HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
एक साथ चुनावों कराने संबंधी प्रावधान को लागू करने के लिए, संविधान के निम्नलिखित किन संबंधित अनुच्छेदों में परिवर्तन करने की आवश्यकता होगी?
- संसद के सदनों की अवधि
- राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा का विघटन
- राष्ट्रपति शासन
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: d)
- यदि केंद्र एक साथ चुनाव कराना चाहता है, तो संविधान में पांच संशोधन किए जाने की आवश्यकता होगी। एक साथ चुनावों की सुविधा को लागू करने हेतु अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि से संबंधित है) को अनुच्छेद 85 (राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा को विघटित करना), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानसभाओं की अवधि), अनुच्छेद 174 (राज्य विधानसभाओं का विघटन) और अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) के साथ संशोधित करना होगा।
- जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 15 में संशोधन करके “एक वर्ष एक चुनाव (One year one election)” को लागू किया जा सकता है।
Incorrect
उत्तर: d)
- यदि केंद्र एक साथ चुनाव कराना चाहता है, तो संविधान में पांच संशोधन किए जाने की आवश्यकता होगी। एक साथ चुनावों की सुविधा को लागू करने हेतु अनुच्छेद 83 (संसद के सदनों की अवधि से संबंधित है) को अनुच्छेद 85 (राष्ट्रपति द्वारा लोकसभा को विघटित करना), अनुच्छेद 172 (राज्य विधानसभाओं की अवधि), अनुच्छेद 174 (राज्य विधानसभाओं का विघटन) और अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन) के साथ संशोधित करना होगा।
- जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 15 में संशोधन करके “एक वर्ष एक चुनाव (One year one election)” को लागू किया जा सकता है।
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Question 2 of 5
2. Question
विशेषाधिकार प्रस्ताव (privilege motion) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- अध्यक्ष या सभापति की सहमति से कोई सदस्य, सदस्य या सदन या उसकी किसी समिति के विशेषाधिकार के उल्लंघन से संबंधित प्रश्न उठा सकता है।
- अध्यक्ष/सभापति विशेषाधिकार प्रस्ताव पर निर्णय लेने वाले एकमात्र प्राधिकारी हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: b)
- लोकसभा नियमवाली के अध्याय 20 की नियम संख्या 222 और राज्यसभा की नियमवाली के अध्याय 16 की नियम संख्या 187 विशेषाधिकार को नियंत्रित करती है। इसमें कहा गया है कि अध्यक्ष या सभापति की सहमति से कोई सदस्य, सदस्य या सदन या उसकी किसी समिति के विशेषाधिकार के उल्लंघन से संबंधित प्रश्न उठा सकता है।हालांकि नियम यह कहते हैं कि किसी भी नोटिस को हाल की घटना से संबंधित होना चाहिए और उस पर सदन द्वारा हस्तक्षेप करना चाहिए।
अध्यक्ष / राज्यसभा के सभापति की क्या भूमिका है?
- अध्यक्ष / सभापति विशेषाधिकार प्रस्ताव की जांच करने वाला पहला स्तर होता है। अध्यक्ष / सभापति स्वयं विशेषाधिकार प्रस्ताव पर निर्णय ले सकते हैं या इसे संसद की विशेषाधिकार समिति को संदर्भित कर सकते हैं। यदि अध्यक्ष / सभापति नियम 222 के तहत सहमति देते हैं, तो संबंधित सदस्य को एक लघु वक्तव्य देने का अवसर दिया जाता है।
Incorrect
उत्तर: b)
- लोकसभा नियमवाली के अध्याय 20 की नियम संख्या 222 और राज्यसभा की नियमवाली के अध्याय 16 की नियम संख्या 187 विशेषाधिकार को नियंत्रित करती है। इसमें कहा गया है कि अध्यक्ष या सभापति की सहमति से कोई सदस्य, सदस्य या सदन या उसकी किसी समिति के विशेषाधिकार के उल्लंघन से संबंधित प्रश्न उठा सकता है।हालांकि नियम यह कहते हैं कि किसी भी नोटिस को हाल की घटना से संबंधित होना चाहिए और उस पर सदन द्वारा हस्तक्षेप करना चाहिए।
अध्यक्ष / राज्यसभा के सभापति की क्या भूमिका है?
- अध्यक्ष / सभापति विशेषाधिकार प्रस्ताव की जांच करने वाला पहला स्तर होता है। अध्यक्ष / सभापति स्वयं विशेषाधिकार प्रस्ताव पर निर्णय ले सकते हैं या इसे संसद की विशेषाधिकार समिति को संदर्भित कर सकते हैं। यदि अध्यक्ष / सभापति नियम 222 के तहत सहमति देते हैं, तो संबंधित सदस्य को एक लघु वक्तव्य देने का अवसर दिया जाता है।
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Question 3 of 5
3. Question
इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित पोस्टल बैलट सिस्टम (ETPBS) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- ETPBS को भारत के निर्वाचन आयोग ने सेंटर ऑफ़ डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) की मदद से विकसित किया है।
- यह पूरी तरह से सुरक्षित प्रणाली है, जिसमें दो स्तरीय सुरक्षा प्रणाली मौजूद है।
- सर्विस वोटर और सर्विस वोटर की पत्नी जो आमतौर पर उसके साथ रहती है, ETPBS के लिए पात्र है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
- इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित पोस्टल बैलट सिस्टम (Electronically transmitted Postal Ballot System: ETPBS):
- ETPBS को भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा सेंटर ऑफ़ डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) की सहायता से, सर्विस वोटर्स के उपयोग के लिए विकसित किया गया है।
- यह पूरी तरह से सुरक्षित प्रणाली है, जिसमें दो स्तरीय सुरक्षा प्रणाली मौजूद है। ओटीपी और पिन के उपयोग के माध्यम से गोपनीयता बनाए रखी जाती है और विशिष्ट क्यूआर कोड के कारण इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित पोस्टल बैलट (ETPB) का कोई प्रतिलिपिकरण संभव नहीं है।
- अर्धसैनिक बलों में कार्यरत व्यक्तियों और भारत के बाहर राजनयिक मिशनों पर तैनात सैन्य और सरकारी अधिकारियों को सर्विस वोटर के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
ETPBS के लिए पात्र निर्वाचक वर्ग:
- प्रॉक्सी वोटिंग (क्लासीफाइड सर्विस वोटर्स) का विकल्प चुनने वालों के अतिरिक्त सर्विस वोटर्स।
- सर्विस वोटर की पत्नी जो आमतौर पर उसके साथ रहती है।
- प्रवासी मतदाता।
Incorrect
उत्तर: d)
- इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित पोस्टल बैलट सिस्टम (Electronically transmitted Postal Ballot System: ETPBS):
- ETPBS को भारत के निर्वाचन आयोग द्वारा सेंटर ऑफ़ डेवलपमेंट ऑफ़ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) की सहायता से, सर्विस वोटर्स के उपयोग के लिए विकसित किया गया है।
- यह पूरी तरह से सुरक्षित प्रणाली है, जिसमें दो स्तरीय सुरक्षा प्रणाली मौजूद है। ओटीपी और पिन के उपयोग के माध्यम से गोपनीयता बनाए रखी जाती है और विशिष्ट क्यूआर कोड के कारण इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित पोस्टल बैलट (ETPB) का कोई प्रतिलिपिकरण संभव नहीं है।
- अर्धसैनिक बलों में कार्यरत व्यक्तियों और भारत के बाहर राजनयिक मिशनों पर तैनात सैन्य और सरकारी अधिकारियों को सर्विस वोटर के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
ETPBS के लिए पात्र निर्वाचक वर्ग:
- प्रॉक्सी वोटिंग (क्लासीफाइड सर्विस वोटर्स) का विकल्प चुनने वालों के अतिरिक्त सर्विस वोटर्स।
- सर्विस वोटर की पत्नी जो आमतौर पर उसके साथ रहती है।
- प्रवासी मतदाता।
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Question 4 of 5
4. Question
संसदीय समितियों के कार्य निम्नलिखित में से कौन-से हैं।
- मंत्रालयी बजट की जांच करना और अनुदान की मांगों पर विचार करना।
- राज्य सभा के सभापति या लोकसभा अध्यक्ष द्वारा निर्दिष्ट विधेयकों की जाँच करना।
- पार्टी व्हिप के माध्यम से किसी प्रस्तावित विधेयक पर किसी राजनीतिक दल के विचार को जानना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: b)
संसदीय समितियाँ क्या करती हैं?
- संसद के कार्य में सहयोग करना।
- मंत्रालयी बजट की जांच करना और अनुदान की मांगों पर विचार करना, विधि का विश्लेषण करना और सरकार के कामकाज की जांच करना।
- सभापति, राज्य सभा या अध्यक्ष, लोकसभा द्वारा निर्दिष्ट विधेयकों की जाँच करना।
- वार्षिक रिपोर्ट पर विचार करना
- सदन के समक्ष प्रस्तुत राष्ट्रीय आधारभूत दीर्घकालिक नीतिगत दस्तावेजों पर विचार करना और सभापति, राज्यसभा या अध्यक्ष, लोकसभा द्वारा समिति को संदर्भित किया जाता है।
Incorrect
उत्तर: b)
संसदीय समितियाँ क्या करती हैं?
- संसद के कार्य में सहयोग करना।
- मंत्रालयी बजट की जांच करना और अनुदान की मांगों पर विचार करना, विधि का विश्लेषण करना और सरकार के कामकाज की जांच करना।
- सभापति, राज्य सभा या अध्यक्ष, लोकसभा द्वारा निर्दिष्ट विधेयकों की जाँच करना।
- वार्षिक रिपोर्ट पर विचार करना
- सदन के समक्ष प्रस्तुत राष्ट्रीय आधारभूत दीर्घकालिक नीतिगत दस्तावेजों पर विचार करना और सभापति, राज्यसभा या अध्यक्ष, लोकसभा द्वारा समिति को संदर्भित किया जाता है।
-
Question 5 of 5
5. Question
प्राक्कलन समिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- यह प्रशासन में दक्षता लाने के लिए वैकल्पिक नीतियों का सुझाव देती है।
- यह संसद द्वारा मतदान किए जाने से पूर्व बजट का आकलन करती है।
- यह संसद द्वारा निर्धारित नीति पर प्रश्न नहीं उठा सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
प्राक्कलन समिति के कार्य हैं:
(क) प्राक्कलनों से संबंधित नीति से संगत क्या मितव्ययता, संगठन में सुधार, कार्यकुशलता या प्रशासनिक सुधार किए जा सकते हैं इस संबंध में प्रतिवेदित करना;
(ख) प्रशासन में कार्यकुशलता और मितव्ययता लाने के लिए वैकल्पिक नीतियों का सुझाव देना;
(ग) प्राक्कलनों में अंतर्निहित नीति की सीमा में रहते हुए धन ठीक ढंग से लगाया गया है या नहीं इसकी जांच करना; और
(घ) प्राक्कलन किस रूप में संसद में प्रस्तुत किए जाएंगे इसका सुझाव देना।
हालांकि, समिति की भूमिका की प्रभावशीलता निम्नलिखित द्वारा सीमित है:
(a) यह संसद द्वारा वोट किए जाने के बाद ही बजट अनुमानों की जांच करती है, इससे पहले नहीं।
(b) यह संसद द्वारा निर्धारित नीति पर सवाल नहीं उठा सकती है।
(c) इसकी सिफारिशें सलाहकारी हैं और मंत्रालयों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं।
(d) यह प्रतिवर्ष केवल कुछ चयनित मंत्रालयों और विभागों की जांच करती है। इस प्रकार, रोटेशन के आधार पर, इसे सभी मंत्रालयों और विभागों की जांच करने में कई वर्षों लगेंगे।
(e) इसमें CAG की विशेषज्ञ सहायता का अभाव होता है जो लोक लेखा समिति के पास उपलब्ध है।
(f) इसका कार्य पोस्टमार्टम प्रकृति का होता है।
Incorrect
उत्तर: d)
प्राक्कलन समिति के कार्य हैं:
(क) प्राक्कलनों से संबंधित नीति से संगत क्या मितव्ययता, संगठन में सुधार, कार्यकुशलता या प्रशासनिक सुधार किए जा सकते हैं इस संबंध में प्रतिवेदित करना;
(ख) प्रशासन में कार्यकुशलता और मितव्ययता लाने के लिए वैकल्पिक नीतियों का सुझाव देना;
(ग) प्राक्कलनों में अंतर्निहित नीति की सीमा में रहते हुए धन ठीक ढंग से लगाया गया है या नहीं इसकी जांच करना; और
(घ) प्राक्कलन किस रूप में संसद में प्रस्तुत किए जाएंगे इसका सुझाव देना।
हालांकि, समिति की भूमिका की प्रभावशीलता निम्नलिखित द्वारा सीमित है:
(a) यह संसद द्वारा वोट किए जाने के बाद ही बजट अनुमानों की जांच करती है, इससे पहले नहीं।
(b) यह संसद द्वारा निर्धारित नीति पर सवाल नहीं उठा सकती है।
(c) इसकी सिफारिशें सलाहकारी हैं और मंत्रालयों के लिए बाध्यकारी नहीं हैं।
(d) यह प्रतिवर्ष केवल कुछ चयनित मंत्रालयों और विभागों की जांच करती है। इस प्रकार, रोटेशन के आधार पर, इसे सभी मंत्रालयों और विभागों की जांच करने में कई वर्षों लगेंगे।
(e) इसमें CAG की विशेषज्ञ सहायता का अभाव होता है जो लोक लेखा समिति के पास उपलब्ध है।
(f) इसका कार्य पोस्टमार्टम प्रकृति का होता है।








