HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित में से कौनसे राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBMA) का उद्देश्य थे?
- देश का राजस्व घाटा कम करना
- राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3% तक कम करना
- सार्वजनिक निधियों के समग्र प्रबंधन में सुधार करना
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBMA) भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम है जो वित्तीय अनुशासन को संस्थागत बनाने, भारत के राजकोषीय घाटे को कम करने, समष्टिगत आर्थिक प्रबंधन में सुधार लाने और संतुलित बजट को बढ़ावा देकर सार्वजनिक कोष के समग्र प्रबंधन को संस्थागत रूप प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के राजस्व घाटे को समाप्त करना (राजस्व अधिशेष का निर्माण करना) था और मार्च 2008 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3% तक कम करना था।
Incorrect
उत्तर: d)
राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 (FRBMA) भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम है जो वित्तीय अनुशासन को संस्थागत बनाने, भारत के राजकोषीय घाटे को कम करने, समष्टिगत आर्थिक प्रबंधन में सुधार लाने और संतुलित बजट को बढ़ावा देकर सार्वजनिक कोष के समग्र प्रबंधन को संस्थागत रूप प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के राजस्व घाटे को समाप्त करना (राजस्व अधिशेष का निर्माण करना) था और मार्च 2008 तक राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3% तक कम करना था।
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Question 2 of 5
2. Question
लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशन (LTRO) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- LTRO एक ऐसा उपकरण है जिसके तहत केंद्रीय बैंक प्रचलित रेपो दर पर बैंकों को एक वर्ष से तीन वर्ष तक के लिए धन उपलब्ध कराता है।
- RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को LTRO के तहत धन प्राप्त करने हेतु सरकारी प्रतिभूतियों को संपार्श्विक के रूप में रखने की आवश्यकता नहीं है।
- LTRO ने RBI को यह सुनिश्चित करने में मदद की है कि बैंक नीतिगत दरों को कम किए बिना धन-आधारित उधार दर की अपनी सीमांत लागत को कम करें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि वह सिस्टम में तरलता की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की राशि के लिए लक्षित लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशंस (LTRO) का उपयोग करेगा।
LTRO एक ऐसा उपकरण है जिसके तहत केंद्रीय बैंक प्रचलित रेपो दर पर बैंकों को एक वर्ष से तीन वर्ष तक के लिए धन उपलब्ध कराता है, जिसके लिए सरकारी प्रतिभूतियों को संपार्श्विक के रूप में स्वीकार किया जाता है।
यह LAF और MSF से कैसे भिन्न है?
जहाँ आरबीआई के तरलता समायोजन सुविधा (Liquidity Adjustment Facility: LAF) और सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility: MSF) के वर्तमान उपकरणों द्वारा बैंकों को उनकी तत्काल जरूरतों के लिए 1-28 दिनों के लिए धन उपलब्ध होता है, वहीं LTRO के तहत 1 से 3 वर्ष के लिए धन उपलब्ध होता है।
LTRO ने RBI को यह सुनिश्चित करने में मदद की है कि बैंक नीतिगत दरों को कम किए बिना धन-आधारित उधार दर की अपनी सीमांत लागत को कम करें।
Incorrect
उत्तर: b)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा है कि वह सिस्टम में तरलता की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की राशि के लिए लक्षित लॉन्ग टर्म रेपो ऑपरेशंस (LTRO) का उपयोग करेगा।
LTRO एक ऐसा उपकरण है जिसके तहत केंद्रीय बैंक प्रचलित रेपो दर पर बैंकों को एक वर्ष से तीन वर्ष तक के लिए धन उपलब्ध कराता है, जिसके लिए सरकारी प्रतिभूतियों को संपार्श्विक के रूप में स्वीकार किया जाता है।
यह LAF और MSF से कैसे भिन्न है?
जहाँ आरबीआई के तरलता समायोजन सुविधा (Liquidity Adjustment Facility: LAF) और सीमांत स्थायी सुविधा (Marginal Standing Facility: MSF) के वर्तमान उपकरणों द्वारा बैंकों को उनकी तत्काल जरूरतों के लिए 1-28 दिनों के लिए धन उपलब्ध होता है, वहीं LTRO के तहत 1 से 3 वर्ष के लिए धन उपलब्ध होता है।
LTRO ने RBI को यह सुनिश्चित करने में मदद की है कि बैंक नीतिगत दरों को कम किए बिना धन-आधारित उधार दर की अपनी सीमांत लागत को कम करें।
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Question 3 of 5
3. Question
चालू खाता परिवर्तनीयता (Current account convertibility) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- चालू खाता परिवर्तनीयता का अर्थ है वस्तु और अदृश्य मदों में व्यापार के लिए घरेलू मुद्रा को विदेशी मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता।
- रुपए के लिए चालू खाता परिवर्तनीयता के तहत, एक निर्यातक भारत में बाजार आधारित विनिमय दर पर एक वस्तु के निर्यात से प्राप्त विदेशी मुद्रा बेच सकता है।
- भारत में आंशिक चालू खाता परिवर्तनीयता ही लागू है, ताकि देश में आयात को सीमित किया जा सके।
उपर्युक्त कथनों में से कौनसे सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
चालू खाता परिवर्तनीयता का अर्थ है वस्तु और अदृश्य मदों (सेवाओं, निवेश से आय या आय) में व्यापार के लिए घरेलू मुद्रा को विदेशी मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता। व्यक्ति और संस्थाएं विदेशी मुद्रा बाजार में मुद्राओं को बदल सकते हैं।
चालू खाता परिवर्तनीयता मुद्रा परिवर्तनीयता का एक हिस्सा है।
जब रुपये के लिए चालू खाता परिवर्तनीयता होती है, तो एक निर्यातक अमेरिकी डॉलर (या अन्य विदेशी मुद्रा) बेच सकता है जिसको उसने भारत में बाजार आधरित विनिमय दर पर एक कमोडिटी के निर्यात से प्राप्त किया है। इसका अर्थ है कि कोई विनिमय नियंत्रण (विदेशी मुद्रा नियंत्रण) नहीं है। इसी प्रकार, जब एक आयातक रुपये का आदान-प्रदान करके भारत के विदेशी मुद्रा बाजार से विदेशी मुद्रा खरीदता है, तो यह चालू खाता परिवर्तनीयता कहलाता है।
भारत में, 20 अगस्त, 1993 से पूर्ण चालू खाता परिवर्तनीयता लागू है।
Incorrect
उत्तर: a)
चालू खाता परिवर्तनीयता का अर्थ है वस्तु और अदृश्य मदों (सेवाओं, निवेश से आय या आय) में व्यापार के लिए घरेलू मुद्रा को विदेशी मुद्रा में परिवर्तित करने की स्वतंत्रता। व्यक्ति और संस्थाएं विदेशी मुद्रा बाजार में मुद्राओं को बदल सकते हैं।
चालू खाता परिवर्तनीयता मुद्रा परिवर्तनीयता का एक हिस्सा है।
जब रुपये के लिए चालू खाता परिवर्तनीयता होती है, तो एक निर्यातक अमेरिकी डॉलर (या अन्य विदेशी मुद्रा) बेच सकता है जिसको उसने भारत में बाजार आधरित विनिमय दर पर एक कमोडिटी के निर्यात से प्राप्त किया है। इसका अर्थ है कि कोई विनिमय नियंत्रण (विदेशी मुद्रा नियंत्रण) नहीं है। इसी प्रकार, जब एक आयातक रुपये का आदान-प्रदान करके भारत के विदेशी मुद्रा बाजार से विदेशी मुद्रा खरीदता है, तो यह चालू खाता परिवर्तनीयता कहलाता है।
भारत में, 20 अगस्त, 1993 से पूर्ण चालू खाता परिवर्तनीयता लागू है।
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Question 4 of 5
4. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- हेडलाइन मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था के भीतर मुद्रास्फीति का एक मापक है, जिसमें कमोडिटी भी शामिल है जो अधिक अस्थिर होती है और मुद्रास्फीति के प्रति प्रवण होती हैं।
- हेडलाइन मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था की मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति की सटीक स्थिति को प्रदर्शित करती है क्योंकि क्षेत्र-विशिष्ट मुद्रास्फीति अधिक बनी रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
हेडलाइन मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था के भीतर कुल मुद्रास्फीति का एक मापक है, जिसमें खाद्य और ऊर्जा की कीमतें (जैसे, तेल और गैस) जैसी वस्तुएं शामिल होती हैं, जो अत्यधिक अस्थिर होती हैं और मुद्रास्फीति के प्रति प्रवण होती हैं।
हेडलाइन मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था की मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति की सटीक स्थिति को प्रदर्शित नहीं कर सकती है क्योंकि क्षेत्र-विशिष्ट मुद्रास्फीति के अधिक बने रहने की संभावना नहीं होती है।
Incorrect
उत्तर: b)
हेडलाइन मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था के भीतर कुल मुद्रास्फीति का एक मापक है, जिसमें खाद्य और ऊर्जा की कीमतें (जैसे, तेल और गैस) जैसी वस्तुएं शामिल होती हैं, जो अत्यधिक अस्थिर होती हैं और मुद्रास्फीति के प्रति प्रवण होती हैं।
हेडलाइन मुद्रास्फीति एक अर्थव्यवस्था की मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति की सटीक स्थिति को प्रदर्शित नहीं कर सकती है क्योंकि क्षेत्र-विशिष्ट मुद्रास्फीति के अधिक बने रहने की संभावना नहीं होती है।
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Question 5 of 5
5. Question
निम्नलिखित में से कौन-सी भारत सरकार की पूंजीगत प्राप्तियों का हिस्सा हैं।
- आरबीआई और जनता से सरकार द्वारा लिया गया ऋण
- सरकार द्वारा किए गए निवेश पर प्राप्त लाभांश
- विनिवेश प्राप्तियां
- ट्रेजरी बिलों की बिक्री के माध्यम से सरकार को प्राप्त उधार
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
पूंजीगत प्राप्तियां सरकार द्वारा जनता से प्राप्त ऋण होती हैं, जिन्हें बाजार ऋण कहा जाता है, ट्रेजरी बिलों की बिक्री के माध्यम से रिजर्व बैंक और अन्य पार्टियों से सरकार द्वारा प्राप्त उधार, विदेशी सरकारों और निकायों से प्राप्त ऋण, विनिवेश प्राप्तियां तथा राज्य और केंद्र शासित सरकारों और अन्य पार्टियों से ऋणों की प्राप्ति और वसूलियां।
राजस्व बजट में सरकार की राजस्व प्राप्तियां (कर राजस्व और अन्य राजस्व जैसे ब्याज, सरकार द्वारा किए गए निवेश पर प्राप्त लाभांश, और सरकार द्वारा प्रदान की गई सेवाओं से प्राप्त अन्य प्राप्तियां) और व्यय शामिल होते हैं।
Incorrect
उत्तर: b)
पूंजीगत प्राप्तियां सरकार द्वारा जनता से प्राप्त ऋण होती हैं, जिन्हें बाजार ऋण कहा जाता है, ट्रेजरी बिलों की बिक्री के माध्यम से रिजर्व बैंक और अन्य पार्टियों से सरकार द्वारा प्राप्त उधार, विदेशी सरकारों और निकायों से प्राप्त ऋण, विनिवेश प्राप्तियां तथा राज्य और केंद्र शासित सरकारों और अन्य पार्टियों से ऋणों की प्राप्ति और वसूलियां।
राजस्व बजट में सरकार की राजस्व प्राप्तियां (कर राजस्व और अन्य राजस्व जैसे ब्याज, सरकार द्वारा किए गए निवेश पर प्राप्त लाभांश, और सरकार द्वारा प्रदान की गई सेवाओं से प्राप्त अन्य प्राप्तियां) और व्यय शामिल होते हैं।








