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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 16 सितम्बर 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

1. “जनहित याचिका के अभाव में कार्यपालिका के कार्यों में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद एवं पक्षपातपूर्ण व्यवहार बना रहेगा।” कथन के संदर्भ में देश में जनहित याचिका के महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Wire 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत में जनहित याचिका के उद्भव एवं पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

संविधान की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिए, जो जनहित याचिका को संदर्भित करती हैं।

कार्यपालिका को अधिक उत्तरदायी बनाने में न्यायपालिका द्वारा किये गए विभिन्न प्रयासों को संक्षेप में समझाइये।

जनहित याचिका के महत्त्व पर प्रकाश डालिये।

 निष्कर्ष:

सामाजिक न्याय उपलब्ध कराने में जनहित याचिका की भूमिका पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।

2. संसदीय समितियाँ किसे कहते हैं? वे विधायिका और कार्यपालिका की दक्षता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित करती हैं? समझाइये। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संसदीय समितियों के बारे में समझाते हुए उनके संवैधानिक प्रावधानों का भी उल्लेख कीजिए।

 विषय वस्तु:

इनकी कार्यप्रणाली पर चर्चा कीजिए।

विधायिका और कार्यपालिका की दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में इनके द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

 निष्कर्ष:

इनके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स.अ.2- भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध। भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव।

स.अ.3- साइबर सुरक्षा का बुनियादी ज्ञान।

3. हाल ही के दिनों में भारत द्वारा सामना किए जा रहे चीनी साइबर सुरक्षा खतरे की प्रकृति का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

चीन द्वारा प्राप्त की जा चुकी साइबर शक्तियों पर चर्चा कीजिए।

समझाइए कि कैसे चीन, भारत जैसे देशों पर गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

इसके खिलाफ भारत द्वारा क्या रणनीति अपनायी जानी चाहिए, चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नवीन प्रौद्योगिकी का विकास।

4. भारत में अभियांत्रिकी के भूत, वर्तमान एवं भविष्य पर एक लेख लिखिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express

 निर्देशक शब्द: 

लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

समाज के निर्माण में अभियंताओं द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका पर प्रकाश डालिए।

अभियांत्रिकी के महत्व पर चर्चा कीजिए।

 भारतीय संदर्भ में अभियांत्रिकी के विकास की एक टाइमलाइन (समयरेखा) प्रस्तुत कीजिए।

 निष्कर्ष:

देश की वृद्धि एवं विकास के लिए अभियांत्रिकी की अनिवार्यता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय। उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।

5. भारत में वस्त्र एवं परिधान उद्योग द्वारा सामना की जा रही प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। उन्हें संबोधित करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख क़दमों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Hindustan Times 

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

प्रकाश डालिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग के सन्दर्भ में महत्वपूर्ण तथ्यों एवं डाटा का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस क्षेत्र के समक्ष वैश्विक एवं क्षेत्रीय चुनौतियों का वर्णन कीजिए।

इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा कीजिए।

इनके समाधान के लिए क्या नवोन्मेषी प्रयास किये जाने चाहिए, समझाइये।

 निष्कर्ष: आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

6. “कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रत्येक उद्योग को परिवर्तित करने जा रही है, लेकिन हमें इसकी सीमाओं को समझना होगा”। कथन के आलोक में, भारतीय संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सबद्ध लाभों और चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: sas.com

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बारे में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत के विशेष संदर्भ में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की चुनौतियों के बारे में विस्तार से बताइये।

इससे भारत को होने वाले लाभों पर भी चर्चा कीजिए।

उपर्युक्त चुनौतियों से निपटने के लिए समाधान सुझाइए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की परिवर्तनकारी क्षमता का सही मायने में उपयोग करने के लिए, भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान में विशेषज्ञता की कमी को दूर करना चाहिए और इस दिशा में नवाचार करने और परिणाम प्राप्त करने के लिए बहु-आयामी रणनीति को अपनाया जाना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

7. ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान समय में मीडिया नैतिकता से सम्बध्द सत्यनिष्ठा का पतन हो रहा है। भारतीय पत्रकारिता को प्रभावित करने वाले नैतिक मुद्दों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

पत्रकारिता में अपेक्षित आवश्यक नैतिक पहलुओं की व्याख्या करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय पत्रकारिता के आलोक में उन मुद्दों पर चर्चा कीजिए, जिनसे पत्रकारिता का पतन हो रहा है।

इनसे संबंधित नैतिक मुद्दों के बारे में विस्तार से समझाइये।

इन नैतिक मुद्दों के समाधान के लिए आवश्यक सुधारों पर चर्चा कीजिए।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 


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