HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
“आत्मसात करने की क्षमता (Absorptive Capacity)” और “वहन क्षमता (Carrying capacity)” शब्दों का प्रयोग किया जाता है
Correct
उत्तर: d)
पर्यावरण चार महत्वपूर्ण कार्य निष्पादित करता है: (i) यह संसाधनों की आपूर्ति करता है: संसाधनों में नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय दोनों संसाधन शामिल हैं। (ii) यह अपशिष्ट को आत्मसात करता है (iii) यह आनुवांशिक और जैव विविधता बढ़ावा देकर जीवन को आधार प्रदान करता है और (iv) यह दृश्यों जैसी सौन्दर्यात्मक सेवाएं भी प्रदान करता है। पर्यावरण इन प्रकार्यों को बिना किसी रुकावट के तब तक करने में सक्षम है जब तक कि इनकी माँग वहन क्षमता के अंदर होती है। इसकी वहन क्षमता के भीतर है। इसका तात्पर्य है कि संसाधन निष्कर्षण संसाधन के सृजन की दर से अधिक नहीं होती है और उत्पन्न अपशिष्ट पर्यावरण की आत्मसात करने की क्षमता के भीतर होती हैं।
आत्मसात क्षमता का अर्थ है कि पर्यावरण की निम्नीकरण को अवशोषित करने की क्षमता।
Incorrect
उत्तर: d)
पर्यावरण चार महत्वपूर्ण कार्य निष्पादित करता है: (i) यह संसाधनों की आपूर्ति करता है: संसाधनों में नवीकरणीय और गैर-नवीकरणीय दोनों संसाधन शामिल हैं। (ii) यह अपशिष्ट को आत्मसात करता है (iii) यह आनुवांशिक और जैव विविधता बढ़ावा देकर जीवन को आधार प्रदान करता है और (iv) यह दृश्यों जैसी सौन्दर्यात्मक सेवाएं भी प्रदान करता है। पर्यावरण इन प्रकार्यों को बिना किसी रुकावट के तब तक करने में सक्षम है जब तक कि इनकी माँग वहन क्षमता के अंदर होती है। इसकी वहन क्षमता के भीतर है। इसका तात्पर्य है कि संसाधन निष्कर्षण संसाधन के सृजन की दर से अधिक नहीं होती है और उत्पन्न अपशिष्ट पर्यावरण की आत्मसात करने की क्षमता के भीतर होती हैं।
आत्मसात क्षमता का अर्थ है कि पर्यावरण की निम्नीकरण को अवशोषित करने की क्षमता।
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Question 2 of 5
2. Question
जैव-उपचार (bio-remediation) कार्यों के लिए उपयोग किए जा सकने वाले बैक्टीरियों में शामिल हैं
- नाइट्रोसोमोनस
- रोडोकॉकस
- पैनीबैसिलस
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
स्यूडोमोनास, माइकोबैक्टीरियम, हीमोफिलस, रोडोकोकस, पैनीबैसिलस और रालस्टोनिया जैसे बैक्टीरियां का इनकी जैव-उपचार (bio-remediation) क्षमता के लिए सबसे व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है।
जैव-उपचार में नाइट्रोसोमोनस का भी उपयोगी किया जाता है।
Incorrect
उत्तर: d)
स्यूडोमोनास, माइकोबैक्टीरियम, हीमोफिलस, रोडोकोकस, पैनीबैसिलस और रालस्टोनिया जैसे बैक्टीरियां का इनकी जैव-उपचार (bio-remediation) क्षमता के लिए सबसे व्यापक रूप से अध्ययन किया गया है।
जैव-उपचार में नाइट्रोसोमोनस का भी उपयोगी किया जाता है।
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Question 3 of 5
3. Question
उत्पादकता में कमी के क्रम में निम्नलिखित में से कौन सा पारिस्थितिकी तंत्रों का सही अनुक्रम है?
Correct
उत्तर: c)
उत्पादन / इकाई क्षेत्र, उत्पादकों की संख्या और विविधता पर निर्भर करता है।
मैंग्रोव विश्व में उच्च उत्पादक क्षेत्रों में से एक है जबकि महासागर में सबसे कम उत्पादकता होती है।
Incorrect
उत्तर: c)
उत्पादन / इकाई क्षेत्र, उत्पादकों की संख्या और विविधता पर निर्भर करता है।
मैंग्रोव विश्व में उच्च उत्पादक क्षेत्रों में से एक है जबकि महासागर में सबसे कम उत्पादकता होती है।
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Question 4 of 5
4. Question
ब्लैक कार्बन के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- इसका निर्माण जीवाश्म ईंधन के अपूर्ण दहन के माध्यम होता है।
- यह अल्प समय के लिए विद्यमान रहने वाला एक जलवायु प्रदूषक है।
- बर्फ पर निक्षेपित होने पर यह बर्फ के तापन की दर को तीव्र कर देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
ब्लैक कार्बन जीवाश्म ईंधन, बायोफ्यूल, और बायोमास के अपूर्ण दहन के माध्यम से निर्मित शुद्ध कार्बन होता है तथा मानवजनित और प्राकृतिक दोनों रूप से उत्सर्जित कालिख से निर्मित होते हैं।
जैसा कि ब्लैक कार्बन के कण ऊष्मा को अवशोषित करते हैं और वे आसपास की वायु को गर्म कर देते हैं और सेल्फ-लिफ्ट नामक प्रक्रिया द्वारा अधिक से अधिक ऊँचाई तक पहुंच जाते हैं।
चूँकि ब्लैक कार्बन सौर और पार्थिव विकिरण को अवशोषित करते हैं और वायुमंडल को गर्म करते हैं जिससे यह मानसून तंत्र को बाधित कर सकता है। यदि ये बर्फ पर निक्षेपित हो जाते हैं, तो ये बर्फ के तापन की दर को बढ़ा सकते हैं और हिमनदों के पिघलने की दर को तीव्र कर सकते हैं।
ब्लैक कार्बन अल्प समय के लिए विद्यमान रहने वाला एक जलवायु प्रदूषक है।
Incorrect
उत्तर: d)
ब्लैक कार्बन जीवाश्म ईंधन, बायोफ्यूल, और बायोमास के अपूर्ण दहन के माध्यम से निर्मित शुद्ध कार्बन होता है तथा मानवजनित और प्राकृतिक दोनों रूप से उत्सर्जित कालिख से निर्मित होते हैं।
जैसा कि ब्लैक कार्बन के कण ऊष्मा को अवशोषित करते हैं और वे आसपास की वायु को गर्म कर देते हैं और सेल्फ-लिफ्ट नामक प्रक्रिया द्वारा अधिक से अधिक ऊँचाई तक पहुंच जाते हैं।
चूँकि ब्लैक कार्बन सौर और पार्थिव विकिरण को अवशोषित करते हैं और वायुमंडल को गर्म करते हैं जिससे यह मानसून तंत्र को बाधित कर सकता है। यदि ये बर्फ पर निक्षेपित हो जाते हैं, तो ये बर्फ के तापन की दर को बढ़ा सकते हैं और हिमनदों के पिघलने की दर को तीव्र कर सकते हैं।
ब्लैक कार्बन अल्प समय के लिए विद्यमान रहने वाला एक जलवायु प्रदूषक है।
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Question 5 of 5
5. Question
फ्लाई एश (fly ash) का अत्यधिक उत्सर्जन निम्नलिखित हानिकारक पर्यावरणीय प्रभावों में से किसको उत्पन्न कर सकती है/हैं?
- यह भूजल में विषैली भारी धातुओं के निक्षालन का कारण बन सकता है।
- इसमें क्रिस्टलीय सिलिका होती है जो सिलिकोसिस का कारण बन सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
फ्लाई ऐश विद्युत् संयत्रों में पल्सवराइज्ड कोयला (pulverized coal) दहन का एक उपोत्पाद है। फ्लाई ऐश में भारी धातुओं और अन्य पदार्थों के ट्रेस सांद्रित होते हैं जिन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। यह भूजल एक्वाइफर्स में विषैली भारी धातुओं के निक्षालन का कारण बन सकता है।
फ्लाई ऐश में क्रिस्टलीय सिलिका होती है जो फेफड़ों की बीमारी, विशेष रूप से सिलिकोसिस का कारण बन सकती है।
Incorrect
उत्तर: c)
फ्लाई ऐश विद्युत् संयत्रों में पल्सवराइज्ड कोयला (pulverized coal) दहन का एक उपोत्पाद है। फ्लाई ऐश में भारी धातुओं और अन्य पदार्थों के ट्रेस सांद्रित होते हैं जिन्हें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। यह भूजल एक्वाइफर्स में विषैली भारी धातुओं के निक्षालन का कारण बन सकता है।
फ्लाई ऐश में क्रिस्टलीय सिलिका होती है जो फेफड़ों की बीमारी, विशेष रूप से सिलिकोसिस का कारण बन सकती है।








