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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 09 सितम्बर 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

1. भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी, नेतृत्वकर्ता के रूप में उनके उदय के समक्ष उपस्थित अनेक सीमाओं के कारण मुख्य रूप से धरना प्रदर्शन और बहिष्कार आंदोलनों तक सीमित थी। क्या इसे गांधीजी और नेहरू जैसे राजनीतिक संघर्ष के नेताओं की विफलता के एक कारक के रूप में देखा जा सकता है? आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: आधुनिक भारत का इतिहास: बिपिन चंद्र

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष में महिलाओं की भागीदारी पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

उनकी प्रतिबंधित भागीदारी के लिए उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में गांधीजी एवं नेहरू जैसे नेताओं की भूमिका पर भी प्रकाश डालिये।

 निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

2. “आधारभूत संरचना सिद्धांत ने, जैसा कि भविष्य की घटनाओं ने दर्शाया, भारतीय लोकतंत्र की रक्षा की एवं केशवानंद भारती हमारे संवैधानिक इतिहास में सदैव एक पवित्र स्थान पर रहेंगे।” चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सम्बंधित केस (केशवानंद भारती केस) के बारे में बताते हुए उत्तर प्ररम्भ कीजिए।

 

विषय वस्तु:

समझाइये कि यह केस संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखने और एकदलीय सत्तावादी शासन को रोकने में कैसे महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

केस के संदर्भ में अनुच्छेद 368 का उल्लेख कीजिए। वर्तमान में इसका क्या महत्व है, चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

यह समझाते हुए कि इस केस ने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा कैसे की एवं लोकतंत्र को बनाये रखने में सहायक सिद्ध कैसे हुआ, निष्कर्ष निकालिए।

  

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली से सम्बंधित मुद्दों का उल्लेख कीजिए। इन मुद्दों को कैसे संबोधित किया जा सकता है? समझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: ncbi.nlm.nih.gov

 निर्देशक शब्द: 

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली और भारत में इसके घटकों पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली से सम्बंधित मुद्दों जैसे: अपर्याप्त व्यय, अपर्याप्त भौतिक बुनियादी ढांचा, अपर्याप्त मानव संसाधन इत्यादि पर चर्चा कीजिए।

इन मुद्दों के समाधान के लिए अपनाए जा सकने वाले उपायों पर प्रकाश डालिए।

 निष्कर्ष:

पूर्वकथित बिंदुओं के आधार पर निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: आंतरिक सुरक्षा के समक्ष चुनौती उत्पन्न करने वाले बाह्य राज्य और गैर-राज्य तत्वों की भूमिका।

4. क्या आप इस तथ्य से सहमत हैं कि अधिकांश सशस्त्र विद्रोहों का समाधान, ‘समझौता’ नामक एक ग्रे ज़ोन में मिलता है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

  निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

नागा संघर्ष के संबंध में वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रारम्भ किया जा सकता है।

 विषय वस्तु:

भारत के सन्दर्भ में सशस्त्र विद्रोहों के संभावित कारणों पर चर्चा करते हुए भारत पर इसके पड़ने वाले प्रभावों पर भी प्रकाश डालिये।

विद्रोह के क्षेत्रों को संबोधित करने के लिए “समझौते” से सम्बंधित समाधान क्यों और कैसे महत्वपूर्ण हैं, चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

उपयुक्त समाधान बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; प्रौद्योगिकी का स्वदेशीकरण और नवीन प्रौद्योगिकी का विकास।

5. हाइपरसोनिक क्रूज वाहन के परीक्षण से भारत “एलीट क्लब” में शामिल हो गया है। इसकी प्रमुख विशेषताओं एवं भारत के लिए इसके महत्व पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Quint

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

हाइपरसोनिक क्रूज वाहन के बारे में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

भारत के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डालिये।

 निष्कर्ष:

भारत के लिए इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. एक पुलिस अधिकारी द्वारा विरोध प्रदर्शन करने वाली भीड़ पर फायरिंग करने अथवा न करने का निर्णय करने में कौन से कारक मार्गदर्शन करते हैं- “कर्तव्यवाद अथवा परिणामवाद”? कारण बताइये। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

विरोध प्रदर्शन करने वाली भीड़ पर फायरिंग करने का निर्णय लेने से सम्बंधित मामले में पुलिस अधिकारी द्वारा सामना किए जाने वाली दुविधा को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

इस संदर्भ में कर्तव्यवादी नीतिशास्त्र अथवा कर्तव्यवाद एवं परिणामवादी नीतिशास्त्र अथवा परिणामवाद के विचारों पर प्रकाश डालिये।

दोनों दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन करते हुए समझाइये की ऐसी दशा में एक पुलिस अधिकारी द्वारा क्या निर्णय लिया जाना उचित होगा।

निष्कर्ष:

एक बेहतर मार्गदर्शक के रूप में नैतिक व्यावहारिकता के महत्त्व पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: अभिवृत्तिः सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।

7. शिक्षा, विधि एवं प्राधिकार द्वारा अंतश्चेतना को कैसे आकार दिया जाता है? निर्णय निर्धारण में अंतश्चेतना का क्या महत्व है? समझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

निर्देशक शब्द:

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

उत्तरकीसंरचना:

परिचय:

अंतश्चेतना को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

विषयवस्तु:

अंतश्चेतना के निर्माण में शिक्षा, विधि एवं प्राधिकार के महत्त्व पर चर्चा कीजिए।

निर्णय निर्धारण में नैतिक दुविधा की स्थिति का उल्लेख करते हुए इसके समाधान के रूप में अंतश्चेतना की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इस प्रकार, अंतश्चेतना, एक समाज में नैतिकता के विकास के लिए एक सामाजिक तंत्र है।


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