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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 14 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन1


 

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान। स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।

1. राष्ट्रीय आंदोलन और देश दोनों में समाजवादी भारत के दृष्टिकोण को बड़े पैमाने पर लोकप्रिय बनाने में जवाहर लाल नेहरू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ:  shodhganga.inflibnet.ac.in

निर्देशक शब्द: 

स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

समाजवाद की अवधारणा को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

समाजवाद के प्रसार में जवाहर लाल नेहरू की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

समझाइये कि नेहरू समाजवाद के विचारों से कैसे प्रवृत्त हुए।

उन विधियों और साधनों पर चर्चा कीजिए जिनके माध्यम से उन्होंने इस विचार को लोकप्रिय बनाया।

निष्कर्ष:

उनके नेतृत्व में भारत द्वारा विकास के समाजवादी पथ को अपनाने के महत्त्व को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: सामाजिक सशक्तीकरण, भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।

2. आर्थिक उत्थान महिलाओं को उत्पीड़न, हिंसा और शक्तिहीनता से मुक्त करने के लिए सर्वाधिक समर्थकारी तत्वों में से एक है। कथन को विस्तार से समझाइये। महिलाओं के सशक्तिकरण में भारत कितना सफल रहा है। समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  Indian Express 

निर्देशक शब्द: 

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

समालोचनात्मक परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

महिलाओं की स्थिति पर एक संक्षिप्त परिचय दीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि आर्थिक स्वतंत्रता महिलाओं के लिए सर्वाधिक समर्थकारी तत्वों में से एक कैसे है।

महिला सशक्तिकरण के साथ भारत के अनुभवों को प्रस्तुत कीजिए।

इसके समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए। 

निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन2


 

विषय: संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।

3. किसी भी लोकतंत्र को एक संपन्न और सुसंगत विपक्ष की आवश्यकता होती है। लोकतंत्र की बेहतर कार्यप्रणाली के लिए विपक्ष की भूमिका को और अधिक प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है? विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: भारतीय राजव्यवस्था: एम. लक्ष्मीकांत

निर्देशक शब्द: 

विश्लेषण कीजियेऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे आदि पर ध्यान देते हुए उत्तर लेखन कीजिये।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

लोकतंत्र के संदर्भ में विपक्ष को परिभाषित कीजिए।

 विषय वस्तु:

लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

विपक्ष के माध्यम से लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक उपाय सुझाइए।

 निष्कर्ष:

लोकतंत्र के संदर्भ में विपक्ष के महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन3


 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

4. विभिन्न प्रकार के शहरी अपशिष्ट क्या हैं? नगरपालिका क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न चरण कौन- कौन से हैं? शहरी अपशिष्ट के डंपिंग स्थलों के कारण आने वाली प्रमुख समस्याओं के बारे में विस्तार से समझाइये। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Print 

 निर्देशक शब्द:

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सर्वप्रथम शहरी अपशिष्ट के सन्दर्भ में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को बताते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

शहरी अपशिष्ट के विभिन्न प्रकारों की व्याख्या कीजिए।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न चरणों को समझाइए। खाद निर्माण, निपटान और दहन के माध्यम से अपशिष्ट-से-ऊर्जा प्राप्ति आदि के विभिन्न घटकों पर विस्तार से चर्चा कीजिए।

शहरी क्षेत्रों में शहरी कचरा डंपिंग स्थलों के कारण उत्पन्न प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।

 निष्कर्ष:

इसप्रकार की गंभीर चिंताओं और समस्याओं के समाधान के लिए उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय। समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।

5. “ग्रामीण-शहरी विकासात्मक असंतुलन अवसरों की असमानता को दर्शाता है”, इस प्रकार की असमानताओं के लिए उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए और उनके समाधान के लिए सुझाव भी दीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Financial Express 

 निर्देशक शब्द:

व्याख्या कीजिये- प्रश्न में पूछी गई जानकारी को सरल भाषा में व्यक्त कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सर्वप्रथम समझाइए कि “ग्रामीण-शहरी विकासात्मक असंतुलन” से आप क्या समझते हैं।

 विषय वस्तु:

ग्रामीण-शहरी प्रवास की समस्याओं – सामाजिक – आवास की निम्न दशा और ऊंची अपराध दर, आर्थिक – कम मजदूरी या बेरोजगारी, पर्यावरण – प्रदूषित पेयजल और स्वच्छता की कमी आदि पर चर्चा कीजिए।

विकासात्मक असंतुलन के कारणों को स्पष्ट कीजिए। उनके द्वारा होने वाली असमानताओं की व्याख्या कीजिए।

इससे उत्पन्न समस्याओं के समाधान के लिए उपाय सुझाइये।

 निष्कर्ष:

इन असमानताओं को पहचानने और उन्हें शीघ्रतिशीघ्र संबोधित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका।

6. सोशल मीडिया परितुष्टि और झूठे समाचार के बीच लिंक पर चर्चा कीजिए। इसके नकारात्मक प्रभावों को बताते हुए समाधान भी सुझाएँ। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: The Hindu Live Mint 

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न के सन्दर्भ में प्रासंगिक तथ्यों का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रारम्भ कीजिए।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि सोशल मीडिया परितुष्टि क्या है और यह प्रायः झूठे समाचार कैसे उत्पन्न करती है।

समझाइये कि कैसे मीडिया में फैले झूठे समाचार और दुष्प्रचार एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनते जा रहे हैं।

इससे सम्बंधित भारत के कुछ लोकप्रिय उदाहरणों पर चर्चा कीजिए। इस मुद्दे को सम्बोधित करने वाली कुछ महत्वपूर्ण विधियों का उल्लेख कीजिए।

इसके समाधान के लिए उपाय सुझाएं।

निष्कर्ष:

इंटरनेट और मीडिया की स्वतंत्रता को कम किए बिना सोशल मीडिया में विश्वास को बहाल करने के लिए और सामग्री हेरफेर और झूठे समाचारों से निपटने के लिए सार्वजनिक शिक्षा, सशक्त नियम और तकनीकी कंपनियों के प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन4


 

विषय: मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. “काण्ट के साध्य” के सिद्धांत को अपने शब्दों में समझाइये। क्या आपको लगता है कि यह रोजमर्रा की जिंदगी में आपके लिए एक उपयोगी नैतिक सिद्धांत हो सकता है? (250 शब्द)

सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा एवं अभिवृत्ति: लेक्सिकन प्रकाशन

 निर्देशक शब्द:

समझाइये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न से संबंधित सूचना अथवा जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत कीजिये।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

इमानुएल काण्ट के “साध्य के सिद्धांत” को संक्षेप में समझाइये।

 विषय वस्तु:

इस अवधारणा पर विस्तार से चर्चा कीजिए और इसके महत्व को भी समझाइये। 

उपयुक्त उदाहरणों के साथ समझाइये कि ये सभी दर्शन किन क्षेत्रों में लागू किए जा सकते हैं। अपनी राय भी प्रस्तुत कीजिए।

निष्कर्ष:

इस सिद्धांत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए निष्कर्ष निकालिए।


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