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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 25 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 1


 

विषय: स.अ.1- भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएं, भारत की विविधता। सामाजिक सशक्तिकरण। स.अ.2- सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

1. भारत में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (Transgenders) से सम्बंधित समस्याएं क्या हैं? इन समस्याओं से निपटने के लिए उपलब्ध विधिक उपायों पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

ट्रांसजेंडर व्यक्ति से आपका क्या तात्पर्य है, संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

भारत में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से संबंधित समस्याओं पर चर्चा कीजिए।

भारतीय विधियों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को कौन- कौन से अधिकार प्रदान किये गए हैं, चर्चा कीजिए।

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) विधेयक, 2016, राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर परिषद आदि का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिये कि भारत की सरकार और नागरिकों के लिए यह आवश्यक है कि वे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकार सुनिश्चित करें।

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

2. हालाँकि विभिन्न सरकारी पहलों और नीतियों ने किफायती आवास क्षेत्र में अवसर पैदा किए हैं, लेकिन अभी भी चुनौतियां कायम हैं। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  Financial Express 

निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

भारत में किफायती आवास क्षेत्र में विभिन्न सरकारी पहलों / नीतियों और इनके द्वारा प्रदान किये गए अवसरों पर चर्चा कीजिए।

अंतर्निहित चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा कीजिए।

संक्षेप में उपचारात्मक उपाय बताइये।

 निष्कर्ष:

आगे की राह निर्धारित करते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।

3. “बांग्लादेश के सामरिक महत्व को ध्यान में रखते हुए और एक जिम्मेदार ऊपरी तटवर्ती राज्य के रूप में भारत को तीस्ता समझौते के जल्द समापन के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है”। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Indian Express 

 निर्देशक शब्द:

 टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

हाल ही के घटनाक्रमों के आलोक में प्रश्न के संदर्भ को समझाइये।

 विषय वस्तु:

दोनों देशों के मध्य तीस्ता नदी की भौगोलिक अवस्थिति को संक्षेप में समझाइये।

दोनों देशों के मध्य लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों पर चर्चा कीजिए।

 समय की मांग क्या है, स्पष्ट कीजिए।

 निष्कर्ष:

भारत द्वारा वर्तमान परिस्थितियों में क्या कदम उठाये जाने चाहिए, बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

4. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की मुख्य विशेषताएं क्या हैं? चर्चा कीजिए कि कल्याण से लेकर अधिकार-आधारित दृष्टिकोण तक खाद्य सुरक्षा के दृष्टिकोण में यह किस प्रकार से एक ऐतिहासिक क्षण को चिन्हित करता है। (250 शब्द)

 सन्दर्भ News on Air 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के बारे में संक्षेप में बताइये।

 विषय वस्तु:

इसकी प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उद्देश्यों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

खाद्य सुरक्षा के महत्व एवं इससे सम्बंधित चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: स.अ.2- सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। स.अ.3- भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

5. एक मुक्त बाजार अर्थव्यवस्था में बेहतर विकास के लिए राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति भारत के लिए समय की मांग है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Financial Express 

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

देश की अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा नीति को समझाते हुए इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

वर्तमान भारतीय अर्थव्यवस्था के आलोक में प्रतिस्पर्धा नीति की आवश्यकता को स्पष्ट कीजिए।

इस प्रकार की नीति के लाभ और हानि दोनों पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: आपदा और आपदा प्रबंधन।

6. आपदा जोखिम न्यूनीकरण के समग्र दृष्टिकोण के लिए, स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा में लाने और इसे आधुनिक तकनीकों के साथ सम्बद्ध करने की आवश्यकता है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: ncbi.nlm.nih.gov ,thenewhumanitarian.org

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

आपदा जोखिम न्यूनीकरण को परिभाषित करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

आपदा जोखिम न्यूनीकरण की अवधारणा को संक्षेप में समझाइये और इसे स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान से प्राप्त लाभों से सम्बद्ध कीजिए।

विभिन्न पारिस्थितिकी प्रणालियों से सम्बंधित खतरों को सूचीबद्ध करते हुए स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को मुख्यधारा में लाने की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

एक व्यापक आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीति के लिए आधुनिक तकनीकों के साथ पारंपरिक ज्ञान क्षेत्र को एकीकृत करने के कुछ उपाय बताइये।

निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।

7. एक नौकरशाह को राजनीतिक रूप से तटस्थ होने की आवश्यकता है, न कि कार्यक्रम तटस्थ। सिद्ध कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: जी. सुब्बाराव एवं पी.एन. चौधरी

 निर्देशक शब्द: 

सिद्ध कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पक्ष के समर्थन में प्रासंगिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए सरल भाषा में अपना उत्तर लिखे।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

राजनीतिक तटस्थता से आपका क्या तात्पर्य है, समझाइए।

 विषय वस्तु:

राजनीतिक तटस्थता के औचित्य को स्पष्ट कीजिए।

 तटस्थ नौकरशाही की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

समझाइये कि किस प्रकार से एक नौकरशाह को राजनीतिक रूप से तटस्थ होने की आवश्यकता है, न कि कार्यक्रम तटस्थ।

प्रासंगिक केस स्टडी की सहायता से उपर्युक्त की पुष्टि कीजिए।

निष्कर्ष:

नौकरशाहों के लिए राजनीतिक तटस्थता के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिये।


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