[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 30 अक्टूबर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

1. अशोक द्वारा प्रस्तावित धम्म की नीति के प्रमुख पहलुओं को स्पष्ट कीजिए तथा समझाइए कि वर्तमान भारत के लिए वे किस सीमा तक प्रासंगिक हैं। (250 शब्द)

सन्दर्भ: NCERT – मध्यकालीन भारत का इतिहास कक्षा- XI

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

धम्म की नीति क्या है, इसकी व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

धम्म की नीति में निहित सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

बिंदुवार स्पष्ट कीजिए कि धम्म की नीति ने तत्कालीन मौर्य समाज में मौजूद विभिन्न संघर्षों और कलह को कम करने में क्या योगदान दिया। यह भी निष्कर्ष निकालिए कि यह वर्तमान समय में अधिक प्रासंगिक क्यों है।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि अशोक का धम्म आज भी विश्व की सामाजिक-राजनीतिक आवश्यकताओं का एक उत्तर हो सकता है।

  

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

2. ज्योतिबा फुले के विचारों और विचारधारा का परीक्षण कीजिए। क्या उन्हें कट्टरपंथी कहा जा सकता है? (250 शब्द)

सन्दर्भ: आधुनिक भारतीय इतिहास: स्पेक्ट्रम प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

ज्योतिबा फुले के सन्दर्भ में संक्षेप में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उनके विचारों और विचारधाराओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए। साथ ही उनके कार्यों की पुष्टि भी कीजिए।

उनके कट्टरपंथी विचारों पर अपनी राय प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि ज्योतिबा फुले के रूप में हमारे पास एक बुद्धिजीवी और कार्यकर्ता थे, जो वैश्विक दृष्टि के साथ अपने समाज में सुधार करना चाहते थे।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

3. क्या आप सहमत हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मौजूदा मंदी के पीछे कोविड महामारी और ग्रामीण संकट दो प्रमुख कारण हैं? विवेचन कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  blogs.worldbank.org

निर्देशक शब्द:

 विवेचन कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न के सभी पक्षों की तार्किक व्याख्या कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करने वाले कुछ तथ्यों / आंकड़ों को प्रस्तुत करते हुए अपना उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:   

प्रश्न के दो भागों पर चर्चा कीजिए; प्रथम, अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 का प्रत्यक्ष प्रभाव और इसके कारण उत्पन्न मंदी। द्वितीय भाग में ग्रामीण संकट की व्याख्या कीजिए, जो पहले से ही आंशिक रूप से मौजूद था और महामारी और संबंधित लॉकडाउन प्रभाव के कारण यह संकट और अधिक संवर्धित हुआ और अर्थव्यवस्था की मंदी पर इसका समग्र प्रभाव पड़ा।

कोविड-19 के कारण कृषि क्षेत्र के समक्ष उत्पन्न तात्कालिक चुनौतियों का आकलन कीजिए और संकट के बाद की अवधि में एक स्थायी खाद्य प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए शमन उपाय भी सुझाए।

जहाँ भी संभव हो उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

मंदी के निवारण और समग्र अर्थव्यवस्था पर महामारी और ग्रामीण संकट के प्रभावों को कम करने के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सा.अ.-2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

सा.अ.-3: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

4. भारत गैस आधारित अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इस संदर्भ में एक संभावित ब्लू-फ्लेम अर्थव्यवस्था की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए, जिसे प्राप्त करने के लिए भारत प्रयत्नशील है। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   davp.nic.in

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम समझाइये कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था से आप क्या समझते हैं और ब्लू-फ्लेम क्रांति क्या है। 

विषय वस्तु:  

इस तथ्य को स्पष्ट कीजिए कि प्राकृतिक गैस, विश्व की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को गति प्रदान करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ब्लू फ्लेम क्रांति भारत के ऊर्जा परिदृश्य को कैसे परिवर्तित कर सकती है, समझाइए।

इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए और इसकी चुनौतियों पर भी प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों को बताते हुए और आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष ।

 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

 5. किसानों की आय के पूरक के रूप में कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और प्राकृतिक वनों के महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  geographyandyou.com 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम कृषि-वानिकी, सामाजिक वानिकी और प्राकृतिक वन को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

हमारे देश में कृषि और सामाजिक वानिकी दोनों से सम्बंधित मौजूदा नीतियों पर चर्चा कीजिए।

इनमें क्या खामियां हैं, चर्चा कीजिए।

प्राकृतिक वन किसानों की आय में कैसे योगदान दे सकते हैं, चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

देश में किसानों की आय बढ़ाने में इन तीन नीतियों के महत्व को पहचानने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव।

6. डीपफेक से आप क्या समझते हैं? उनके द्वारा उत्पन्न खतरों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए एवं उन्हें संबोधित करने के लिए समाधान भी सुझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

डीपफेक क्या हैं, परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

इससे सम्बंधित चिंताओं पर प्रकाश डालिए।

इसके द्वारा उत्पन्न चुनौतियों को दूर करने के लिए उपाय सुझाइए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इससे उत्पन्न गंभीर खतरों का मुकाबला करने के लिए एक बहु-हितधारक और बहु-मोडल दृष्टिकोण की आवश्यकता है।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 7. प्रेम और नैतिकता की अवधारणाएं एक नैतिक समाज के निर्माण में कैसे सहायता करती हैं? सोदाहरण चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामान्य रूप में प्रेम और नैतिकता की अवधारणाओं पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

एक नैतिक समाज के महत्व पर चर्चा कीजिए।

नैतिक समाज के निर्माण में प्रेम और नैतिकता की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।

ऐसे प्रश्नों को बेहतर ढंग से समझाने के लिए उदाहरण या केस स्टडी प्रस्तुत कीजिए।

उन दार्शनिकों एवं प्रस्तावकों का उल्लेख कीजिए, जो दावा करते हैं कि प्रेम और नैतिक विचारों की अवधारणा एक नैतिक समाज के निर्माण में सहायक है।

निष्कर्ष:

इसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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