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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 31 October

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. स्टार प्रचारक

2. यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों को नई वेतन संहिता में बोनस पर प्रतिबंध

3. चीन द्वारा ‘रणनीतिक-अवधि’ हेतु तैयारी

 

सामान्य अध्ययन-III

1. ग्रामीण विकास निधि

2. भू-स्वामित्व आदर्श अधिनियम का मसौदा

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा ओलिव रिडले कछुओं पर अध्ययन

2. पंजाब सरकार द्वारा बस ऑपरेटरों का वाहन कर माफ

3. महिला वैज्ञानिकों के लिए POWER योजना

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।

स्टार प्रचारक


(Star Campaigner)

संदर्भ:

कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का पार्टी के लिए ‘स्टार प्रचारक’ (Star Campaigner) का दर्जा रद्द कर दिया गया है।

किसके द्वारा?

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का पार्टी के लिए ‘स्टार प्रचारक’ का दर्जा चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा रद्द किया गया है।

कारण

आदर्श आचार संहिता (Model Code of ConductMCC) का बार-बार उल्लंघन करने और चुनाव आयोग द्वारा जारी की गई सलाह की पूरी तरह से अवहेलना करने के कारण।

निहितार्थ

अब, 3 नवंबर को होने वाले उपचुनावों के लिए कमलनाथ द्वारा किसी निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार करने पर होने वाले पूरे खर्च का वहन संबंधित उम्मीदवार के द्वारा किया जायेगा।

स्टार प्रचारक कौन होते हैं?

किसी चुनाव में ‘स्टार प्रचारक’ (Star Campaigner) वे व्यक्ति होतें हैं, जिन्हें राजनीतिक दलों द्वारा कुछ निश्चित निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करने के लिए ‘मनोनीत’ किया जाता है। ये व्यक्ति लगभग सभी मामलों में, राजनीतिक दलों के प्रमुख और लोकप्रिय चेहरे होते हैं। हालांकि, किसी कानून अथवा भारतीय निर्वाचन आयोग के द्वारा ‘स्टार प्रचारक’ की कोई विशेष परिभाषा नहीं दी गयी है।

स्टार प्रचारक को प्राप्त लाभ

स्टार प्रचारकों द्वारा चुनाव प्रचार पर किए गए खर्च को उम्मीदवार के चुनाव खर्च में नहीं जोड़ा जाता है। हालाँकि, यह छूट केवल तभी प्राप्त होती है, जब कोई स्टार प्रचारक, स्वयं को, अपने राजनीतिक दल के लिए सामान्य प्रचार करने तक सीमित रखता है।

स्टार प्रचारकों के लिए मानदंड

हाल ही में, निर्वाचन आयोग द्वारा महामारी के दौरान चुनावों में स्टार प्रचारकों के लिए निर्धारित मानदंडों में संशोधन किया गया है।

संशोधित मानदंडों के अनुसार:

  1. मान्‍यता प्राप्‍त राष्‍ट्रीय और राज्‍य स्‍तरीय दलों के लिए स्‍टार-प्रचारकों की अधिकतम संख्या 40 से घटाकर 30 कर दी गयी है।
  2. गैर-मान्‍यता प्राप्‍त पंजीकृत दलों के लिए स्‍टार-प्रचारकों की अधिकतम संख्या को 20 से घटाकर 15 कर दिया गया है।
  3. इसके अलावा, स्‍टार-प्रचारकों को चुनाव प्रचार से 48 घंटे पहले जिला निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. स्टार प्रचारक कौन होते है?
  2. उन्हें कैसे पहचाना जाता है?
  3. चुनाव आयोग द्वारा स्टार प्रचारकों की निर्धारित संख्या
  4. स्टार प्रचारकों को प्राप्त लाभ

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

यौन दुर्व्यवहार के आरोपियों को नई वेतन संहिता में बोनस पर प्रतिबंध


(New wage code bars bonus for those facing sex abuse charges)

संदर्भ:

नई वेतन संहिता (New wage code) के एक प्रावधान के अनुसार- किसी भी रूप में यौन उत्पीड़न करने के आरोपियों को अपने नियोक्ताओं द्वारा दिए जाने वाले बोनस से वंचित किये जाने का जोखिम हो सकता है।

सरकार द्वारा नियमों को अधिसूचित किए जाने के बाद से नई वेतन संहिता लागू हो जाएगी।

नई वेतन संहिता में संबंधित प्रावधान:

  • नई वेतन संहिता में किसी कर्मचारी को ‘यौन उत्पीड़न के आरोप में दोषसिद्धि’ होने के आधार पर उसे दिए जाने वाले बोनस भुगतान से वंचित किया जा सकता है।
  • मौजूदा कानून के अनुसार, धोखाधड़ी, हिंसक आचरण और चोरी या तोड़फोड़ के आरोप में बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को ही बोनस नहीं दिया जाता है।

इस प्रावधान का महत्व:

  • कर्मचारियों को प्राप्त होने वाले किसी ‘लाभ’ को खोने की संभावना, उन्हें अपने आचरण में अधिक सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करेगी। अतः कर्मचारियों को इस प्रावधान से अवगत कराया जाना चाहिए।
  • यह प्रावधान, यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम (Prevention of Sexual Harassment lawPoSH) 2013 के अलावा एक अन्य अतिरिक्त निवारक के रूप में कार्य करेगा।

यौन उत्पीड़न की रोकथाम (PoSH) अधिनियम के निर्देशों के अनुसार:

  • नियोक्ता फर्मों के लिए शिकायतों की जांच करने हेतु एक ‘आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints CommitteeICC) का गठन करना आवश्यक होगा।
  • समिति द्वारा शिकायतों की जांच के सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई हेतु नियोक्ताओं के लिए सिफारिश करना आवश्यक होगा।
  • यदि ICC किसी शिकायत को सही पाती है, तो उसे अपराध के रूप में माना जा सकता है।
  • आंतरिक शिकायत समिति को किसी कर्मचारी के दोषी पाए जाने पर पुलिस को इसकी रिपोर्ट करने की शक्ति प्राप्त है। हालांकि, यौन उत्पीड़न संबंधी सभी मामलों की पुलिस रिपोर्ट नहीं की जाती है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. यौन उत्पीड़न की रोकथाम (PoSH) अधिनियम, 2013 का अवलोकन
  2. आंतरिक शिकायत समिति के बारे में
  3. समिति को प्राप्त शक्तियां

मेंस लिंक:

कर्मचारियों को प्राप्त होने वाले किसी ‘लाभ’ को खोने की संभावना, उन्हें अपने आचरण में अधिक सावधानी बरतने के लिए प्रेरित करेगी। नई वेतन संहिता के प्रावधान के संदर्भ में इस विषय पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

चीन द्वारा ‘रणनीतिक-अवधि हेतु तैयारी


(China gears up for ‘strategic period)

संदर्भ:

चीन की सत्तारूढ़ पार्टी- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (Communist Party of ChinaCPC) – द्वारा अर्थव्यवस्था और सैन्य शक्ति को बढ़ाने हेतु दीर्घकालिक लक्ष्य निर्धारित किये गए हैं।

CPC द्वारा घोषित प्रमुख लक्ष्य:

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (CPC) द्वारा वर्ष 2025, 2027 और 2035 तक निम्नलिखित तीन लक्ष्यों को प्राप्त करने की घोषणा की गयी है:

  • घरेलू खपत और नवाचार को बढ़ावा देना।
  • पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के शताब्दी वर्ष 2027 तक एक राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा आधुनिकीकरण योजना का कार्यान्वयन।
  • आर्थिक मजबूती और तकनीकी प्रगति में ‘बड़ी छलांग’ लगाने के लिए दीर्घकालिक आर्थिक ब्लू-प्रिंट विजन 2035’

महत्व:

नया आर्थिक ब्लू-प्रिंट, मोटे तौर पर, चीन को अपनी GDP दोगुना करने और वर्ष 2035 तक 10,000 डॉलर प्रति व्यक्ति GDP का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगा।

  • इस योजना का उद्देश्य, ‘एक समृद्ध देश का एकीकरण और मजबूत सेना’ के लक्ष्य को हकीकत में बदलना भी है।
  • योजना में ‘जानकारी रखने’ (informatisation) के महत्व और ‘सैन्य प्रशिक्षण तथा युद्ध की तैयारी को मजबूत’ करने पर जोर दिया गया है।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

ग्रामीण विकास निधि (RDF)


(Rural Development Fund)

संदर्भ:

हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा पंजाब सरकार से ‘ग्रामीण विकास निधि’ (Rural Development FundRDF) के उपयोग के बारे में जानकारी देने को कहा गया है। पंजाब सरकार को ‘ग्रामीण विकास निधि’ मुख्य रूप से भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India FCI) द्वारा प्राप्त होती है। केद्र द्वारा इस प्रकार की पूछतांछ पर राज्य सरकार ने नाराजगी व्यक्त की है।

ग्रामीण विकास निधि (RDF) के बारे में:

‘ग्रामीण विकास निधि’ (Rural Development Fund- RDF), ग्रामीण विकास निधि अधिनियम, 1987 के तहत कृषि उपज की खरीद या बिक्री पर लगाया गया 3 प्रतिशत उपकर होती है

इसका निष्पादन पंजाब ग्रामीण विकास बोर्ड (Punjab Rural Development BoardPRDB) द्वारा किया जाता है। PRDB के अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री होते हैं।

पंजाब को यह निधि कहाँ से प्राप्त होती है?

पंजाब सरकार को ग्रामीण विकास निधि (RDF) की प्राप्ति मुख्य रूप से केंद्र सरकार की खरीद एजेंसी, भारतीय खाद्य निगम (FCI) से होती है। FCI द्वारा राज्य से प्रतिवर्ष लगभग 13 मिलियन टन गेहूं और 16 मिलियन टन धान की खरीद की जाती है।

RDF का उपयोग

ग्रामीण विकास निधि (RDF) का उपयोग वस्तुतः मंडियों के अंदर और बाहर ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण और रखरखाव के लिए किया जाता है। लेकिन, अतीत में आरोप लगाए जाते रहे हैं, कि राज्य द्वारा इस निधि का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ग्रामीण विकास निधि (RDF) के बारे में
  2. यह किस प्रकार एकत्र की जाती है?
  3. इसका प्रयोग किस लिए किया जाता है?
  4. ग्रामीण विकास निधि के संदर्भ में केंद्र की शक्तियां

मेंस लिंक:

ग्रामीण विकास निधि क्या है? इसका महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: भारत में भूमि सुधार।

भू-स्वामित्व आदर्श अधिनियम का मसौदा


(Draft model Act on land titles)

संदर्भ:

हाल ही में, नीति आयोग  द्वारा जमीन के मालिकाना हक के संदर्भ में राज्यों के लिये एक आदर्श अधिनियम का मसौदा (Draft Model Act) और नियम जारी कए गए हैं।

उद्देश्य: कानूनी विवादों में कमी लाना और अवसंरचनात्मक परियोजनाओं के लिये भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाना है।

आदर्श अधिनियम (Model Act) के तहत:

  1. राज्य सरकारों को अचल संपत्ति के मालिकाना हक के पंजीकरण करने हेतु प्रणाली स्थापित करने, उसके प्रशासन और प्रबंधन करने का अधिकार होगा।
  2. इसके तहत भूमि विवाद समाधान अधिकारी तथा भू-स्वामित्व अधिकार अपीलीय न्यायाधिकरण का प्रावधान किया गया है जो एक बार में सभी विवादों को समाप्त कर देंगी।
  3. जमीन पर अंतिम रूप से मालिकाना हक की गारंटी राज्य सरकार देगी और अगर कोई विवाद होता है, क्षतिपूर्ति का प्रावधान होगा।
  4. कानून के मसौदे के अनुसार के तहत मालिकाना हक के बारे में रिकार्ड को लेकर कोई व्यक्ति संतुष्ट नहीं है तो वह जमीन मालिकाना हक से संबंधित पंजीकरण अधिकारी के पास अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।
  5. आपत्ति, अधिसूचना की तिथि से तीन साल के भीतर तक दर्ज करायी जा सकती है। उसके बाद, पंजीकरण अधिकारी आवश्यक कदम उठाते हुए मामले को भूमि विवाद समाधान अधिकारी के पास भेजे देगा।
  6. अगर व्यक्ति भूमि विवाद समाधान अधिकारी के आदेश से संतुष्ट नहीं है तो वह जमीन मालिकाना हक से संबंधित अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष अपील कर सकता है।

निश्‍चयात्मक भू-स्वामित्व हक़ की आवश्यकता और महत्व:

जमीन पर अंतिम रूप से मालिकाना हक की गारंटी राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी और किसी भी विवाद के मामले में राज्य द्वारा मुआवजे का प्रावधान किया गया है।

  • जमीन पर अंतिम रूप से मालिकाना हक से किसान, आसानी से ऋण प्राप्त करने में सक्षम होंगे और बड़ी संख्या में भूमि संबंधी मुकदमों में कमी आएगी।
  • इससे बुनियादी ढांचा विकास के लिए भूमि अधिग्रहण और अचल संपति के लेनदेन में पारदर्शिता आयेगी।
  • जमीन पर अंतिम रूप से मालिकाना हक संबंधी गारंटीकृत प्रणाली,ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, सिंगापुर और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में विकसित की गयी है और लागू की गई है।

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स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा ओलिव रिडले कछुओं पर अध्ययन

ओडिशा सरकार द्वारा भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of IndiaWII) से ओलिव रिडले समुद्री कछुओं की गतिविधियों के बारे में नए सिरे से अध्ययन करने का अनुरोध किया है। इससे राज्य को अपने तट पर संरक्षण प्रयासों को नवीनीकृत करने में मदद मिलेगी।

ओलिव रिडले समुद्री कछुओं से संबंधित प्रमुख तथ्य:

  • ओलिव रिडले कछुए (Olive ridley turtles) विश्व में पाए जाने वाले सभी समुद्री कछुओं में सबसे छोटे और सर्वाधिक संख्या में हैं।
  • ये प्रशांत, अटलांटिक और भारतीय महासागरों के उष्ण जल में निवास करते हैं।
  • ओलिव रिडले कछुए, तथा इसी प्रजाति के केमप्स रिडले कछुए (Kemps ridley turtle), अपने विशिष्ट सामूहिक घोसलों के लिए जाने जाते हैं , इन घोसलों को अरिबाड़ा (Arribada) कहा जाता है।
  • समुद्र तट पर इन घोसलों में मादा ओलिव रिडले कछुए हजारों की संख्या में एक साथ अंडे देने के लिए हर साला आती हैं।
  • ओडिशा के गंजम जिले में रुशिकुल्या नदी तट, गहिरमाथा तट और देबी नदी का मुहाना, ओडिशा में ओलिव रिडले कछुओं द्वारा अंडे देने के प्रमुख स्थल हैं।

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पंजाब सरकार द्वारा बस ऑपरेटरों का वाहन कर माफ

हाल ही पंजाब सरकार द्वारा 31 दिसंबर, 2021 तक, सभी स्टेज कैरिज, मिनी और स्कूल बसों के लिए मोटर वाहन कर पर 100% की छूट का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही करों के बकाए, ब्याज और जुर्माने के बिना की कर अदायगी की 31 मार्च, 2021 तक बढ़ा दी गई है।

महिला वैज्ञानिकों के लिए POWER योजना

POWER का पूरा रूप Promoting Opportunities for Women in Exploratory Research है। अर्थात, पावर (खोजपूर्ण अनुसंधान में महिलाओं के लिए अवसरों को बढ़ावा)।

  • यह योजना भारतीय शैक्षणिक संस्थानों और अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं में विभिन्न विज्ञान और प्रौद्योगिकी कार्यक्रमों में विज्ञान और इंजीनियरिंग शोध के वित्तपोषण में लैंगिक असमानता को घटाने के लिए है
  • इस योजना को विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के एक सांविधिक निकाय, विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड’ (SERB), द्वारा लॉन्च किया गया है।

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