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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 08 सितम्बर 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।

1. हालाँकि प्रथम विश्व युद्ध के पश्चिमी यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका पर अनेक दूरगामी प्रभाव पड़े, लेकिन इसने भारत को भी प्रभावित किया। भारत पर प्रथम विश्व युद्ध के पड़ने वाले प्रभावों की विस्तार से व्याख्या कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: विश्व इतिहास: नॉर्मन लोव

 निर्देशक शब्द:

 व्याख्या कीजिये- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

संक्षेप में समझाइये कि प्रथम विश्व युद्ध के पश्चिमी यूरोप और अमरीका पर दूरगामी प्रभाव कैसे पड़े।

 विषय वस्तु:

भारत के प्रथम विश्व युद्ध में शामिल होने के कारणों को संक्षेप में समझाते हुए इस पर पड़ने वाले बहुआयामी प्रभावों यथा: सामाजिक, राजनैतिक, आर्थिक इत्यादि का उल्लेख कीजिए।

प्रत्येक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

प्रासंगिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए उपर्युक्त की पुष्टि कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि ओटोमन साम्राज्य की पराजय और खिलाफत के उन्मूलन ने मुस्लिम जनसँख्या में व्यापक क्रोध उत्पन्न किया। युद्ध में ब्रिटेन का समर्थन करने का प्रमुख कारण यह था की इसके बदले में भारतीय राष्ट्रवादी युद्ध समाप्ति पर भारत के लिए कुछ स्वतंत्रता की उम्मीद कर रहे थे, हालांकि, ऐसा नहीं हुआ और भारतीय राष्ट्रवादियों के विचार अधिक उग्र हो गए। प्रथम विश्व युद्ध का दूरगामी प्रभाव, महात्मा गांधी का उदय था, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की प्रकृति को परिवर्तित कर दिया।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।

2. भारतीय न्यायपालिका की वैधता पर हाल ही में उठाये गए सवालों एवं इसके समक्ष चुनौतियों का उदाहरण सहित आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 आलोचनात्मक परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय न्यायपालिका के संबंध में हाल के दो महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर चर्चा करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रशांत भूषण के अवमानना ​​मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय एवं न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की सेवानिवृत्ति से सम्बंधित मामले के बारे में बताइये। इन घटनाओं ने सर्वोच्च न्यायालय की वैधता पर प्रश्न उठाये हैं।

इन दोनों मामलों के आलोक में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका पर चर्चा करते हुए इस सम्बन्ध में मुख्य न्यायाधीश के कार्यों पर भी प्रकाश डालिये।

 निष्कर्ष:

न्यायिक वैधता को बनाये रखने के महत्व के साथ ही देश में न्यायपालिका की अखंडता को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. क्या बहुभाषी समाज में आधिकारिक भाषा सभी के लिए समदूरस्थ होनी चाहिए? भारत की आधिकारिक भाषा के संदर्भ में विश्लेषण कीजिए और प्रासंगिक औचित्य के साथ अपनी राय प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: THe Hindu 

 निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

बहुभाषी समाज से आपका क्या तात्पर्य है, समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

किसी देश के लिए आधिकारिक भाषा की आवश्यकता और महत्व पर चर्चा कीजिए।

संदर्भित लेख की सहायता से विभिन्न विकसित देशों द्वारा अपनाई गई भाषा नीति को समझने की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए। राजभाषा के संबंध में अतीत से लेकर वर्तमान तक भारत की स्थिति पर चर्चा कीजिए।

मातृभाषा में शिक्षण या दो भाषाओं में शिक्षण भी चुनौतिपूर्ण है, तो क्या भारत तीन भाषाओं में शिक्षण की चुनौतियों को ध्यान में रखता है, चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

4. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन की विभिन्न प्रक्रियाएँ कौन-कौन सी हैं? प्रभाव विश्लेषण में स्वास्थ्य प्रभाव विश्लेषण और सार्वजनिक भागीदारी की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: cbd.int

  निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसकी विभिन्न प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए और इसमें शामिल प्रमुख चरणों का भी उल्लेख कीजिए।

स्वास्थ्य प्रभाव विश्लेषण के बारे में बताते हुए प्रभाव आकलन में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए।

सार्वजनिक सहभागिता के महत्व पर भी चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मीडिया की भूमिका

5. “आजकल समाचार एक बड़ी व्यावसायिक इकाई बन गया है, जो पहले कभी नहीं था” विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

व्यूअरशिप, रेटिंग्स और राजस्व का विषैला त्रिकोण अधिकतम डिबेट आयोजित करने के लिए एक उत्प्रेरक का कार्य करता है और इस समस्या को समाप्त करने के लिए एक सामाजिक कैंची के उपयोग के साथ-साथ इस प्रतिमान की सतत रूप से निंदा की जानी चाहिए।

 विषय वस्तु:

देश में मीडिया से सम्बंधित हाल ही के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कीजिए। ‘जवाबी हमला प्रभाव’ के बारे में भी बताइये।

मीडिया से संबंधित विभिन्न मुद्दों को स्पष्ट कीजिए।

समाधान सुझाइये: विधायी पहल, न्यायिक निगरानी और मीडिया उद्योग के स्व-नियमन की मिश्रित आवश्यकता पर बल दीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 6


 

विषय: शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।

6. ‘वास्तविक स्वतंत्रता मन और आत्मा की है; यह कभी भी बाहर से हमें प्राप्त नहीं हो सकती है।’ भारतीय नौकरशाही के कार्य अनुभव के संदर्भ में इस कथन के सार का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: जी. सुब्बाराव और पी.एन. चौधरी

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

कथन के संदर्भ को स्पष्ट करते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारतीय नौकरशाही के कार्य अनुभव के सन्दर्भ में स्वतंत्रता के विचार पर प्रकाश

डालते हुए इसके महत्त्व को भी स्पष्ट कीजिए।

इससे सम्बंधित बाधाओं का उल्लेख कीजिए, जैसे- राजनैतिक-प्रशासनिक संबंध, राजनेताओं-अपराधियों के बीच सांठगांठ आदि।

वर्तमान युग में नौकरशाहों को संप्रभु शक्ति प्राप्त है लेकिन यह शक्ति स्वयं-साधकों द्वारा कम/ समाप्त कर दी जाती है। स्वतंत्रता के आदर्श स्वरूप को प्रत्येक स्तर पर कम किया जाता है।

निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: मामला अध्ययन (केस स्टडी) ।

7. सूचना प्रौद्योगिकी और अभिसरण में समकालीन विकास के कारण, वयस्कों और बच्चों की मनोरंजन के विभिन्न माध्यमों सहित मीडिया तक पहुंच में वृद्धि हुई है। बच्चों का मन शीघ्र प्रभावित होने वाला होता है और वयस्क होने पर भी मनोरंजन की गुणवत्ता का उन पर प्रभाव पड़ता है। एक मध्यमवर्गीय अमीर परिवार में दो बच्चे हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को इंटरनेट कनेक्शन सहित मोबाइल फोन उपलब्ध करवाया है ताकि इंटरनेट पर भारी मात्रा में उपलब्ध जानकारी और सहायता से वे अपनी पढ़ाई कर सकें। पिता, बच्चों पर अनुशासन थोपने के स्थान पर उन्हें अपने समय की तकनीक के साथ बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। हालाँकि, सूचना प्रौद्योगिकी का दुरुपयोग भी होता है। छात्र, विद्यालय के बाहर कई अवांछनीय गतिविधियों, विशेष रूप से अनेक प्रकार के कंप्यूटर गेम (ब्लू व्हेल चैलेंज, डेड स्पेस 2, मॉर्टल कोम्बैट, मेडल ऑफ ऑनर, कॉल ऑफ ड्यूटी ब्लैक ओपीएस, न्यू वेगास आदि) में संलग्न हैं, जिन्हें उनकी शिक्षा और मूल्यों के लिए घातक और लत के रूप में जाना जाता है।

 इस संदर्भ में, कंप्यूटर और मोबाइल फोन के अप्रतिबंधित उपयोग के कारण उत्पन्न इस प्रकार के नवीन और व्यापक प्रकार के संकट से सुरक्षा के लिए मातापिता क्या कदम उठा सकते हैं? इस मामले मेंआरोपित अनुशासनके महत्व पर भी चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

इस तथ्य को समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए कि- समकालीन विश्व में, हम सूचना विस्फोट और प्रौद्योगिकी के प्रभाव से से पीड़ित हैं, जहां तर्कसंगत मष्तिष्क, भावनात्मक मष्तिष्क पर हावी हो जाता है। 

विषय वस्तु:

मामले के प्रमुख घटकों पर चर्चा कीजिए।

समझाइये कि ऐसी परिस्थिति में माता- पिता को “गाजर एवं छड़ी के सिद्धांत” का पालन करते हुए बच्चों पर तार्किक अनुशासन आरोपित करना चाहिए।

इसके अतिरिक्त मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों के सन्दर्भ में बच्चों को जागरूक भी किया जाना चाहिए।

“आरोपित अनुशासन” के महत्व को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

अनुशासन और कभी-कभी आरोपित अनुशासन के महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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