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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 27 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: स. अ.-1: सामाजिक सशक्तिकरण।

स.अ.-2: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

1. अनिवार्य माहवारी अवकाश के मुद्दे पर टिप्पणी कीजिए। हमारे देश में इससे सम्बंधित एक नवीन ढांचा निर्माण का भी विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Hindustan Times 

निर्देशक शब्द: 

टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

माहवारी अवकाश क्या है, समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

हाल ही में इसके चर्चाओं में रहने के कारणों को बताइये।

इससे सम्बंधित बुनियादी तथ्यों का उल्लेख कीजिए। इस विचार के पक्ष और विपक्ष दोनों के संदर्भ में तर्क प्रस्तुत कीजिए।

भारतीय संदर्भ में इसप्रकार के विचारों को क्रियान्वित किये जाने के महत्व पर प्रकाश डालिये।

निष्कर्ष:

भारत में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से इसकी प्रासंगिकता को दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

2. क्या आप सहमत हैं कि भारत में सामाजिक और वितरतात्मक न्याय के मानक अपर्याप्त हैं? और इस प्रवृत्ति को बदलने के लिए क्या न्याय को सार्वजनिक संभाषण में वापस लाना प्राथमिकता होनी चाहिए? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सामाजिक और वितरतात्मक न्याय को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

भारत के संदर्भ में इसकी स्थिति को दर्शाते हुए वितरतात्मक न्याय और इसके महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।

इससे सम्बंधित आवश्यकता-आधारित सिद्धांत की अवधारणा और योग्यता की अवधारणा पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि न्याय की सबसे उचित समतावादी अवधारणाएं आवश्यकता और योग्यता के मध्य संतुलन स्थापित करने का प्रयास करती हैं।

 

विषय: स. अ.-2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

स.अ.-3: बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

3. कोविड-19 महामारी के पश्चात की आर्थिक वसूली को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत विद्युत् क्षेत्र के निर्माण के उद्देश्य से केंद्र द्वारा हाल ही में प्रस्तावित सुधारों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Hindustan Times 

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

भारतीय विद्युत् क्षेत्र से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को प्रदर्शित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

विद्युत् क्षेत्र के प्रोत्साहन के लिए हाल के दिनों में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों को सूचीबद्ध कीजिए।

डिस्कॉम सुधार, विद्युत (संशोधन) मसौदा विधेयक-2020, जीवाश्म ईंधन के स्वच्छ स्रोतों में परिवर्तन के प्रयास जैसे नवीकरणीय ऊर्जा, आत्मनिर्भर भारत पहल आदि पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

4. देश में केवल अनाज उत्पादन के पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने में फसल चक्रीकरण और फसल विविधता की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

फसल चक्रीकरण और फसल विविधता से आपका क्या तात्पर्य है, समझाइये।

 विषय वस्तु:

अनाज की मांग के संदर्भ में कृषि प्रणाली की वर्तमान स्थिति को दर्शाइए।

चर्चा कीजिए कि किसी विशेष भूमि पर एक ही फसल को लगातार उगाना अनुपयुक्त क्यों है। भूमि की उर्वरता, भूजल स्तर आदि पर इसके प्रभावों की भी चर्चा कीजिए।

मृदा की उर्वरता और कृषि के अन्य पहलुओं में सुधार के लिए फसल चक्रीकरण और फसल विविधीकरण की भूमिका को स्पष्ट कीजिए। इसके महत्व को दर्शाने के लिए एक केस स्टडी भी प्रस्तुत कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: स. अ.-2: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

स.अ.-3: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।

5. पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में चल रही राजनीतिक अस्थिरता पर विस्तार से चर्चा कीजिए। यह भी समझाइये कि इस्लामिक स्टेट्स (IS) के आतंकवादियों के संचालन के लिए यह एक उपजाऊ भूमि कैसे सिद्ध हो रही है? (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की वर्तमान प्रासंगिकता को स्पष्ट कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को समझाते हुए इससे सम्बंधित चिंताओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।

पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में राजनीतिक अस्थिरता के बारे में विस्तार से बताइये।

आगे की राह क्या होनी चाहिए, चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिये यद्यपि IS अब किसी बड़े शहर को नियंत्रित नहीं करता है, लेकिन इराक में अल-कायदा के एक छोटे से गुट से विश्व के सबसे शक्तिशाली आतंकवादी समूहों में से एक बनने तक का इसका सफर सभी हितधारकों के लिए एक सबक होना चाहिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. सामाजिक पाप क्या है? क्या इसकी कोई मानक परिभाषा है? हम सामाजिक पापों से कैसे बच सकते हैं? और यदि हम तथाकथित सामाजिक पापों से दूर रहने में असफल रहते हैं, तो इसके परिणाम क्या होंगे? समझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: जी सुब्बाराव और पी एन चौधरी

निर्देशक शब्द:

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सामाजिक पाप को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि आज तक सामाजिक पाप की कोई प्रभावी और मानक परिभाषा निर्धारित नहीं की गयी है, जो स्पष्ट रूप से इसके व्यापक अर्थ की व्याख्या करती हो। लेकिन इसकी प्रकृति के आधार पर इसे परिभाषित किया जा सकता है।

सामाजिक पाप से बचने के उपायों को बताते हुए इसके प्रभावों को भी विस्तार से समझाइये।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिए कि इसकारण लोगों को सामाजिक पापों में शामिल होने से बचना चाहिए।

 

विषय: मामला अध्ययन (केस स्टडी) पर आधारित प्रश्न।

7. एक निजी स्कूल ने एक शिक्षक को यह दावा करते हुए बर्खास्त कर दिया कि वह छह माह के परिवीक्षाधीन अवधि को संतोषजनक मानकों पर पूरा करने में विफल रही है। लेकिन वास्तविक कारण यह था कि उसे एचआईवी की स्थिति के आधार पर सिर्फ तीन माह के बाद नौकरी से निलंबित कर दिया गया था। लेकिन विद्यालय इसे बर्खास्तगी का औपचारिक कारण बनाना नहीं चाहता है। वह आपकी पत्नी की सहेली है। वह किसी सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक शिकायत करने में संकोच कर रही है। क्योंकि आप एक जिला कलेक्टर हैं, अतः आपकी पत्नी ने अनौपचारिक रूप से आपसे इसकी चर्चा की।

 वह आपसे कुछ उम्मीद करती है लेकिन उसे डर है कि अगर बात सार्वजनिक हो जाती है तो इससे पीड़ित की भावना आहत होगी क्योंकि वह स्वयं कुछ नहीं करना चाहती है।

 आपके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई पर चर्चा कीजिए और प्रत्येक कदम का औचित्य सिद्ध कीजिए। (250 शब्द)

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

मामले का विवरण प्रस्तुत कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसमें शामिल नैतिक मुद्दों और संबंधित हितधारकों की पहचान कीजिए।

 आपके समक्ष उपलब्ध संभावित विकल्प एवं जिला कलेक्टर के रूप में आपके द्वारा की जाने वाली कार्रवाइयों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

 उपयुक्त समर्थन के साथ अपने प्रत्येक विकल्प के औचित्य को स्पष्ट कीजिए।

निष्कर्ष:

सर्वोत्तम आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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