HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का सबसे बड़ा मानवीय स्रोत कौनसा है
Correct
उत्तर: b)
- सभी मानव-उत्पादित कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन का लगभग 87 प्रतिशत कोयला, प्राकृतिक गैस और तेल जैसे जीवाश्म ईंधन के जलने से होता है।
- वनों की कटाई और अन्य भूमि उपयोग परिवर्तन (9%) के साथ-साथ सीमेंट निर्माण (4%) जैसे कुछ औद्योगिक प्रक्रियाओं के शेष उत्सर्जन होता है।
Incorrect
उत्तर: b)
- सभी मानव-उत्पादित कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन का लगभग 87 प्रतिशत कोयला, प्राकृतिक गैस और तेल जैसे जीवाश्म ईंधन के जलने से होता है।
- वनों की कटाई और अन्य भूमि उपयोग परिवर्तन (9%) के साथ-साथ सीमेंट निर्माण (4%) जैसे कुछ औद्योगिक प्रक्रियाओं के शेष उत्सर्जन होता है।
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Question 2 of 5
2. Question
समशीतोष्ण वनों की तुलना में उष्णकटिबंधीय वर्षा वन की प्राथमिक उत्पादकता कम होता है। इसका क्या कारण है
Correct
उत्तर: a)
- भारी वर्ष से लगातार निक्षालन (लीचिंग) के कारण मृदा में पोषक तत्वों की कमी और अम्लीय हो जाती है।
- बारम्बार होने वाली वर्ष से शीर्ष मृदा का अपरदन हो जाता है और कुछ विशेष खनिज और जैविक अवशेष ही शेष रह जाते हैं। इसलिए, यदि इन वनों की कटाई कर दी जाये, तो लंबे समय में उष्णकटिबंधीय वनों में होने वाली वनस्पतियों के समान वृद्धि नहीं होगी।
- हालांकि, वर्षावन मृत कार्बनिक पदार्थों (पेड़ों से गिरने वाली पत्तियां) के द्वारा मृदा का पुनर्निर्माण कर सकते हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
- भारी वर्ष से लगातार निक्षालन (लीचिंग) के कारण मृदा में पोषक तत्वों की कमी और अम्लीय हो जाती है।
- बारम्बार होने वाली वर्ष से शीर्ष मृदा का अपरदन हो जाता है और कुछ विशेष खनिज और जैविक अवशेष ही शेष रह जाते हैं। इसलिए, यदि इन वनों की कटाई कर दी जाये, तो लंबे समय में उष्णकटिबंधीय वनों में होने वाली वनस्पतियों के समान वृद्धि नहीं होगी।
- हालांकि, वर्षावन मृत कार्बनिक पदार्थों (पेड़ों से गिरने वाली पत्तियां) के द्वारा मृदा का पुनर्निर्माण कर सकते हैं।
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Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित में से कौन-सी परिस्थितियां आमतौर पर प्रवाल विरंजन (coral bleaching) को बढ़ावा देती हैं?
- महासागरीय नितल में निम्न अवसादन
- असामान्य रूप से समुद्र के जल का गर्म होना
- महासागरों का अम्लीकरण
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
- प्रवाल विरंजन (coral bleaching) से कोरल के सूक्ष्म प्रकाश संश्लेषक शैवाल का निष्कासित हो जाता है, जिससे उनका रंग विरंजित हो जाता है। यह प्रवाल को केल्सफ़ाइड कर देता है जिससे कोरल का रंग सफ़ेद हो जाता है। शैवाल प्रवाल के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो इसे विकसित करने में मदद करने के लिए प्रकाश संश्लेषण के जैविक उत्पादों का उपयोग करता है। शैवाल के समाप्त होने से यह बीमारी के प्रति सुभेद्य हो जाते हैं और अंततः ये मर जाते हैं। जब एक प्रवाल विरंजित होता है, तो यह मृत नहीं होता है।
- कोरल के विकास के लिए आवश्यक परिस्थितियां गर्म उष्णकटिबंधीय महासागर, जिसका न्यूनतम तापमान 20 डिग्री होता है; स्वच्छ महासागर निकाय; समुद्र का जल तलछट से मुक्त होना चाहिए; इसमें अपेक्षाकृत कम लवणता होनी चाहिए आदि। जब ये परिस्थितियां ख़राब हो जाती हैं तो इससे प्रवाल विरंजन होता है।
Incorrect
उत्तर: d)
- प्रवाल विरंजन (coral bleaching) से कोरल के सूक्ष्म प्रकाश संश्लेषक शैवाल का निष्कासित हो जाता है, जिससे उनका रंग विरंजित हो जाता है। यह प्रवाल को केल्सफ़ाइड कर देता है जिससे कोरल का रंग सफ़ेद हो जाता है। शैवाल प्रवाल के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो इसे विकसित करने में मदद करने के लिए प्रकाश संश्लेषण के जैविक उत्पादों का उपयोग करता है। शैवाल के समाप्त होने से यह बीमारी के प्रति सुभेद्य हो जाते हैं और अंततः ये मर जाते हैं। जब एक प्रवाल विरंजित होता है, तो यह मृत नहीं होता है।
- कोरल के विकास के लिए आवश्यक परिस्थितियां गर्म उष्णकटिबंधीय महासागर, जिसका न्यूनतम तापमान 20 डिग्री होता है; स्वच्छ महासागर निकाय; समुद्र का जल तलछट से मुक्त होना चाहिए; इसमें अपेक्षाकृत कम लवणता होनी चाहिए आदि। जब ये परिस्थितियां ख़राब हो जाती हैं तो इससे प्रवाल विरंजन होता है।
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Question 4 of 5
4. Question
किसी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए कोरल रीफ का क्या योगदान हैं?
- ये भोजन और आश्रय प्रदान करके मछली उत्पादन का समर्थन करते हैं।
- ये निचले वायुमंडल और समुद्र के जल में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता को नियंत्रित करते हैं।
- ये समुद्री तटों की ओर प्रवाहित होने वाली समुद्री लहरों को नियंत्रित करते हैं।
- सभी पारिस्थितिक तंत्रों में इनकी प्राथमिक उत्पादकता सर्वाधिक होती है।
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
- अतिरिक्त CO2 का उपयोग रीफ़ के कैल्सीफिकेशन के लिए किया जाता है और इस तरह अतिरिक्त CO2 को नियंत्रित किया जाता है। इसलिए, कोरल रीफ़ ग्रीन हाउस प्रभाव को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं क्योंकि ये कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं।
- ये आमतौर पर सुनामी या चक्रवात या समुद्री लहरों के विरुद्ध प्रथम अवरोधक के रूप में कार्य करते हैं।
- इनकी समुद्र के भीतर सर्वाधिक प्राथमिक उत्पादकता है। सभी में, एस्ट्यूरी की सबसे अधिक प्राथमिक उत्पादकता होती है।
Incorrect
उत्तर: b)
- अतिरिक्त CO2 का उपयोग रीफ़ के कैल्सीफिकेशन के लिए किया जाता है और इस तरह अतिरिक्त CO2 को नियंत्रित किया जाता है। इसलिए, कोरल रीफ़ ग्रीन हाउस प्रभाव को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं क्योंकि ये कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं।
- ये आमतौर पर सुनामी या चक्रवात या समुद्री लहरों के विरुद्ध प्रथम अवरोधक के रूप में कार्य करते हैं।
- इनकी समुद्र के भीतर सर्वाधिक प्राथमिक उत्पादकता है। सभी में, एस्ट्यूरी की सबसे अधिक प्राथमिक उत्पादकता होती है।
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Question 5 of 5
5. Question
शैवाल के अनुप्रयोगों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- बायोडीजल और बायोएथेनॉल बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
- यह एक पूर्ण प्रोटीन है जिसमें आवश्यक अमीनो एसिड होते हैं।
- उर्वरक और मृदा स्वास्थ्य में वृद्धि (soil conditioner) के लिए उपयोग किया जाता है।
- अपशिष्ट जल उपचार में उपयोग किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
- शैवाल का उपयोग बायोडीजल और बायोएथेनॉल बनाने के लिए किया जा सकता है।
- यह आवश्यक अमीनो एसिड (अधिकांश प्लांट फ़ूड के विपरीत) के साथ एक पूर्ण प्रोटीन होता है जो ऊर्जा एवं एंजाइम उत्पादन जैसी प्रमुख चयापचय प्रक्रियाओं में उपयोगी होते हैं।
- इनका उर्वरक, साइल कंडीशनर के रूप में उपयोग किया जाता है और पशुधन चारे का एक स्रोत हैं।
- शैवाल का उपयोग अपशिष्ट जल उपचार के लिए किया जाता है, जो पहले से उपयोग किए जाने वाले जहरीले रसायनों की अधिक मात्रा की आवश्यकता को कम करता है।
- खेतों से अपवाहित होने वाले उर्वरकों को नियंत्रित करने के लिए शैवाल का उपयोग किया जा सकता है।
Incorrect
उत्तर: d)
- शैवाल का उपयोग बायोडीजल और बायोएथेनॉल बनाने के लिए किया जा सकता है।
- यह आवश्यक अमीनो एसिड (अधिकांश प्लांट फ़ूड के विपरीत) के साथ एक पूर्ण प्रोटीन होता है जो ऊर्जा एवं एंजाइम उत्पादन जैसी प्रमुख चयापचय प्रक्रियाओं में उपयोगी होते हैं।
- इनका उर्वरक, साइल कंडीशनर के रूप में उपयोग किया जाता है और पशुधन चारे का एक स्रोत हैं।
- शैवाल का उपयोग अपशिष्ट जल उपचार के लिए किया जाता है, जो पहले से उपयोग किए जाने वाले जहरीले रसायनों की अधिक मात्रा की आवश्यकता को कम करता है।
- खेतों से अपवाहित होने वाले उर्वरकों को नियंत्रित करने के लिए शैवाल का उपयोग किया जा सकता है।









