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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] मिनी सिक्योर रिवीजन टेस्ट: 5 सितम्बर  2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

1. भारत के स्वास्थ्य देखभाल डिजिटल प्रेरणा- राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (NDHM) के अंतरालों का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द: 

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सर्वप्रथम राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के बारे में संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में इसकी आवश्यकता एवं महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।

इसके समक्ष चुनौतियों का उल्लेख करते हुए बताइये कि इस दिशा में सरकार द्वारा क्या प्रयास किये गए हैं।

निष्कर्ष:

इन चुनौतियों के समाधान के लिए अभिनव उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

2. भू-राजनीति की बढ़ती अनिश्चितता के इस दौर में, भारत के लिए क्वाड (QUAD) समूह की प्रासंगिकता और निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम क्वाड (QUAD) समूह के बारे में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

वैश्विक भू- राजनीति में इस समूह के द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका पर प्रकाश डालिये।

वर्तमान परिदृश्य में भारत के लिए इसकी बढ़ती प्रासंगिकता का वर्णन कीजिए।

इसके निहितार्थों पर भी चर्चा कीजिए। 

निष्कर्ष:

इसके महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. वाक् स्वातंत्र्य को विनियमित करना एक बहुत ही जटिल मुद्दा क्यों है? वर्तमान में चल रहे फेसबुक मामले के आलोक में केस स्टडी के साथ स्वतंत्रता, शिष्टता एवं अभिवेचन को विनियमित करने सम्बन्धी चिंताओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

वाक् स्वातंत्र्य के संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए समझाइये कि इसे विनियमित करना जटिल क्यों है।

वर्तमान युग में वाक् एवं अभिव्यक्ति के एक प्लेटफॉर्म के रूप में सोशल मीडिया के महत्त्व को बताते हुए इससे सम्बंधित चुनौतियों का भी उल्लेख कीजिए।

प्रासंगिक केस स्टडी को प्रस्तुत करते हुए स्वतंत्रता, शिष्टता एवं अभिवेचन के विनियमन से सम्बंधित चिंताओं का उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: स.अ.2- स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

स.अ.3- भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. “भारत में कोविड-19 के नकारात्मक प्रभावों में से एक प्रमुख प्रभाव, रोजगार क्षेत्र की क्षति है”, इस प्रकार की परिस्थितियों को सम्बोधित करने में सरकार-निजी भागीदारी द्वारा क्या भूमिका निभाई जा सकती है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint 

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सर्वप्रथम महत्वपूर्ण तथ्यों की सहायता से प्रश्न की पृष्ठभूमि को स्पष्ट कीजिए।

 विषय वस्तु:

वर्तमान कोविड-19 परिस्थितियों में रोजगार क्षेत्र के समक्ष चुनौतियों का उल्लेख कीजिए।

इसके एक समाधान के रूप में सरकार-निजी भागीदारी के महत्त्व पर प्रकाश डालिये।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों का भी वर्णन कीजिए।

 निष्कर्ष:

रोजगार क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार-निजी भागीदारी की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5. “कृषि, जल की कमी का कारण और शिकार दोनों है”, इस संदर्भ में शून्य बजट प्राकृतिक कृषि, भारतीय कृषि के जल संकट को दूर करने में एक समाधान के रूप में कैसे कार्य कर सकती है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Down to Earth 

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

शून्य बजट प्राकृतिक कृषि से आपका क्या तात्पर्य है, समझाइये।

 विषय वस्तु:

इसकी प्रमुख विधियों का उल्लेख कीजिए।

भारतीय कृषि में जल संकट को दर्शाते हुए समझाइये कि शून्य बजट प्राकृतिक कृषि, भारतीय कृषि के जल संकट को दूर करने में कैसे सहायक है।

 निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. समय की आवश्यकता है कि शीघ्रातिशीघ्र मांग प्रोत्साहन किया जाये, जो देश की जीडीपी को बढ़ावा देने के लिए एक तत्काल अनिवार्यता के रूप में कार्य कर सकता है। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम महत्वपूर्ण तथ्यों की सहायता से प्रश्न की पृष्ठभूमि को स्पष्ट कीजिए।

 विषय वस्तु:

जीडीपी को बढ़ावा देने में मांग प्रोत्साहन की क्या भूमिका है, स्पष्ट कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए हाल के प्रमुख प्रयासों का वर्णन कीजिए।

केस स्टडी की सहायता से अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. रामराज्य, स्वराज्य और स्वधर्म के गांधीवादी विचारों पर चर्चा कीजिए एवं आज के विश्व में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डालिये। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

गाँधीजी के दर्शन को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

रामराज्य, स्वराज्य और स्वधर्म पर गांधीजी के विचारों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

समझाइये कि ये विचार वर्तमान विश्व में कैसे प्रासंगिक हैं।

केस स्टडी एवं प्रासंगिक उदाहरणों की सहायता से उपर्युक्त की पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

इनके महत्व को स्पष्ट करते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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