Print Friendly, PDF & Email

[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] दैनिक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा उत्तर लेखन अभ्यास: 10 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन1


 

विषय: भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

1. सूर्य की सतह के संबंध में चुंबकीय पुनर्संयोजन क्या है? कोरोना के तापन और कोरोना के व्यापक उत्सरण में इसकी भूमिका पर चर्चा कीजिये। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: phys.org , The Hindu 

 निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम चुंबकीय पुनर्संयोजन को परिभाषित कीजिये।

 विषय वस्तु:

समझाइये कि चुंबकीय पुनर्संयोजन हमारे सौर मंडल में होने वाली कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए एक उत्तरदायी कारक है।

कोरोना के तापन और कोरोना के व्यापक उत्सरण में इसके योगदान पर विस्तार से चर्चा कीजिये।

निष्कर्ष:

इस प्रकार की खोजों के महत्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

  

विषय: स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।

2. भारत छोड़ो आंदोलन के महत्व और प्रभावों पर चर्चा कीजिए। यह वर्तमान समय में कैसे प्रासंगिक है? चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द: 

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम भारत छोड़ो आंदोलन के बारे में संक्षेप में बताइये।

 विषय वस्तु:

इस आंदोलन के महत्त्व और प्रभावों को विस्तार से समझाइये।

वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता को समझाइए।

 निष्कर्ष:

इसके महत्त्व को बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन2


 

विषय: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध। द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।

3. हाल ही में पाकिस्तान द्वारा दर्शायी गयी कार्टोग्राफिक आक्रामकता से सम्बंधित चिंताओं पर विवेचन कीजिये। यह भारत और पाकिस्तान के मध्य तनाव में वृद्धि कैसे करेगा? (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Hindu 

निर्देशक शब्द:

विवेचन कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय प्रश्न के सभी पक्षों की तार्किक व्याख्या कीजिये।

उत्तर की संरचना:

 परिचय:

प्रश्न की पृष्ठभूमि को संक्षेप में बताइये।

 विषय वस्तु:

सम्बंधित मामले के कारण जो चिंताएं उजागर हुई हैं, उनका उल्लेख कीजिये।

इस प्रकार की आक्रामकताओं से भारत- पाक संबंधों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की चर्चा कीजिये।

सम्बंधित मामले के समाधान के लिए आगे की राह क्या होनी चाहिए, बताइये।

 निष्कर्ष:

मानचित्र सम्बन्धी विवादों में पाकिस्तान के साथ- साथ अन्य पड़ोसी देशों की मानसिकता को भी दर्शाते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय। बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।

4. सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष से आप क्या समझते हैं? देश के समावेशी विकास में इसके योगदानों पर प्रकाश डालिए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Live Mint 

निर्देशक शब्द:

प्रकाश डालिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर लेखन में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह प्रश्न से सम्बंधित प्रासंगिक जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष से आप क्या समझते हैं, समझाइये।

 विषय वस्तु:

इसका उद्देश्य और देश के समावेशी विकास में इसके महत्त्व को समझाते हुए इसके योगदानों पर चर्चा कीजिये।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए पनडुब्बी केबल कनेक्टिविटी जैसे उदाहरणों का भी उल्लेख कीजिये।

 निष्कर्ष:

देश के समावेशी विकास के लिए इस प्रकार के कोष की आवश्यकता को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय। सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

5. क्या प्रारंभिक बाल्यावस्था देख- रेख और शिक्षा के माध्यम से सभी बच्चो को ग्रेड-1 विद्यालयों में प्रवेश के लिए तैयार करने की “नयी शिक्षा नीति” की 10 वर्ष की समय सीमा व्यावहारिक है? विचार विमर्श कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

विचार-विमर्श कीजिएऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के सम्बन्ध में अपने ज्ञान और समझ के अनुसार एक सारगर्भित रूप में उत्तर प्रस्तुत कीजिए।

उत्तर की संरचना: 

परिचय:

प्रश्न के सन्दर्भ में प्रासंगिक तथ्यों का उल्लेख कीजिए।

 विषय वस्तु:

प्रश्न की मांग से संबंधित संभावित तर्कों को विस्तार से लिखिए।

3 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कवर करने के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दायरे का विस्तार करने के लिए पिछले वर्ष के मसौदा प्रस्ताव पर नयी शिक्षा नीति की चुप्पी पर चर्चा करते हुए समझाइये कि क्या सार्वभौमिक शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।

सन्दर्भ लेख की सहायता से एक उपयुक्त पक्ष का समर्थन कीजिये।

 निष्कर्ष:

इन चुनौतियों से निपटने के लिए क्या किया जाना चाहिए, बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 


सामान्य अध्ययन4


 

विषय: कार्य नैतिकता और कार्य संस्कृति।

6. नैतिक विकास के रूप में जिम्मेदारी लेने और अंगीकार करने में उन्मुखीकरण का अभाव सरकारी कार्यालयों में निम्न कार्य नैतिकता का मुख्य कारण है। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? सिद्ध कीजिये। (250 शब्द)

 सन्दर्भ: नैतिकता, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति: जी सुब्बाराव और पी एन चौधरी

 निर्देशक शब्द:

 सिद्ध कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह अपने पक्ष के समर्थन में प्रासंगिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए सरल भाषा में अपना उत्तर लिखे।

 उत्तर की संरचना: 

परिचय:

नैतिक विकास के रूप में जिम्मेदारी लेने और अंगीकार करने में उन्मुखीकरण के अभाव से आप क्या समझते हैं, चर्चा कीजिये।

 विषय वस्तु:

कार्य नैतिकता की अवधारणा को समझाइये। जिम्मेदारी लेने की आवश्यकता को समझाइये।

इस प्रकार के प्रश्नों को केस स्टडी/ उदाहरणों के माध्यम से समझाइये।

चर्चा कीजिए कि सरकारी कार्यालयों में नैतिक विकास का अभाव क्यों है? सुझाव दीजिए कि यह कैसे विकसित किया जा सकता है।

निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ निष्कर्ष निकालिए।

 

विषय: नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।

7. कोविड-19 जैसे रोगों से उबर चुके लोगों को “प्रतिरक्षा प्रमाण पत्र” जारी करने से जुड़ी संभावित नैतिक चिंताओं पर चर्चा कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- ऐसे प्रश्नों के उत्तर देते समय सम्बंधित विषय / मामले के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तथ्यों के साथ उत्तर लिखें।

 उत्तर की संरचना:

 परिचय:

सर्वप्रथम बताइये कि प्रतिरक्षा प्रमाण-पत्र से आप क्या समझते हैं।

 विषय वस्तु:

प्राकृतिक संक्रमण-प्रेरित प्रतिरक्षा और वैक्सीन-प्रेरित प्रतिरक्षा पर विचार विमर्श कीजिए।

प्रतिरक्षा प्रमाण पत्र जारी करने में इन दोनों पक्षों के कारण उत्पन्न नैतिक चिंताओं का भी उल्लेख कीजिए।

निष्कर्ष: निष्कर्ष निकालें कि एक प्रतिरक्षा प्रमाण-पत्र, अंत में समाज को विभिन्न अमीर और गरीब वर्गों में विभजित करेगा।


  • Join our Official Telegram Channel HERE for Motivation and Fast Updates
  • Subscribe to our YouTube Channel HERE to watch Motivational and New analysis videos