HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है?
Correct
उत्तर: b)
अल्फा विविधता (Alpha diversity)
- अल्फा विविधता छोटे स्तर पर या स्थानीय स्तर पर एक समुदाय के भीतर, आमतौर पर किसी पारिस्थितिकी तंत्र में प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। जब हम सामान्य रूप से किसी क्षेत्र में विविधता की बात करते हैं, तो यह अल्फा विविधता को संदर्भित करता है।
बीटा विविधता (Beta diversity)
- बीटा विविधता दो समुदायों या पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। यह बड़े स्तर की विविधता है, और दो अलग-अलग इकाईयों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना करता है जो प्राय: नदी या पहाड़ी रिज जैसे एक स्पष्ट भौगोलिक अवरोध से विभाजित होते हैं।
गामा विविधता (Gamma diversity)
- गामा विविधता का अध्ययन बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है जैसे एक बायोम। इसके तहत कई पारिस्थितिक तंत्रों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना की जाती है। इसका विस्तार पर्वत के संपूर्ण ढाल, या समुद्र के बेलांचली जोन जैसे क्षेत्रों पर हो सकता है।
- उदाहरण: परिदृश्य के रूप में एक पहाड़ी ढाल का उदाहरण ले सकते हैं। इस ढाल पर, जंगलों और घास के मैदानों के कई अलग-अलग क्षेत्र विस्तृत हो सकते हैं। अल्फा विविधता प्रजाति विविधता है जो ढाल के प्रत्येक जंगल या घास के मैदान पर मौजूद होती है। बीटा विविधता किसी भी दो क्षेत्रों और उनके समुदायों के बीच प्रजातियों की विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। इस परिदृश्य की गामा विविधता संपूर्ण पर्वत ढाल पर मौजूद प्रजाति विविधता है।
Incorrect
उत्तर: b)
अल्फा विविधता (Alpha diversity)
- अल्फा विविधता छोटे स्तर पर या स्थानीय स्तर पर एक समुदाय के भीतर, आमतौर पर किसी पारिस्थितिकी तंत्र में प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। जब हम सामान्य रूप से किसी क्षेत्र में विविधता की बात करते हैं, तो यह अल्फा विविधता को संदर्भित करता है।
बीटा विविधता (Beta diversity)
- बीटा विविधता दो समुदायों या पारिस्थितिकी प्रणालियों के बीच प्रजातियों की विविधता का वर्णन करती है। यह बड़े स्तर की विविधता है, और दो अलग-अलग इकाईयों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना करता है जो प्राय: नदी या पहाड़ी रिज जैसे एक स्पष्ट भौगोलिक अवरोध से विभाजित होते हैं।
गामा विविधता (Gamma diversity)
- गामा विविधता का अध्ययन बहुत बड़े पैमाने पर किया जाता है जैसे एक बायोम। इसके तहत कई पारिस्थितिक तंत्रों के बीच प्रजातियों की विविधता की तुलना की जाती है। इसका विस्तार पर्वत के संपूर्ण ढाल, या समुद्र के बेलांचली जोन जैसे क्षेत्रों पर हो सकता है।
- उदाहरण: परिदृश्य के रूप में एक पहाड़ी ढाल का उदाहरण ले सकते हैं। इस ढाल पर, जंगलों और घास के मैदानों के कई अलग-अलग क्षेत्र विस्तृत हो सकते हैं। अल्फा विविधता प्रजाति विविधता है जो ढाल के प्रत्येक जंगल या घास के मैदान पर मौजूद होती है। बीटा विविधता किसी भी दो क्षेत्रों और उनके समुदायों के बीच प्रजातियों की विविधता का प्रतिनिधित्व करती है। इस परिदृश्य की गामा विविधता संपूर्ण पर्वत ढाल पर मौजूद प्रजाति विविधता है।
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Question 2 of 5
2. Question
पारिस्थितिक अनुक्रम (Ecological succession) को सामान्यतः किनके द्वारा प्रदर्शित किया जाता हैं
- उत्पादकता में वृद्धि
- आला (niche) विकास में कमी
- खाद्य जाल की बढ़ती जटिलता
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
- पारिस्थितिक अनुक्रम (Ecological succession), वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जैविक समुदाय की संरचना समय के साथ विकसित होती है। समय का पैमाना दशकों (उदाहरण के लिए, वनाग्नि के बाद), या किसी सामूहिक विलुप्त होने के लाखों वर्षों बाद का हो सकता है।
- समुदाय की शुरुआत अपेक्षाकृत कुछ अग्रणी पौधों (pioneering plants) और जानवरों के साथ होती है और बढ़ती जटिलता के माध्यम से विकसित होती है, जब तक कि यह एक चरम समुदाय के रूप में स्थिर या स्व-स्थायी नहीं हो जाता है।
- अनुक्रम को दो – प्राथमिक और द्वितीयक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। प्राथमिक अनुक्रम अनिवार्य रूप से निर्जीव क्षेत्रों में होता है – ऐसा क्षेत्र जहाँ मृदा लावा प्रवाह, नवगठित रेत के टीलों, या हिमनद के पीछे हटने के कारण जीवन को बनाए रखने में असमर्थ होती है। द्वितीयक अनुक्रम उन क्षेत्रों में होता है जहां पहले से मौजूद समुदाय को समाप्त कर दिया गया है; यह छोटे पैमाने पर व्यवधान के कारण घटित होता है जिसके द्वारा पर्यावरण से सभी जीवन और पोषक तत्व समाप्त नहीं होते हैं।
Incorrect
उत्तर: b)
- पारिस्थितिक अनुक्रम (Ecological succession), वह प्रक्रिया जिसके द्वारा जैविक समुदाय की संरचना समय के साथ विकसित होती है। समय का पैमाना दशकों (उदाहरण के लिए, वनाग्नि के बाद), या किसी सामूहिक विलुप्त होने के लाखों वर्षों बाद का हो सकता है।
- समुदाय की शुरुआत अपेक्षाकृत कुछ अग्रणी पौधों (pioneering plants) और जानवरों के साथ होती है और बढ़ती जटिलता के माध्यम से विकसित होती है, जब तक कि यह एक चरम समुदाय के रूप में स्थिर या स्व-स्थायी नहीं हो जाता है।
- अनुक्रम को दो – प्राथमिक और द्वितीयक के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। प्राथमिक अनुक्रम अनिवार्य रूप से निर्जीव क्षेत्रों में होता है – ऐसा क्षेत्र जहाँ मृदा लावा प्रवाह, नवगठित रेत के टीलों, या हिमनद के पीछे हटने के कारण जीवन को बनाए रखने में असमर्थ होती है। द्वितीयक अनुक्रम उन क्षेत्रों में होता है जहां पहले से मौजूद समुदाय को समाप्त कर दिया गया है; यह छोटे पैमाने पर व्यवधान के कारण घटित होता है जिसके द्वारा पर्यावरण से सभी जीवन और पोषक तत्व समाप्त नहीं होते हैं।
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Question 3 of 5
3. Question
पीटलैंड (Peatlands) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- पीटलैंड आर्द्रभूमि होती है जिसमें विघटित कार्बनिक पदार्थों का मिश्रण होता है।
- पीटलैंड में प्राय: ऑक्सीजन की कमी होती है क्योंकि ये आंशिक रूप से जलमग्न होती हैं।
- यदि ये सूख जाती हैं, तो इनमें विद्यमान उच्च कार्बन सामग्री इन्हें भस्मीकरण (incineration) के प्रति संवेदनशील बना देती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
- पीटलैंड (Peatlands) आर्द्रभूमि होती है जिसमें विघटित कार्बनिक पदार्थ का मिश्रण होता है, जो आंशिक रूप से जलमग्न होती हैं और जिसमें ऑक्सीजन की कमी होती है। पीटलैंड की जटिल जैव-विविधता का आशय है कि ये विभिन्न प्रजातियों पर्यावास स्थल हैं। यदि ये सूख जाती हैं, तो इनमें विद्यमान उच्च कार्बन सामग्री इन्हें भस्मीकरण (incineration) के प्रति संवेदनशील बना देती हैं।
- ये विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण कार्बन के भंडार हैं। पीटलैंड का अनियमित दोहन संभवतः पर्यावरण और जलवायु के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन उत्सर्जन को निर्मुक्त कर सकता है, जो इनमें शताब्दियों से भंडारित है।
Incorrect
उत्तर: d)
- पीटलैंड (Peatlands) आर्द्रभूमि होती है जिसमें विघटित कार्बनिक पदार्थ का मिश्रण होता है, जो आंशिक रूप से जलमग्न होती हैं और जिसमें ऑक्सीजन की कमी होती है। पीटलैंड की जटिल जैव-विविधता का आशय है कि ये विभिन्न प्रजातियों पर्यावास स्थल हैं। यदि ये सूख जाती हैं, तो इनमें विद्यमान उच्च कार्बन सामग्री इन्हें भस्मीकरण (incineration) के प्रति संवेदनशील बना देती हैं।
- ये विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण कार्बन के भंडार हैं। पीटलैंड का अनियमित दोहन संभवतः पर्यावरण और जलवायु के लिए हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह कार्बन उत्सर्जन को निर्मुक्त कर सकता है, जो इनमें शताब्दियों से भंडारित है।
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Question 4 of 5
4. Question
ज्वारनदमुख (Estuaries) विश्व के सर्वाधिक उत्पादक पारिस्थितिक तंत्रों में से एक हैं। इसका संभावित कारण क्या हो सकता/सकते है/हैं?
- कुछ ज्वारनदमुख ताजा जल और लवणीय समुद्री जल के इकोटोन का निर्माण करते हैं।
- ज्वारनदमुख ज्वार और लहरों जैसी अवरोध उत्पन्न करने वाली शक्तियों से प्रभावित नहीं होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
- ज्वारनदमुख (Estuaries) और उनके आसपास की आर्द्रभूमि जलीय निकाय हैं और आमतौर पर जहां नदियां समुद्र से मिलती हैं वहां पाई जाती हैं ।
- ज्वारनदमुख अद्वितीय पौधे और पशु समुदायों के लिए पर्यावास स्थल हैं, जो लवणीय जल (brackish water) के साथ अनुकूलित हैं। यह स्थलीय भागों से प्रवाहित होने वाले ताजे जल और लवणीय समुद्री जल का मिश्रण होता है।
- एक इकोटोन (ecotone) दो बायोम के बीच एक संक्रमण क्षेत्र होता है। यह वह स्थान है जहां दो समुदाय मिलते हैं और एकीकृत होते हैं।
- इसमें प्रत्येक के पास सीमावर्ती जैविक समुदाय की कुछ विशेषताएं मौजूद होती हैं और अक्सर वे प्रजातियां पाई जाती है जोअतिव्यापी समुदायों में नहीं पाई जाती हैं।
- उदाहरण के लिए मैंग्रोव वन, समुद्री और स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के बीच स्थित एक पारिस्थितिकी का प्रतिनिधित्व करता है। अन्य उदाहरण – घास के मैदान (जंगल और मरुस्थल के बीच)।
- ज्वारनदमुख समुद्री प्रभावों – जैसे ज्वार, लहरें, और लवणीय जल के अंतर्वाह और नदी के प्रभावों – जैसे कि ताजा जल के प्रवाह और तलछट से प्रभावित होती हैं।
- समुद्र के जल और ताजे जल दोनों के अंतर्वाह जल और तलछट दोनों में उच्च स्तर के पोषक तत्व प्रदान करता है, जो ज्वारनदमुख को विश्व में सर्वाधिक उत्पादक प्राकृतिक पर्यावासों में से एक बनता है।
- कई ज्वारनदमुख के तट विश्व के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में से हैं।
Incorrect
उत्तर: a)
- ज्वारनदमुख (Estuaries) और उनके आसपास की आर्द्रभूमि जलीय निकाय हैं और आमतौर पर जहां नदियां समुद्र से मिलती हैं वहां पाई जाती हैं ।
- ज्वारनदमुख अद्वितीय पौधे और पशु समुदायों के लिए पर्यावास स्थल हैं, जो लवणीय जल (brackish water) के साथ अनुकूलित हैं। यह स्थलीय भागों से प्रवाहित होने वाले ताजे जल और लवणीय समुद्री जल का मिश्रण होता है।
- एक इकोटोन (ecotone) दो बायोम के बीच एक संक्रमण क्षेत्र होता है। यह वह स्थान है जहां दो समुदाय मिलते हैं और एकीकृत होते हैं।
- इसमें प्रत्येक के पास सीमावर्ती जैविक समुदाय की कुछ विशेषताएं मौजूद होती हैं और अक्सर वे प्रजातियां पाई जाती है जोअतिव्यापी समुदायों में नहीं पाई जाती हैं।
- उदाहरण के लिए मैंग्रोव वन, समुद्री और स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के बीच स्थित एक पारिस्थितिकी का प्रतिनिधित्व करता है। अन्य उदाहरण – घास के मैदान (जंगल और मरुस्थल के बीच)।
- ज्वारनदमुख समुद्री प्रभावों – जैसे ज्वार, लहरें, और लवणीय जल के अंतर्वाह और नदी के प्रभावों – जैसे कि ताजा जल के प्रवाह और तलछट से प्रभावित होती हैं।
- समुद्र के जल और ताजे जल दोनों के अंतर्वाह जल और तलछट दोनों में उच्च स्तर के पोषक तत्व प्रदान करता है, जो ज्वारनदमुख को विश्व में सर्वाधिक उत्पादक प्राकृतिक पर्यावासों में से एक बनता है।
- कई ज्वारनदमुख के तट विश्व के सबसे अधिक आबादी वाले क्षेत्रों में से हैं।
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Question 5 of 5
5. Question
अंतर-ज्वारीय क्षेत्र (intertidal zone) व्यापक स्तर पर मैंग्रोव के विकास का समर्थन करते हैं, क्योंकि
Correct
उत्तर: a)
- अंतर-ज्वारीय क्षेत्र (intertidal zone), जिसे फ़ॉरेशोर और सीशोर तथा कभी-कभी लिटेरल ज़ोन के रूप में भी जाना जाता है, वह क्षेत्र होता है जो निम्न ज्वार की स्थिति में जल के ऊपर और उच्च ज्वार की स्थिति में जल के नीचे विद्यमान होता है।
- ज्वार के साथ जल नियमित रूप से उपलब्ध होता है, लेकिन वर्षा के कारण ताजा तथा ज्वार-भाटा के साथ शुष्क होने पर अत्यधिक लवणीय एवं शुष्क नमक में परिवर्तित हो जाता है।
- यह पोषक तत्वों से अत्यधिक समृद्ध होता है और इसलिए मैंग्रोव के विकास को बढ़ावा देता है।
Incorrect
उत्तर: a)
- अंतर-ज्वारीय क्षेत्र (intertidal zone), जिसे फ़ॉरेशोर और सीशोर तथा कभी-कभी लिटेरल ज़ोन के रूप में भी जाना जाता है, वह क्षेत्र होता है जो निम्न ज्वार की स्थिति में जल के ऊपर और उच्च ज्वार की स्थिति में जल के नीचे विद्यमान होता है।
- ज्वार के साथ जल नियमित रूप से उपलब्ध होता है, लेकिन वर्षा के कारण ताजा तथा ज्वार-भाटा के साथ शुष्क होने पर अत्यधिक लवणीय एवं शुष्क नमक में परिवर्तित हो जाता है।
- यह पोषक तत्वों से अत्यधिक समृद्ध होता है और इसलिए मैंग्रोव के विकास को बढ़ावा देता है।










