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[इनसाइट्स सिक्योर – 2020] मिनी सिक्योर रिवीजन टेस्ट: 1 अगस्त 2020

How to Follow Secure Initiative?

How to Self-evaluate your answer? 

INSIGHTS NEW SECURE – 2020: YEARLONG TIMETABLE

 


सामान्य अध्ययन1


 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

1. लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की विरासत को आत्मनिर्भर भारत के विचार में आगे बढ़ाया गया है। स्पष्ट कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Hindustan Times 

निर्देशक शब्द:

स्पष्ट कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है कि वह पूछे गए प्रश्न से संबंधित जानकारियों को सरल भाषा में व्यक्त कर दे।

 उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और स्वदेशी आंदोलन में उनके योगदान को संक्षेप में स्पष्ट कीजिये।

विषय वस्तु:

यह स्पष्ट कीजिए कि आत्मनिर्भर भारत के उदेश्य, स्वदेशी आंदोलन से कैसे संबंधित हैं। जैसे: लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक आधुनिक भारत के संभवतः पहले नेता थे जिन्होंने वैश्विक स्तर पर देश की पहचान के महत्व की सराहना की थी और स्वदेशी वस्तुओं और सेवाओं के निर्माण पर बल दिया था। तिलक भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देना चाहते थे।

इसके अतिरिक्त, इस तथ्य पर भी चर्चा की जानी चाहिए कि आत्मनिर्भर भारत पहल तिलक के विचारों को कैसे प्रोत्साहित करेगी

 निष्कर्ष:

आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में तिलक के महत्व को समझाते हुए निष्कर्ष तक पहुंचें।

 

विषय: 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।

2. शहीद-ए-आज़म उधम सिंह, जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लिया था, न केवल एक शहीद अपितु एक सार्वभौमिक कट्टरपंथी भी थे और उन्होंने धार्मिक और वर्ग एकता के महानगरीय आदर्शों का समर्थन किया। मूल्यांकन कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ:  The Wire 

निर्देशक शब्द:

मूल्यांकन कीजिये- ऐसे प्रश्नों में अभ्यर्थी से अपेक्षा की जाती है की वह कथन अथवा विषय के महत्व को रेखांकित करते हुए उसकी समग्र उपयोगिता बताये।

 उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना:

उधम सिंह और जलियांवाला बाग हत्याकांड से उनके सम्बन्ध को संक्षेप में समझाइए।

विषय वस्तु:

बताइए कि उधम सिंह एक कट्टरपंथी कैसे थे और उन्होंने धार्मिक और वर्ग एकता के महानगरीय आदर्शों का समर्थन कैसे किया।जैसे:

उधम सिंह का राजनीतिक दृष्टिकोण ग़दर आंदोलन की क्रांतिकारी राजनीति के साथ उनके जुड़ाव का एक दीर्घकालिक परिणाम था। ग़दर आंदोलन एक उग्रवाद-विरोधी उपनिवेशवादी समाजवादी संगठन था। 

सिंह की मुक्तिवादी राजनीतिक विचारधारा के साथ उनकी केंद्रीय धार्मिक पहचान एक समन्वयवादी दृष्टिकोण था।

इसके अतिरिक्त धर्म और वर्ग एकता के सन्दर्भ में उनकी विचारधारा को स्पष्ट कीजिये।

निष्कर्ष:

 संक्षेप में उनकी विचारधारा को समझाते हुए निष्कर्ष तक पहुंचिए।

 


सामान्य अध्ययन2


 

विषय: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।

3. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूलपाठ का अधिकांश भाग सराहनीय है, लेकिन मूलपाठ के स्थान पर उसके संदर्भ से भय उत्पन्न होता है। आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:

आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों में ही तथ्यों को बताते हुए अंत में एक सारगर्भित निष्कर्ष निकालना चाहिए।

 उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना:

हाल ही में प्रारम्भ की गयी नवीन शिक्षा नीति-2020 के बारे में संक्षेप में बताएं।

1986 में जारी की गयी शिक्षा नीति के पश्चात नवीन शिक्षा नीति-2020 प्रथम सार्वत्रिक नीति है और यह शिक्षा प्रणाली की बहुत सी चुनौतियों से निपटने में सहायक है। अन्य बिंदुओं के साथ-साथ इस नीति का उद्देश्य शिक्षाशास्त्र, संरचनात्मक असमानताओं, पहुंच विषमताओं और बड़े पैमाने पर व्यावसायीकरण की समस्याओं को समाप्त करना है।

 विषय वस्तु:

नयी शिक्षा नीति के मूलपाठ का उल्लेख करते हुए सन्दर्भ से भय उत्पन्न होने के कारण बताइये। जैस: भारत की राजनीतिक अर्थव्यवस्था ने केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं दी है। पिछले कुछ दशकों में जो कुछ बदला है वह शिक्षा की आकांक्षा और मांग का विस्फोट है। लेकिन उस मांग को अभी तक संस्थागत परिवर्तन में शामिल नहीं किया गया है। इसके अतिरिक्त एक मुक्त शिक्षा प्रणाली एक मुक्त समाज के बिना नहीं पनप सकती है। 

 निष्कर्ष:

आगे की राह क्या होनी चाहिए, इसके बारे में बताएं।

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

4. विश्व व्यापार संगठन आज अपनी ही सफलता का शिकार हो गया है। समालोचनात्मक चर्चा कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Hindustan Times 

निर्देशक शब्द:

समालोचनात्मक चर्चा कीजिये- यदि प्रश्न के अंत में “समालोचना” शब्द का प्रयोग किया गया है तो ऐसे प्रश्न उम्मीदवार से किसी तथ्य या कथन की अच्छाइयों और बुराइयों की गहरी समझ की अपेक्षा करते हैं। ऐसे में उम्मीदवार को कथन के गुण और दोष दोनों पक्षों पर ध्यान देते हुए एक उचित निर्णय तक पहुंचना आवश्यक होता है। “चर्चा कीजिये” शब्द के संदर्भ में कथन का विस्तार से वर्णन करते हुए प्रत्येक बिंदु का मूल्याङ्कन करना भी आवश्यक होता है।

 उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना:

विश्व व्यापार संगठन के बारे में संक्षेप में समझाइये।

विषय वस्तु:

समझाइये की कैसे गैर-भेदभाव (एमएफएन) के सार्वभौमिक रूप से प्रशंसित सिद्धांत पर आधारित एक बहुपक्षीय संगठन जो अपने सभी सदस्यों के अधिकारों और दायित्वों के संतुलन के साथ स्थापित किया गया था, दुर्वह हो गया।जैसे:

  1. 1. विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों पर समान रूप से लागू होने वाली सर्वसम्मति के आधार पर एक आम व्यापार नियम पर बातचीत करना असंभव हो गया।
  2. सभी संबंधित देशों, विशेषकर अधिक शक्तिशाली देशों के द्वारा महत्वपूर्ण गलतियाँ की गईं। कुछ देश विस्तृत वार्ता के एजेंडे को चाहते थे; अन्य लोग वार्ता के दोहा दौर को समाप्त करना चाहते थे। यहां तक ​​कि विकासशील और कम विकसित देशों ने भी विरोध किया, कभी-कभी अतार्किक रूप से भी।
  3. यह सामूहिक आपदा के लिए एक उपचार था। और जब अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश ने स्वयं को इससे बाहर रखने का सोचा तो विश्व व्यापार संगठन की भूमिका पर प्रश्न चिह्न लग गया।

निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ उचित निष्कर्ष निकालिए।

 


सामान्य अध्ययन3


 

विषय: प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।

5. एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) भारत की दीर्घकालिक खाद्य आवश्यकताओं और कृषि उत्पादन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगी। विश्लेषणकीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Wire 

निर्देशक शब्द:

विश्लेषण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के बहुआयामी सन्दर्भों जैसे क्या, क्यों, कैसे इत्यादि को आधार बनाया जाना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना:

एकीकृत कृषि प्रणाली को संक्षेप में समझाइये।

विषय वस्तु:

समझाइये कि भारत की दीर्घकालिक खाद्य आवश्यकताओं और कृषि उत्पादन को बनाए रखने में यह प्रणाली कैसे महत्व पूर्ण सिद्ध होगी। जैसे:

  1. एकीकृत कृषि प्रणाली में फसल और इससे सम्बन्धित उद्यमों में सघनता से उपज और आर्थिक/इकाई समय का इजाफा होता है। भारत में किये गए कई अध्ययनों से पता चला है कि समन्वित कृषि दृष्टिकोण अपनाने से छोटे और सीमान्त किसानों की आजीविका में महत्त्वपूर्ण सुधार हुआ है।
  2. एकीकृत कृषि प्रणाली खेतों के स्तर पर अपशिष्ट पदार्थों का परिष्कार करके उसे दूसरे घटक को बिना किसी लागत या बहुत कम लागत पर उपलब्ध कराने का समग्र अवसर प्रदान करती है। इस तरह एक उद्यम से दूसरे उद्यम के स्तर पर उत्पादन लागत में कमी लाने में मदद मिलती है। इससे निवेश किये गए प्रत्येक रुपए से काफी अधिक मुनाफा मिलता है। अपशिष्ट पदार्थों के पुनर्चक्रण से आधानों के लिये बाजार पर निर्भरता कम होती है।
  3. एकीकृत कृषि प्रणाली दृष्टिकोण अपनाने से खेती के जोखिमों को कम करने, खासतौर पर बाजार में मंदी और प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न खतरों से बचाव में भी मदद मिलती है। एक ही बार में कई घटकों के होने से एक या दो फसलों के खराब हो जाने का परिवार की आर्थिक स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ता।
  4. एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर किसान अपने खेतों में संग्रहित जल से फसल आच्छादन बढ़ा सकते है तथा उपलब्ध संसाधनों का भरपूर दोहन करते हुए अपनी आय में वृद्धि कर सकते है।

निष्कर्ष:

भारत के कृषि क्षेत्र में इसकी बढ़ती महत्ता को समझाते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

6. पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) से आप क्या समझते हैं और भारत के नवीन पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्रारूप की क्या समस्याएं हैं? चर्चा कीजिये। (250 शब्द)

सन्दर्भ: The Hindu 

निर्देशक शब्द:

चर्चा कीजिये- यदि प्रश्न के अंत में “चर्चा कीजिये” शब्द का प्रयोग किया गया है तो ऐसे प्रश्नों में उम्मीदवार से कथन का विस्तार से वर्णन करते हुए प्रत्येक बिंदु का मूल्याङ्कन करने की अपेक्षा की जाती है।

उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना:

पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को संक्षेप में समझाइये।

विषय वस्तु:

भारत के नवीन पर्यावरणीय प्रभाव आकलन प्रारूप की समस्याओं का उल्लेख करें।जैसे:

  1. पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में पर्यावरणीय प्रभाव आकलन का नवीन प्रारूप लोगों के अधिकारों और उनकी भूमिका को सीमित करता है।
  2. इस प्रारूप के तहत अब ऐसी परियोजनाओं के बारे में कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी, जो रणनीतिक श्रेणी में आती हैं।इस कारण अब पर्यावरण को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करने वाली विभिन्न परियोजनाओं को उद्योगों द्वारा रणनीतिक बता कर आसानी से अनुमति प्राप्त की जा सकेगी।
  3. इस प्रारूप में विभिन्न परियोजनाओं पर जनता के साथ विचार-विमर्श नहीं किया जायेगा। उदाहरण के तौर पर देश की सीमा पर स्थित क्षेत्रों में सड़क या पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं के लिये सार्वजनिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं होगी।
  4. इस प्रारूप में सरकार ने जनता के सुझावों के लिये तय समयसीमा को कम करने का प्रयास किया है।
  5. इस प्रारूप के अधिकांश प्रावधान पर्यावरण संरक्षण की मूल विधि के साथ विरोधाभास दर्शाते हैं।

 निष्कर्ष:

उपर्युक्त चुनौतियों का सामना करने के उपाय बताते हुए निष्कर्ष निकालिये।

 

विषय: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।

7. राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण काफी समय से चिंता का विषय है क्योंकि 2014 से दिल्ली और इसके उपनगरों को विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल किया जाता रहा है। वायु प्रदूषण से उत्पन्न खतरों का परीक्षण कीजिये और वायु प्रदूषण की चुनौतियों से निपटने के लिए उपाय भी सुझाइए। (250 शब्द)

सन्दर्भ: Indian Express 

निर्देशक शब्द:Hindi Secure – 2020 

परीक्षण कीजिये- ऐसे प्रश्नों का उत्तर देते समय उस कथन अथवा विषय के पक्ष और विपक्ष दोनों का परीक्षण करते हुए सारगर्भित उत्तर लिखना चाहिए।

उत्तर की संरचना:

प्रस्तावना:

दिल्ली और उसके आस पास के शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या को समझाते हुए विश्व के कुछ प्रमुख वायु प्रदूषक शहरों के नाम भी बताइये।

विषय वस्तु: इस प्रकार प्रारम्भ कर सकते हैं- भारत में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या है जो उच्च रक्तचाप, शिशु और मातृ कुपोषण, मधुमेह के जोखिम वाले कारकों जैसी समस्याओं से अधिक गंभीर है। कम से कम 14 करोड़ लोग डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 10 या ज्यादा बार सांस लेते हैं। वायु प्रदूषण के उच्चतम वार्षिक स्तर वाले दुनिया के 20 शहरों में 13 शहर भारत में हैं। यह अस्थमा को बढ़ाने और विशेषकर बच्चों में श्वसन-संबंधी विकारों की वृद्धि के लिए जिम्मेदार है। हृदयघात समेत हृदय संबंधी बीमारियों के कारण रुग्णता और मृत्युदर में वृद्धि, सांस संबंधी बीमारियों और कैंसर के लिए भी वायु प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराया गया है।

उपाय:

चक्रवात विभाजक: इस प्रक्रिया से प्रदूषित गैस को अलग करने के लिए अपकेन्द्रीय बल (Centrifugal Force) का उपयोग किया जाता है। अपकेन्द्रीय बल गुरुत्वाकर्षण बल से ज्यादा प्रभावशाली होता है, जो घूर्णन के द्वारा (रोटेशन का एक प्रकार) गैस धारा उत्पन्न करता है। परिणामस्वरूप चक्रवात विभाजक ऐसे छोटे-छोटे कणों को अधिक प्रभावी ढंग से अलग कर देता है, जो गुरुत्व बल द्वारा नहीं हो पाता।

स्प्रे टावर: इस प्रक्रिया में, स्वच्छ जल एक स्प्रे टॉवर के शीर्ष में प्रवेश करता है और फिर स्प्रे नलिका (Spray Nozzle) के माध्यम से छिड़काव किया जाता है। इसके साथ ही प्रदूषित गैस ऊपर की ओर प्रवाहित होने लगती है। परिणमस्वरूप, एक रिक्त स्थान स्प्रे टॉवर और प्रदूषित गैसों के बीच स्थान ले लेता है।

कपड़े द्वारा निस्पंदन: इस प्रक्रिया में, प्रदूषित गैसों की एक धारा को कपड़े के माध्यम से बाहर निकाला जाता है जिससे प्रदूषित कण एक ओर हो जाते हैं एवं स्वच्छ गैस बाहर निकल जाता है।

इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेशन: इसमें विद्युत आवेशित कण प्रदूषित गैस में उपस्थित रहते हैं जो विद्युत प्रभाव के कारण इनसे अलग हो जाते हैं

निष्कर्ष:

आगे की राह के साथ उचित निष्कर्ष निकालिए।


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