[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 21 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन – 2


 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

1. संस्थागत अखंडता के सिद्धांत का आविष्कार करने के पश्चात, क्या भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने इसे राजनीतिक व्यवस्था के मामलों में समान रूप से लागू किया है? उपयुक्त उदाहरणों के साथ अपनी राय प्रस्तुत कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Wire 

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

संस्थागत अखंडता के सिद्धांत से आपका क्या तात्पर्य है, समझाइये।

 विषय वस्तु:

प्रश्न के संदर्भ को समझाने के लिए प्रासंगिक उदाहरणों का उल्लेख कीजिए।

शीर्ष न्यायालय के 70 वर्ष के अस्तित्व में इसकी सफलताओं और विफलताओं पर संक्षेप में टिप्पणी कीजिए।

हाल ही की घटनाओं का उल्लेख कीजिए, जिसमें इस सिद्धांत के साथ समझौता किया गया।

ऐसी परिस्थितियों में क्या किया जाना चाहिए, सुझाव दीजिए।

निष्कर्ष:

एक निष्पक्ष एवं संतुलित राय के साथ निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

2. हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले- हिंदू अविभाजित परिवार में बेटियों को पैतृक संपत्ति में बेटों के समान अधिकार होगा, के आलोक में हिंदू उत्तराधिकार कानून और भारत में बेटियों के अधिकारों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: r.search.yahoo.com 

निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में समझाते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:  

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

हिन्दू उत्तराधिकार कानून की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

ऐतिहासिक रूप से भारत में बेटियों के अधिकार और उनकी वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी कीजिए।

 निष्कर्ष:

निष्कर्ष निकालिये कि ऐसे निर्णय न्याय और लैंगिक समानता को बढ़ावा देते हैं।

 


सामान्य अध्ययन – 3


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

3. हाल ही में देश में प्रारम्भ किए गए पारदर्शी कराधान मंच “पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान” का विस्तार से विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Big Picture: Transparent Taxation, Honoring the Honest

 निर्देशक शब्द:

 विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

देश की कराधान प्रणाली को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

पारदर्शी कराधान मंच की प्रमुख विशेषताओं और इसके उद्देश्यों को विस्तार से बताइये।

 निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

4. वर्तमान कोविड-19 संकट ने देश के केंद्रीय बैंकिंग ढांचे की सीमाओं को उजागर कर दिया है। कथन का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express  

 निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न के संदर्भ को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि कोविड-19 संकट ने देश के केंद्रीय बैंकिंग ढांचे की सीमाओं को कैसे उजागर किया है।

इसके समाधान के लिए केंद्रीय बैंक को क्या करना चाहिए, समझाइये।

संदर्भित लेख की सहायता से बैंक के पास उपलब्ध विकल्पों को सूचीबद्ध कीजिए।

 निष्कर्ष:

आगे की राह बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।

5. ऊर्ध्वाधर कृषि से आप क्या समझते हैं? हमारे देश में इसकी संभावनाओं पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

 निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

ऊर्ध्वाधर कृषि को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

इसकी प्रमुख विशेषताओं और सीमाओं का उल्लेख कीजिए।

भारत में इसकी संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन – 4


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

6. समकालीन विश्व में बुद्ध की नैतिक शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लैक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

महात्मा बुद्ध का संक्षेप में परिचय देते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।

समकालीन विश्व में उनकी शिक्षाओं की प्रासंगिकता को विस्तार से समझाइये।

 निष्कर्ष:

इसप्रकार निष्कर्ष निकालिये कि बुद्ध के 84,000 उपदेशों ने विभिन्न समयों और विपरीत संस्कृतियों में अनुकूलन और लोगों को समझने की उल्लेखनीय क्षमता दिखाई है।

  

विषय: केस स्टडी (मामला अध्ययन) ।

7. आपको पार्श्व प्रवेश के माध्यम से भारत सरकार में संयुक्त सचिव के पद के लिए योग्य माना गया है। आप जानते हैं कि दो संस्थानों- निजी एवं सरकारी की कार्य संस्कृतियों में अत्यधिक अंतर होता है। आपके अनुसार सरकारी व्यवस्था में काम करते समय आपके समक्ष कौन- कौन से मुद्दे होंगे? आप इन मुद्दों से कैसे निपटेंगे? (250 शब्द)

सन्दर्भ: केस स्टडी (मामला अध्ययन)

 उत्तर की संरचना: 

परिचय: दिए गए मामले में ऐसी स्थिति को दर्शाया गया है जहां कार्य संस्कृतियों में अंतर को सुगमता, प्रभावशीलता और न्यूनतम संघर्ष से ख़त्म किया जा सकता है।

 विषय वस्तु:

मामले से संबंधित हितधारकों और शामिल नैतिक मुद्दों की पहचान कीजिए।

इन मुद्दों के समाधान के लिए संभावित विकल्पों को बताते हुए प्रत्येक का विश्लेषण कीजिए। 

विशेष रूप से इन मुद्दों पर चर्चा कीजिए- स्वीकार्यता, लाभ बनाम लोग, प्रौद्योगिकी की उपलब्धता, प्रोत्साहन संरचना और प्रेरणा आदि।

निष्कर्ष:

इसप्रकार निष्कर्ष निकालिये कि कार्य संस्कृति में अंतर न केवल संस्थानों के उद्देश्यों और मानव संसाधन नीति के कामकाज के संदर्भ में है, बल्कि लोगों की क्षमता के संदर्भ में भी है। परिचालन और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ एक सक्षम प्रबंधक के रूप में समस्याओं का सफलतापूर्वक समाधान करने के लिए संगठनात्मक लक्ष्यों के साथ व्यक्तिगत आकांक्षाओं को संरेखित करने की भी आवश्यकता होती है।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos