HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
प्रथम बौद्ध संगीति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- इसने विभिन्न विचारधाराओं में बौद्ध धर्म के प्रसार का कार्य किया।
- इसने बुद्ध की शिक्षाओं (सुत्त) और शिष्यों (विनय) के नियमों को संरक्षित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
- प्रथम बौद्ध संगीति बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद, राजा अजातशत्रु के संरक्षण में लगभग 400 ईसा पूर्व भिक्षु महाकश्यप की अध्यक्षता में, राजगृह में, सत्तारी गुफा में आयोजित की गई थी।
- इसने बुद्ध की शिक्षाओं (सुत्त) और शिष्यों (विनय) के नियमों को संरक्षित किया था।
- आनंद, बुद्ध के महान शिष्यों में से एक ने सुत्त और उपली का और एक अन्य शिष्य ने विनय का वर्णन किया।
- चौथी (प्रथम नहीं) बौद्ध संगीति कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी, जहां संगीति ने बौद्ध धर्म को 2 संप्रदायों महायान और हीनयान में विभाजित किया था।
Incorrect
उत्तर: b)
- प्रथम बौद्ध संगीति बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद, राजा अजातशत्रु के संरक्षण में लगभग 400 ईसा पूर्व भिक्षु महाकश्यप की अध्यक्षता में, राजगृह में, सत्तारी गुफा में आयोजित की गई थी।
- इसने बुद्ध की शिक्षाओं (सुत्त) और शिष्यों (विनय) के नियमों को संरक्षित किया था।
- आनंद, बुद्ध के महान शिष्यों में से एक ने सुत्त और उपली का और एक अन्य शिष्य ने विनय का वर्णन किया।
- चौथी (प्रथम नहीं) बौद्ध संगीति कश्मीर के कुंडलवन में आयोजित की गई थी, जहां संगीति ने बौद्ध धर्म को 2 संप्रदायों महायान और हीनयान में विभाजित किया था।
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Question 2 of 5
2. Question
मौर्यकालीन प्रशासन और सुरक्षा के बारे में मेगास्थनीज के अनुसार निम्नलिखित पर विचार कीजिए।
- मेगस्थनीज ने चंद्रगुप्त मौर्य के व्यक्तिगत जीवन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
- राज्य द्वारा व्यापार का विनियमन और नियंत्रण नहीं किया जाता था।
- मौर्य राज्य ने जनता को सिंचाई की सुविधा, अकाल राहत और स्वच्छता प्रदान करने की जिम्मेदारी ली थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: b)
- मेगस्थनीज ने चंद्रगुप्त मौर्य के व्यक्तिगत जीवन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अत्यधिक वैभवशाली जीवन व्यतीत किया था और उनका महल अपनी सुंदरता में अद्वितीय था। वह यह भी लिखते हैं कि राजा एक निरंकुश शासक था और वह असीमित शक्तियों का स्वामी था। वह अपने जासूसों के माध्यम से अपने साम्राज्य की मुख्य घटनाओं के बारे जानकारी रखता था।
- चंद्रगुप्त शासनकाल के दौरान, राज्य ने व्यापार को विनियमित किया, करों का अधिरोपण किया और मानकीकृत भार एवं मापन पद्धतियों को स्थापित किया था। इस दौरान व्यापार और वाणिज्य में अत्यधिक वृद्धि हुई थी। राज्य अपने लोगों को सिंचाई की सुविधा, संकट सहायता, स्वच्छता और अकाल राहत प्रदान करने के लिए जिम्मेदार था। मेगस्थनीज ने अपने लेखन में कुशल मौर्य प्रशासन की प्रशंसा की है।
Incorrect
उत्तर: b)
- मेगस्थनीज ने चंद्रगुप्त मौर्य के व्यक्तिगत जीवन का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अत्यधिक वैभवशाली जीवन व्यतीत किया था और उनका महल अपनी सुंदरता में अद्वितीय था। वह यह भी लिखते हैं कि राजा एक निरंकुश शासक था और वह असीमित शक्तियों का स्वामी था। वह अपने जासूसों के माध्यम से अपने साम्राज्य की मुख्य घटनाओं के बारे जानकारी रखता था।
- चंद्रगुप्त शासनकाल के दौरान, राज्य ने व्यापार को विनियमित किया, करों का अधिरोपण किया और मानकीकृत भार एवं मापन पद्धतियों को स्थापित किया था। इस दौरान व्यापार और वाणिज्य में अत्यधिक वृद्धि हुई थी। राज्य अपने लोगों को सिंचाई की सुविधा, संकट सहायता, स्वच्छता और अकाल राहत प्रदान करने के लिए जिम्मेदार था। मेगस्थनीज ने अपने लेखन में कुशल मौर्य प्रशासन की प्रशंसा की है।
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Question 3 of 5
3. Question
“देवपुत्र” और “हिंदू सूरताना” नामक शाही पदवीक्रमशः निम्नलिखित में से किस शासक/राज्य से सम्बंधित हैं?
Correct
उत्तर: a)
- यह एक साधन जिसके द्वारा विभिन्न सर्वोच्च देवताओं की पहचान की जाती थी। इस रणनीति को कुषाणों (प्रथम शताब्दी BCE से प्रथम शताब्दी CE) द्वारा सर्वोत्तम ढंग से अपनाया गया था, जिन्होंने मध्य एशिया से उत्तर-पश्चिम भारत तक विस्तृत एक विशाल राज्य पर शासन किया।
- मथुरा (उत्तर प्रदेश) के पास स्थित एक मंदिर में कुषाण शासकों की विशाल प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं। इसी तरह की मूर्तियां अफगानिस्तान के एक धर्मस्थल में भी पाई गई हैं। कुछ इतिहासकारों को यह जानकारी मिली है कि कुषाण स्वयं को देवतुल्य मानते थे। कई कुषाण शासकों ने भी देवपुत्र या “भगवान का पुत्र” की पदवी धारण की थी, जो संभवतः चीनी शासकों (जो स्वयं को स्वर्ग का पुत्र कहते थे) से प्रेरित थे।
- विजयनगर के राजाओं ने भगवान विरुपाक्ष की ओर से शासन करने का दावा किया था। शासकों ने “हिंदू सूरताना” पदवी का उपयोग करके देवताओं के साथ अपने निकट संबंधों का संकेत दिया था, इसका अर्थ हिंदू सुल्तान था।
Incorrect
उत्तर: a)
- यह एक साधन जिसके द्वारा विभिन्न सर्वोच्च देवताओं की पहचान की जाती थी। इस रणनीति को कुषाणों (प्रथम शताब्दी BCE से प्रथम शताब्दी CE) द्वारा सर्वोत्तम ढंग से अपनाया गया था, जिन्होंने मध्य एशिया से उत्तर-पश्चिम भारत तक विस्तृत एक विशाल राज्य पर शासन किया।
- मथुरा (उत्तर प्रदेश) के पास स्थित एक मंदिर में कुषाण शासकों की विशाल प्रतिमाएँ स्थापित की गई हैं। इसी तरह की मूर्तियां अफगानिस्तान के एक धर्मस्थल में भी पाई गई हैं। कुछ इतिहासकारों को यह जानकारी मिली है कि कुषाण स्वयं को देवतुल्य मानते थे। कई कुषाण शासकों ने भी देवपुत्र या “भगवान का पुत्र” की पदवी धारण की थी, जो संभवतः चीनी शासकों (जो स्वयं को स्वर्ग का पुत्र कहते थे) से प्रेरित थे।
- विजयनगर के राजाओं ने भगवान विरुपाक्ष की ओर से शासन करने का दावा किया था। शासकों ने “हिंदू सूरताना” पदवी का उपयोग करके देवताओं के साथ अपने निकट संबंधों का संकेत दिया था, इसका अर्थ हिंदू सुल्तान था।
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Question 4 of 5
4. Question
स्वदेशी आंदोलन से पूर्व के वर्षों के दौरान प्रभावशाली समाचार पत्रों का विकास हुआ था। निम्नलिखित समाचार पत्रों और उनके संपादकों सुम्मेलित कीजिए।
- स्वदेशमित्र: जी. सुब्रमण्य अय्यर
- अमृत बाजार पत्रिका: मोतीलाल घोष
- वॉयस ऑफ इंडिया: एन.एन. सेन
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: a)
- स्वदेशमित्र का संपादन जी. सुब्रमण्य अय्यर; बी.जी. तिलक द्वारा केसरी और मराठा; सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा बंगाली; शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष द्वारा अमृत बाज़ार पत्रिका; जी.के. गोखले द्वारा सुधाकर; एन.एन. सेन द्वारा भारतीय दर्पण; दादाभाई नौरोजी द्वारा वॉयस ऑफ इंडिया।
- वास्तव में, भारत में लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक नेताओं द्वारा समाचार पत्रों संपादन किया गया था।
Incorrect
उत्तर: a)
- स्वदेशमित्र का संपादन जी. सुब्रमण्य अय्यर; बी.जी. तिलक द्वारा केसरी और मराठा; सुरेंद्रनाथ बनर्जी द्वारा बंगाली; शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष द्वारा अमृत बाज़ार पत्रिका; जी.के. गोखले द्वारा सुधाकर; एन.एन. सेन द्वारा भारतीय दर्पण; दादाभाई नौरोजी द्वारा वॉयस ऑफ इंडिया।
- वास्तव में, भारत में लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक नेताओं द्वारा समाचार पत्रों संपादन किया गया था।
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Question 5 of 5
5. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- लखनऊ अधिवेशन में, कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की मुसलमानों की पृथक निर्वाचक मंडल की मांग को स्वीकार कर लिया गया।
- कराची अधिवेशन में, कांग्रेस ने आर्थिक नीति पर एक संकल्प को अपनाया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
- कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता को स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रीय संघर्ष के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना माना जा सकता है। कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की मुसलमानों की पृथक निर्वाचक मंडल की मांग को स्वीकार कर लिया गया।
- कांग्रेस के कराची अधिवेशन 1931 में, दो प्रस्तावों को अपनाया गया था – एक मौलिक अधिकारों पर और दूसरा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर- जिसने इस अधिवेशन को विशेष रूप से अविस्मरणीय बना दिया था।
Incorrect
उत्तर: c)
- कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौता को स्वतंत्रता के लिए राष्ट्रीय संघर्ष के दौरान एक महत्वपूर्ण घटना माना जा सकता है। कांग्रेस ने मुस्लिम लीग की मुसलमानों की पृथक निर्वाचक मंडल की मांग को स्वीकार कर लिया गया।
- कांग्रेस के कराची अधिवेशन 1931 में, दो प्रस्तावों को अपनाया गया था – एक मौलिक अधिकारों पर और दूसरा राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम पर- जिसने इस अधिवेशन को विशेष रूप से अविस्मरणीय बना दिया था।








