HINDI - INSIGHTS CURRENT EVENTS QUIZ 2020
Quiz-summary
0 of 5 questions completed
Questions:
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
Information
Welcome to Current Affairs Quiz in HINDI Medium. Hope you are happy with our Hindi Current Affairs. The following Quiz is based on the Hindu, PIB and other news sources. It is a current events based quiz. Solving these questions will help retain both concepts and facts relevant to UPSC IAS civil services exam – 2020-2021
To view Solutions, follow these instructions:
-
Click on – ‘Start Quiz’ button
-
Solve Questions
-
Click on ‘Quiz Summary’ button
-
Click on ‘Finish Quiz’ button
-
Now click on ‘View Questions’ button – here you will see solutions and links.
You have already completed the quiz before. Hence you can not start it again.
Quiz is loading...
You must sign in or sign up to start the quiz.
You have to finish following quiz, to start this quiz:
Results
0 of 5 questions answered correctly
Your time:
Time has elapsed
You have reached 0 of 0 points, (0)
| Average score |
|
| Your score |
|
Categories
- Not categorized 0%
| Pos. | Name | Entered on | Points | Result |
|---|---|---|---|---|
| Table is loading | ||||
| No data available | ||||
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- Answered
- Review
-
Question 1 of 5
1. Question
1 pointsभौगोलिक संकेत (Geographical indication: GI) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- भौगोलिक संकेत अधिकार उन लोगों को सक्षम बनाता है जिनके पास तीसरे पक्ष द्वारा इसके उपयोग को रोकने के लिए संकेत का उपयोग करने का अधिकार है जिसके उत्पाद लागू मानकों के अनुरूप नहीं है।
- संरक्षित भौगोलिक संकेत धारक को किसी भी उत्पाद को उसी तकनीक का उपयोग करने से रोकने में सक्षम नहीं बनाता है जैसा कि उस संकेत से संबंधित मानकों के तहत निर्धारित किया गया है।
- चूंकि औद्योगिक उत्पाद मशीन से निर्मित होते हैं, इसलिए भौगोलिक संकेत औद्योगिक उत्पादों के लिए उपयोग नहीं किए जा सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: b)
भौगोलिक संकेत अधिकार उन लोगों को सक्षम बनाता है जिनके पास तीसरे पक्ष द्वारा इसके उपयोग को रोकने के लिए संकेत का उपयोग करने का अधिकार है जिसके उत्पाद लागू मानकों के अनुरूप नहीं है।
हालांकि, संरक्षित भौगोलिक संकेत धारक को किसी भी उत्पाद को उसी तकनीक का उपयोग करने से रोकने में सक्षम नहीं बनाता है जैसा कि उस संकेत के लिए मानकों में निर्धारित किया गया है।
भौगोलिक संकेत आमतौर पर कृषि उत्पादों, खाद्य पदार्थों, शराब और स्प्रिट पेय, हस्तशिल्प और औद्योगिक उत्पादों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
भौगोलिक संकेत का पंजीकरण कब तक वैध होता है?
एक भौगोलिक संकेत का पंजीकरण 10 वर्ष की अवधि के लिए वैध होता है।
इसे प्रत्येक 10 वर्षों की अवधि पर नवीनीकृत किया जा सकता है।
Incorrect
उत्तर: b)
भौगोलिक संकेत अधिकार उन लोगों को सक्षम बनाता है जिनके पास तीसरे पक्ष द्वारा इसके उपयोग को रोकने के लिए संकेत का उपयोग करने का अधिकार है जिसके उत्पाद लागू मानकों के अनुरूप नहीं है।
हालांकि, संरक्षित भौगोलिक संकेत धारक को किसी भी उत्पाद को उसी तकनीक का उपयोग करने से रोकने में सक्षम नहीं बनाता है जैसा कि उस संकेत के लिए मानकों में निर्धारित किया गया है।
भौगोलिक संकेत आमतौर पर कृषि उत्पादों, खाद्य पदार्थों, शराब और स्प्रिट पेय, हस्तशिल्प और औद्योगिक उत्पादों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
भौगोलिक संकेत का पंजीकरण कब तक वैध होता है?
एक भौगोलिक संकेत का पंजीकरण 10 वर्ष की अवधि के लिए वैध होता है।
इसे प्रत्येक 10 वर्षों की अवधि पर नवीनीकृत किया जा सकता है।
-
Question 2 of 5
2. Question
1 pointsचंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी (Chandra X-ray Observatory) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- चंद्र एक्स-रे ऑब्जर्वेटरी एक टेलीस्कोप है जिसे विशेष रूप से ब्रह्मांड के अत्यधिक गर्म क्षेत्रों जैसे विस्फोटक तारों, आकाशगंगाओं के समूहों, और ब्लैक होल के चारों ओर
के पदार्थों से से होने वाले एक्स-रे तरगों के उत्सर्जन का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- यह इसरो द्वारा लॉन्च किया गया एक प्रमुख स्पेस टेलीस्कोप है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
नासा की चंद्र एक्स-रे वेधशाला एक टेलीस्कोप है जिसे विशेष रूप से ब्रह्मांड के अत्यधिक गर्म क्षेत्रों जैसे विस्फोटक तारों, आकाशगंगाओं के समूहों, और ब्लैक होल के चारों ओर के पदार्थों से होने वाले एक्स-रे तरगों के उत्सर्जन का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चूँकि एक्स-रे तरंगों को पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा अवशोषित किया जाता है, इसलिए चंद्र को अंतरिक्ष में 139,000 किमी (86,500 मील) की ऊँचाई पर स्थापित किया गया है।
23 जुलाई, 1999 को लांच किया गया चन्द्र एक्स-रे वेधशाला नासा का प्रमुख मिशन है।
Incorrect
उत्तर: a)
नासा की चंद्र एक्स-रे वेधशाला एक टेलीस्कोप है जिसे विशेष रूप से ब्रह्मांड के अत्यधिक गर्म क्षेत्रों जैसे विस्फोटक तारों, आकाशगंगाओं के समूहों, और ब्लैक होल के चारों ओर के पदार्थों से होने वाले एक्स-रे तरगों के उत्सर्जन का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। चूँकि एक्स-रे तरंगों को पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा अवशोषित किया जाता है, इसलिए चंद्र को अंतरिक्ष में 139,000 किमी (86,500 मील) की ऊँचाई पर स्थापित किया गया है।
23 जुलाई, 1999 को लांच किया गया चन्द्र एक्स-रे वेधशाला नासा का प्रमुख मिशन है।
-
Question 3 of 5
3. Question
1 pointsधनु A* (Sagittarius A*) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Correct
उत्तर: c)
द्रव्यमान और बढ़ती सटीक त्रिज्या सीमा के आधार पर, खगोलविदों ने निष्कर्ष निकाला है कि धनु A* आकाशगंगा का केंद्रीय वृहत ब्लैक होल है।
Incorrect
उत्तर: c)
द्रव्यमान और बढ़ती सटीक त्रिज्या सीमा के आधार पर, खगोलविदों ने निष्कर्ष निकाला है कि धनु A* आकाशगंगा का केंद्रीय वृहत ब्लैक होल है।
-
Question 4 of 5
4. Question
1 pointsभारत में कृषि के निम्नलिखित क्षेत्रों में से किस में परमाणु विज्ञान का उपयोग किया जा रहा है?
- अधिक उपज वाले फसल बीजों का विकास
- उर्वरक और कीटनाशक संबंधित अध्ययन
- खाद्य पदार्थों का विकिरण प्रसंस्करण
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) का परमाणु कृषि कार्यक्रम परमाणु तकनीकों, उर्वरक और कीटनाशक से संबंधित अध्ययनों, खाद्य पदार्थों के विकिरण प्रसंस्करण और अन्य क्षेत्रों का उपयोग करके उच्च उपज वाले फसल बीजों के विकास को बढ़ावा दे रहा है।
Incorrect
उत्तर: d)
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) का परमाणु कृषि कार्यक्रम परमाणु तकनीकों, उर्वरक और कीटनाशक से संबंधित अध्ययनों, खाद्य पदार्थों के विकिरण प्रसंस्करण और अन्य क्षेत्रों का उपयोग करके उच्च उपज वाले फसल बीजों के विकास को बढ़ावा दे रहा है।
-
Question 5 of 5
5. Question
1 pointsउपचारात्मक याचिका (Curative Petition) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- उपचारात्मक याचिका की अवधारणा भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विकसित की गई थी।
- यदि कोई याचिकाकर्ता यह सिद्ध करता है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है, तो उपचारात्मक याचिका पर विचार किया जा सकता है।
- न्यायिक विफलता न हो इसे सुनिश्चित करने के लिए उपचारात्मक याचिका के बाद समीक्षा याचिका दायर की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: a)
अंतिम सजा के खिलाफ समीक्षा याचिका के खारिज होने के बाद उपचारात्मक याचिका (Curative Petition) दायर की जा सकती है। न्यायिक विफलता न हो इसे सुनिश्चित करने और प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह याचिका दायर की जाती है। उपचारात्मक याचिका पर विचार आमतौर पर चैंबर में जजों द्वारा किया जाता है, जब तक कि ओपन-कोर्ट की सुनवाई के लिए विशेष अनुरोध की अनुमति न हो।
प्रत्येक उपचारात्मक याचिका पर विचार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रूपा अशोक हुरा बनाम अशोक हुरा और अन्य, 2002 में निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर किया जाता है।
सर्वोच्च न्यायालय में उपचारात्मक याचिका पर सुनवाई तभी होती है जब याचिकाकर्त्ता यह प्रमाणित कर सके कि उसके मामले में न्यायालय के फैसले से न्याय के प्राकृतिक सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है साथ ही न्यायालय द्वारा आदेश जारी करते समय उसे न सुना गया है। ज्ञातव्य है कि उस स्थिति में भी यह याचिका स्वीकार की जाएगी जहाँ एक न्यायाधीश तथ्यों को प्रकट करने में विफल रहा हो, जो पूर्वाग्रहों की आशंका को बढ़ाता है।
Incorrect
उत्तर: a)
अंतिम सजा के खिलाफ समीक्षा याचिका के खारिज होने के बाद उपचारात्मक याचिका (Curative Petition) दायर की जा सकती है। न्यायिक विफलता न हो इसे सुनिश्चित करने और प्रक्रिया के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह याचिका दायर की जाती है। उपचारात्मक याचिका पर विचार आमतौर पर चैंबर में जजों द्वारा किया जाता है, जब तक कि ओपन-कोर्ट की सुनवाई के लिए विशेष अनुरोध की अनुमति न हो।
प्रत्येक उपचारात्मक याचिका पर विचार सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रूपा अशोक हुरा बनाम अशोक हुरा और अन्य, 2002 में निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर किया जाता है।
सर्वोच्च न्यायालय में उपचारात्मक याचिका पर सुनवाई तभी होती है जब याचिकाकर्त्ता यह प्रमाणित कर सके कि उसके मामले में न्यायालय के फैसले से न्याय के प्राकृतिक सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ है साथ ही न्यायालय द्वारा आदेश जारी करते समय उसे न सुना गया है। ज्ञातव्य है कि उस स्थिति में भी यह याचिका स्वीकार की जाएगी जहाँ एक न्यायाधीश तथ्यों को प्रकट करने में विफल रहा हो, जो पूर्वाग्रहों की आशंका को बढ़ाता है।








