HINDI - INSIGHTS CURRENT EVENTS QUIZ 2020
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Welcome to Current Affairs Quiz in HINDI Medium. Hope you are happy with our Hindi Current Affairs. The following Quiz is based on the Hindu, PIB and other news sources. It is a current events based quiz. Solving these questions will help retain both concepts and facts relevant to UPSC IAS civil services exam – 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
1 pointsराष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal: NGT) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- NGT एक वैधानिक निकाय है जो देश में पर्यावरणीय मामलों पर निर्णय करने के हेतु पूरी तरह विशेषज्ञता से युक्त है।
- NGT का निर्णय पार्टियों के लिए बाध्यकारी होता है, जब तक पार्टियों के द्वारा उच्चतम न्यायालय में अपील नहीं की जाती है।
- NGT प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजे और क्षतिपूर्ति के रूप में राहत प्रदान नहीं कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: a)
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal: NGT), राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम (National Green Tribunal Act), 2010 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है जो देश में पर्यावरणीय मामलों पर निर्णय करने हेतु पूरी तरह विशेषज्ञता से युक्त है।
- अधिकरण को पर्यावरण संरक्षण, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन से संबंधित मामलों में प्रभावी और त्वरित उपाय प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। अधिकरण के आदेश बाध्यकारी हैं और इसमें प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा और क्षतिपूर्ति के रूप में राहत प्रदान करने का आदेश देने की शक्ति है।
- अधिकरण पांच क्षेत्रो में स्थिति है – उत्तर, मध्य, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम। मुख्य बेंच उत्तर (दिल्ली) क्षेत्र में स्थित है।
- अधिकरण के निर्णय बाध्यकारी हैं। सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत सिविल कोर्ट को प्राप्त शक्तियों के समान अधिकरण के आदेश प्रवर्तनीय हैं।
- अधिकरण के पास अपने स्वयं के निर्णयों की समीक्षा करने की शक्ति है। यदि यह विफल रहता है, तो नब्बे दिनों के भीतर निर्णय को उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती दी जा सकती है।
- अधिकरण एक ओपन कोर्ट (open court) है और इसकी कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया जा सकता है।
Incorrect
उत्तर: a)
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal: NGT), राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम (National Green Tribunal Act), 2010 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है जो देश में पर्यावरणीय मामलों पर निर्णय करने हेतु पूरी तरह विशेषज्ञता से युक्त है।
- अधिकरण को पर्यावरण संरक्षण, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा पर्यावरण से संबंधित किसी भी कानूनी अधिकार के प्रवर्तन से संबंधित मामलों में प्रभावी और त्वरित उपाय प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है। अधिकरण के आदेश बाध्यकारी हैं और इसमें प्रभावित व्यक्तियों को मुआवजा और क्षतिपूर्ति के रूप में राहत प्रदान करने का आदेश देने की शक्ति है।
- अधिकरण पांच क्षेत्रो में स्थिति है – उत्तर, मध्य, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम। मुख्य बेंच उत्तर (दिल्ली) क्षेत्र में स्थित है।
- अधिकरण के निर्णय बाध्यकारी हैं। सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत सिविल कोर्ट को प्राप्त शक्तियों के समान अधिकरण के आदेश प्रवर्तनीय हैं।
- अधिकरण के पास अपने स्वयं के निर्णयों की समीक्षा करने की शक्ति है। यदि यह विफल रहता है, तो नब्बे दिनों के भीतर निर्णय को उच्चतम न्यायालय के समक्ष चुनौती दी जा सकती है।
- अधिकरण एक ओपन कोर्ट (open court) है और इसकी कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से भाग लिया जा सकता है।
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Question 2 of 5
2. Question
1 pointsनवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy: MNRE) की विवाद समाधान समिति (Dispute Resolution Committee: DRC) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की विवाद समाधान समिति को सौर/पवन ऊर्जा डेवलपर्स और NTPC/सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के बीच विवादों को सुलझाने का कार्य सौंपा गया है।
- DRC का निर्णय पार्टियों पर बाध्यकारी होता है और वे केवल उच्चतम न्यायालय में ही अपील कर सकते हैं।
उपर्युक्त में से कथनों कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy: MNRE) की विवाद समाधान समिति (Dispute Resolution Committee: DRC) को सौर/पवन ऊर्जा डेवलपर्स और एनटीपीसी/सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के बीच विवादों को सुलझाने का कार्य सौंपा गया है।
- समिति का गठन अक्षय ऊर्जा अभिकर्ताओं (renewable energy players) और सरकारी एजेंसियों के बीच अप्रत्याशित विवादों को हल करने के लिए किया गया था।
- यह उन सभी परियोजनाओं को कवर करता है जिन्हें SECI और NTPC द्वारा या उसके माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।
- DRC, इसे संदर्भित ऐसे सभी मामलों की जांच करती है, जिनमें ऐसे मामले शामिल हैं जहां डेवलपर SECI और NTPC के निर्णय से संतुष्ट नहीं होते है और वे आवश्यक शुल्क का भुगतान करने के बाद अपील करने का निर्णय करते हैं।
- MNRE’s के पर्यवेक्षण के साथ DRC की सिफारिशों को अंतिम निर्णय के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
- किसी भी निर्णय पर पहुंचने के लिए, समिति मामले के संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करने के लिए स्वतंत्र है और उनके दृष्टिकोण पर विचार करती है। किसी भी वकील को DRC के समक्ष मामला पेश करने की अनुमति नहीं दी गई है।
Incorrect
उत्तर: a)
- नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of New and Renewable Energy: MNRE) की विवाद समाधान समिति (Dispute Resolution Committee: DRC) को सौर/पवन ऊर्जा डेवलपर्स और एनटीपीसी/सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के बीच विवादों को सुलझाने का कार्य सौंपा गया है।
- समिति का गठन अक्षय ऊर्जा अभिकर्ताओं (renewable energy players) और सरकारी एजेंसियों के बीच अप्रत्याशित विवादों को हल करने के लिए किया गया था।
- यह उन सभी परियोजनाओं को कवर करता है जिन्हें SECI और NTPC द्वारा या उसके माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है।
- DRC, इसे संदर्भित ऐसे सभी मामलों की जांच करती है, जिनमें ऐसे मामले शामिल हैं जहां डेवलपर SECI और NTPC के निर्णय से संतुष्ट नहीं होते है और वे आवश्यक शुल्क का भुगतान करने के बाद अपील करने का निर्णय करते हैं।
- MNRE’s के पर्यवेक्षण के साथ DRC की सिफारिशों को अंतिम निर्णय के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है।
- किसी भी निर्णय पर पहुंचने के लिए, समिति मामले के संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करने के लिए स्वतंत्र है और उनके दृष्टिकोण पर विचार करती है। किसी भी वकील को DRC के समक्ष मामला पेश करने की अनुमति नहीं दी गई है।
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Question 3 of 5
3. Question
1 pointsसंविधान (103वें संशोधन) अधिनियम, 2019 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019 केंद्र सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों और निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और केंद्र सरकार की नौकरियों में रोजगार के लिए समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (Economically Weaker Sections: EWS) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान करता है।
- राज्य सरकारों के लिए राज्य सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों या राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण प्रदान करना अनिवार्य नहीं है।
- इसने भारत के संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन किया है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
- संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019, केंद्र सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों और निजी शिक्षण संस्थानों (अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर) प्रवेश और केंद्र सरकार की नौकरियों में रोजगार के लिए समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (Economically Weaker Sections: EWS) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान करता है।
- यह संशोधन राज्य सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों या राज्य सरकार की नौकरियों में इस तरह के आरक्षण को अनिवार्य नहीं बनाता है। हालांकि, कुछ राज्यों ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण को लागू करने के लिए नियम बनाया है।
- ऐसे समुदाय जो पहले से ही आरक्षण प्राप्त कर रहे है जैसे: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के “क्रीमी लेयर” वे भी इस कोटे के तहत आरक्षण के लिए पात्र नहीं होंगे।
- यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करके आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण प्रदान करने के लिए सरकार को सशक्त बनाता है।
Incorrect
उत्तर: d)
- संविधान (103वां संशोधन) अधिनियम, 2019, केंद्र सरकार द्वारा संचालित शैक्षणिक संस्थानों और निजी शिक्षण संस्थानों (अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को छोड़कर) प्रवेश और केंद्र सरकार की नौकरियों में रोजगार के लिए समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (Economically Weaker Sections: EWS) के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान करता है।
- यह संशोधन राज्य सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों या राज्य सरकार की नौकरियों में इस तरह के आरक्षण को अनिवार्य नहीं बनाता है। हालांकि, कुछ राज्यों ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण को लागू करने के लिए नियम बनाया है।
- ऐसे समुदाय जो पहले से ही आरक्षण प्राप्त कर रहे है जैसे: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के “क्रीमी लेयर” वे भी इस कोटे के तहत आरक्षण के लिए पात्र नहीं होंगे।
- यह अधिनियम संविधान के अनुच्छेद 15 और 16 में संशोधन करके आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण प्रदान करने के लिए सरकार को सशक्त बनाता है।
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Question 4 of 5
4. Question
1 pointsएशिया में जहाजों की समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैतियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग (Regional Cooperation Agreement on Combating Piracy and Armed Robbery against Ships in Asia: ReCAAP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- ReCAAP एशिया में समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती से निपटने के लिए विभिन्न सरकारों के बीच प्रथम क्षेत्रीय अनुबंध है।
- इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (International Maritime Organization: IMO) ReCAAP का भागीदार संगठन है।
- भारत ReCAAP का सदस्य है।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
- एशिया में जहाजों की समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैतियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग (Regional Cooperation Agreement on Combating Piracy and Armed Robbery against Ships in Asia: ReCAAP) एशिया में समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती से निपटने के लिए विभिन्न सरकारों के बीच प्रथम क्षेत्रीय अनुबंध है।
- ReCAAP समझौता नवंबर 2006 में उत्तर, दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशियाई देशों सहित 14 एशियाई अनुबंध पक्षकारों के साथ शुरू किया गया था। वर्तमान में इसके 20 अनुबंध पक्षकार हैं, जिनमें यूरोप (नॉर्वे, नीदरलैंड, डेनमार्क और यूनाइटेड किंगडम), भारत, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।
- इसके कुछ भागीदार संगठनों में IMO, INTERPOL, IFC, INTERTANKO, IFC आदि शामिल हैं।
Incorrect
उत्तर: d)
- एशिया में जहाजों की समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैतियों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सहयोग (Regional Cooperation Agreement on Combating Piracy and Armed Robbery against Ships in Asia: ReCAAP) एशिया में समुद्री डकैती और सशस्त्र डकैती से निपटने के लिए विभिन्न सरकारों के बीच प्रथम क्षेत्रीय अनुबंध है।
- ReCAAP समझौता नवंबर 2006 में उत्तर, दक्षिण पूर्व और दक्षिण एशियाई देशों सहित 14 एशियाई अनुबंध पक्षकारों के साथ शुरू किया गया था। वर्तमान में इसके 20 अनुबंध पक्षकार हैं, जिनमें यूरोप (नॉर्वे, नीदरलैंड, डेनमार्क और यूनाइटेड किंगडम), भारत, ऑस्ट्रेलिया और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं।
- इसके कुछ भागीदार संगठनों में IMO, INTERPOL, IFC, INTERTANKO, IFC आदि शामिल हैं।
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Question 5 of 5
5. Question
1 pointsराइस फोर्टिफिकेशन (Rice Fortification) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- राइस फोर्टिफिकेशन, चावल में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने और पोषण गुणवत्ता में सुधार करने, चावल के स्वरूप एवं स्वाद को बढ़ाने की एक प्रक्रिया है।
2.फोर्टिफाइड फ़ूड का सेवन करने से ब्रेस्ट मिल्क (breast milk) में विटामिन की मात्रा में वृद्धि हो सकती है।
- भारत में, खाद्य सुरक्षा और मानक (फोर्टिफिकेशन ऑफ़ फूड्स) विनियम द्वारा फ़ूड फोर्टिफिकेशन, उत्पादन, निर्माण, वितरण, बिक्री और खपत के लिए मानदंड स्थापित किए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
- फोर्टिफिकेशन भोजन में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व, अर्थात् विटामिन और खनिज (सूक्ष्मात्रिक तत्वों सहित) की सामग्री को जानबूझकर बढ़ाने की एक प्रक्रिया है, ताकि खाद्य आपूर्ति की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो सके और कम से कम जोखिम के साथ एक सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके। राइस फोर्टिफिकेशन, चावल में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने और चावल की पोषण गुणवत्ता में सुधार करने की एक प्रक्रिया है।
- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India: FSSAI) ने खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन हेतु “खाद्य सुरक्षा और मानक (फोर्टिफिकेशन ऑफ़ फूड्स) विनियम , 2016” नामक एक व्यापक विनियमन तैयार किया है। ये नियम फूड फोर्टिफिकेशन के मानकों को निर्धारित करते हैं और फॉर्टफाइड फ़ूड के उत्पादन, निर्माण, वितरण, बिक्री और खपत के लिए मानदंड स्थापित करना है।
- फोर्टिफिकेशन ब्रेस्ट मिल्क (breast milk) में विटामिन की मात्रा में वृद्धि करने का एक उत्कृष्ट तरीका हो सकता है और इस तरह प्रसवोत्तर महिलाओं और शिशुओं में अनुपूरकता (supplementation) की आवश्यकता को कम कर सकता है।
Incorrect
उत्तर: d)
- फोर्टिफिकेशन भोजन में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व, अर्थात् विटामिन और खनिज (सूक्ष्मात्रिक तत्वों सहित) की सामग्री को जानबूझकर बढ़ाने की एक प्रक्रिया है, ताकि खाद्य आपूर्ति की पोषण गुणवत्ता में सुधार हो सके और कम से कम जोखिम के साथ एक सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सके। राइस फोर्टिफिकेशन, चावल में आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने और चावल की पोषण गुणवत्ता में सुधार करने की एक प्रक्रिया है।
- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India: FSSAI) ने खाद्य पदार्थों के फोर्टिफिकेशन हेतु “खाद्य सुरक्षा और मानक (फोर्टिफिकेशन ऑफ़ फूड्स) विनियम , 2016” नामक एक व्यापक विनियमन तैयार किया है। ये नियम फूड फोर्टिफिकेशन के मानकों को निर्धारित करते हैं और फॉर्टफाइड फ़ूड के उत्पादन, निर्माण, वितरण, बिक्री और खपत के लिए मानदंड स्थापित करना है।
- फोर्टिफिकेशन ब्रेस्ट मिल्क (breast milk) में विटामिन की मात्रा में वृद्धि करने का एक उत्कृष्ट तरीका हो सकता है और इस तरह प्रसवोत्तर महिलाओं और शिशुओं में अनुपूरकता (supplementation) की आवश्यकता को कम कर सकता है।








