविएशन कोर (AAC)  के बारे में:

  • यह भारतीय सेना की सबसे युवा वाहिनी है।
  • 1 नवंबर 1986 को आर्मी एविएशन कोर की स्थापना एक अलग संगठन के रूप में की गयी थी।
  • आर्मी एविएशन कोर एक सीमित निगरानी एवं प्रेक्षण वाली शाखा से बढ़ कर भारतीय सेना की एक सशक्त वायुरक्षा प्रणाली के रूप में विकसित हो गई है।

संरचना: आर्मी एविएशन कोर (AAC) में अधिकारियों व अन्य कर्मियों की भर्ती सेना के विभिन्न अंगो से की जाती है।

भूमिकाएँ और कार्य:

  • आर्मी एविएशन कोर (AAC) के हेलीकॉप्टरों द्वारा मुख्य रूप से टोही गतिविधियाँ, निगरानी, आपदाकालीन निकासी, आवश्यक वस्तुओं को पहुचाना, युद्धक खोज व बचाव आदि भूमिकाएँ निभाई जाती हैं।
  • AAC हेलीकॉप्टर शांति काल में मानवीय सहायता और आपदा राहत (Humanitarian Aid and Disaster Relief- HADR) अभियानों में भी भाग लेते हैं।
  • कुछ स्थितियों में, सेना के हेलिकॉप्टर भी एयरबोर्न कमांड पोस्ट के रूप में कार्य कर सकते हैं, तथा जरूरत पड़ने पर ग्राउंड कमांड पोस्ट की जगह ले सकते हैं।

बेड़ा (Fleet)

वर्तमान में, आर्मी एविएशन कोर (AAC) के बेड़े में, चेतक, चीता, लांसर, एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) ध्रुव, और रुद्र (RUDRA) आदि सम्मिलित है।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


एज्हुथाचन पुरस्कारम

(Ezhuthachan Puraskaram)

  • वर्ष 1993 में स्थापित, यह केरल सरकार का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है।
  • यह पुरूस्कार केरल साहित्य अकादमी द्वारा प्रदान किया जाता है।
  • यह पुरस्कार प्रति वर्ष मलयालम साहित्य के जनक ‘थुन्चाथथू एज्हुथाचन’ (Thunchaththu Ezhuthachan) के नाम पर दिया जाता है। इसके तहत 5,00,000 का नकद पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किये जाते है।

संदर्भ:

प्रसिद्ध मलयाली लेखक पॉल याचरिया (Paul Zacharia) को 28वें एज्हुथाचन पुरस्कार के लिए चुना गया है।

चर्चित स्थल: काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व (KNPTR)

  • यह असम में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान (National Park) है।
  • मैरी कर्जन (Mary Curzon) की सिफारिश पर वर्ष 1908 में गठित, यह पार्क पूर्वी हिमालयी जैव विविधता के आकर्षण केंद्र – गोलाघाट और नौगांव जिले में स्थित है।
  • इस पार्क में प्रसिद्ध एक सींग वाले गैंडों की विश्व की दो-तिहाई आबादी पायी जाती है।
  • यह एक विश्व धरोहर स्थल है।
  • इसे प्रवासी पक्षी प्रजातियों के संरक्षण हेतु बर्डलाइफ इंटरनेशनल द्वारा एक महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र के रूप में भी मान्यता प्रदान की गयी है।
  • काजीरंगा में मुख्यतः ‘चार बड़ी’ प्रजातियों के संरक्षण प्रयासों फोकस किया जाता है- गैंडे, हाथी, रॉयल बंगाल टाइगर और एशियाई जल भैंसा।
  • काजीरंगा, चार मुख्य नदियों – ब्रह्मपुत्र, दिफ्लू (Diphlu, मोरा दिफ्लू और मोरा धनसिरी के क्षेत्रों में अवस्थित है।

’16 साइकी क्षुद्रग्रह

(16 Psyche Asteroid)

  • 16 साइकी (16 Psyche) मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच क्षुद्रग्रह पेटिका (asteroid belt) में स्थित है।
  • यह ऐस्टरॉइड बेल्ट पृथ्वी से लगभग 370 मिलियन किलोमीटर दूर स्थित है।
  • इसे पहली बार 1853 में खोजा गया था और इसका नामकरण आत्माओं की प्राचीन ग्रीक देवी, साइके (Greek goddess of the soulPsyche) के नाम पर रखा गया था।

चर्चा का कारण

  • एक हालिया अध्ययन में पाया गया है कि यह क्षुद्रग्रह पूर्णतयः धातु से निर्मित हो सकता है और इसकी कीमत अनुमानित रूप से $ 10,000 क्वाड्रिलियन हो सकती है – जो कि पृथ्वी की पूरी अर्थव्यवस्था से अधिक होगी।
  • नासा के हबल स्पेस टेलीस्कॉप के चित्रों से पता चला है कि इस क्षुद्रग्रह की सतह, पृथ्वी की कोर की भांति, लोहे और निकल से बनी हो सकती है।

केवडिया टूरिज्म सर्किट

संदर्भ:

हाल ही में पीएम मोदी द्वारा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी (Statue of UnitySoU) के आसपास 17 पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है, जिन्हें अब ‘केवडिया टूरिज्म सर्किट’ कहा जाएगा।

प्रमुख बिंदु:

  • केवडिया (Kevadia) आदिवासी नर्मदा जिले का एक गाँव है। यहाँ पर नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध जलाशय का निर्माण किया गया है।
  • केवडिया सर्किट में फूलों की घाटी, विश्व वान, कैक्टस गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन सहित 35 पर्यटन स्थल शामिल हैं।

वैभव शिखर सम्मेलन

(VAIBHAV Summit)

वैश्विक भारतीय वैज्ञानिक (VAIBHAV) शिखर सम्मेलन, प्रवासी और निवासी भारतीय वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों का एक वैश्विक शिखर सम्मेलन है।

  • इस वैश्विक शिखर सम्मेलन का उद्घाटन 2 अक्टूबर 2020 – महात्मा गांधी की जयंती पर किया गया था तथा इसका समापन 31st अक्टूबर 2020 सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, के अवसर हुआ।
  • इसके तहत चर्चा के प्रमुख क्षेत्रों, क्वांटम प्रौद्योगिकियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग, संचार प्रौद्योगिकियाँ, कम्प्यूटेशनल और डेटा विज्ञान और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियाँ आदि को सम्मिलित किया गया।

मानसर झील परियोजना

संदर्भ:

हाल ही में, जम्मू और कश्मीर स्थित मानसर झील विकास योजना का उद्घाटन किया गया था।

  • इस परियोजना के लागू होने के बाद, मानसर क्षेत्र में प्रति वर्ष पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की संख्या मौजूदा 10 लाख से बढ़कर 20 लाख हो जाएगी।
  • मानसर कायाकल्प योजना से लगभग 15 करोड़ मानव-दिन रोजगार सृजित होंगे और प्रति वर्ष 800 करोड़ रुपये से अधिक की आय होगी।

मानसर झील के बारे में:

  • मानसर झील जम्मू से 62 किमी दूर स्थित है।
  • नवंबर 2005 में सुरिनसर-मानसर झील को रामसर स्थल के रूप में घोषित किया गया था।

mansar_lake


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos