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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 27 October

 

विषय – सूची

 सामान्य अध्ययन-I

1. पोलैंड में गर्भपात पर अदालत के हालिया फैसले का महिलाओं द्वारा विरोध

2. कोयला घोटाला

 

सामान्य अध्ययन-II

1. विश्व पोलियो दिवस

2. भारत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का महत्त्व

3. भू-स्थानिक सहयोग हेतु बुनियादी विनिमय तथा सहयोग समझौता (BECA)

 

सामान्य अध्ययन-III

1. प्लाज्मा थेरेपी वाद-विवाद

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. एनिग्माचन्ना गोलम

2. ओहाका खादी

3. भारत-ऑस्ट्रेलिया सर्कुलर इकोनॉमी हैकाथॉन (I-ACE)

4. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा बच्चों की देखभाल से संबंधित अवकाश में सुधार

 


सामान्य अध्ययन- I


 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

पोलैंड में गर्भपात पर अदालत के हालिया फैसले का महिलाओं द्वारा विरोध


(Why women in Poland are protesting a recent court ruling on abortions?)

संदर्भ:

पोलैंड में मौजूदा कानून के अनुसार, गर्भ में ‘विकृत भ्रूण’ विकसित होने पर उसके गर्भपात की अनुमति है। हाल ही में, पोलैंड के संवैधानिक न्यायाधिकरण ने इस कानून को असंवैधानिक करार दिया है, जिसका देश की महिलाओं और ‘चुनने के विकल्प’ का समर्थन करने वाले कार्यकर्ताओं द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है।

देश में अब तक वर्ष 1993 के गर्भपात कानून के तहत भ्रूण-दोष के आधार पर गर्भपात की अनुमति है।

गर्भपात संबंधी हालिया फैसला

  • भ्रूण-विकृति संबंधी मामलों में गर्भपात की अनुमति देना ‘एक अजन्मे बच्चे के संबंध में युजनिक प्रथाओं (Eugenic Practices) को वैध बनाता है और इस प्रकार यह मानव गरिमा की रक्षा और संरक्षण के विरुद्ध है।
  • न्यायाधिकरण के अनुसार, चूंकि पोलिश संविधान, जीवन के अधिकार को सुनिश्चित करता है, अतः भ्रूण की खराबी के आधार पर गर्भपात करना ‘भेदभाव’ है, जिसे संविधान में निषिद्ध किया गया है।”

अदालत के फैसले से पोलैंड की जनता पर प्रभाव

पोलैंड में, हर साल कानूनी रूप से मान्य लगभग 2,000  गर्भपात किए जाते हैं, जिनमें से अधिकांश भ्रूण-दोष के कारण होते हैं।

  • अदालत का निर्णय से देश में गर्भपात पर लगभग पूर्णतयः प्रतिबंध लग जाएगा।
  • इसके अलावा, देश के सख्त गर्भपात कानूनों के कारण, लगभग 80,000 से 120,000 पोलिश महिलाएं हर साल गर्भपात कराने विदेश जाती हैं अथवा देश में ही अवैध गर्भपात कराती हैं।
  • अब, यदि देश में न्यायालय का यह फैसला लागू किया जाता है, तो निश्चित रूप से इस संख्या में वृद्धि होगी।

फैसले के निहितार्थ

पोलैंड के गर्भपात कानूनों को यूरोप में पहले से ही सबसे सख्त माना जाता था। अदालत के इस नए फैसले के लागू होने के बाद, केवल बलात्कार, अनाचार के मामलों में अथवा मां के जीवन के लिए खतरा होने पर ही गर्भपात की अनुमति दी जाएगी।

अंततः, इसे महिलाओं के मूल मानवाधिकारों पर हमले के रूप में देखा जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया:

  • यूरोपीय परिषद द्वारा पोलैंड के गर्भपात संबंधी फैसले की निंदा की गई है।
  • एमनेस्टी इंटरनेशनल’, ‘सेंटर फॉर रिप्रोडक्टिव राइट्स’, और ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ द्वारा भी इस निर्णय की आलोचना की गयी है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (MTP), 1971 का अवलोकन
  2. मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (संशोधन) विधेयक, 2020 की प्रमुख विशेषताएं
  3. भारत में गर्भपात हेतु अधिकतम अनुमेय गर्भकाल
  4. इस संदर्भ में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय।

मेंस लिंक:

भारत में गर्भपात का विनियमन किस प्रकार किया जाता है? इससे संबंधित कानूनों पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये ज़िम्मेदार कारक।

कोयला घोटाला


(Coal scam)

संदर्भ:

हाल ही में, सीबीआई की एक विशेष अदालत द्वारा पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे और तीन अन्य अभियुक्तों को वर्ष 1999 में झारखंड के ब्रह्मडीह कोयला ब्लॉक आवंटन में की गई अनियमितताओं के लिए तीन साल की जेल की सजा सुनाई गयी है।

संबंधित प्रकरण

कोयला मंत्रालय द्वारा दिशानिर्देशों के माध्यम से विशेष रूप स्पष्ट किया गया था कि, लौह एवं इस्पात अथवा स्पंज आयरन (Sponge Iron) के उत्पादन करने वाली किसी कंपनी को, खुली खदानों से 1 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) से कम उत्पादन क्षमता होने पर निजी कोयला खानों (captive coal mine) का आवंटन नहीं किया जा सकता है।

  • हालांकि, एक निजी कंपनी कैस्ट्रोन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (Castron Technologies Ltd) द्वारा गिरिडीह में ब्रह्मडीह कोल ब्लॉक के लिए आवेदन करने पर तत्कालीन मंत्री ने दिशानिर्देशों को शिथिल करते हुए और कंपनी द्वारा निर्धारित मानदंड पूरे नहीं करने पर भी कोयला खदान का आवंटन करने की सहमति प्रदान कर दी गयी थी।
  • CAG के अनुसार इसके परिणामस्वरूप 8 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ और इसे ‘सभी घोटालों की माँ’ (mother of all scams) कहा गया।
  • CAG ने तर्क दिया है कि सरकार के पास कोयला ब्लॉकों की नीलामी करने का अधिकार था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और इसके परिणामस्वरूप आवंटियों को ‘अप्रत्याशित लाभ’ प्राप्त हुआ।

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भारत में कोयला क्षेत्र

  • विश्व का चौथा सबसे बड़ा कोयला भंडार होने के बावजूद भारत द्वारा पिछले साल 235 मिलियन टन कोयले का आयात किया गया, जिसमें से 1,71,000 करोड़ रुपये की कीमत के 135 मिलियन टन कोयले की आपूर्ति घरेलू भंडार से पूरी की जा सकती थी।
  • भारत की सरकारी कोयला कंपनियां प्रचुर संसाधनों के बावजूद कोयले की बढ़ती माँग को पूरा करने में असमर्थ है।
  • दक्षिण एशियाई राष्ट्र अपने घरेलू उत्पादन के 80 प्रतिशत से अधिक के लिए कोल इंडिया पर निर्भर है और पिछले कुछ वर्षों में कोल इंडिया उत्पादन लक्ष्यों को पूरा करने में लगातार विफल रही है।
  • सरकार नए निवेश को आकर्षित करने के लिए पिछले कई महीनों से कोयला क्षेत्र में उत्तरोत्तर निजीकरण कर रही है, और यह, इस पुरातन उपयोग प्रतिबंध से छुटकारा पाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम ।

कोयले का राष्ट्रीयकरण और इसका प्रभाव

1971-73 तक कोयला खनन का कार्य मुख्य रूप से निजी क्षेत्र के हाथों में था और उस दौरान कोयला उत्पादन स्तर 72 मिलियन टन प्रति वर्ष तक पहुँच गया था।

  • भारत में वर्ष 1972-73 के दौरान पूरे कोयला उद्योग का राष्ट्रीयकरण किया गया था और फिर इस बुनियादी अवसंरचना क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर निवेश किए गया।
  • 1993 में हुए उदारीकरण सुधारों के बाद, सरकार ने निजी खपत (captive consumption) के लिए विभिन्न कंपनियों को कोयला खदानें आवंटित करने का फैसला किया (कैप्टिव माइनिंग में किसी कंपनी द्वारा कोयले का खनन निजी उपयोग के लिए किया जाता है तथा इसे बाजार में बेचने की अनुमति नहीं होती है)।
  • 2000 के दशक में उच्च विकास वृद्धि के दौरान कोयले की बढ़ती मांग को राज्य द्वारा संचालित कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा पूरा नहीं किया जा सका, जिससे मांग-आपूर्ति के अंतर में काफी वृद्धि हुई।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. भारत में खनिजों का वर्गीकरण
  2. प्रमुख खनिज बनाम लघु खनिज
  3. लघु खनिजों के प्रबंधन के संदर्भ में केंद्र तथा राज्यों की शक्तियां
  4. भारत में कोयला वितरण
  5. कोयले का आयात बनाम निर्यात

मेंस लिंक:

वाणिज्यिक कोयला खनन क्या है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

विश्व पोलियो दिवस


प्रतिवर्ष 24 अक्टूबर को ‘विश्व पोलियो दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।

प्रारंभ:

24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत एक दशक पहले रोटरी इंटरनेशनल द्वारा की गयी थी।

इसे पोलियो या पोलियोमाइलाइटिस (Poliomyelitis) के खिलाफ टीका विकसित करने वाले जोनास साल्क (Jonas Salk) के जन्म दिवस पर मनाया जाता है।

पोलियो क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पोलियो या पोलियोमाइलाइटिस को ‘एक अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग के रूप में परिभाषित किया गया है। यह बीमारी मुख्य रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करती है।

संचरण: पोलियो का विषाणु मुख्यत: मल मार्ग अथवा अन्य सामान्य वाहकों (जैसे दूषित जल अथवा भोजन) के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संचारित होता है। आँतों में पहुँचकर इस विषाणु की संख्या कई गुना हो जाती है और वहाँ से यह तंत्रिका तंत्र में पहुँचता है तथा अंगघात (Paralysis) का कारण बनता है।

भारत में पोलियो

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा 24 फरवरी, 2012 को भारत को वाइल्ड पोलियो संक्रमण (Wild Polio Virus Transmission) से ग्रसित देशों की सूची से बाहर कर दिया गया था।
  • इसके दो साल बाद, वर्ष 2014 में, WHO के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र द्वारा भारत को पोलियो-मुक्त के रूप में प्रमाणित किया गया।

भारत द्वारा किये गए पोलियो निवारक प्रयास:

भारत में पोलियो वायरस के संचरण को रोकने के लिए, सरकार ने मार्च 2014 के बाद से भारत और पोलियो प्रभावित देशों, जैसे कि अफगानिस्तान, नाइजीरिया, पाकिस्तान, इथियोपिया, केन्या, सोमालिया, सीरिया और कैमरून के मध्य यात्रा करने वालों के लिए ओरल पोलियो टीकाकरण (Oral Polio VaccinationOPV) अनिवार्य कर दिया है।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. वाइल्ड पोलियो से मुक्त घोषित किया जाने वाला अंतिम अफ्रीकी देश
  2. वर्तमान में वाइल्ड पोलियो से ग्रसित देश
  3. क्षीणीकृत टीका (attenuated vaccine) क्या है?
  4. किसी देश को वाइल्ड पोलियो मुक्त कब घोषित किया जाता है?
  5. ‘अफ्रीका क्षेत्रीय प्रमाणन आयोग’ की संरचना और कार्य

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

भारत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का महत्त्व


(Why US President poll matters to India?)

संदर्भ: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का भारत के लिए क्या महत्त्व है?

  • भारत के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ संबंध किसी भी अन्य द्विपक्षीय आर्थिक, रणनीतिक और सामाजिक संबंधो से अधिक मायने रखता है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति, व्यापार, आव्रजन नीतियों और महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं।
  • अमेरिका में भारतीय प्रवासी सबसे सफल प्रवासी समुदायों में से एक है। हालांकि, उनकी राजनीतिक प्राथमिकताएँ भिन्न हो सकती हैं – किंतु वे सभी अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि के मध्य घनिष्ठ संबंधो का समर्थन करते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणाम का भारत-चीन संबंधों पर प्रभाव

भारत द्वारा अपने ‘गुट-निरपेक्ष’ दृष्टिकोण से वर्ष 1971 में भारत-सोवियत समझौतों की ओर पहली बार गंभीर परिवर्तन, पाकिस्तान के प्रति अमेरिका के झुकाव और वाशिंगटन-बीजिंग समझौतों की शुरुआत की प्रतिक्रिया में किया गया था।

अब, वर्ष 2020 में, शक्तिशाली, लड़ाकू और आधिपत्यवादी चीन के कारण भयावह स्थितियां उत्पन्न हो गयी है। जिस कारण नई दिल्ली और वाशिंगटन के मध्य अच्छे संबंध विकसित हुए हैं।

स्पष्ट रूप से, जो बिडेन और डोनाल्ड ट्रम्प, दोनों, चीन की ओर से संभावित गंभीर खतरों को पहचानते हैं, लेकिन इन दोनों नेताओं की इस संदर्भ प्रतिक्रियाएं भिन्न हो सकती है:

  1. ट्रम्प 0 द्वारा अधिक आक्रामक तरीके से चीन का मुकाबला किया जा सकता है।
  2. बिडेन, संभवतः कांगेज्मेंट (Congagement) नीति का पालन कर सकते है। कांगेज्मेंट अर्थात ‘नियंत्रण सहित संबंध’ (CongagementContainment with Engagement)

भारत तथा विभिन्न अमेरिकी राष्ट्रपतियों के मध्य ऐतिहासिक संबंध

रिपब्लिकन पार्टी का शासन प्रायः एकमात्र अमेरिकी हितों से संबंधित होता है।

लेकिन, कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों द्वारा, पक्षपातपूर्ण रवैयों के बावजूद,  भारत के साथ जोश और उत्साह के साथ संबंध स्थापित किये गए हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों को भारत के प्रति सबसे अधिक सौहाद्रपूर्ण माना जाता है: 1960 के दशक में जॉन एफ कैनेडी, और 2000 के दशक में जॉर्ज डब्ल्यू बुश।

इन दोनों राष्ट्रपतियों द्वारा अलग-अलग समयकाल में असाधारण उत्साह के साथ मित्रता और सहयोग संबंध स्थापित किये गए। दोनों ही मौकों पर ‘चीन के खतरे’ ने भारत-अमेरिका संबंधो को मात्र निजी झुकाव से आगे बढाने में एक उत्प्रेरक का कार्य किया।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. प्रत्यक्ष लोकतंत्र तथा अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में अंतर
  2. संसदीय प्रणाली तथा राष्ट्रपति प्रणाली में अंतर
  3. सीमित सरकार (limited government) क्या है?

मेंस लिंक:

क्या अमेरिकी चुनाव का परिणाम चीन के साथ भारत के संबंधों को प्रभावित करेगा? चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

भू-स्थानिक सहयोग हेतु बुनियादी विनिमय तथा सहयोग समझौता (BECA)


(Basic Exchange and Cooperation Agreement for Geo-Spatial cooperation)

संदर्भ:

भारत और अमेरिका द्वारा आगामी 2+2 मंत्री स्तरीय वार्ता के दौरान ‘भू-स्थानिक सहयोग के लिये बुनियादी विनिमय तथा सहयोग समझौते’ (Basic Exchange and Cooperation Agreement for Geo-Spatial cooperation- BECA) पर हस्ताक्षर किये जाएंगे।

BECA क्या है?

यह समझौता भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के मध्य सैन्य और नागरिक उपयोग दोनों के लिए भू-स्थानिक सूचनाओं के आदान-प्रदान की सुविधा प्रदान करेगा।

भारत के लिए BECA का महत्व और लाभ

BECA, भारत को स्वचालित हार्डवेयर सिस्टम और हथियार जैसे क्रूज़ और बैलिस्टिक मिसाइलों से सटीक हमले के लिये अमेरिकी भू-स्थानिक मानचित्रों का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करेगा।

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 प्रीलिम्स लिंक:

  1. बुनियादी समझौते (foundational agreements) क्या होते हैं?
  2. BECA के बारे में
  3. भारत और अमेरिका द्वारा हस्ताक्षरित समझौते
  4. 2 + 2 वार्ता क्या है?
  5. भारत के साथ 2 + 2 वार्ता तंत्र स्थापित करने वाले देश

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

प्लाज्मा थेरेपी वाद-विवाद


(The plasma therapy debate)

संदर्भ:

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research-ICMR) प्लाज्मा थेरेपी को राष्ट्रीय दिशानिर्देशों से हटाने पर विचार कर रहा है क्योंकि कान्वलेसंट प्लाज़्मा थेरेपी (Convalescent Plasma Therapy- CPT) को कोविड-19 संक्रमण के इलाज में अप्रभावी पाया गया है।

चीन और नीदरलैंड देशों में भी, प्लाज्मा थेरेपी के बहुत कम अथवा शून्य परिणाम मिले हैं।

‘प्लाज्मा थेरेपी’ क्या होती है?

प्लाज्मा, रक्त का एक तरल भाग होता है। संक्रमण से ठीक होने वाले रोगियों के रक्त से निकाले गए कान्वलेसंट प्लाज़्मा (Convalescent plasma), संक्रमण के विरुद्ध एंटीबॉडीज का एक स्रोत होता है।

  • इस थेरेपी में कान्वलेसंट प्लाज़्मा का प्रयोग अन्य रोगियों को ठीक करने में किया जाता है।
  • यह थेरेपी कोविड-19 के लिए उपचार के लिए उपलब्ध विकल्पों में से एक है। इसके तहत प्लाज्मा दानकर्ताओं को कोविड-19 संक्रमण से ठीक होने संबंधित प्रलेखित मामले के रूप में दर्ज होना चाहिए और संक्रमण के अंतिम लक्षणों के समाप्त होने के बाद 28 दिनों तक स्वस्थ रहना आवश्यक होता है।

आगे की राह

कोविड केयर, एक वैयक्तिक देखभाल होती है। उचित रोगी के लिए उचित दवाओं का प्रयोग कारगर साबित होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कान्वलेसंट थेरेपी के इस्तेमाल से कुछ लोगों की जान बची है, लेकिन इसकी प्रभावकारिता के संबंध में PLACID ​​परीक्षण से चिंताएं बढ़ी है।

इसलिए, कान्वलेसंट प्लाज्मा के गैर-प्रतिरक्षा घटकों के संभावित नुकसानों की सूक्ष्मता से जांच की जानी चाहिए।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. टीकाकरण और प्लाज्मा थेरेपी के बीच अंतर?
  2. अप्रतिरोधी प्रतिरक्षण क्या है?
  3. एंटीबॉडी और एंटीजन क्या हैं?
  4. चिकित्सा में प्रथम नोबेल पुरस्कार?
  5. रक्तदान और प्लाज्मा दान के बीच अंतर।

मेंस लिंक:

कान्वलेसन्ट प्लाज्मा थेरेपी के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


एनिग्माचन्ना गोलम

(Aenigmachanna gollum)

  • यह प्रजाति ड्रैगन स्नेकहेड मछलियों के एक पुराने परिवार से संबंधित है।
  • यह भूमिगत जलभरों (underground aquifers) में वास करती है।
  • इस मछली का नामकरण फिल्म ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ के किरदार ‘गोलम’ (Gollum) से प्रेरित होकर किया गया है। फिल्म में ‘गोलम’ हमेशा भूमिगत रहने वाला एक चरित्र है।
  • इसे हाल ही में केरल में देखा गया है।
  • वैज्ञानिकों को इस मछली के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला।
  • यह माना जाता है कि इस प्रजाति की उत्पत्ति गोंडवानालैंड में हुई थी, जो बाद में एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों में विभाजित हो गया।

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ओहाका खादी

(Oaxaca Khadi)

  • यह मैक्सिको की एक जगह ‘ओहाका (Oaxaca)’ में बुनी गई खादी है, जिसके बारे में पीएम मोदी ने मन की बात में उल्लेख किया है।
  • महात्मा गांधी पर बनी एक फिल्म से प्रभावित होने के बाद एक स्थानीय निवासी के द्वारा इस जगह पर खादी का काम शुरू किया गया।

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भारत-ऑस्ट्रेलिया सर्कुलर इकोनॉमी हैकाथॉन (I-ACE)

(India–Australia Circular Economy Hackathon)

  • अटल नवाचार मिशन (Atal Innovation Mission- AIM), CSIRO के साथ मिलकर सर्कुलर अर्थव्यवस्था पर दो दिवसीय भारत-ऑस्ट्रेलिया सर्कुलर इकोनामी हैकथॉन (India–Australia Circular Economy HackathonI-ACE) आयोजित कर रहा है।
  • I-ACE के अंतर्गत दोनों देशों के स्टार्टअप और MSMEsतथा प्रतिभावान छात्रों द्वारा नए तकनीकी उपायों के विकास और उनकी पहचान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा बच्चों की देखभाल से संबंधित अवकाश में सुधार

(DoPT announces reforms regarding Child Care Leave)

  • सरकार के पुरुष कर्मचारी भी अब बच्चों की देखभाल से संबंधित अवकाश के हकदार होंगे।
  • बच्चों की देखभाल से संबंधित अवकाश का प्रावधान और विशेषाधिकार केवल उन पुरुष कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा जो “एकल पुरुष अभिभावक” हैं।
  • इस श्रेणी में वैसे पुरुष कर्मचारी शामिल हो सकते हैं जो विधुर या तलाकशुदा या अविवाहित हैं और इस कारणएकल अभिभावक के रूप में उन पर बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी है।

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