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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] मिनी सिक्योर रिवीजन टेस्ट: 29 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

1. हाल ही में सीमा पर चीनी आचरण के प्रतिउत्तर में एक निरंतर और श्रेणीबद्ध आर्थिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता है ताकि सीमाविवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके और एक साथ एशियाई शताब्दी का निर्माण किया जा सके। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न को पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

चीन के साथ भारत के आर्थिक संबंधों के आलोक में समझाइये कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत को एक निरंतर एवं श्रेणीबद्ध आर्थिक प्रतिक्रिया की आवश्यकता क्यों है।

उन आर्थिक क्षेत्रों का उल्लेख कीजिए, जिनमें सुधार के माध्यम से चीन पर भारत की निर्भरता को कम किया जा सकता है।

इस दिशा में भारत सरकार द्वारा हाल ही में किये गए प्रयासों पर भी प्रकाश डालिये।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

2. हाल ही में राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (NDHM) के शुभारंभ के साथ, भारत ने प्रौद्योगिकी-सक्षम स्वास्थ्य देखभाल वितरण के एक नवीन युग की शुरुआत की है, क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Hindustan Times 

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के बारे में बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

मिशन की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करते हुए समझाइए कि यह भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने में किसप्रकार सहायक सिद्ध होगा।

इसके समक्ष चुनौतियों का उल्लेख करते हुए समाधान के उपाय भी बताइये।

संदर्भित लेख की सहायता से अपने उत्तर के पक्ष में एक सारगर्भित राय विकसित कीजिए। 

निष्कर्ष:

इसके महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. शिक्षण-अधिगम परिणामों में वृद्धि के लिए शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी का एकीकरण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्धारण है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

राष्ट्रीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षण- अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी का समावेश करने से सम्बंधित प्रासंगिक बिंदुओं पर प्रकाश डालिये।

शिक्षण- अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी के महत्व को स्पष्ट करते हुए समझाइए कि यह शिक्षण-अधिगम परिणामों में वृद्धि कैसे करेगा।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग से सम्बंधित चुनौतियों का उल्लेख कीजिए और उनके समाधान के लिए उपाय भी बताइये।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

4. विरासत अपशिष्ट क्या हैं? अपशिष्ट को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए एक कार्य योजना पर चर्चा करते हुए भारत की स्थिति को दर्शाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Hindustan Times

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

विरासत अपशिष्ट को समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

तथ्यों की सहायता से भारत में अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति पर चर्चा कीजिए।

 भारत के विशेष सन्दर्भ में समझाइये कि अपशिष्ट प्रबंधन के लिए क्या प्रयास किये जाने चाहिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों का भी वर्णन कीजिए।

 निष्कर्ष:

अपशिष्ट प्रबंधन में प्रौद्योगिकी की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिये की भारतीय समाज को अब “शून्य-अपशिष्ट समाज” (Zero-Waste Society) में परिवर्तित होने की आवश्यकता है।

 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

5. देश की कृषि प्रणाली में वास्तविक अधिशेष प्रबंधन, समान खाद्य वितरण और निर्यात प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए नीति निर्माताओं द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था के अंतराल को संबोधित करने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

न्यूनतम समर्थन मूल्य से आप क्या समझते हैं, स्पष्ट कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत में न्यूनतम समर्थन मूल्य की वर्तमान स्थिति को बताते हुए इसके महत्त्व पर भी चर्चा कीजिए।

न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली के समक्ष चुनौतियों का विस्तार से वर्णन कीजिये।

बताइये कि इन चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार द्वारा क्या प्रयास किये जाने चाहिए।

 निष्कर्ष:

किसानों की आय में वृद्धि करने के सरकार के लक्ष्य को पूरा करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. “समानता (Equality) से तात्पर्य सभी के साथ समान व्यवहार करना है, जबकि समता (Equity) से तात्पर्य प्रत्येक को वह देना है, जिसकी उन्हें आवश्यकता है ताकि उन्हें समान माना जा सके।” कथन के आलोक में उदाहरण सहित समझाइये कि समता, समानता की तुलना में नैतिक रूप से अधिक वांछनीय क्यों है? (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

निर्देशक शब्द:

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम समानता (Equality) एवं समता (Equity) के मध्य के अंतर को स्पष्ट कीजिए और समझाइये कि समता, समानता से बेहतर कैसे है।

 विषय वस्तु:

दोनों के नैतिक आदर्शों को समझाते हुए बताइये कि समता, समानता की तुलना में अधिक वांछनीय क्यों है।

केस स्टडी एवं प्रासंगिक उदाहरणों के साथ अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

इसप्रकार निष्कर्ष निकालिये कि समानता के आदर्श को प्राप्त करने की पूर्वशर्त समता के आदर्श को प्राप्त करना है।

  

विषय: सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।

7. लोक जीवन के मूल सिद्धांत क्या हैं? किन्ही भी तीन सिद्धांतों को उदाहरण सहित प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

लोक जीवन से आपका क्या तात्पर्य है, संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

लोक जीवन के प्रमुख सिद्धांतों जैसे: सत्यनिष्ठा, विषयनिष्ठता, गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, ईमानदारी, जवाबदेहिता आदि का उल्लेख कीजिए।

केस स्टडी एवं प्रासंगिक उदाहरणों की सहायता से उपर्युक्त में से किन्ही तीन का विस्तार से वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

लोक जीवन में मूल सिद्धांतों के महत्व को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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