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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 15 सितम्बर 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

1. भारत जैसे लोकतंत्र में स्थानीय स्व-सरकारों का क्या महत्व है? आपको क्या लगता है कि संविधान के निर्माताओं ने मूल संवैधानिक दस्तावेज में इस विषय को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: एम. लक्ष्मीकांत

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारत की संघात्मक व्यवस्था एवं भारत में स्थानीय स्वशासन की शुरुआत के आलोक में प्रमुख तथ्यों का उल्लेख कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में स्थानीय स्वशासन के महत्व पर चर्चा कीजिए।

समझाइये कि संविधान के निर्माण के समय इस विषय को पर्याप्त महत्व क्यों नहीं दिया गया।

समझाइये कि स्वतंत्रता के पश्चात के वर्षों में विभिन्न समितियों के गठन और नियोजन के अनुभवों से सरकारों ने स्थानीय स्वशासन के महत्व को मान्यता दी। समग्र रूप से सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए, स्थानीय स्वशासन के सिद्धांतों को मूर्त रूप देने के लिए संविधान में संशोधन किया गया।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

2. बच्चों के समग्र पोषण की दिशा में योगदान देने एवं 2030 तक कुपोषण मुक्त भारत का निर्माण करने के उद्देश्य से “पोषण माह” के लिए भारत को कुपोषण के बहुआयामी निर्धारकों को तत्काल रूप से संबोधित करने की आवश्यकता है। स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द: 

स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

पोषण माह 2020 के बारे में बताते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को स्पष्ट करने के लिए कुछ तथ्यों/ डाटा का उल्लेख कीजिए।

समझाइये कि इस प्रकार की पहल भारत की कुपोषण की समस्या के समाधान में कैसे सहायक हैं।

भारत में कुपोषण के लिए उत्तरदायी बहुआयामी कारकों पर चर्चा कीजिए एवं उन्हें पहचानने और संबोधित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डालिये।

 निष्कर्ष:

इस समस्या के समाधान और एक उचित दृष्टिकोण का सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स.अ.2- भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

स.अ.3- भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

3. भारत में चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने के पश्चात भारत के लिए खुलने वाले आर्थिक अवसरों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

 निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि भारत में इस प्रकार के ऐप पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय न केवल एक भूराजनीतिक कदम है, बल्कि एक रणनीतिक व्यापार कौशल भी है, जिसके महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव हो सकते हैं।

इससे भारत को होने वाले संभावित लाभों पर भी चर्चा कीजिए।

संदर्भित लेख की सहायता से संबंधित प्रावधानों को समझाइए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

4. देश में कैंसर के बढ़ते मामलों के कारण भारत में कैंसर के मामलों को कम करने के लिए किये जाने योग्य आवश्यक प्रयासों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश में कैंसर के बढ़ते मामलों से संबंधित प्रमुख तथ्यों का उल्लेख करते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 विषय वस्तु:

भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों के लिए उत्तरदायी कारकों पर चर्चा कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों का वर्णन कीजिए।

 चर्चा कीजिए कि देश में कैंसर की दर को कम करने के लिए क्या कदम उठाये जाने चाहिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

5. समाज के कमजोर वर्गों से सम्बंधित विभिन्न कार्यक्रमों के कार्यान्वयन के संबंध में शासन के समक्ष क्या चुनौतियां हैं? क्या आपको लगता है कि नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है? व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लैक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

व्याख्या कीजिये- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कमजोर वर्गों से सम्बंधित कल्याणकारी कार्यक्रमों पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इनके कार्यान्वयन से सम्बंधित चुनौतियों पर प्रकाश डालिये।

उपयुक्त उदाहरणों के साथ इनके क्रियान्वयन में नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. “हमारे मूल्य समलैंगिक-विवाह को मान्यता नहीं देते हैं”, भारत के संदर्भ में यह कथन कितना न्यायसंगत है? नैतिक दृष्टिकोण से आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  Indian Express  

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में समलैंगिक विवाह की क़ानूनी स्थिति का उल्लेख कीजिए।

विषय के पक्ष एवं विपक्ष दोनों में प्रमुख तथ्य प्रस्तुत कीजिए।

प्रासंगिक औचित्य के साथ, इसमें शामिल नैतिक मुद्दों पर बल दीजिए एवं उनके समाधान के लिए उपाय भी सुझाइये।

निष्कर्ष:

एक संतुलित एवं निष्पक्ष राय के साथ निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

7. भारत में नौकरशाही मानव पूंजी के ह्रास से लेकर राजनीतिक हस्तक्षेप तक अनेक गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिन्हें यदि सम्बोधित किये बिना छोड़ दिया गया तो वे संस्थागत पतन का कारण बनेंगी। चर्चा कीजिए। इन चुनौतियों का समाधान कैसे किया जा सकता है? (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: जी सुब्बाराव और पी एन चौधरी

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

यह समझाते हुए प्रारम्भ कीजिए कि भारतीय नौकरशाही अनेक बाधाओं से घिरी हुई है, जो इसके संस्थागत पतन का कारण बन सकती है और यदि उन्हें सम्बोधित नहीं किया गया तो इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

 विषय वस्तु:

भारत में नौकरशाही के द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों का उल्लेख कीजिए। 

यदि इन चुनौतियों को सम्बोधित नहीं किया गया तो इसके संभावित परिणामों का उल्लेख कीजिए।

इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए आवश्यक सुधारों पर चर्चा कीजिए।

इस दिशा में सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डालिये।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए। 


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