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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 1 अक्टूबर 2020

 

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सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. भारत में ब्रिटिश शासन को सुविधाजनक बनाने और आगे बढ़ाने में भारतीय सिविल सेवाओं की भूमिका का आकलन कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: आधुनिक भारतीय इतिहास: बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 आकलन कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सर्वकालिक और तात्कालिक दोनों महत्त्व को स्पष्ट करते हुए उसकी सारगर्भित उपयोगिता बताइये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय सिविल सेवाओं की पृष्ठभूमि और भारतीय इतिहास में इसके पदार्पण का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

 विषय वस्तु:

उन कारकों की व्याख्या कीजिए, जिन्होंने सिविल सेवाओं के भारतीयकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समझाइए कि भारत में ब्रिटिश शासन को सुविधाजनक बनाने में भारतीय सिविल सेवाओं ने क्या भूमिका निभाई। 

समझाइए कि इसने भारत में ब्रिटिश शासन को कैसे आगे बढ़ाया।

 निष्कर्ष:

इसके प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।

2. भक्ति आंदोलन के उन मूल सिद्धांतों का वर्णन कीजिए जो मौजूदा सामाजिक व्यवस्था और मूल्यों को परिभाषित करते हैं। कबीर और नानक का भारतीय समाज और संस्कृति पर क्या प्रभाव पड़ा? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय कला और संस्कृति: नितिन सिंघानिया

निर्देशक शब्द:

 वर्णन कीजिये ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भक्ति आंदोलन पर संक्षेप में चर्चा करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

उन मूल सिद्धांतों पर चर्चा कीजिए जिन्होंने तत्कालीन सामाजिक व्यवस्था एवं मूल्यों में सुधार करने का मार्ग प्रशस्त किया।

 कबीर एवं नानक दोनों के बारे में संक्षेप में बताइये।

 समझाइए कि उन्होंने भारतीय समाज एवं संस्कृति को कैसे प्रभावित किया।

 निष्कर्ष:

इनके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय। द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

3. “ग्लोबल कॉमन्स” क्या हैं? वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए वैश्विक कॉमन्स को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण क्यों है? विस्तार से समझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम “ग्लोबल कॉमन्स” को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:  

उनकी विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

ग्लोबल कॉमन्स को नियंत्रित करने से संबंधित मुद्दों पर चर्चा कीजिए।

इनसे सम्बंधित चुनौतियों पर भी प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

4. कार्बन कर से आप क्या समझते हैं? वर्तमान समय में विशेष रूप से भारत के लिए इसके लाभों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम कार्बन कर को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि किस प्रकार कार्बन पर कर लगाना, व्यापक रूप से उत्सर्जन में कमी को प्राप्त करने के लिए सबसे अधिक लागत प्रभावी और लचीले माध्यम के रूप में देखा जाता है।

चर्चा कीजिए कि वैश्विक रूप से इस बात पर आम सहमति है कि कार्बन मूल्य निर्धारण, अनुकूल उत्सर्जन मार्गों की सुविधा प्रदान करेगा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी में निवेश और नवाचार को बढ़ाएगा, वित्त पोषण के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों की उपलब्धि को बढ़ावा देगा, कमजोर समुदायों के समर्थन के लिए राजस्व उत्पन्न करेगा, कम कार्बन उत्सर्जन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं के आर्थिक प्रभावों का प्रबंधन करेगा, पर्यावरणीय, स्वास्थ्य, आर्थिक और सामाजिक सह-लाभ उत्पन्न करेगा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभ से लेकर कम वायु प्रदूषण एवं हरित रोजगार सृजन के अवसर उत्पन्न करेगा।

भारत के संदर्भ में उपर्युक्त पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. सिंचाई के जल का अवैज्ञानिक रूप से उपयोग भारत में अनेक प्रकार की पारिस्थितिक समस्याओं को जन्म दे रहा है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

निर्देशक शब्द:

 स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में सिंचाई के वर्तमान परिदृश्य का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में सिंचाई के जल के अवैज्ञानिक उपयोग से सम्बंधित विभिन्न कारकों, जैसे- निम्न सिंचाई क्षमता, खराब जल प्रबंधन; अप्रभावी भूजल नीति; विद्युत् आदि पर भारी सब्सिडी इत्यादि पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

सिंचाई के जल के अवैज्ञानिक उपयोग के बारे में संक्षेप में बताइए। इससे उत्पन्न पारिस्थितिक खतरों को सूचीबद्ध कीजिए।

निष्कर्ष:

उपयुक्त समाधान के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

 6. क्या कारण, जुनून का गुलाम है? चर्चा कीजिए एवं अपनी राय प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: plato.stanford.edu

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

उद्धरण के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।

विषय वस्तु:

नीतिशास्त्र में ह्यूम का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो उनके मन के अनुभवजन्य सिद्धांत पर आधारित है। प्रमुख सिद्धांत: (1) कारण अकेले इच्छा का एक प्रेरक नहीं हो सकता है, बल्कि यह “जुनून का दास” है (2) नैतिक विशिष्टता, कारण से उत्पन्न नहीं होती है।

जुनून बनाम कारण अवधारणा पर चर्चा कीजिए।

उदाहरणों के साथ उपर्युक्त की प्रासंगिकता को स्पष्ट करते हुए अपनी राय प्रस्तुत कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. “आक्रोश से मुक्ति प्राप्त करना महत्वपूर्ण है।” महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत के संदर्भ में चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम प्रश्न के संदर्भ को स्पष्ट कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस तथ्य का सुझाव देते हुए प्रारब्ध कीजिए कि आज के समय में सामान्य से अधिक, आक्रोश से मुक्ति प्राप्त करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यही महात्मा गांधी की अहिंसा को संभव बनाता है।

संदर्भित लेख की सहायता से महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत पर प्रकाश डालिये।

ऐसे उदाहरण प्रस्तुत कीजिए जो आज के समय में इसकी प्रासंगिकता को दर्शाते हैं।

निष्कर्ष:

इसके महत्व को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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