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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 12 October

 

विषय – सूची

सामान्य अध्ययन-II

1. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

2. स्‍वामित्‍व योजना

3. विश्व बैंक ‘बीटन ऑर ब्रोकन? इन्फॉर्मैलिटी एंड कोविड-19 इन साउथ एशिया’ रिपोर्ट

4. चीन का ऋण-जाल कूटनीति

 

सामान्य अध्ययन-III

1. कोविड-19 हेतु ‘फेलूदा’ परीक्षण

2. दिल्ली सरकार द्वारा बैटरी-चालित वाहनों के लिए ‘कर-माफी’ हेतु अधिसूचना जारी

3. ‘ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. स्काल इंटरनेशनल एशिया एरिया (SIAA)

2. ‘10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट’ अभियान

3. गोवा, पहला ‘हर घर जल’ राज्य घोषित

4. भाई तारू सिंह

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005


(The Right to Information ActRTI Act)

संदर्भ:

12 अक्टूबर को ‘सूचना का अधिकार अधिनियम’ (The Right to Information ActRTI Act) लागू होने के 15 वर्ष पूरे हुए है।

आरटीआई अधिनियम के कार्य-निष्पादन पर एक नजर:

  • वर्तमान में, केंद्रीय और राज्य सूचना आयोगों के समक्ष 2 लाख से अधिक मामले लंबित हैं। केंद्रीय और राज्य सूचना आयोग, विधि के अंतर्गत अपील हेतु अंतिम न्यायलय हैं।
  • लंबित मामलों की बढ़ती हुई संख्या का मुख्य कारण आयोगों में कार्य-बल की कमी है, यहाँ तक कि, केंद्रीय सूचना आयोग (Central Information Commission- CIC) में भी अगस्त माह से केंद्रीय सूचना आयुक्त का पद रिक्त है।
  • सर्वाधिक लंबित अपीलें, 59,000 से अधिक मामले, महाराष्ट्र में है, इसके बाद लंबित अपीलों के मामले में उत्तर प्रदेश (47,923) और केंद्रीय सूचना आयोग (35,653) का स्थान है।

आरटीआई अधिनियम, 2005 के बारे में

सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई अधिनियम), 2005 नागरिकों के ‘सूचना के अधिकार’ संबंधी नियमों और प्रक्रियाओं को निर्धारित करता है।

  • सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 द्वारा पूर्ववर्ती ‘सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम’ (Freedom of Information Act), 2002 को प्रतिस्थापित किया गया है।
  • यह अधिनियम, भारतीय संविधान में प्रदत्त मूल अधिकार ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ को सशक्त करने हेतु अधिनियमित किया गया था। चूंकि, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत ‘वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ के अधिकार में ‘सूचना का अधिकार’ निहित है, अतः यह एक अंतर्निहित मौलिक अधिकार है।

मुख्य प्रावधान:

  • आरटीआई अधिनियम की धारा 4 के तहत प्रत्येक सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा सूचना के स्वतः प्रकाशन का प्रावधान किया गया है।
  • धारा 8 (1) में आरटीआई अधिनियम के तहत सूचना प्रदान करने संबंधी छूट का उल्लेख किया गया है।
  • धारा 8 (2) के अंतर्गत सार्वजनिक हित में महत्वपूर्ण होने पर सरकारी गोपनीयता अधिनियम’ (Official Secrets Act), 1923 के तहत छूट प्राप्त जानकारी के प्रकाशन हेतु प्रावधान किया गया है।

सूचना आयुक्त एवं लोक सूचना अधिकारी:

  • अधिनियम में केंद्रीय और राज्य स्तर पर सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है।
  • सार्वजनिक प्राधिकरणों द्वरा अपने कुछ अधिकारियों को ‘लोक सूचना अधिकारी’ (Public Information OfficerPIO) के रूप में नियुक्त किया जाता है। ये अधिकारी, आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी मागने वाले व्यक्ति को जानकारी देने के लिए उत्तरदायी होते हैं।

समय सीमा:

सामान्य तौर पर, लोक प्राधिकारी द्वारा आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर किसी आवेदक को सूचना प्रदान करना अनिवार्य होता है।

  • यदि माँगी जाने वाली सूचना, किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से संबंधित होती है, तो उसे 48 घंटों के भीतर प्रदान किया जायेगा।
  • यदि आवेदन को सहायक लोक सूचना अधिकारी के माध्यम से भेजा जाता है अथवा गलत लोक प्राधिकारी को भेजा जाता है, तो सूचना प्रदान करने हेतु निर्धारित तीस दिनों या 48 घंटों की अवधि में, जैसा भी मामला हो, पांच दिन का अतिरिक्त समय जोड़ा जाएगा ।

‘सूचना के अधिकार अधिनियम’ का अनुप्रयोग

निजी निकाय (Private bodies):

  • निजी निकाय, प्रत्यक्षतः ‘सूचना के अधिकार अधिनियम’ के दायरे में नहीं आते हैं।
  • सरबजीत रॉय बनाम दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के एक फैसले में, केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा अभिपुष्टि की गयी कि, निजीकृत लोकोपयोगी कंपनियां (Privatised Public Utility Companies) आरटीआई के दायरे में आती हैं।

राजनीतिक दल:

केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के अनुसार, राजनीतिक दल ‘सार्वजनिक प्राधिकरण’ (Public Authorities) हैं तथा आरटीआई अधिनियम के तहत नागरिकों के प्रति जवाबदेह हैं।

  • किंतु, अगस्त 2013 में सरकार द्वारा ‘सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक पेश किया गया, जिसमे राजनीतिक दलों को अधिनियम के दायरे से बाहर करने का प्रावधान किया गया है।
  • वर्तमान में कोई भी राजनीतिक दल आरटीआई कानून के अंतर्गत नहीं है, हालांकि और सभी राजनीतिक दलों को आरटीआई अधिनियम के तहत लाने के लिए एक मामला दायर किया गया है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश:

13 नवंबर 2019 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश पद को सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे में लाने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा गया।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. अधिनियम के तहत लोक प्राधिकरण की परिभाषा
  2. अधिनियम के तहत अपवाद
  3. मुख्य सूचना आयुक्त के बारे में
  4. राज्य सूचना आयुक्त
  5. सार्वजनिक सूचना अधिकारी
  6. नवीनतम संशोधन

मेंस लिंक:

आरटीआई अधिनियम, 2005 के महत्व पर चर्चा करें।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।

स्‍वामित्‍व योजना


चर्चा का कारण

हाल ही में, प्रधान मंत्री द्वारा स्‍वामित्‍व योजना के तहत संपत्ति कार्ड के वितरण का शुभारंभ किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत लगभग एक लाख संपत्ति धारक अपने मोबाइल फोन पर एसएमएस के माध्यम से संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे तथा यह ग्रामीणों को ऋण और अन्य वित्तीय लाभ लेने हेतु ‘संपत्ति कार्ड’ को वित्तीय संपत्ति के रूप में उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

स्‍वामित्‍व योजना के बारे में

‘स्‍वामित्‍व योजना’ का पूरा नाम ग्रामीण क्षेत्रों में तात्कालिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से गांवों का सर्वेक्षण एवं मानचित्रण योजना’ (‘Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas’ (SVAMITVA) scheme) है।

  • इस योजना का आरंभ प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस वर्ष अप्रैल में किया गया था।
  • इसका उद्देश्य ग्रामीण भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन करना, ग्रामीण परिवारों को स्वामित्व का रिकॉर्ड प्रदान करना और संपत्ति कार्ड जारी करना था।
  • यह पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक केंद्रीय योजना है।
  • यह योजना ड्रोन-तकनीक का उपयोग करते हुए ग्रामीण-आबाद भूमि का मानचित्रण करने पर केंद्रित है, क्योंकि गावों में अधिकाँश भूमि-अभिलेख गलत हो जाते हैं तथा भारत के काफी क्षेत्रों के भूमि-अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं।

संपत्ति कार्ड:

ड्रोन-मैपिंग द्वारा उपलब्ध करायी गयी सटीक मापों का उपयोग करके राज्यों द्वारा गांव में प्रत्येक संपत्ति के लिए एक संपत्ति कार्ड तैयार किया जाएगा। ये कार्ड संपत्ति मालिकों को दिए जाएंगे और इनके लिए भूमि राजस्व अभिलेख विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त होगी।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. पंचायती राज दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
  2. योजना के अनुसार, संपत्ति कार्ड कौन जारी करता है?
  3. योजना के तहत विभिन्न लाभ
  4. योजना को लागू करने के लिए नोडल मंत्रालय

मेंस लिंक:

स्‍वामित्‍व योजना के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

विश्व बैंक ‘बीटन ऑर ब्रोकन? इन्फॉर्मैलिटी एंड कोविड-19 इन साउथ एशिया’ रिपोर्ट


(World Bank “Beaten or Broken? Informality and COVID-19 in South Asia” report)

संदर्भ:

हाल ही में विश्व बैंक द्वारा ‘बीटन ऑर ब्रोकन? इन्फॉर्मैलिटी एंड कोविड-19 इन साउथ एशिया’  नामक एक रिपोर्ट जारी की गयी है। इस रिपोर्ट में बच्चों पर कोविड के कारण स्कूलों के बंद होने के प्रभाव का विश्लेषण किया गया है।

मुख्य निष्कर्ष:

  • दक्षिण एशिया क्षेत्र में स्कूल बंद होने से वर्तमान परिदृश्य में 622 बिलियन अमरीकी डालर या लगभग निराशावादी परिदृश्य में USD 880 बिलियन अमरीकी डालर तक का नुकसान हो सकता है।
  • हालंकि क्षेत्रीय स्तर पर होने वाला सर्वाधिक नुकसान काफी हद तक भारत द्वारा संचालित है, फिर भी दक्षिण एशिया क्षेत्र के सभी देशों के सकल घरेलू उत्पाद में पर्याप्त कमी आयेगी।
  • कोविड-19 का विनाशकारी प्रभाव संपूर्ण दक्षिण एशिया क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं पर मंडरा रहा है, तथा दक्षिण एशिया वर्ष 2020 में क्षेत्रीय स्तर पर सबसे खराब मंदी का सामना करने की कगार पर है।
  • सभी दक्षिण एशियाई देशों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद किये जाने से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा में 391 मिलियन छात्रों को स्कूल से बाहर रखा गया है, जिससे शिक्षण-अध्ययन संबंधी संकट को हल करने के प्रयासों को और अधिक जटिल हो गए है।
  • महामारी के कारण 5 मिलियन छात्र शिक्षा प्रणाली से बाहर हो सकते हैं तथा यह शिक्षा के लाभ से वंचित हो सकते हैं, जिसका छात्रों की इस पीढ़ी की उत्पादकता पर जीवन-पर्यंत प्रभाव पड़ेगा।
  • दक्षिणी एशिया क्षेत्र में, 6.5 LAYS से 6.0 LAYS तक गिर कर, 0.5 शिक्षा समायोजित स्कूली वर्षों (learning-adjusted years of schooling- LAYS) की अनुमानित हानि होगी, जोकि पढाई की उन्नति के लिए बहुत बड़ा झटका होगी।
  • घरेलू श्रम आय संबंधी देश के आंकड़ों के आधार पर, दक्षिण एशिया में एक औसत बच्चे को जीवन भर की कमाई में 4,400 अमरीकी डॉलर का नुकसान हो सकता है, जो कि एक बार श्रम बाजार में प्रवेश करने के बाद, कुल कमाई का 5 प्रतिशत के बराबर होगा

लर्निंग एडजस्टेड इयर ऑफ स्कूलिंग‘ (LAYS) अवधारणा क्या है?

  • विश्व बैंक द्वारा प्रस्तुत, शिक्षा समायोजित स्कूली वर्ष (learning-adjusted years of schooling- LAYS) का उद्देश्य अभिगम्यता एवं शिक्षा परिणामों को एक ही मापदण्ड में संयोजित करना है।
  • यह, समाज में मानव पूंजी के एकल सारांश माप में मात्रा (स्कूली शिक्षा के वर्ष) और गुणवत्ता (किसी दिए गए ग्रेड स्तर पर बच्चे ने कितना सीखा है) को एक साथ जोड़ती है।

कोविड-19 श्रम उत्पादकता को किस प्रकार प्रभावित करेगा?

  • वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं का बढ़ता एकीकरण कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव में वृद्धि करेगा।
  • संक्रामक रोकथाम और भौतिक दूरी कुछ गतिविधियों, जैसे कि आतिथ्य क्षेत्र, को अलाभकारी उद्योग में परिवर्तित कर सकती है। इससे बचने के लिए इन गतिविधियों में मौलिक रूप से सुधार करना होगा, जिसमे पर्याप्त समय लगेगा।
  • गंभीर रूप से आय में नुकसान होने के कारण प्रशिक्षण, स्कूली शिक्षा और अन्य शिक्षा बाधित हुई है, जिससे एक बार प्रतिबंध समाप्त होने के बाद भी लंबी अवधि तक मानव पूंजी और श्रम उत्पादकता कम रहेगी।

भारतीय परिदृश्य:

स्कूलों के लंबे समय तक बंद रहने से देश के भविष्य में होने वाली कमाई में 400 बिलियन अमरीकी डॉलर से अधिक का नुकसान हो सकता है, इसके अलावा शिक्षा की पर्याप्त हानि हो सकती है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. विश्व बैंक की विभिन्न रिपोर्ट्स।
  2. ‘लर्निंग एडजस्टेड इयर ऑफ स्कूलिंग’ (LAYS) अवधारणा क्या है?

मेंस लिंक:

रिपोर्ट द्वारा उजागर की गई चुनौतियों का समाधान करने के तरीके सुझाएं।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

चीन का ऋण-जाल कूटनीति


(China’s Debt-trap diplomacy)

संदर्भ:

हाल ही में, चीन द्वारा श्रीलंका को $ 90 मिलियन का अनुदान दिए जाने की घोषणा की गयी है।

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने देश में आए हुए एक चीनी प्रतिनिधिमंडल से चीन द्वारा वित्तपोषित मेगा-परियोजनाओं को एक ‘ऋण-जाल’ (Debt Traps) के रूप में विकसित हो रही धारणा को खारिज करने में सहायता माँगी थी, इसके प्रत्युत्तर में चीन द्वारा उपरोक्त घोषणा की गयी।

चर्चा का विषय

चीन, विश्व में अपना प्रभाव बढाने तथा भारत के पड़ोसी देशों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए वित्तीय कर्ज के साधनों का उपयोग कर रहा है, जिससे राष्ट्र को समक्ष राजनीतिक और सुरक्षा संबधी खतरों की मात्रा बढ़ रही है।

चीन की ऋण जाल कूटनीति किस प्रकार कार्य करती है?

  1. विश्व भर में तेजी से राजनीतिक और आर्थिक बढ़त हासिल करने के लिए, चीन विकासशील देशों को रियायती ऋण के रूप में अरबों डॉलर का वितरण करता है, जिसमे अधिकांशतः बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए होते है।
  2. ये विकासशील राष्ट्र, जो मुख्यतः निम्न- अथवा मध्यम-आय वाले देश हैं तथा ऋण का समय पर पुनर्भुगतान करने में असमर्थ होते हैं, जिससे बीजिंग को ऋण-राहत के बदले रियायत अथवा अन्य लाभों की मांग करने का मौका मिलता है।

ऋण-जाल में देश किस प्रकार फस जाते हैं?

चीन, कर्ज राहत के बदले कई लाभों अथवा रियायतों की मांग करता है।

  • श्रीलंका को, बीजिंग द्वारा दिए गए भारी कर्ज में डूब जाने के बाद, 99 वर्षों के लिए हंबनटोटा बंदरगाह परियोजना का नियंत्रण चीन को सौंपने के लिए विवश किया गया था। इससे चीन को एक प्रमुख वाणिज्यिक और सैन्य जलमार्ग पर रणनीतिक स्थिति तथा अपने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी भारत के द्वार पर अवस्थित एक प्रमुख बंदरगाह पर नियंत्रण प्राप्त हो गया।
  • चीन ने, राहत के बदले में, जिबूती (Djibouti) में अपना पहला सैन्य अड्डा बनाया। जबकि अंगोला कच्चे तेल की आपूर्ति करके चीन को कई अरब डॉलर का कर्ज चुका रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी समस्या पैदा हो रही है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा क्या है?
  2. कलादान मल्टीमॉडल प्रोजेक्ट क्या है?
  3. ‘बेल्ट एंड रोड पहल’ क्या है?
  4. हंबनटोटा बंदरगाह कहाँ है?
  5. ग्वादर और चाबहार बंदरगाह कहाँ स्थित हैं?

मेंस लिंक:

चीन की कर्ज-जाल कूटनीति क्या है? भारत क्यों चिंतित है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

कोविड-19 हेतु फेलूदापरीक्षण


(What is the ‘Feluda’ test for Covid-19?)

फेलूदा, FNCAS9 Editor Linked Uniform Detection Assay (Feluda) का संक्षिप्त रूप है।

  • यह 30 मिनट से भी कम समय में कोविड-19 का सटीकता से पता लगाने हेतु एक कम लागत वाला पेपर स्ट्रिप टेस्ट’ (Paper Strip Test) है।
  • इसे भारतीय औषधि महानियंत्रक (Drug Controller General of India– DCGI) द्वारा वाणिज्यिक रूप से शुरू करने के लिए अनुमोदित किया गया है।
  • फेलूदा टेस्ट को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) और टाटा समूह द्वारा विकसित किया गया है।

क्रियाविधि

यह कोविड19 के मूल वायरस SARS-CoV2 की आनुवंशिक पदार्थों को पहचानने और से लक्षित करने के लिए स्वदेशी रूप से विकसित CRISPR जीन-एडिटिंग तकनीक (CRISPR gene-editing technology) का उपयोग करता है।

महत्व

  • CSIR के अनुसार, इस परीक्षण के परिणाम सटीकता में RT-PCR परीक्षणों के समान है।
  • इस परीक्षण का प्रतिवर्तन काल (Turnaround Time) काफी तीव्र है और इसके लिए कम खर्चीले उपकरण की आवश्यकता होती है।
  • फेलूदापरीक्षण को TATA CRISPER परीक्षण भी कहा जाता है, तथा यह कोविड-19 वायरस का सफलतापूर्वक पता लगाने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित Ca9 प्रोटीन का प्रयोग करने वाला विश्व का पहला नैदानिक ​​परीक्षण परीक्षण भी है।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. फेलुदा परीक्षण क्या है?
  2. CRISPR तकनीक क्या है?
  3. RT-PCR टेस्ट क्या है?
  4. कोविड -19 से संबंधित अन्य परीक्षण।

मेंस लिंक:

COVID-19 के लिए फेलुदा टेस्ट क्या है? यह किस प्रकार किया जाता है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

दिल्ली सरकार द्वारा बैटरी-चालित वाहनों के लिए ‘करमाफी’ हेतु अधिसूचना जारी


(Delhi issues notification on tax waiver for battery vehicles)

संदर्भ:

हाल ही में, दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicle-EV) नीति के तहत बैटरी-चालित वाहनों हेतु रोड टैक्स पर पूर्ण छूट देने हेतु ‘राजपत्रित अधिसूचना’ जारी की गयी है।

दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति का अवलोकन:

  • पिछले महीने, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद और उपयोग को बढ़ावा देने हेतु दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2020 जारी की गयी थी।
  • इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2024 तक शहर में 5 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकृत करना है।

नीति की प्रमुख विशेषताएं:

  1. इस नीति का लक्ष्य वर्ष 2024 राष्ट्रीय राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को 25% तक करना है। वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन केवल 0.29% है।
  2. इसके अंतर्गत, दोपहिया वाहनों, ऑटो, ई-रिक्शा और मालवाहक वाहनों के लिए 30,000 रु. तक का तथा कारों के लिए 1.5 लाख तक की सब्सिडी दी जायेगी।
  3. सरकार इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स के लिए कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध करायेगी।
  4. नीति को लागू करने के लिए एक ‘ईवी सेल’ (EV Cell) को स्थापित किया जाएगा।
  5. सरकार एक राज्य इलेक्ट्रिक वाहन बोर्ड का गठन करेगी।
  6. एक वर्ष में 200 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए तीन किलोमीटर के दायरे में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध सके।
  7. दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ‘स्क्रैपिंग प्रोत्साहन’ देगी।

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स्रोत: द हिंदू

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट


संदर्भ:

भारत के आठ सागर तटों को अंतर्राष्ट्रीय, गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी संगठन, ‘फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन’ (The Foundation for Environmental Education- FEE), डेनमार्क द्वारा प्रतिष्ठित “अंतरराष्ट्रीय ईको लेबल ब्लू फ्लैग प्रमाणपत्र” प्रदान किया गया है, जिसमे कर्नाटक के दो समुद्र तट सम्मिलित किये गए हैं। ये हैं:

  1. उत्तर कन्नड़ में होन्नावर के निकट कासरकोड समुद्र तट।
  2. उडुपी के निकट पदुबद्री तट।

पृष्ठभूमि:

हाल ही में, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा देश के 13 समुद्री तटों के लिए ’ब्लू फ्लैग’ प्रमाणन हेतु एक कार्यक्रम शुरू किया गया है।

ब्लू फ्लैग कार्यक्रम के बारे में:

समुद्र तटों तथा मरीना (marinas) के लिए ब्लू फ्लैग कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय, गैर-सरकारी, गैर-लाभकारी संगठन, फाउंडेशन फॉर एनवायरमेंटल एजुकेशन (The Foundation for Environmental EducationFEE) द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम का आरम्भ फ्रांस में वर्ष 1985 में किया गया था तथा वर्ष 1987 से यूरोप में लागू किया गया। वर्ष 2001 से इस कार्यक्रम में दक्षिण अफ्रीका सम्मिलित हुआ, यह इसमें भाग लेने वाला यूरोप के बाहर का पहला देश है।

ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट क्या है?

‘ब्लू फ्लैग’ समुद्र तट, एक ईको-टूरिज़्म मॉडल है जो पर्यटकों को नहाने के लिये स्वच्छ जल, सुविधाओं, सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के साथ क्षेत्र के सतत् विकास को बढ़ावा देने वाले समुद्र तटों को चिह्नित करता है।

ब्लू फ्लैग’ हेतु मानदंड

ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण हेतु लगभग 33 मानदंडो को पूरा करना आवश्यक होता है, जिनमे पानी की गुणवत्ता के कुछ मानक मानकों को पूरा करना, अपशिष्ट निपटान की सुविधा होना, विकलांग अनुकूलित होना, प्राथमिक चिकित्सा उपकरण और मुख्य क्षेत्रों में पालतू जानवरों का प्रवेश नहीं होना आदि सम्मिलित हैं।

प्रमुख तथ्य:

  • ‘ब्लू फ्लैग’ प्राप्त सर्वाधिक समुद्र तटों (566) के साथ स्पेन शीर्ष स्थान पर है; इसके पश्चात क्रमशः ग्रीस (515) और फ्रांस (395) का स्थान है।
  • भारत में ओडिशा के कोणार्क तट का ‘चंद्रभागा बीच’, ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाणन प्रक्रिया को पूरा करने वाला पहला समुद्री तट है।

क्या ‘ब्लू फ्लैग’ प्रमाणपत्र केवल समुद्र तटों के लिए दिया जाता है?

  • नहीं, यह समुद्र तट, मरीना (Marina) अथवा संवहनीय नौका विहार पर्यटन ऑपरेटर को दिया जा सकता है।
  • मूल रूप से, ब्लू फ्लैग एक ट्रेडमार्क है।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. ब्लू फ्लैग प्रमाणीकरण के बारे में
  1. कार्यक्रम किसके द्वारा शुरू किया गया है?
  2. भारत और एशिया का ब्लू फ्लैग टैग पाने वाला का पहला सागर तट
  3. सर्वाधिक ब्लू फ्लैग सागर तटों वाला देश

मेंस लिंक:

ब्लू फ्लैग कार्यक्रम पर एक टिप्पणी लिखिए।

स्रोत: द हिंदू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


स्काल इंटरनेशनल एशिया एरिया (SIAA)

(Skål International Asia Area)

चर्चा का कारण

केन्द्रशासित प्रदेश, जम्मू और कश्मीर वर्ष 2021 में होने वाली 50वीं वार्षिक ‘स्काल इंटरनेशनल एशिया एरिया (Skål International Asia AreaSIAA) कांग्रेस की मेजबानी करेगा।

प्रमुख बिंदु:

  • वर्ष 1934 में स्थापित, स्काल इंटरनेशनल (Skål International) एकमात्र व्यावसायिक संगठन है, जो वैश्विक पर्यटन और मैत्री को प्रोत्साहित करते हुए पर्यटन उद्योग के सभी क्षेत्रों को एकजुट करता है।
  • यह दुनिया भर में पर्यटन, व्यवसाय और मैत्री को बढ़ावा देने वाले ‘पर्यटन पेशेवरों’ का विश्व में सबसे बड़ा वैश्विक नेटवर्क है।
  • इसके सदस्य पर्यटन क्षेत्र के निदेशक और कार्यकारी अधिकारी होते हैं जो पारस्परिक हितों से संबंधित विषयों का समाधान करने तथा व्यापार नेटवर्क में सुधार और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने हेतु एक-दूसरे से जुड़े होते हैं।
  • यह विश्व पर्यटन संगठन (World Tourism OrganizationUNWTO) का एक संबद्ध सदस्य है।
  • स्काल इंटरनेशनल, प्रति वर्ष एक अलग देश में एक वार्षिक विश्व कांग्रेस का आयोजन करता है।

‘10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट’ अभियान

यह दिल्ली सरकार द्वारा ‘डेंगू-मच्छरों’ से बचाव के लिए चलाया जा रहा अभियान है।

  • इस अभियान के अंतर्गत दिल्ली निवासियों से – 1 सितंबर से 15 नवंबर तक – प्रत्येक रविवार को 10 मिनट, मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए जमा साफ पानी की जांच कर साफ-सफाई करने का आह्वाहन किया गया है।

गोवा, पहला ‘हर घर जल’ राज्य घोषित

  • गोवा देश का पहला ‘हर घर जल राज्य’ बन गया है, राज्य में हर ग्रामीण घर में नल का जल कनेक्शन प्रदान किया गया है।
  • राज्य ने दो लाख 30 हजार ग्रामीण परिवारों को नल का जल कनेक्शन प्रदान किया है।

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भाई तारू सिंह

संदर्भ: 300 वीं जयंती

कौन थे भाई तारू सिंह?

  • वह एक महान सिख शहीद थे, इनका जन्म वर्ष 1720 में हुआ था और इन्हें अपने जीवन का बलिदान करने के लिए जाना जाता था।
  • भाई तारु सिंह ने सिख मूल्यों की रक्षा के नाम पर, अपने सिर के बाल कटवाकर इस्लाम अपनाने के बदले, अपना सिर कटवा दिया था।

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