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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 29 सितम्बर 2020

 

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।

1. हमारे देश में महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण उनके सामाजिक सशक्तिकरण में आवश्यक रूप से परिणत नहीं होता है। आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: un.org

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रमुख आंकड़ों के साथ देश में महिलाओं की स्थिति को दर्शाइए।

 विषय वस्तु:

आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक सशक्तिकरण दोनों शब्दों को परिभाषित कीजिए। दोनों के मध्य अंतर एवं अन्तर्सम्बन्ध को भी दर्शाइए।

समझाइये कि देश के विकास के लिए महिला आर्थिक सशक्तिकरण देश की सबसे छोटी इकाई अर्थात परिवार से ही प्रारम्भ होना चाहिए।

इस आर्थिक सशक्तिकरण को सामाजिक सशक्तिकरण में परिणत होने के अंतराल की व्याख्या कीजिए।

प्रमुख मुद्दों पर चर्चा कीजिए एवं समाधान के लिए सुझाव भी दीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

2. चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, समता एवं अखंडता को प्रभावित करने वाले मानव संसाधन विकास के लिए नीति एवं आर्थिक नीति के सम्बन्ध में उत्पन्न भ्रम पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में चिकित्सा शिक्षा परिदृश्य को संक्षेप में प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस संबंध में नवीन शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा कीजिए।

 इसकी वास्तविक चुनौतियों को स्पष्ट कीजिए; जैसे- क्रमिक सरकारों को गुणवत्ता और समता के मुद्दों को संबोधित करते हुए तेजी से शैक्षिक अवसरों का विस्तार करने की व्यावहारिक दुविधा का सामना करना पड़ा है।

प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा कीजिए जैसे कि – उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश में असमानता का मूल कारण सभी के लिए अभिगम्य उच्च गुणवत्ता वाली विद्यालय प्रणाली का अभाव है, आदि।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 3. भारत में बच्चों एवं महिलाओं के पोषण की एक तस्वीर प्रस्तुत कीजिए। इस दिशा में प्रारम्भ की गई योजनाओं पर चर्चा कीजिए एवं पोषण अभियान के लक्ष्यों को पूरा करने के उपाय भी सुझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: pib.gov.in

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में महिलाओं और बाल स्वास्थ्य की स्थिति पर चर्चा करते हुए प्रमुख आँकड़े प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि पोषण के सम्बन्ध में जागरूकता में सुधार करना कमजोर वर्गों के जीवन को बेहतर बनाने का एक लंबा रास्ता तय करेगा।

भारत में पोषण से संबंधित प्रमुख योजनाओं पर प्रकाश डालिए।

पोषण अभियान/ राष्ट्रीय पोषण मिशन के लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें प्राप्त करने के अभिनव उपाय भी सुझाइये।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों पर भी चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

4. न्यायपालिका की अखंडता एवं निष्पक्षता और न्यायाधीशों की ईमानदारी पर लोगों का विश्वास संस्थागत प्रगति और विकास के लिए आवश्यक है। इस कथन के संदर्भ में चर्चा कीजिए कि किस प्रकार से भारत के सर्वोच्च न्यायालय को हमारे अधिकारों की रक्षा करने वाला प्रहरी होना चाहिए? (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

समझाइये कि सर्वोच्च न्यायालय को चुनौती देने वाले मुद्दे कौन- कौन से हैं, जो सर्वोच्च न्यायालय के कार्य की प्रकृति को खतरे में डालते हैं।

 विषय वस्तु:

कथन की व्याख्या कीजिए- न्यायपालिका की अखंडता एवं निष्पक्षता और न्यायाधीशों की ईमानदारी पर लोगों का विश्वास संस्थागत प्रगति और विकास के लिए क्यों आवश्यक है। प्रासंगिक उदाहरणों के साथ कथन की पुष्टि कीजिए।

संरक्षक होने के नाते सर्वोच्च न्यायालय की कार्यप्रणाली, उसकी भूमिका एवं उत्तरदायित्वों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि सर्वोच्च न्यायालय को स्पष्ट रूप से सिद्ध करना चाहिए कि वह सभी नागरिकों के मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए एक सतर्क प्रहरी है।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

 5. वैश्विक तापन एवं जलवायु परिवर्तन के मध्य क्या अंतर है? विश्व भर में घटित हाल की घटनाओं में उनके योगदान पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  climate.gov

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

वैश्विक तापन एवं जलवायु परिवर्तन को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रासंगिक उदाहरणों के साथ उनके मध्य अंतर को सारणीबद्ध कीजिए।

हाल ही की घटनाओं में उनके योगदान पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

पृथ्वी और इसके पर्यावरण की धारणीयता को सुनिश्चित करने के लिए इन परिवर्तनों को पहचानने और उन्हें संबोधित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।

 6. “भ्रष्टाचार का उन्मूलन न केवल एक नैतिक अनिवार्यता है अपितु एक आर्थिक आवश्यकता भी है।” टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: darpg.gov.in

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भ्रष्टाचार को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।  

विषय वस्तु:

भ्रष्टाचार के कारणों की व्याख्या कीजिए।

चर्चा कीजिए कि भ्रष्टाचार, नैतिकता की विफलता की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति कैसे है।

समझाइए कि किस प्रकार यह एक नैतिक अनिवार्यता होने के साथ-साथ आर्थिक अनिवार्यता भी है।

 निष्कर्ष:

देश की प्रगति और विकास को सुनिश्चित करने के लिए भ्रष्टाचार की बुराई को दूर करने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

7. नैतिकता की भावना उन नेतृत्वकर्ताओं से ही प्रारम्भ होनी चाहिए, जिन्होंने इसे प्रचारित किया है। शासन के सिद्धांत की पृष्ठभूमि में इस कथन पर चर्चा कीजिए- “यथा राजा तथा प्रजा”। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  newsgram.com

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यथा राजा तथा प्रजा: अपने नीतिशास्त्र में, चाणक्य ने कहा “जैसा शासक करता है, वैसा ही उसके देश के नागरिक भी करते हैं”।

 विषय वस्तु:

नैतिकता के महत्व पर चर्चा कीजिए। 

समझाइये कि नैतिकता की इस भावना को नेतृत्वकर्ताओं द्वारा अपनाया जाना कैसे और क्यों महत्वपूर्ण है ताकि उनके अनुयायियों को भी प्रेरित किया जा सके।

शासन के सिद्धांत- “यथा राजा तथा प्रजा” को विस्तार से समझाइये। उदाहरणों के साथ इस प्रथा को अपनाये जाने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को स्पष्ट करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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