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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 15 August

विषय – सूची:

 सामान्य अध्ययन-II

1. 74 वाँ स्वतंत्रता दिवस

 

सामान्य अध्ययन-II

1. राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार को विश्वास मत की प्राप्ति

2. उच्चत्तम न्यायालय द्वारा अवमानना मामले में प्रशांत भूषण दोषी घोषित

3. सुशासन के लिए राजभाषा अधिनियम में संशोधन की आवश्यकता: भारत के मुख्य न्यायाधीश

4. इज़राइल- संयुक्त अरब अमीरात समझौता

 

सामान्य अध्ययन-III

1. विक्रम साराभाई

 

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य

1. सृजन पोर्टल

2. स्वास्थ्य पोर्टल

3. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण

 


सामान्य अध्ययन-I


 

विषय: स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

74 वाँ स्वतंत्रता दिवस


भारत 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाता है?

स्वतंत्रता पूर्व – पूर्ण स्वराज का आह्वान

दिसंबर 1929 में, कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में जवाहरलाल नेहरू द्वारा ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से पूर्ण स्वराज’ की घोषणा की गयी थी तथा 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में चुना गया।

वर्ष 1930 से कांग्रेस द्वारा स्वतंत्रता प्राप्त होने तक प्रतिवर्ष 26 जनवरी जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। स्वतंत्रता पश्चात 26 जनवरी, 1950 को गणतंत्र दिवस के रूप में घोषित किया गया, इस दिन भारत औपचारिक रूप ब्रिटिश उपनिवेश से संप्रभु देश बन गया।

15 अगस्त, भारत का स्वतंत्रता दिवस किस प्रकार बना?

ब्रिटिश संसद द्वारा लॉर्ड माउंटबेटन को 30 जून, 1948 तक सत्ता हस्तांतरित करने का अधिदेश दिया गया था। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के शब्दों में, यदि अंग्रेजों जून 1948 तक का इंतजार किया होता, तो सत्ता हस्तांतरण के लिए कोई शक्ति नहीं बचती।

माउंटबेटन ने परिस्थितियों को देखते हुए सत्ता हस्तांतरण के लिए तारीख को पूर्व निर्धारित समय से पहले, अगस्त 1947 में कर दिया। माउंटबेटन ने कहा था, कि वह दंगे तथा रक्तपात रोकने के लिए सत्ता हस्तांतरण की तिथि परिवर्तित कर रहे हैं।

माउंटबेटन द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स में भारतीय स्वतंत्रता विधेयक 4 जुलाई, 1947 को पेश किया गया तथा एक पखवाड़े के भीतर पारित कर दिया गया।

भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के अंतर्गत 15 अगस्त, 1947 को भारत में ब्रिटिश शासन के अंत की घोषणा की गयी तथा भारत और पाकिस्तान, दो स्वतंत्र-उपनिवेशों की स्थापना की गयी। इन स्वतंत्र-उपनिवेशों को ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से अलग होने की अनुमति प्रदान की गई थी।

माउंटबेटन द्वारा 15 अगस्त, 1947 को चुनने का कारण

क्योंकि, 15 अगस्त, 1947 को द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ थी।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. माउंटबेटन योजना क्या है?
  2. 1947 भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम का अवलोकन
  3. सत्ता हस्तांतरण के लिए 15 अगस्त को क्यों चुना गया?
  4. पूर्ण स्वराज का आह्वान कब किया गया था?
  5. कैबिनेट मिशन योजना

मेंस’ लिंक:

15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में क्यों चुना गया? क्या आपको लगता है कि 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए चुना जाना चाहिए था? टिप्पणी।

स्रोत: पीआईबी

 


सामान्य अध्ययन-II


 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार को विश्वास मत की प्राप्ति


संदर्भ:

हाल ही में, राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर राज्य में महीने भर से चली आ रही अनिश्चितता को समाप्त कर दिया है।

निहितार्थ

विश्वास मत हासिल होने से पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य विधायकों द्वारा पार्टी में किये विद्रोह का अंत हो गया। पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा इन विधायकों ने राज्य सरकार के अस्तित्व के लिए संकट उत्पन्न कर दिया था।

विश्वास मत

  • सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव अथवा विश्वास मत को सदन के पटल पर हासिल करना आवश्यक होता है।
  • यह निर्वाचित प्रतिनिधियों के समक्ष यह साबित करता है कि मंत्रि परिषद को सदन का विश्वास प्राप्त है।

फ्लोर टेस्ट

‘फ्लोर टेस्ट’ बहुमत परीक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।

  • राज्य के मुख्यमंत्री के प्रति संदेह होने पर राज्यपाल उन्हें सदन में बहुमत साबित करने के लिए कह सकता है।
  • गठबंधन सरकार के मामले में, मुख्यमंत्री को विश्वास प्रस्ताव पारित करने करने तथा बहुमत साबित करने के लिए कहा जा सकता है।

बहुमत साबित न कर पाने की स्थिति में

  • स्पष्ट बहुमत न होने पर, तथा जब सरकार बनाने का एक से अधिक लोग दावा करते हैं, तो राज्यपाल बहुमत परीक्षण के लिए विशेष सत्र बुला सकते हैं।
  • यदि कुछ विधायकों द्वारा मतदान में भाग नहीं लिया जाता अथवा वे अनुपस्थित रहते है, सदन में उपस्थित तथा मतदान करने वाले विधायकों की संख्या के आधार पर बहुमत परीक्षण होता है।

अविश्वास प्रस्ताव क्या है?

अविश्वास प्रस्ताव (No- confidence motion) सदन में किसी सदस्य द्वारा यह साबित करने के लिए पेश किया जाता है, कि वर्तमान सरकार के पास सदन में बहुमत नहीं है।

संवैधानिक प्रावधान

संविधान के अनुच्छेद 75 (3) और अनुच्छेद 164 के अनुसार, मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोक सभा / निचले सदन के प्रति उत्तरदायी होती है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. फ्लोर टेस्ट बनाम कंपोजिट फ्लोर टेस्ट
  2. सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत
  3. फ्लोर टेस्ट के दौरान वोटिंग।
  4. स्पष्ट बहुमत बनाम त्रिशंकु विधानसभा होने पर मुख्यमंत्री की नियुक्ति।
  5. क्या स्पीकर अपना वोट डाल सकता है?

मेंस लिंक:

फ्लोर टेस्ट कराने संबंधी कानून में अस्पष्टता प्रायः दुर्व्यवहार और दुरुपयोग का कारण बनती है। टिप्पणी कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।

उच्चत्तम न्यायालय द्वारा अवमानना मामले में प्रशांत भूषण दोषी घोषित


संदर्भ

कुछ समय पूर्व वकील प्रशांत भूषण द्वारा दो ट्वीट किये गए थे। उच्चत्तम न्यायालय ने वकील प्रशांत भूषण के इन दो ट्वीट को ‘संवैधानिक लोकतंत्र की नींव’ को हिला देने वाला बताते हुए अदालत की अवमानना ​​का दोषी करार दिया है।

इस मामले पर 20 अगस्त को सजा सुनायी जायेगी।

चर्चा का विषय:

कुछ समय पूर्व प्रशांत भूषण ने दो ट्वीट किए थे- इनमे से एक ट्वीट मोटरसाइकिल पर भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद ए. बोबड़े की फोटो तथा दूसरा ट्वीट पिछले छह वर्षों में चार मुख्य न्यायाधीशों के अधीन उच्चत्तम न्यायालय के कामकाज के संदर्भ में था।

  • इसके पश्चात, न्यायालय द्वारा 22 जुलाई को प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना ​​नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि ट्वीटस के द्वारा न्यायालय तथा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के पद की गरिमा तथा अधिकार का हनन किया गया है।

प्रशांत भूषण द्वारा अपने बचाव में रखा गया पक्ष

  1. अपने विचारों अथवा वास्तविक वेदना की अभिव्यक्ति, मुखर, अप्रिय अथवा अरुचिकर हो सकती है, परन्तु, इसे न्यायालय की अवमानना के समान नहीं माना जा सकता है।
  2. मुख्य न्यायाधीश, न्यायालय नहीं हैं, और न्यायालय की छुट्टियों के दौरान CJI द्वारा किये गए आचरण के तरीकों के संबंध में चिंता व्यक्त करना, न्यायालय का अपमान करने के समान नहीं है।
  3. इसके अलावा, चार मुख्य न्यायाधीशों द्वारा मास्टर ऑफ द रोस्टर के रूप में शक्तियों के प्रयोग करने के तरीकों अथवा शक्तियों के प्रयोग करने में विफल रहते हुए निरंकुशता, बहुलतावाद, असहमति का दमन, व्यापक रूप से राजनीतिक बंदीकरण की अनुमति देने के संदर्भ में गंभीर प्रवृत्ति के मामलों को उठाना, न्यायालय का अपमान करने के समान नहीं है।

इस प्रकार के मामलों में उच्चत्तम न्यायालय के पूर्व निर्णय

मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सी. एस. कर्णन के विरूद्ध अवमानना ​​मामले में उच्त्तम न्यायालय ने टिप्पणी की थी, कि ‘अवमानना ​​का कानून, जनमत के प्रति संवेदनशील हो जाने वाले न्यायाधीशों की सुरक्षा के लिए नहीं बनाया गया है। न्यायाधीशों से दृढ़ और धैर्यवान व्यक्ति होने की अपेक्षा की जाती है, जो विषम जलवायु में भी कामयाब होने में सक्षम होते हैं’।

न्यायालय द्वारा अवमानना ​​शक्ति का प्रयोग

  1. वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, संविधान में स्थापित मूल्यों के ‘मुख्य संरक्षक’ है। इसलिए, उच्चत्तम न्यायालय द्वारा अवमानना ​​शक्तियों का प्रयोग आवश्यक रूप से, ‘तर्कसंगत प्रतिबंधो’ से परे नहीं किया जाना चाहिए।
  2. अनुच्छेद 129 के तहत अवमानना ​​की शक्ति का उपयोग न्याय प्रशासन में सहायता के लिए किया जाना चाहिए।
  3. उच्चत्तम न्यायालय की कार्यप्रणाली तथा अन्य संबधित विषयों की जानकारी रखने वाले प्रवुद्ध नागरिकों द्वारा की गयी आलोचनात्मक टिप्पणियों को दबाने हेतु अवमानना क़ानून का प्रयोग नहीं किया जा सकता है।

निष्कर्ष:

  • लोकतंत्र में नागरिकों को किसी संस्थान से संबंधित मामलों में स्वतंत्र तथा निष्पक्ष रूप से चर्चा करने और संस्थान में सुधार करने हेतु जनमत बनाने का पूरा अधिकार है।
  • हालांकि, प्रत्येक आलोचना जिम्मेदारी सहित की जानी चाहिए तथा इसका सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जाना चाहिए।

नोट: इस संबंध में एक विस्तृत लेख 27 जुलाई को कवर किया जा चुका है:

प्रीलिम्स लिंक:

  1. अनुच्छेद 129 किससे संबंधित है?
  2. अवमानना के संदर्भ में उच्चत्तम न्यायालय तथा उच्च न्यायलय की शक्तियां
  3. न्यायलय की अवमानना (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा किये गए परिवर्तन
  4. सिविल बनाम आपराधिक अवमानना
  5. अनुच्छेद 19 के तहत अधिकार
  6. 1971 की अवमानना अधिनियम की धारा 10 किससे संबंधित है?

मेंस लिंक:

भारत में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अवमानना मामलों को किस प्रकार हल किया जाता है? चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू और इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।

सुशासन के लिए राजभाषा अधिनियम में संशोधन की आवश्यकता: भारत के मुख्य न्यायाधीश


(Need to amend the Official Languages Act for good governance: CJI)

संदर्भ

भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद ए बोबड़े ने, केंद्र सरकार की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है, कि सरकार को प्रशासन में हिंदी और अंग्रेजी भाषा तक सीमित नहीं रहते हुए, अन्य देशज भाषाओं को शामिल करने के लिए आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1963 में संशोधन करने पर विचार करना चाहिए।

पृष्ठभूमि

हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा 30 जून को पर्यावरण प्रभाव आकलन (Environment Impact Assessment- EIA) ड्राफ्ट 2020 अधिसूचना को संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित सभी 22 भाषाओं में अनुवाद करने का आदेश दिया था। केंद्र सरकार द्वारा इस आदेश की वैधता को चुनौती देते हुए उच्चत्तम न्यायलय में याचिका दायर की गयी थी।

संवैधानिक प्रावधान

  • भारत के संविधान के अनुच्छेद 348 (1) में यह प्रावधान है कि जब तक संसद द्वारा अन्य व्यवस्था को न अपनाया जाए, उच्चतम न्यायालय व प्रत्येक उच्च न्यायालय की कार्यवाही केवल अंग्रेजी भाषा में होगी।
  • अनुच्छेद 348 (2) के तहत, किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्वानुमति से हिंदी या अन्य राजभाषा को उच्च न्यायालय की कार्यवाही की भाषा का दर्जा दे सकता है। परंतु न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय, आज्ञा अथवा आदेश केवल अंग्रेजी में ही होंगे।

अन्य कानूनी प्रावधान

आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1963 की धारा 7 के अनुसार किसी राज्य का राज्यपाल, राष्ट्रपति की पूर्वानुमति से उच्च न्यायलय द्वारा दिये गए निर्णयों, पारित आदेशों में हिंदी अथवा राज्य की किसी अन्य भाषा के प्रयोग की अनुमति दे सकता है, परंतु इसके साथ ही इसका अंग्रेजी अनुवाद भी संलग्न करना होगा।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. भारत के किन राज्यों में अदालती कार्यवाही में हिंदी के वैकल्पिक उपयोग का प्रावधान है?
  2. भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची क्या है
  3. अनुच्छेद 348 किससे संबंधित है?
  4. उच्च न्यायालय की कार्यवाही में हिंदी के उपयोग को अधिकृत करने के लिए राज्यपालों की शक्तियां
  5. आठवीं अनुसूची में भाषाओं को सम्मिलित करने अथवा हटाने की शक्ति
  6. राजभाषा अधिनियम 1963 का अवलोकन

मेंस लिंक:

सरकार को प्रशासन में हिंदी और अंग्रेजी भाषा तक सीमित नहीं रहते हुए, अन्य देशज भाषाओं को शामिल करने के लिए आधिकारिक भाषा अधिनियम, 1963 में संशोधन करने पर विचार करना चाहिए। चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

इज़राइल- संयुक्त अरब अमीरात समझौता


संदर्भ:

हाल ही में इज़राइल और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा एक समझौते की घोषणा की गयी है। यह समझौता दोनों देशों के मध्य पूर्णतयः सामान्य राजनयिक संबंध स्थापित करेगा, तथा इसके साथ ही यह कदम ईरान से लेकर फिलिस्तीन तक, पश्चिमी एशिया की राजनीति को नया रूप देगा।

इस समझौते को अब्राहम समझौते (Abraham Accords) के रूप में जाना जाएगा।

समझौते का विहंगावलोकन

  • त्रिपक्षीय समझौता: यह समझौता हाल ही में इजरायल, संयुक्त अरब अमीरात तथा अमेरिका के मध्य हुई लंबी वार्ताओं के परिणामस्वरूप संपन्न हुआ है।
  • समझौते के तहत, इजरायल ने वेस्ट बैंक (West Bank) के अधिकार वाले क्षेत्रों पर कब्ज़ा करने पर रोक लगाने के लिए सहमति व्यक्त की है।
  • इस समझौते में क्षेत्रीय शक्ति ईरान का दृढ़ विरोध किया गया है। संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल और अमेरिका, इस क्षेत्र में ईरान को मुख्य खतरे के रूप में देखते हैं ।

पृष्ठभूमि

इजरायल द्वारा वर्ष 1979 में मिस्र और वर्ष 1994 में जॉर्डन के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। लेकिन संयुक्त अरब अमीरात, तथा अन्य अरब देशों ने इजरायल को मान्यता नहीं दी थी तथा अब तक इन देशों द्वारा इजरायल के साथ कोई औपचारिक राजनयिक या आर्थिक संबंध स्थापित नहीं किये गए थे।

‘वेस्ट बैंक’ कहां है?

यह पश्चिमी एशिया के भूमध्यसागरीय तट के पास एक स्थल-रुद्ध क्षेत्र है। पूर्व में इसकी सीमा जॉर्डन से मिलती है तथा यह दक्षिण, पश्चिम और उत्तर में ‘ग्रीन-लाइन’ द्वारा इज़राइल से पृथक होता है। वेस्ट बैंक के अंतर्गत पश्चिमी मृत सागर तट का काफी हिस्सा भी आता है।

इस क्षेत्र की विवादित बस्तियाँ

  1. वर्ष 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के पश्चात् वेस्ट बैंक पर जॉर्डन द्वारा कब्जा कर लिया गया था।
  2. इजरायल ने वर्ष 1967 के छह दिवसीय युद्ध के पश्चात इसे वापस छीन लिया, और तब से वेस्ट बैंक पर इसका अधिकार है।
  3. इजराइल ने वेस्ट बैंक में लगभग 130 बस्तियों का निर्माण किया है, तथा पिछले 20-25 वर्षों के दौरान इस क्षेत्र में इसी तरह की कई छोटी, अनौपचारिक बस्तियां विकसित हो चुकी हैं।
  4. इस क्षेत्र में 4 लाख से अधिक इजरायल उपनिवेशी निवास करते है, उनमें से कई यहूदी धार्मिक लोग, इस भूमि पर बाइबिल के अनुसार अपने पैदाइशी हक़ का दावा करते हैं।
  5. इनके अतिरिक्त्त, इस क्षेत्र में 26 लाख फिलिस्तीनियों इस क्षेत्र में निवास करते है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. सिक्स डे वॉर क्या है?
  2. ‘गाजापट्टी’ कहाँ अवस्थित है?
  3. जेरुशलम कहाँ अवस्थित है?
  4. फिलिस्तीनी कौन है और उनकी मांगे क्या है?
  5. इजरायल के चारो ओर के देश

मेंस लिंक:

क्या भारत फिलिस्तीन के संप्रभु स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापना का समर्थन करता है? चर्चा कीजिए।

israel

स्रोत: द हिंदू

 


सामान्य अध्ययन-III


 

विक्रम साराभाई


संदर्भ:

भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ विक्रम. साराभाई के शताब्दी समारोह के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा उन्हें विशेष रूप में श्रद्धांजलि देते हुए घोषणा की गयी है कि चंद्रयान 2 ऑर्बिटर ने चंद्रमा के ‘साराभाई’ क्रेटर के चित्र लिए हैं।

विक्रम साराभाई बारे में:

  • विक्रम साराभाई का जन्म 12 अगस्त, 1919 को हुआ था।
  • साराभाई को भारत में खगोल विज्ञान का जनक माना जाता है तथा उन्होंने देश में अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्रों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्य योगदान

  1. डॉ. साराभाई के अनुग्रह पर, भारत सरकार द्वारा वर्ष 1962 में अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए भारतीय राष्ट्रीय समिति’ (Indian National Committee for Space ResearchINCOSPAR) की स्थापना की गयी। वह इस समिति के पहले अध्यक्ष थे।
  2. वर्ष 1969 में INCOSPAR का पुनर्गठन किया गया तथा इसका नाम परिवर्तित करके भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) कर दिया गया।
  3. साराभाई ने वर्ष 1947 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (Physical Research LaboratoryPRL) की स्थापना की। PRL में पहला शोध ब्रह्मांडीय किरणों (cosmic rays) पर किया गया।
  4. इन्होने केरल के तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे के पास एक छोटे से गाँव थुम्बा में भारत का पहला रॉकेट प्रक्षेपण स्थल स्थापित किया।
  5. विक्रम साराभाई को भारत में केबल टेलीविजन लाने का भी श्रेय दिया जाता है। नासा के साथ उनके संबंधो के परिणामस्वरूप वर्ष 1975 में सैटेलाइट इंस्ट्रक्शनल टेलीविज़न एक्सपेरिमेंट (SITE) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  6. भारत के पहले उपग्रह आर्यभट्ट के निर्माण में साराभाई की प्रमुख भूमिका थी।
  7. वह भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (IIMA) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे।
  8. विक्रम साराभाई को भारत की प्रगति में योगदान के लिए 1966 में पद्म भूषण प्रदान किया गया। उन्हें मरणोपरांत वर्ष 1972 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

स्रोत: पीआईबी

 


प्रारम्भिक परीक्षा हेतु तथ्य


सृजन पोर्टल

हाल ही में रक्षा द्वारा रक्षा उत्पादन विभाग के पोर्टल ‘सृजन’ (SRIJAN) का शुभारम्भ किया गया। यह एक ‘वन स्टॉप शॉप’ ऑनलाइन पोर्टल है और यह वेंडर्स (कंपनियों) को ऐसे सामानों की जानकारी देता है, जिनका स्वदेशीकरण किया जा सकता है।

 

स्वास्थ्य पोर्टल

(Swasthya Portal)

  • इसे जनजातीय मामलों के मंत्रालय द्वारा हाल ही में शुरू किया गया है।
  • यह ऑनलाइन पोर्टल ‘वन स्टॉप समाधान’ के रूप में कार्य करेगा तथा जनजातीय स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित सभी सूचनाओं को प्रदान करेगा।
  • इस पोर्टल का प्रबंधन जनजातीय कार्य मंत्रालय के उत्कृष्टता केंद्र (Centre of ExcellenceCoE) के द्वारा किया जाएगा।

 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण

यह भारत की प्रमुख लोक स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजनाके कार्यान्वयन हेतु शीर्ष संस्था है।

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (National Health AuthorityNHA) का गठन राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी के स्थान पर किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसी 23 मई, 2018 से एक पंजीकृत सोसाइटी के रूप में कार्यरत थी।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री होते हैं।

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