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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 29 September

 

विषय- सूची

सामान्य अध्ययन-II

1. कैट क्यू वायरस (Cat Que Virus)

2. नवीन रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 (DAP 2020)

3. भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013

 

सामान्य अध्ययन-III

1. भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों के लिए बढ़ी हुई उधार सीमा का विस्तार किया है।

2. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माताओं के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना क्या है?

3. हाइड्रोजन से समृद्ध संपीड़ित प्राकृतिक गैस (HCNG)

4. भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO)

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD)

2. रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)

3. उमंग (UMANG)

4. अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप

5. हिमालयन चंद्र टेलिस्कोप

 


सामान्य अध्ययन- II


 

विषय: स्वास्थ्य से सम्बंधित मुद्दे

 कैट क्यू वायरस


(Cat Que virus)

 सन्दर्भ:

वैज्ञानिकों ने भारत को एक और वायरसकैटक्यू वायरस से आगाह किया हैजिसे चीन में बड़े पैमाने पर रिपोर्ट किया गया है और जिससे भारत में रोग उत्पन्न होने की सम्भावना है।

चीन और वियतनाम में क्यूलेक्स मच्छरों और सूअरों में इस वायरस की उपस्थिति दर्ज की गई है।

 कैट क्यू वायरस क्या है?

यह ऑर्थोपोडाजनित वायरस (आर्बोवायरस) में से एक है।

प्रसार:

इसका प्राकृतिक रोगवाहक मच्छर होता है।

कैट क्यू वायरस के प्राथमिक स्तनधारी रोगवाहक घरेलू सूअर होते हैं।

भारत अधिक असुरक्षित क्यों है?

रोगवाहकों की उपलब्धता, प्राथमिक स्तनधारी रोगवाहक (सूअर) और जंगली मैना से कैट क्यू वायरस की पुष्टि हुई है।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (NIV), पुणे के शोधकर्ताओं ने विभिन्न भारतीय राज्यों से लिए गए 883 मानव सीरम नमूनों में से दो में वायरस के लिए एंटीबॉडी प्राप्त किया है, जो यह दर्शाता है कि लोग कुछ हद तक वायरस के संपर्क में आये हैं।

मनुष्यों पर प्रभाव:

यह मनुष्यों में ज्वर की बीमारी, मेनिन्जाइटिस और बाल चिकित्सा इन्सेफेलाइटिस का कारण बन सकता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. कैट क्यू वायरस के बारे में।
  2. रोगवाहक।
  3. यह विश्व भर में कहाँ पाया गया है?
  4. आर्बोवायरस क्या हैं?

मेंस लिंक:

कैट क्यू वायरस क्या है? यह कैसे फैलता है? चर्चा कीजिए।

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स्रोत: लाइव मिंट

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

नवीन रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2020 (DAP 2020)


सन्दर्भ:

हाल ही में रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 जारी की गयी, जो पूंजी बजट से रक्षा उपकरणों की खरीद को नियंत्रित करेगी।

  • 1 अक्टूबर से यह नवीन नीति, 2016 की रक्षा खरीद प्रक्रिया का स्थान लेगी।

नवीन नीति की मुख्य विशेषताएं:

  1. स्वदेशी कंपनियों के लिए आरक्षण:

नीति में स्वदेशी कम्पनियों के लिए अनेक खरीद श्रेणियां आरक्षित की गयी हैं।

  • रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 एक भारतीय विक्रेता को एक ऐसी कंपनी के रूप में परिभाषित करता है, जिसका स्वामित्व और नियंत्रण भारतीय निवासी नागरिकों के पास है एवं जिसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 49 प्रतिशत से अधिक नहीं है।
  1. नई खरीद (भारत में वैश्विकविनिर्माण) श्रेणी:

यह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ भारत में विनिर्मित करने के आशय से की गयी विदेशी खरीद के समग्र अनुबंध मूल्य के कम से कम 50 प्रतिशत भाग के स्वदेशीकरण को निर्धारित करता है।

  • स्वदेशीकरण की आवश्यकताओं की पूर्ती करने के क्रम में, यह विक्रेता को विदेशों में तैयार किए गए अधिकांश उपकरणों की आपूर्ति करने के स्थान पर भारत में उपकरण बनाने के लिए बाध्य करेगा।
  1. अधिकाधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग:

यह लाइसेंस के तहत भारत में निर्मित उपकरणों सहित हथियारों और सैन्य खरीद के उपकरणों में अधिक से अधिक स्वदेशी सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देता है। अधिकांश अधिग्रहण श्रेणियों में, रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2016 की तुलना में रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 में 10 प्रतिशत अधिक स्वदेशीकरण के अनुबंध शामिल हैं।

  1. स्वदेशी सामग्री का मापन:

अब स्वदेशी सामग्री की गणना आधार अनुबंध मूल्य पर की जाएगी, जिसे कुल अनुबंध मूल्य में से करों एवं शुल्कों के मूल्य को घटाकर प्राप्त किया जाता है।

  1. आयात व्यापार प्रतिषेध सूची:

विगत माह में सरकार द्वारा प्रवर्तित 101 मदों की “आयात व्यापार प्रतिषेध सूची” को रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 में भी विशेष रूप से शामिल किया गया है।

(व्यापार प्रतिषेध एक सरकारी आदेश होता है, जो एक निर्दिष्ट देश से व्यापार अथवा विशिष्ट वस्तुओं के आदान-प्रदान को प्रतिबंधित करता है।)

  1. ऑफसेट देयता:

सरकार ने यह निर्धारित किया है कि यदि अंतरसरकारी समझौते (IGA), सरकारसेसरकार अथवा प्रारंभिक एकल विक्रेता के माध्यम से सौदा किया जाता है, तो सरकार रक्षा उपकरणों की खरीद में ऑफसेट क्लॉज का प्रावधान नहीं रखेगी।

  • ऑफसेट क्लॉज़ के प्रावधान के तहत एक विदेशी विक्रेता के लिए यह आवश्यक होता है की वह अनुबंध मूल्य के एक भाग का निवेश भारत में करे।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. ऑफसेट देयता क्या है?
  2. आधार अनुबंध मूल्य क्या है?

मेंस लिंक:

इस नीति के महत्व पर चर्चा कीजिए।

स्रोत: पीआईबी

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013


समाचारों में क्यों?

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शरद ए. बोबडे ने संविधान पीठ द्वारा दिए गए एक भूमि अधिग्रहण निर्णय की अभ्रांतता पर सवाल उठाया है, जिसका नेतृत्व उनके पूर्व सहयोगी, न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने किया था।

CJI द्वारा किये गए महत्वपूर्ण महत्वपूर्ण अवलोकन:

इस निर्णय ने सरकार को कई पहलुओं में “शिथिलता” का उपहार दिया, जिसे संसद ने 2013 के अधिनियम के तहत प्रदान करने की कोशिश भी नहीं की थी।

  • निर्णय में यह निर्दिष्ट नहीं किया गया था कि सरकार मुआवजे का भुगतान किए बिना अधिग्रहित की गई भूमि पर कितने समय तक कब्ज़ा कर सकती है।

पृष्ठभूमि:

इस वर्ष मार्च में, सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने इंदौर विकास प्राधिकरण मामले में भूमि अधिग्रहण मुआवजा निर्धारण की धारा 24 पर फरवरी 2018 के फैसले की पुनः पुष्टि की थी।

मुद्दा क्या है?

संवैधानिक पीठ का निर्णय 2013 के अधिनियम की धारा 24 (2) की व्याख्या करता है, जो सरकार द्वारा अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के भुगतान से संबंधित थी।

  • यह कहा गया कि जब तक सरकार मुआवजे की राशि का भुगतान राजकोष से नहीं करती है, तब तक अधिग्रहण समाप्त नहीं होगा।
  • अधिग्रहण केवल इसकारण भी समाप्त नहीं होगा कि किसान ने मुआवजे की राशि से इनकार कर दिया है और उच्च राशि का दावा किया है।
  • इसी प्रकार, मुआवजे का भुगतान कर दिया गया हो, लेकिन भूमि पर कब्जा नहीं किया गया हो, तो भी अधिग्रहण समाप्त नहीं होगा।

 अधिग्रहण समाप्त कब होगा?

निर्णय में यह निर्धारित किया गया था कि यदि सरकार 1 जनवरी 2014 से पहले पांच या उससे अधिक वर्षों तक न तो भूमि पर कब्जा करे और न ही भूस्वामी की बकाया मुआवजा राशि का भुगतान करे, केवल तभी अधिग्रहण समाप्त होगा।

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स्रोत: द हिन्दू

 


सामान्य अध्ययन- III


 

विषय: समावेशी विकास एवं उससे उत्पन्न मुद्दे।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों के लिए बढ़ी हुई उधार सीमा का विस्तार किया है।


सन्दर्भ:

 COVID-19 महामारी द्वारा उत्पन्न आर्थिक संकट के कारण, रिज़र्व बैंक ने 31 मार्च, 2021 तक तरलता की कमी को पूरा करने के लिए बैंकों को प्रदान की गई उधार की सुविधा को छह महीने तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

इन उपायों में शामिल हैं:

सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) योजना के तहत अनुसूचित बैंकों के लिए उधार सीमा उनकी शुद्ध मांग और समय देयताओं (NDTL) के 2% से बढ़ाकर 3% कर दी गई, जो 27 मार्च, 2020 से प्रभावी हो गयी है।

प्रभाव:

यह व्यवस्था 1.49 लाख करोड़ तक की राशि तक पहुंच में वृद्धि को दर्शाती है, और यह तरलता कवरेज अनुपात (LCR) के लिए उच्च गुणवत्ता वाली तरल संपत्ति (HQLA) के रूप में भी योग्य है।

MSF क्या है?

MSF के तहत, बैंक, वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) के आधार पर रातोंरात उधार ले सकते हैं।

  • अंतरबैंक तरलता पूर्णतः समाप्त हो जाने की आपातकालीन स्थिति में यह अनुसूचित बैंकों के लिए RBI से रातोंरात धनराशि उधार लेने की एक खिड़की है।
  • यह योजना RBI द्वारा 2011-12 में मौद्रिक नीति में सुधार करते हुए प्रारम्भ की गई थी।
  • यह एक दंडात्मक दर है, जिस पर बैंक उधार सहायता पूर्णतः समाप्त हो जाने की स्थिति में RBI से पैसे उधार ले सकते हैं ।

मुख्य पारिभाषिक शब्द:

शुद्ध माँग और समय देयताएँ (NDTL):

NDTL जनता की कुल मांग और समय देनदारियों (जमा) को संदर्भित करता है जो अन्य बैंकों के साथ बैंकों द्वारा रखी जाती हैं।

उच्चगुणवत्ता वाली तरल संपत्तियों में केवल उन्हीं उच्च क्षमता वाली सम्पतियों को शामिल किया जाता है, जिन्हें आसानी से और शीघ्रता से नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. MSF क्या है?
  2. LAF क्या है? इसे कौन निर्धारित करता है?
  3. SLR क्या है?
  4. NDTL क्या है?
  5. HQLA क्या है?
  6. रेपो रेट और MSF के मध्य क्या अंतर है?

स्रोत: द हिन्दू

 

विषय: उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माताओं के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना क्या है?


सन्दर्भ:

Apple Inc. के तीन शीर्ष अनुबंध निर्माता अगले पाँच वर्षों में भारत में लगभग 900 मिलियन डॉलर का निवेश करने की योजना बना रहे हैं ताकि एक नवीन उत्पादनलिंक्ड प्रोत्साहन योजना का निर्माण किया जा सके।

उत्पादनलिंक्ड प्रोत्साहन योजना के बारे में:

1 अप्रैल को इलेक्ट्रॉनिक्स पर राष्ट्रीय नीति के एक भाग के रूप में अधिसूचित किया गया।

यह योजना घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला में बड़े निवेश को आकर्षित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान करती है।

योजना की मुख्य विशेषताएं:

  • यह योजना भारत में निर्मित वस्तुओं की वृद्धिशील बिक्री (आधार वर्ष पर) पर 4% से 6% तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान करेगी और लक्षित भाग के अंतर्गत योग्य कंपनियों को पांच वर्ष की अवधि के लिए कवर करेगी। जिसमें वित्तीय वर्ष 2019-20 को प्रोत्साहन की गणना के लिए आधार वर्ष माना जायेगा।
  • यह योजना एक नोडल एजेंसी के माध्यम से कार्यान्वित की जाएगी, जो एक परियोजना प्रबंधन एजेंसी (PMA) के रूप में कार्य करेगी और समय-समय पर इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सौंपे गए सचिवीय, प्रबंधकीय और कार्यान्वयन सहायता प्रदान करने और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए उत्तरदायी होगी।

पात्रता:

  • इस योजना के अनुसार, मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियां जो 15,000 रुपये या उससे अधिक की बिक्री करती हैं, उन्हें भारत में बने ऐसे सभी मोबाइल फोन की वृद्धिशील बिक्री पर 6 प्रतिशत तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
  • उसी श्रेणी में, जो कंपनियां भारतीय नागरिकों के स्वामित्व में हैं और ऐसे मोबाइल फोन बनाती हैं, उनके लिए अगले चार वर्षों के लिए प्रोत्साहन 200 करोड़ रुपये रखा गया है।

किस प्रकार के निवेश पर विचार किया जाएगा?           

सभी इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण कंपनियां, जो भारतीय हैं या भारत में एक पंजीकृत इकाई हैं, योजना के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होंगी।

ये कंपनियां या तो एक नई इकाई का निर्माण कर सकती हैं या भारत में एक या अधिक स्थानों से अपनी मौजूदा इकाइयों के लिए प्रोत्साहन मांग कर सकती हैं।

  • हालांकि, परियोजना के लिए भूमि और इमारतों पर कंपनियों द्वारा किए गए सभी निवेशों को किसी भी प्रोत्साहन के लिए योग्य नहीं माना जाएगा या उनके लिए योजना की पात्रता का निर्धारण नहीं किया जाएगा।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. इलेक्ट्रॉनिक्स पर राष्ट्रीय नीति के तहत प्रमुख प्रस्ताव।
  2. उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना- इसकी घोषणा कब की गई थी?
  3. इस योजना के तहत प्रोत्साहन किसके लिए उपलब्ध है?
  4. किस तरह के निवेश पर विचार किया जाएगा?
  5. योजना की अवधि।
  6. इसे कौन क्रियान्वित करेगा?

मेंस लिंक:

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माताओं के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना क्या है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिन्दू

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और दैनिक जीवन पर इसका प्रभाव। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नई प्रौद्योगिकी का विकास।

 हाइड्रोजन से समृद्ध संपीड़ित प्राकृतिक गैस (HCNG)


(Hydrogen-enriched compressed natural gas)

 समाचारों में क्यों?

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने CNG इंजनों में H-CNG (हाइड्रोजन का 18% मिश्रण) के उपयोग की अनुमति दी है।

  • एक मोटर वाहन ईंधन के रूप में H-CNG को शामिल करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में संशोधन के लिए एक अधिसूचना पहले ही प्रकाशित की जा चुकी है।

 पृष्ठभूमि:

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने भी मोटर वाहन के लिए ईंधन के रूप में हाइड्रोजन समृद्ध संपीड़ित प्राकृतिक गैस (H-CNG) के विनिर्देशों (IS 17314: 2019) को विकसित किया है।

 HCNG क्या है?

CNG के साथ हाइड्रोजन का सम्मिश्रण एक मिश्रित गैस प्रदान करता है, जिसे HCNG कहा जाता है।

  • इसका उपयोग गैसोलीन, डीजल ईंधन और प्रोपेन (C3H8) / LPG के स्थान पर किया जा सकता है और इसके दहन से कम अवांछनीय गैसों का उत्पादन होता है।

 HCNG के लाभ:

  • HCNG कार्बन डाई आक्साइड के उत्सर्जन को 70% तक कम करता है।
  • ईंधन में 5% तक की बचत होती है।
  • भविष्य की हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था की दिशा में पहला कदम।
  • इंजनों को NO की कम मात्रा को उत्सर्जित करने के लिए कैलिब्रेट किया जा सकता है।
  • इंजन को HCNG पर चलने के लिए न्यूनतम संशोधन की आवश्यकता होती है।
  • उच्च भार अनुप्रयोगों और भारी वाहनों के लिए आदर्श ईंधन।
  • हाइड्रोजन की अधिक ऑक्टेन रेटिंग के कारण बेहतर प्रदर्शन।

 HCNG का उपयोग करने से सम्बंधित चुनौतियां:

  • सबसे अनुकूलित हाइड्रोजन/ प्राकृतिक गैस अनुपात का निर्धारण करना।
  • HCNG तैयार करने के लिए नवीन अवसंरचना की आवश्यकता है।
  • इसे बड़े पैमाने पर व्यवसायिक बनाने के लिए कई कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
  • हाइड्रोजन की वर्तमान लागत प्राकृतिक गैस की लागत से अधिक है। अतःHCNG की लागत भी CNG से अधिक होगी।

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 स्त्रोत: पीआईबी

 

विषय: मनी लॉन्डरिंग से सम्बंधित मुद्दे

 भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO)


(Fugitive economic offenders)

समाचारों में क्यों?

एक विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर स्टर्लिंग बायोटेक मामले में तीन लोगों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEO) घोषित किया है।

मुद्दा क्या है?

ED स्टर्लिंग बायोटेक और अन्य के खिलाफ CBI द्वारा अक्टूबर 2017 में दर्ज दो FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। एक मामले में, एजेंसियों ने अज्ञात आयकर विभाग के अधिकारियों से संबंधित अज्ञात धन का कथित रूप से अनुमार्गण किया है, जबकि दूसरा मामला 8,100 करोड़ रूपये के बैंक ऋण अप्राप्ति से संबंधित है।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी कौन है?

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के अनुसार एक ऐसा व्यक्ति, जिसके खिलाफ कम से कम 100 करोड़ रुपये अथवा उससे अधिक के आर्थिक अपराध में शामिल होने के कारण गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और जो कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए भारत से भाग गया है, ऐसे व्यक्ति को अपराधी माना जायेगा।

प्रक्रिया:

  1. जांच एजेंसियों द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत एक विशेष अदालत में एक आवेदन दायर किया जाता है, जिसमें संपत्तियों को जब्त किये जाने और व्यक्ति के ठिकाने से सम्बंधित अन्य जानकारी शामिल होती हैं।
  2. विशेष न्यायालय, व्यक्ति को एक निर्दिष्ट स्थान पर और नोटिस के जारी होने से कम से कम छह सप्ताह की तिथि पर उपस्थित होने के लिए एक नोटिस जारी करेगा।
  3. यदि व्यक्ति उपस्थित होता है, तो कार्यवाही समाप्त कर दी जाएगी। यदि उपस्थित नहीं होता है, तो जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया जाएगा।
  4. जिस व्यक्ति को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, वह भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 के अनुसार इस प्रकार की घोषणा के 30 दिनों के भीतर उच्च न्यायालय में उद्घोषणा को चुनौती दे सकता है।

 प्रीलिम्स लिंक:

  1. भगोड़ा आर्थिक अपराधी कौन है?
  2. प्रवर्तन निदेशालय की संरचना और शक्तियां
  3. सीबीआई की स्थापना और शक्तियां
  4. धन शोधन निवारण अधिनियम क्या है?
  5. भगोड़ा आर्थिक अपराध अधिनियम का अवलोकन

मेंस लिंक:

भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम के महत्व एवं उसके प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा कीजिए।

स्त्रोत: द हिन्दू

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) 

  • यह विश्व में सबसे अग्रणी थिएटर प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है एवं भारत में अपनी तरह का एकमात्र संस्थान है।
  • इसे संगीत नाटक अकादमी द्वारा 1959 में अपनी एक घटक इकाई के रूप में स्थापित किया गया था।
  • 1975 में यह एक स्वतंत्र संस्था बन गई और इसे 1860 के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत एक स्वायत्तशासी संगठन के रूप में पंजीकृत किया गया। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा इसे वित्तपोषित किया जाता है।
  • 1999 से प्रारम्भ किया गया भारत रंग महोत्सव अथवा राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का वार्षिक रंगमंच उत्सव है। इसे एशिया के सबसे बड़े थिएटर महोत्सव के रूप में स्वीकार किया जाता है, जो पूर्णतः थिएटर को समर्पित है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC)

 इसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री करते हैं।

कार्य: DAC दीर्घकालिक खरीद योजनाओं के आधार पर अधिग्रहण के लिए नीतिगत दिशानिर्देश जारी करने के लिए उत्तरदायी है। यह सभी अधिग्रहणों को अनुमति देती है, जिसमें आयातित और स्वदेशी रूप से या विदेशी लाइसेंस के तहत उत्पादित, दोनों प्रकार के अधिग्रहण को शामिल किया जाता है।

  • कारगिल युद्ध (1999) के पश्चात, राष्ट्रीय सुरक्षा प्रणाली में सुधारपर मंत्रियों के एक समूह की सिफारिशों के पश्चात् 2001 में इसका गठन किया गया था।

 उमंग (UMANG)

UMANG (यूनिफाइड मोबाइल एप्लिकेशन फॉर न्यूएज गवर्नेंस) को भारत में मोबाइल गवर्नेंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस विभाग (NeGD) द्वारा विकसित किया गया है।

  • UMANG, केंद्र से लेकर स्थानीय सरकारी निकायों और अन्य नागरिक केंद्रित सेवाओं तक सभी भारतीय नागरिकों की अखिल भारतीय ई-गवर्नेंस सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए एक एकल मंच प्रदान करता है।

अल्ट्रावायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (UVIT)

  • UVIT एक उल्लेखनीय 3-इन-1 इमेजिंग टेलीस्कोप है, जो एक साथ दृश्यमान, निकटपराबैंगनी (NUV) और दूरपराबैंगनी (FUV) स्पेक्ट्रम का अवलोकन करता है।
  • यह भारत के प्रथम बहु-तरंगदैर्ध्य खगोलीय वेधशाला एस्ट्रोसैट के पांच पेलोड में से एक है।
  • इसकी बेहतर स्थानिक रिज़ॉल्यूशन क्षमता ने खगोलविदों को आकाशगंगाओं में तारा निर्माण की जांच करने के साथ-साथ स्टार क्लस्टर्स के कोर का समाधान ढूंढने में भी सक्षम बनाया है (पिछले NASA मिशन, GALEX से 3 गुना बेहतर) ।
  • UVIT ने हाल ही में पृथ्वी से लगभग 10 बिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित एक आकाशगंगा की खोज की है, जो अत्यधिक मात्रा में पराबैंगनी विकिरण उत्सर्जित करती है, जिससे अंतरिक्षीय माध्यम को आयनित किया जा सकता है।

समाचारों में क्यों?

इसने 28 सितंबर 2020 को खगोलीय पिंडों की इमेजिंग करते हुए आकाश में पांच वर्ष का अभियान पूरा किया है।

 हिमालयन चंद्र टेलिस्कोप

  • इस टेलिस्कोप को लद्दाख में भारतीय खगोलीय वेधशाला के भीतर स्थापित किया गया है।
  • यह 2 मीटर व्यास का ऑप्टिकलइन्फ्रारेड टेलिस्कोप है।
  • इस टेलीस्कोप का उपयोग अतिरिक्त सौरमंडलीय ग्रहों का अवलोकन करने के लिए किया जाता है और यह हमारे सौर मंडल में घूमने वाले धूमकेतु और क्षुद्रग्रहों की भी खोज करता है।
  • इसे भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बैंगलोर द्वारा सुदूर संचालित किया जाता है।
  • इसे अनुसंधान तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शिक्षा केंद्र (CREST) ​​से प्राप्त एक समर्पित उपग्रह संचार लिंक का उपयोग करके संचालित किया जाता है।

 समाचारों में क्यों?

यह टेलिस्कोप अपना 20 वां जन्मदिवस मना रहा है।

 


पहले कवर किया गया लेख:


NSCN-K पर प्रतिबंध:

गृह मंत्रालय ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंडखापलांग (NSCN-K) पर प्रतिबंध को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक “गैरकानूनी संघ” के रूप में अधिसूचित किया है।

  • नागा विद्रोही समूह, चूंकि यह पहली बार 2015 में प्रतिबंधित किया गया था, 104 हिंसक घटनाओं में शामिल रहा है।

गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम पर विस्तृत विवरण:

https://www.insightsonindia.com/2020/09/25/unlawful-activities-prevention-act-7/.


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