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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] मिनी सिक्योर रिवीजन टेस्ट: 22 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय। गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।

1. गरीबी को संबोधित करना, माताओं और उनके शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार की एक कुंजी है, इस संदर्भ में इस दिशा में भारत सरकार द्वारा किये गए प्रयासों की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

 चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारंभ कीजिए।

 विषय वस्तु:

महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत करते हुए समझाइए कि गरीबी, स्वास्थ्य और पोषण से किस प्रकार सम्बन्धित है।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गए प्रयासों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण से सम्बंधित चुनौतियों का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष:

इसके समाधान के लिए उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

2. स्थानीय लोगों के लिए नौकरी कोटा प्रारम्भ करने की भारतीय राज्यों की पहल का विश्लेषण कीजिए क्या आपको लगता है कि यह कमजोर अर्थशास्त्र के समतुल्य है? (250 शब्द)

सन्दर्भ:   The Hindu Business Line

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में प्रारम्भ की गयी नीति के आलोक में प्रश्न के सन्दर्भ को समझाइये।

 विषय वस्तु:

उन राज्यों का भी उल्लेख कीजिए, जहाँ यह प्रावधान पहले से लागू है।

 इसके संवैधानिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए “समानता के अधिकार” के उल्लंघन के रूप में इसका विश्लेषण कीजिए।

विस्तार से समझाइए कि यह कमजोर अर्थव्यवस्था के लिए कैसे उत्तरदायी होगा।

 निष्कर्ष:

भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके नकारात्मक प्रभावों को बताते हुए आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

3. “ईट राइट इंडिया” अभियान, जो भारत के भोजन कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर ले जा सकता है, पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए (250 शब्द)

 सन्दर्भ: Financial Express 

निर्देशक शब्द: 

लेख लिखिए- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ के आधार पर उसके सभी पहलुओं को शामिल करते हुए उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

“ईट राइट इंडिया” अभियान का विस्तार से वर्णन करते हुए इसकी प्रमुख विशेषताओं का भी उल्लेख कीजिए।

संदर्भित लेख की सहायता से समझाइए कि यह अभियान भारत के लिए महत्वपूर्ण कैसे है।

समझाइए कि यह भारत के भोजन कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर कैसे ले जा सकता है।

 निष्कर्ष:

इस प्रकार के कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय। स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।

4. जैसा कि कोरोना संकट भारतीय शहरों में कम हो रहा है, भारत को एक समावेशी लचीले भविष्य के लिए अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन की आवश्यकता है। चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

महत्वपूर्ण तथ्यों और आंकड़ों की सहायता से समझाइए कि भारत, कोविड-19 जैसी महामारियों के लिए सुभेद्य क्यों है।

समझाइये कि भारत को एक समावेशी लचीले भविष्य के लिए अपने दृष्टिकोण में परिवर्तन की आवश्यकता क्यों है।

महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे- जल, भोजन एवं पोषण, आवास, स्वच्छता आदि में सुधार की आवश्यकताओं पर बल देते हुए इनसे सम्बंधित चुनौतियों का भी उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

इन चुनौतियों के समाधान के लिए सुझाव देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

5. शिक्षण- अधिगम परिणामों में सुधार करने के लिए शिक्षण- अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी का समावेश करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में शिक्षण- अधिगम प्रक्रिया में प्रौद्योगिकी का समावेश करने से सम्बंधित प्रासंगिक बिंदुओं पर प्रकाश डालिये।

शिक्षा के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के उपयोग से सम्बंधित चुनौतियों और सीमाओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।

इस दिशा में सरकार द्वारा किये गये प्रयासों का भी उल्लेख कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

6. यह समय, भारतीय विनिर्माण कंपनियों के लिए अद्वितीय गतिशील क्षमताओं की प्रगति के लिए उपयुक्त है, जो औद्योगिक युग 4.0 में इन्हें वैश्विक नेतृत्व के लिए प्रेरित कर सकता है। टिप्पणी कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu Business line 

निर्देशक शब्द: 

टिप्पणी कीजिये ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय पर अपने ज्ञान और समझ को बताते हुए एक समग्र राय विकसित करनी चाहिए।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

औद्योगिक युग 4.0 से आपका क्या तात्पर्य है, संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

आत्मनिर्भर भारत अभियान के संदर्भ में भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की प्रमुख गतिविधियों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

विनिर्माण क्षेत्र में गतिशील प्रौद्योगिकी की आवश्यकता को समझाते हुए भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

इस क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके समाधान के लिए उपाय भी सुझाइये।

निष्कर्ष:

वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के महत्त्व को स्पष्ट करते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. नीतिशास्त्र के विकास में स्वामी विवेकानंद के दर्शन के योगदान पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

स्वामी विवेकानंद के दर्शन को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

स्वामी विवेकानंद के दर्शन की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उनकी वर्तमान प्रासंगिकता भी दर्शाइए।

नीतिशास्त्र के निर्माण में उनकी भूमिका का विस्तार से वर्णन कीजिए।

निष्कर्ष:

उनके दर्शन के महत्व को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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