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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 16 अक्टूबर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

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सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: सा.अ.-2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

सा.अ.-3: भारत में भूमि सुधार।

1. यद्यपि स्वामित्व योजना देश में स्पष्ट भूमि स्वामित्व स्थापित करने की दिशा में एक अग्रणी कदम है, भूमि सुधारों से सम्बंधित नीतियों को जमीनी चुनौतियों को पूरी तरह से संबोधित करने के लिए निर्णायक अधिकार का लक्ष्य रखना चाहिए। विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:   Financial Express 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संक्षिप्त रूप में स्वामित्व योजना के बारे में बताइए और समझाइए कि यह एक स्वागत योग्य कदम कैसे है।

विषय वस्तु:

भारत में विशेष रूप से भूमि अधिकारों के सन्दर्भ में भूमि सुधारों की पृष्ठभूमि प्रस्तुत कीजिए। भूमि सुधार से सम्बंधित उन मुद्दों पर प्रकाश डालिए, जो अतीत से वर्तमान तक मौजूद हैं और उन्हें तत्काल संबोधित करने की आवश्यकता है।

निर्णायक अधिकार की दिशा में लिए गए इस कदम पर चर्चा कीजिए।

सुझाव दीजिए कि स्वामित्व के विचार के साथ-साथ और क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

2. “समावेशी शिक्षा पर किसी भी प्रकार की चर्चा में दिव्यांग बच्चों (CWDs) को शामिल किया जाना चाहिए।” इस कथन के आलोक में इस दिशा में संघ और राज्य सरकारों द्वारा किये गए मौजूदा हस्तक्षेपों का विश्लेषण कीजिए एवं आगे की राह भी सुझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: epw.in

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

हमारी शिक्षा नीतियों में दिव्यांग बच्चों (CWDs) के समावेश की निराशाजनक तस्वीर को दर्शाने वाले कुछ प्रमुख आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ किया जा सकता है।

 विषय वस्तु:

चर्चा कीजिए कि सतत विकास लक्ष्यों के लिए 2030 एजेंडा के हस्ताक्षरकर्ता के रूप में, भारत अति संवेदनशील बच्चों के लिए शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के सभी स्तरों पर समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन कारकों पर चर्चा कीजिए, जिनके कारण दिव्यांग बच्चों को भारत की शिक्षा प्रणाली से बाहर रखा गया है। इसके पुष्टिकरण के लिए उदाहरण भी प्रस्तुत कीजिए।

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा किए गए मौजूदा हस्तक्षेपों का विश्लेषण करते हुए परीक्षण कीजिए कि राज्यों द्वारा दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए बजट निर्माण कैसे किया जाता है। विभिन्न राज्यों के लिए स्कूल शिक्षा बजट का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत कीजिए।

इस समस्या के समाधान के लिए सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

इस दिशा में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

3. भारत के शहरों और कस्बों के अप्रभावी और अनियोजित जल-भूविज्ञान बाढ़ के लिए मानसूनी अवसादों की तुलना में अधिक उत्तरदायी हैं। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu  

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

बंगाल की खाड़ी के पश्चिमी मध्य भाग पर उत्पन्न मानसूनी अवसाद के कारण देश में उत्पन्न बाढ़ की वर्तमान तस्वीर प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:   

आलोचनात्मक चर्चा कीजिए कि बाढ़ से होने वाले नुकसान का प्रमुख कारण जल निकासी के बुनियादी ढांचे की अपर्याप्तता है।

उपयुक्त केस स्टडीज (उदाहरण के लिए: हैदराबाद शहर) की सहायता से उपरोक्त को समझाइए।

चर्चा कीजिए कि दीर्घावधि के लिए, भारी वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ के प्रभावों को केवल तभी कम किया जा सकता है, जब शहरी योजनाकारों द्वारा शहरों के जल-भूविज्ञान पर ध्यान दिया जाए एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण, विकास और भूमि अधिग्रहण इस प्रकार न किया जाए कि आर्द्रभूमि के क्षेत्र में कमी हो।

निष्कर्ष:

ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए दीर्घावधिक एवं अल्पावधिक दोनों प्रकार के उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. “भारत की आर्थिक वृद्धि ने विनिर्माण के नेतृत्व वाले विकास के चरण को दरकिनार कर दिया है”, इसके पीछे के कारणों को बताते हुए कथन की जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 जांच कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अतीत से लेकर वर्तमान तक औद्योगिक विकास की पृष्ठभूमि पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

विषय वस्तु:

इस तथ्य पर प्रकाश डालिए कि विनिर्माण क्षेत्र ने 1951-1991 की अवधि में GDP के प्रतिशत के रूप में अपने भाग में वृद्धि की है।

चर्चा कीजिए कि बाद के चरणों में भारतीय प्रणाली ने कैसे सेवा क्षेत्र को प्रोत्साहित किया एवं औद्योगीकरण को हतोत्साहित किया।

उदाहरण के साथ इसके पीछे के कारणों की व्याख्या कीजिए।

निष्कर्ष:

एकल क्षेत्र पर इस प्रकार की निर्भरता के कारण उत्पन्न होने वाले मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए एवं आने वाले भविष्य में विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों को समायोजित करने के लिए आवश्यक समाधान का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: सरकारी बजट; संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन।

5. क्या आपको लगता है कि एक अधिक हरित कल के लिए भारत को अपनी जलवायु परिवर्तन नीतियों में से एक के रूप में “जलवायु बजट टैगिंग” प्रारम्भ करने एवं उसका अभ्यास करने के लिए यह सही समय है? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Financial Express

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

जलवायु बजट टैगिंग क्या है, समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसके लाभों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

इस प्रकार की तकनीकी का अभ्यास कर रहे देशों यथा फिलीपींस, नेपाल, इंडोनेशिया और बांग्लादेश आदि के उदाहरण उद्धृत किये जा सकते हैं।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि भारत के लिए यह सही समय है कि वह एक अधिक हरित कल के लिए ऐसे उपायों को अपनाये।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन।

6. पराली दहन से संबंधित मुद्दों पर एक लेख लिखिए। प्रभावी नीतिगत उपाय पराली दहन के संकट को अवसर में कैसे बदल सकते हैं? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Financial Express 

निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

पराली दहन से आपका क्या तात्पर्य है, समझाइए।

विषय वस्तु:

इसके उत्तरदायी कारकों पर चर्चा कीजिए।

पराली दहन के प्रभावों पर संक्षेप में चर्चा कीजिए।

उन प्रभावी नीतिगत उपायों पर चर्चा कीजिए, जो पराली दहन के संकट को अवसर में बदल सकते हैं। संदर्भित लेख से संकेत ले सकते हैं।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

 7. अभिरुचि से आप क्या समझते हैं? यह बुद्धिमत्ता से पृथक कैसे है? स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन 

 निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अभिरुचि से आप क्या समझते हैं, परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

बुद्धिमत्ता को परिभाषित कीजिए एवं समझाइए कि यह अभिरुचि से कैसे भिन्न है।

दोनों की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

ऐसे उदाहरण पेश कीजिए, जो आपके उत्तर को बेहतर बनाने में सहायक हों।

निष्कर्ष:

सिविल सेवकों के जीवन में अभिरुचि एवं बुद्धिमत्ता के महत्व पर चर्चा करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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