Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 15 अक्टूबर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

1. स्वतंत्रता के पश्चात भारत के एकीकरण और संघीकरण ने चुनौतियों से ग्रस्त एक लंबी प्रक्रिया को दर्शाया। इस संदर्भ में, एक नवीन स्वतंत्र देश के रूप में भारत के सामने आने वाली प्रारंभिक चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  स्वतंत्रता के पश्चात भारत: बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

स्वतंत्रता के पश्चात भारत में उत्पन्न स्थितियों के बारे में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत की स्वतंत्रता के पश्चात एकीकरण और संघीकरण की पृष्ठभूमि को संक्षेप में प्रस्तुत कीजिए।

स्वतंत्रता पश्चात् भारत में उत्पन्न आंतरिक एवं बाह्य दोनों प्रकार की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

इस तथ्य को स्पष्ट कीजिए कि भारतीय लोकतंत्र एक विशाल सामाजिक-धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता वाला एक विषम मॉडल है।

निष्कर्ष:

भारत के एक राष्ट्र के रूप में जीवित रहने में सहायक भारत की लोकतांत्रिक साख का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।

2. हालाँकि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम ने भारत में गैर-सरकारी संगठनों की कार्यप्रणाली पर नौकरशाही नियंत्रण तथा पर्यवेक्षण में वृद्धि कर दी है, इसने देश में सामाजिक क्षेत्रों के विकास के लिए ऐसे संगठनों द्वारा प्रसारित की जाने वाली एकता एवं सहयोग की भावना को बिगाड़ा है। प्रासंगिक उदाहरणों के साथ समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Deccan Herald

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

इस तथ्य के साथ उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि सामाजिक प्रभाव एवं परोपकार केंद्र ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कोविड-19 द्वारा प्रेरित आर्थिक मंदी के कारण न केवल स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या एवं बाल विवाह में वृद्धि होगी, बल्कि टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में भी कमी होगी।

 विषय वस्तु:

समझाइए कि FCRA में संशोधन भारत में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के विकास के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

सुझाव दीजिए कि इस समस्या का समाधान करने के लिए क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि एनजीओ प्रायः अपनी विकासात्मक योजनाओं में सरकार की अपर्याप्तता से उत्पन्न शून्य को भरने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए, उन पर इस प्रकार के प्रतिबंध लगाने से गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों में कमी आएगी। साथ ही यह अधिनियम भारत में गैर-सरकारी संगठनों के पर्यावरण-तंत्र के पतन का कारण भी बन सकता है।

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

3. हमारे समाज में प्रचलित लिंग आधारित हिंसा के सम्बन्ध में राजनीतिक जुड़ाव की सख्त आवश्यकता पर एक लेख लिखिए। साथ ही इसे किये जाने के माध्यमों पर भी प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Deccan Herald

 निर्देशक शब्द:

 लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में प्रचलित लिंग आधारित हिंसा के प्रमुख कारणों पर संक्षेप में प्रकाश डालिए।

 विषय वस्तु:   

समझाइए कि उनकी परामर्श एकत्रित की क्षमता और उनके द्वारा कानून निर्माण करने एवं उसे लागू करने के प्रभाव को देखते हुए, समाधान की कल्पना करने और उन्हें धरातल पर लाने में राजनीतिक दल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

संदर्भित लेख से संकेत लीजिए एवं समझाइए कि अधिक से अधिक राजनीतिक जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए क्या किया जाना चाहिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

4. 1985 में अपनी शुरुआत के बाद से नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट (NDPSA) कैसे विकसित हुआ है? चर्चा कीजिए। इसके अतिरिक्त ड्रग्स रखने एवं उसकी मात्रा के संबंध में दंड के लिए अधिक तर्कसंगत दृष्टिकोण की आवश्यकता को समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

अधिनियम के उद्भव की व्याख्या कीजिए एवं इसके प्रमुख प्रावधानों पर प्रकाश डालिए।

 विषय वस्तु:

इसकी प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा कीजिए।

नशीले ड्रग्स को रखने एवं उसकी मात्रा के संबंध में दंड के लिए अधिक तर्कसंगत दृष्टिकोण की आवश्यकता पर टिप्पणी कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 

  

विषय: सा.अ.-2: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

सा.अ.-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव।

5. देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में अवसंरचनात्मक अंतराल पर चर्चा कीजिए एवं उन्हें संबोधित करने के लिए डिजिटल समाधान की भूमिका की जांच कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Economic Times

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

जांच कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र के बुनियादी ढांचे की स्थिति को दर्शाइए।

 विषय वस्तु:

भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की विकट स्थिति को दर्शाने के लिए कुछ प्रासंगिक आँकड़े भी प्रस्तुत कीजिए।

अवसंरचनात्मक समस्याओं जैसे- निम्न चिकित्सक- रोगी अनुपात, अस्पतालों एवं बेड की कम संख्या आदि पर चर्चा कीजिए।

उपर्युक्त मुद्दों को संबोधित करने के लिए आगे की राह भी बताइये।

उदाहरण देकर आगे की राह में डिजिटल सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालिए।

निष्कर्ष:

एक सकारात्मक नोट पर निष्कर्ष निकालिए कि डिजिटल समाधान स्वास्थ्य क्षेत्र में एक स्वागत योग्य कदम है।

 


सामान्य अध्ययन – 3


  

विषय: मीडिया की भूमिका।

6. टीआरपी से आप क्या समझते हैं? भारतीय टीआरपी प्रणाली से सम्बंधित मुद्दों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए एवं इसके समाधान के सुझाव भी दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

टीआरपी को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

संक्षेप में समझाइए कि टीआरपी की गणना कैसे की जाती है।

इससे संबंधित चिंताओं का उल्लेख कीजिए। महत्वपूर्ण तथ्यों के साथ सम्बंधित मामलों की पुष्टि भी कीजिए।

संदर्भित लेख की सहायता से समझाइए कि टीआरपी में हेराफेरी के क्या नुकसान हैं, उन्हें हल करने के लिए सुझाव भी दीजिए।

निष्कर्ष:

इस समस्या के समाधान के लिए उपाय बताते हुए एवं एक नियामक तंत्र की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।

 7. कौटिल्य के शासन के दार्शनिक आधार पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

शासन की परिभाषा बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

विषय वस्तु:

कौटिल्य के अर्थशास्त्र की पृष्ठभूमि पर चर्चा कीजिए।

देश में सुशासन लाने एवं मार्गदर्शन करने से सम्बंधित निहित दर्शनों की चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos