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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 9 October

विषय- सूची

 सामान्य अध्ययन-II

1. नव विकास बैंक (NDB)

 

सामान्य अध्ययन-III

1. ज्ञान सर्किल वेंचर्स

2. स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम अभिसमय

3. वर्गीकृत प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) क्या है?

4. एक घोषित विदेशी नागरिक कौन होता है?

5. TRP क्या है? इसमें हेरफेर क्यों किया गया?

  

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. विश्व कपास दिवस

2. त्वरित कार्यवाई बल

3. इंटरनेशनल बारकोड ऑफ लाइफ (iBOL) क्या है?

4. नोबेल साहित्य पुरस्कार

5. कोविड-19 उचित व्यवहार पर जन आन्दोलन

6. वायु सेना दिवस, 8 अक्टूबर

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएँ, एजेंसियां ​​एवं फोरम, उनकी संरचना, जनादेश।

नव विकास बैंक (NDB)


सन्दर्भ:

नव विकास बैंक ने भारत में 741 मिलियन डॉलर की अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

नव विकास बैंक के बारे में:

यह ब्रिक्स राष्ट्रों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) द्वारा संचालित एक बहुपक्षीय विकास बैंक है।

  • 2013 में दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित 5वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स नेताओं द्वारा इस पर सहमति व्यक्त की गई थी।
  • इसे 2014 में ब्राजील के फोर्टालेजा में आयोजित 6वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्थापित किया गया था।
  • इस बैंक की स्थापना विश्व के पांच उभरते बाजारों में अधिक से अधिक वित्तीय और विकासात्मक सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए की गई है।
  • इसका मुख्यालय शंघाई, चीन में स्थित है।

2018 में NDB ने संयुक्त राष्ट्र के साथ सक्रिय और फलदायी सहयोग के लिए एक शक्तिशाली आधार स्थापित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त किया।

मतदान:

विश्व बैंक के विपरीत, जो पूंजी शेयर के आधार पर मत प्रदान करता है, नव विकास बैंक में प्रत्येक भागीदार देश को एक मत सौंपा गया है एवं किसी भी देश के पास वीटो शक्ति नहीं है।

भूमिकाएँ और कार्य:

बैंक वैश्विक प्रगति एवं विकास के लिए बहुपक्षीय और क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों के मौजूदा प्रयासों के एक अनुपूरक के रूप में ब्रिक्स एवं अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे और धारणीय विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाएगी।

BRICS

प्रीलिम्स लिंक:

  1. NDB- सदस्य और मतदान शक्तियाँ
  2. यह कहां निवेश कर सकती है?
  3. भारत में एनडीबी वित्त पोषित परियोजनाएं कौन-कौन सी हैं?
  4. फोर्टालेजा घोषणा किससे संबंधित है?
  5. NDB की स्थापना कब की गई थी?
  6. NDB बनाम विश्व बैंक बनाम AIIB

मेंस लिंक:

NDB के उद्देश्यों और महत्व पर चर्चा कीजिए।

 स्त्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी- विकास एवं दैनिक जीवन में उनके अनुप्रयोग और प्रभाव। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीयों की उपलब्धियां; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण एवं नवीन तकनीकों का विकास।

ज्ञान सर्किल वेंचर्स:


सन्दर्भ:

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने हाल ही में आभासी रूप से (वर्चुअली) ज्ञान सर्किल वेंचर्स का उद्घाटन किया।

ज्ञान सर्किल वेंचर्स क्या हैं?

ये टेक्नोलॉजी बिजनेस इन्क्यूबेटर्स (TBI) हैं।

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा वित्त पोषित हैं।

  • भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, श्री सिटी (चित्तूर), आंध्र प्रदेश द्वारा नेतृत्व किया जायेगा।

प्रमुख विशेषताएं:

  • ज्ञान सर्किल वेंचर्स प्रौद्योगिकी इन्क्यूबेशन एवं उद्यमियों के विकास (TIDE 2.0) के लिए एक इन्क्यूबेशन केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
  • ये निवेश, बुनियादी ढांचे और परामर्श के माध्यम से विभिन्न चरणों में सहायता प्रदान करके नवाचार और स्टार्टअप के लिए एक केंद्र के रूप में काम करेंगे।

प्रीलिम्स और मेन्स लिंक:

इन उपक्रमों की स्थापना, उद्देश्य और महत्व।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण एवं क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन।

 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम अभिसमय:


सन्दर्भ:

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (POPs) पर स्टॉकहोम अभिसमय के अंतर्गत सूचीबद्ध सात रसायनों के अनुसमर्थन को स्वीकृति दे दी है।

 य़े सात रसायन हैं:

  1. क्लोरडेकोन (Chlordecone)
  2. हेक्साब्रोमो बाईफिनाइल (Hexabromobiphenyl)
  3. हेक्साब्रोमो डाईफिनाइल ईथर एवं हेप्टाब्रोमो डाईफिनाइल ईथर (Hexabromo diphenyl ether and Heptabromo diphenyl ether)
  4. टेट्राब्रोमो डाईफिनाइल ईथर एवं पेंटाब्रोमो डाईफिनाइल ईथर (Tetrabromo diphenyl ether and Pentabromo diphenyl ether)
  5. पेंटाक्लोरो बेंज़ीन (Penta chlorobenzene)
  6. हेक्साब्रोमो साइक्लोडोडेकेन (Hexabromocyclododecane)
  7. हेक्साक्लोरो ब्यूटाडाइन (Hexachlorobutadiene)

 भारत के लिए लाभ:

अनुसमर्थन प्रक्रिया राष्ट्रीय कार्यान्वयन योजना (NIP) को अद्यतन करने के लिए वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) के वित्तीय संसाधनों तक भारत की पहुंच सुनिश्चित करेगी।

 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम अभिसमय के बारे में:

इसे 2001 में हस्ताक्षरित किया गया था, जो मई 2004 से प्रभाव में आया (कम से कम 50 हस्ताक्षरकर्ता राज्यों द्वारा अनुसमर्थन के 90 दिन बाद)

इसका उद्देश्य स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों (POPs) के उत्पादन और उपयोग को समाप्त करना अथवा प्रतिबंधित करना है।

 स्थायी कार्बनिक प्रदूषक क्या हैं?

1995 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की गवर्निंग काउंसिल ने स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर वैश्विक कार्रवाई करने का आह्वान किया, इसके अनुसार “स्थायी कार्बनिक प्रदूषक ऐसे रासायनिक पदार्थ हैं, जो पर्यावरण में स्थायी रूप से बने रहते हैं, खाद्य जाल के माध्यम से जैव-संचित होते हैं, और मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालने का खतरा उत्पन्न करते हैं।” 

 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों की विशिष्टता:

  • स्थायी कार्बनिक प्रदूषक लिपोफिलिक होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे जीव-जंतुओं एवं मनुष्यों के वसीय ऊतक में संचित होते हैं।
  • वसीय ऊतकों में सांद्रता, पृष्ठभूमि के स्तर से 70 000 गुना अधिक तक बढ़ सकती है।
  • खाद्य श्रृंखला के आगे बढ़ने पर स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों की सांद्रता में भी वृद्धि होती है। इस कारण खाद्य श्रृंखला के शीर्ष स्तर पर स्थित जीव-जंतु जैसे मछली, शिकारी पक्षी, स्तनधारी, और मानवों में इन रसायनों की सांद्रता सर्वाधिक होती है।

 स्टॉकहोम अभिसमय के अंतर्गत 12 प्रारंभिक स्थायी कार्बनिक प्रदूषक:

प्रारंभ में मनुष्यों और पारिस्थितिक तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले 12 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों को चिन्हित किया गया था और उन्हें 3 श्रेणियों में रखा जा सकता है:

  1. कीटनाशक: एल्ड्रिन, क्लोर्डेन, डीडीटी, डाइएल्ड्रिन, एंड्रीन, हेप्टाक्लोर, हेक्साक्लोरो बेंज़ीन, मिरेक्स, टॉक्सैफिन;
  2. औद्योगिक रसायन: हेक्साक्लोरोबेंजीन, पॉलीक्लोरिनेटेड बाईफिनाइल (PCBs); तथा
  3. उप-उत्पाद: हेक्साक्लोरोबेंजीन; पॉलीक्लोरिनेटेड डाईबेंज़ो-पी-डाईऑक्सिन एवं पॉलीक्लोरिनेटेड डाईबेंजोफ्यूरेन (PCDD/PCDF), और पॉलीक्लोरिनेटेड बाईफिनाइल (PCBs)

 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों के स्रोत:

  • कृषि रसायन एवं औद्योगिक रसायनों का अनुचित उपयोग और /अथवा निपटान।
  • अति उच्च तापमान और दहन प्रक्रिया।
  • औद्योगिक प्रक्रियाओं अथवा दहन से उत्पन्न अवांछित उप-उत्पाद।

 क्या यह कानूनी रूप से बाध्यकारी है?

हाँ, अभिसमय के अनुच्छेद 16 में यह प्रावधान है कि अभिसमय द्वारा अपनाए गए उपायों की प्रभावशीलता का नियमित अंतराल पर मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

 स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों से सम्बंधित अन्य अभिसमय:

लंबी दूरी के पारसीमा वायु प्रदूषकों (LRTAP) पर अभिसमय, स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर प्रोटोकॉल।

 प्रीलिम्स लिंक:

  1. स्थायी कार्बनिक प्रदूषक क्या हैं?
  2. स्टॉकहोम अभिसमय किससे संबंधित है?
  3. अभिसमय के उद्देश्य? क्या यह स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों को समाप्त करने अथवा उन्हें प्रतिबंधित करने का प्रयास करती है?
  4. क्या यह कानूनी रूप से बाध्यकारी है?
  5. स्थायी कार्बनिक प्रदूषक, जिन्हें सूचीबद्ध किया गया है?
  6. वैश्विक पर्यावरण सुविधा क्या है?

 मेंस लिंक:

स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम अभिसमय के महत्व पर चर्चा कीजिए।

 स्रोत: पीआईबी

 

विषय: संरक्षण से संबंधित मुद्दे

वर्गीकृत प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) क्या है?


सन्दर्भ:

पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान को 15 अक्टूबर से वर्गीकृत प्रतिक्रिया कार्य योजना की “बहुत खराब” एवं “गंभीर” श्रेणी वायु गुणवत्ता के अंतर्गत वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों को लागू करने का निर्देश दिया है।

वर्गीकृत प्रतिक्रिया कार्य योजना (Graded Response Action Plan) क्या है?

2016 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित।

इस योजना को पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) द्वारा तैयार किया गया था।

यह केवल एक आपातकालीन उपाय के रूप में ही कार्य करती है।

  • इस प्रकार, इस कार्य योजना में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा औद्योगिक, वाहन और दहन उत्सर्जन से निपटने के लिए वर्ष भर अपनायी जाने वाली कार्रवाई शामिल नहीं है।
  • जब वायु की गुणवत्ता ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ हो जाती है, तो कार्य योजना में सूचीबद्ध उपायों का पालन किया जाना आवश्यक होता है।

योजना का अवलोकन:

  • योजना के अनुसार दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान (NCR क्षेत्रों) में 13 विभिन्न एजेंसियां कार्रवाई एवं परस्पर समन्वय करती हैं।
  • सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार इन सभी एजेंसियों के शीर्ष पर पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण स्थित है।
  • किसी भी उपाय को लागू करने से पहले, पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण सभी NCR राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक आयोजित करता है एवं यह निर्धारित करता है कि किस शहर में किस कार्यवाई को लागू किया जायेगा।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. क्या पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण एक वैधानिक निकाय है?
  2. यह कब और क्यों स्थापित किया गया था?
  3. इसकी शक्तियाँ और कार्य
  4. इसकी संरचना
  5. वर्गीकृत प्रतिक्रिया कार्य योजना क्या है?

स्रोत: द हिन्दू

 

विषय: आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दे।

एक घोषित विदेशी नागरिक कौन होता है?


सन्दर्भ:

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने कहा है कि विदेशी घोषित किए गए लोगों को उनके आधारभूत मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा से वंचित करते हुए उन जेलों में नहीं रखा जा सकता है, जिन्हें नज़रबंदी केंद्रों (डिटेंशन सेंटर) के रूप में उपयोग में लाया जाता है।

  • न्यायालय ने असम सरकार को जेल परिसर के बाहर डिटेंशन सेंटर स्थापित करने एवं यदि “उपयुक्त सरकारी आवास इस उद्देश्य के लिए उपलब्ध नहीं हैं” तो “किसी भी निजी परिसर को किराए पर लेने” के सम्बन्ध में उठाए गए कदमों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक नोटिस भी जारी किया है।

घोषित विदेशी नागरिक कौन है?

घोषित विदेशी व्यक्ति वह व्यक्ति है, जिसे राज्य पुलिस की बॉर्डर विंग द्वारा एक अवैध अप्रवासी के रूप में चिह्नित किये जाने के पश्चात् अपनी नागरिकता सिद्ध न कर पाने के कारण उसे “विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण” द्वारा चिह्नित किया गया हो।

विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण क्या है?

1964 में सरकार द्वारा विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण आदेश लाया गया।

संरचना: अधिवक्ता, जिसे कम से कम 7 वर्ष का वकालत का अनुभव हो एवं जिसकी उम्र कम से कम 35 वर्ष हो (अथवा) असम न्यायिक सेवा से सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी (अथवा) असम सिविल सेवा अधिकारियों में से सेवानिवृत्त IAS (कम से कम सचिव / अतिरिक्त सचिव) जो अर्ध-न्यायिक कार्यों में अनुभव रखते हो।

इन न्‍यायाधिकरणों की स्थापना कौन कर सकता है?

गृह मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण आदेश, 1964 में संशोधन किया है, और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जिला मजिस्ट्रेटों को यह अधिकार प्रदान किया है कि वे न्‍यायाधिकरणों (अर्द्ध- न्यायिक निकाय) की स्थापना करें, जो यह निर्धारित करेगा कि भारत में अवैध रूप से निवासित कोई व्यक्ति एक विदेशी है अथवा नहीं।

  • इससे पहले, न्यायाधिकरणों का गठन करने की शक्ति केवल केंद्र सरकार में ही निहित थीं।

न्‍यायाधिकरण में कौन जा सकता है?

संशोधित आदेश (विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण आदेश, 2019) सामान्य व्यक्ति को भी न्‍यायाधिकरण में जाने का अधिकार प्रदान करता है।

  • इससे पहले, केवल राज्य प्रशासन ही एक संदिग्ध के खिलाफ न्‍यायाधिकरण में जा सकता था।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. अवैध प्रवासियों (न्यायाधिकरणों द्वारा निर्धारण) अधिनियम बनाम विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण आदेश, 1964।
  2. इस आदेश के तहत साक्ष्य।
  3. न्‍यायाधिकरण में जाने की शक्ति और न्‍यायाधिकरण द्वारा निर्धारित किये जाने वाले मामले।
  4. न्यायाधिकरण की संरचना।
  5. न्यायाधिकरण बनाम न्यायालय।
  6. असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों की भौगोलिक स्थिति।
  7. शरणार्थी बनाम अवैध प्रवासी।
  8. विदेशियों के लिए उपलब्ध मौलिक अधिकार और अन्य संवैधानिक प्रावधान।
  9. मानवाधिकार बनाम मौलिक अधिकार।

मेंस लिंक:

देश में अवैध गैर-नागरिकों से निपटने के लिए उपलब्ध कानूनों पर संक्षिप्त चर्चा कीजिए। विदेशी नागरिकों के लिए न्‍यायाधिकरण आदेश, 1964 में संशोधन क्यों किया गया? स्पष्ट कीजिए।

स्रोत: द हिन्दू

 

विषय: संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा का आधारभूत ज्ञान; मनी-लॉन्ड्रिंग और इसकी रोकथाम।

TRP क्या है? इसमें हेरफेर क्यों किया गया?

समाचार में क्यों?

मुंबई पुलिस ने आरोप लगाया है कि तीन टेलीविजन चैनल TRP में हेरफेर करने में शामिल हैं।

 टारगेट रेटिंग पॉइंट (TRP) क्या है?

कभी-कभी इसे टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट के नाम से भी जाना जाता है।

यह विपणन और विज्ञापन एजेंसियों द्वारा दर्शकों की संख्या के मूल्यांकन के लिए उपयोग में लायी जाने वाली एक मीट्रिक होती है।

  • TRP यह दर्शाती है कि किसी विशेष अवधि के दौरान कितने लोगों ने, किस सामाजिक-आर्थिक श्रेणी से, किस चैनल को देखा।

इसे कैसे दर्ज किया जाता है?

  • भारत में TRP को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल” (BARC) द्वारा बारमीटर का उपयोग करके दर्ज किया जाता है, जो चुनिंदा घरों में टीवी में स्थापित होते हैं।

आज तक, BARC ने देश भर के 44,000 घरों में ऐसे मीटर स्थापित किये हैं।

इसके अतिरिक्त, प्रसारण से पहले वीडियो सामग्री में ऑडियो वॉटरमार्क को भी लगाया जाता है।

  • ये वॉटरमार्क मानव कान के लिए श्रव्य नहीं होते हैं, लेकिन हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का उपयोग करके इनका आसानी से पता लगाया जा सकता है और उन्हें डिकोड किया जा सकता है। बार-ओ-मीटर की भांति ही वॉटरमार्क में भी दर्शकों की संख्या से सम्बंधित विवरण का पता लगाया जा सकता है।

ये रेटिंग महत्वपूर्ण क्यों हैं?

  • दर्शकों के माप डेटा के आधार पर, रेटिंग्स को टेलीविजन पर विभिन्न कार्यक्रमों को सौंपा जाता है।
  • इसके बदले में टेलीविजन रेटिंग दर्शकों के लिए निर्मित कार्यक्रमों को प्रभावित करती हैं।
  • बेहतर रेटिंग एक कार्यक्रम को बढ़ावा देगी जबकि खराब रेटिंग उस कार्यक्रम को हतोत्साहित करेगी।
  • गलत रेटिंग से उन कार्यक्रमों का निर्माण किया जायेगा, जो वास्तव में लोकप्रिय नहीं हैं जबकि अच्छे कार्यक्रमों को छोड़ दिया जायेगा।
  • इसके अतिरिक्त, TRP विज्ञापनदाताओं के लिए मुख्य मुद्रा है, जो यह तय करती है कि किस चैनल को प्रति-रेटिंग-बिंदु कीमत (CPRP) की गणना करके विज्ञापन देना है।

TRP डेटा में हेराफेरी कैसे हो सकती है?

यदि ब्रॉडकास्टर्स उन घरों को ढूंढ पाते हैं, जहां उपकरण स्थापित किये गए हैं, तो वे या तो अपने चैनल देखने के लिए उन्हें रिश्वत दे सकते हैं, या केबल ऑपरेटरों या मल्टी-सिस्टम ऑपरेटरों को बोल सकते हैं कि टीवी चालू होने पर उनका चैनल “मुख्य पृष्ठ” के रूप में उपलब्ध होना चाहिए।

BARC क्या है?

यह एक उद्योग निकाय है, जिसका स्वामित्व विज्ञापनदाताओं, विज्ञापन एजेंसियों और प्रसारण कंपनियों के पास है एवं इसका प्रतिनिधित्व द इंडियन सोसाइटी ऑफ एडवरटाइज़र्स, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन और एडवरटाइजिंग एजेंसीज़ एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया द्वारा किया जाता है। इसका निर्माण 2010 में किया गया था।

  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारत में टेलीविजन रेटिंग एजेंसियों के लिए 10 जनवरी, 2014 को नीतिगत दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया और इन दिशानिर्देशों के तहत जुलाई 2015 में BARC को पंजीकृत किया, ताकि भारत में टेलीविज़न रेटिंग को आगे बढ़ाया जा सके।

स्रोत: द हिन्दू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


विश्व कपास दिवस:

 7 अक्टूबर 2020 को द्वितीय विश्व कपास दिवस मनाया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन निम्नलिखित संस्थाओं के सचिवालयों के सहयोग से किया गया:

  1. संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO)
  2. संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (UNCTAD)
  3. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार केंद्र (ITC) एवं
  4. अंतर्राष्ट्रीय कपास सलाहकार समिति (ICAC)

 उत्पत्ति: इस कार्यक्रम की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विश्व कपास दिवस की मान्यता प्रदान करने के लिए “कपास -4″ के आधिकारिक आवेदन से हुई है।

  • कपास- 4 देश: बेनिन, बुर्किना फासो, चाड और माली।

प्रमुख बिंदु:

  • इस अवसर पर, केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने भारतीय कपास के लिए पहली बार ब्रांड और लोगो का विमोचन किया।
  • अब विश्व कपास बाजार में भारत के प्रीमियम कपास को ‘कस्तूरी कपास’ के नाम से जाना जाएगा।
  • कस्तूरी कपास ब्रांड सफेदी, चमक, कोमलता, शुद्धता, विशिष्टता और भारतीयता को दर्शाएगी।
  • भारत विश्व में कपास का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक और सबसे बड़ा उपभोक्ता है।
  • भारत में प्रत्येक वर्ष लगभग 6 मिलियन टन कपास का उत्पादन होता है, जो विश्व के कुल कपास उत्पादन का लगभग 23% है।
  • विश्व के कुल जैविक कपास उत्पादन का लगभग 51% भाग भारत में उत्पादित किया जाता है, जो धारणीयता के प्रति भारत के प्रयासों को दर्शाता है।

cotton

 त्वरित कार्यवाई बल (रैपिड एक्शन फ़ोर्स): 

  • यह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का एक विशेष अनुभाग है।
  • इसका गठन अक्टूबर 1992 में किया गया था।
  • कार्य: दंगों अथवा दंगे जैसे हालातों से निपटना, भीड़ नियंत्रण, बचाव और राहत अभियान, एवं संबंधित कार्य।
  • इसका आदर्श वाक्य “संवेदनशील पुलिसिंग के साथ मानवता की सेवा” है।

समाचारों में क्यों?

त्वरित कार्यवाई बल की 28 वीं वर्षगांठ।

इंटरनेशनल बारकोड ऑफ लाइफ (iBOL) क्या है? 

इंटरनेशनल बारकोड ऑफ लाइफ (iBOL) का मिशन एक वैश्विक विज्ञान के रूप में डीएनए बारकोडिंग अनुसंधान को संगठित करना है।

  • निवेश और उत्तरदायित्वों के विभिन्न स्तरों के साथ 26 देशों में विस्तृत एक अनुसंधान गठबंधन के माध्यम से, iBOL बारकोड ऑफ लाइफ डाटा सिस्टम (BOLD) के भौगोलिक और वर्गीकृत कवरेज का सफलतापूर्वक विस्तार कर रहा है।
  • 2010 में, iBOL ने प्रथम चरण के लिए अपने प्रमुख लक्ष्य को प्राप्त किया है: अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से BOLD में 5 लाख प्रजातियों से सम्बंधित रिकॉर्ड दर्ज किये गये।
  • iBOL शोधकर्ताओं का समग्र कार्य नमूनों को एकत्रित करना और उनके डीएनए अनुक्रमों को वैश्विक प्रजातियों की पहचान के लिए उपयोग में लाये जाने वाले संदर्भ पुस्तकालय में व्यवस्थित करना है।

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 नोबेल साहित्य पुरस्कार:

अमेरिकी कवियित्री लुईस ग्लुक ने 2020 का नोबेल साहित्य पुरस्कार जीता है।

  • इससे पहले, सुश्री ग्लुक ने 1993 में पुलित्जर पुरस्कार और 2014 में राष्ट्रीय पुस्तक पुरस्कार जीता है।
  • वह पिछले एक दशक में नोबेल साहित्य पुरस्कार जीतने वाली चौथी महिला हैं।

मुख्य बातें- साहित्य में नोबेल पुरस्कार:

  • साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया जाता है।
  • स्थान- स्टॉकहोम, स्वीडन।
  • स्वीडिश अकादमी द्वारा प्रदान किया जाता है।

 कोविड-19 उचित व्यवहार पर जन आन्दोलन:

आगामी त्योहारों और सर्दियों के मौसम के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के खोले जाने के मद्देनजर हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रारम्भ किया गया।

  • उन्होंने कोरोना से लड़ने के लिए लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे हमेशा मास्क पहनें, हाथ धोयें, ‘दो गज की दूरी’ बनाए रखते हुए सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करना याद रखें।
  • कोरोना के अधिक मामलों वाले जिलों में केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों और राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा क्षेत्र-विशिष्ट लक्षित संचार के साथ एक समेकित कार्य योजना भी लागू की जाएगी।

वायु सेना दिवस, 8 अक्टूबर: 

  • 8 अक्टूबर को वायु सेना दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भारत में वायु सेना को यूनाइटेड किंगडम के रॉयल एयर फोर्स के सहायक बल के रूप में आधिकारिक तौर पर शामिल किया गया था।
  • प्रथम ऑपरेशनल स्क्वाड्रन अप्रैल 1933 में अस्तित्व में आया। द्वितीय विश्व युद्ध में भाग लेने के पश्चात् 1940 के मध्य में भारतीय वायु सेना को रॉयल इंडियन एयर फोर्स कहा जाने लगा।
  • 1950 में गणतंत्र के अस्तित्व में आने के पश्चात् यह भारतीय वायु सेना बन गयी।

भारतीय वायु सेना अब विश्व में चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है


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