HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
Quiz-summary
0 of 5 questions completed
Questions:
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
Information
Welcome to Insights IAS Static Quiz in HINDI. We have already outlined details of this New Initiative HERE.
You have already completed the quiz before. Hence you can not start it again.
Quiz is loading...
You must sign in or sign up to start the quiz.
You have to finish following quiz, to start this quiz:
Results
0 of 5 questions answered correctly
Your time:
Time has elapsed
You have reached 0 of 0 points, (0)
Categories
- Not categorized 0%
- 1
- 2
- 3
- 4
- 5
- Answered
- Review
-
Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित में से किसका एल्बीडो निम्न होता है?
Correct
उत्तर: c)
सतह एल्बीडो
नवीन डामर 0.04
अनावृत मृदा 0.17
मरुस्थली मृदा 0.40
महासागरीय बर्फ 0.5 – 0.7
Incorrect
उत्तर: c)
सतह एल्बीडो
नवीन डामर 0.04
अनावृत मृदा 0.17
मरुस्थली मृदा 0.40
महासागरीय बर्फ 0.5 – 0.7
-
Question 2 of 5
2. Question
पारिस्थितिकी तंत्र में खाद्य श्रृंखला के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र में, अपरद खाद्य श्रृंखला की तुलना में चराई खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में चराई खाद्य श्रृंखला की तुलना में अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- विभिन्न पोषण स्तरों के माध्यम से ऊर्जा प्रवाह में केवल 10% ऊर्जा की कमी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: a)
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (aquatic ecosystem) में, चराई खाद्य श्रृंखला (grazing food chain) का ऊर्जा प्रवाह में प्रमुख योगदान होता है। इसके विपरीत, स्थस्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में चराई खाद्य श्रृंखला की तुलना में अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- जब किसी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा एक पोषण स्तर (trophic level ) से अगले तक प्रवाहित होती है, तो केवल दस प्रतिशत ऊर्जा ही प्रवाहित होती है और लगभग 90% ऊर्जा नष्ट होती है।
Incorrect
उत्तर: a)
- जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (aquatic ecosystem) में, चराई खाद्य श्रृंखला (grazing food chain) का ऊर्जा प्रवाह में प्रमुख योगदान होता है। इसके विपरीत, स्थस्थलीय पारिस्थितिक तंत्र में चराई खाद्य श्रृंखला की तुलना में अपरद खाद्य श्रृंखला के माध्यम से अधिक ऊर्जा प्रवाहित होती है।
- जब किसी पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा एक पोषण स्तर (trophic level ) से अगले तक प्रवाहित होती है, तो केवल दस प्रतिशत ऊर्जा ही प्रवाहित होती है और लगभग 90% ऊर्जा नष्ट होती है।
-
Question 3 of 5
3. Question
किसी जलीय निकाय के सुपोषण (यूट्रोफिकेशन) के अंतर्गत निम्नलिखित में से
कौनसी क्रियाएं शामिल होती है/हैं:
- जलीय निकाय का धीरे-धीरे गर्म होना
- जलीय निकाय में पोषक तत्वों का अंतर्वाह
- तल में निक्षेपित अवसादों का कैल्सीकरण
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: c)
- सुपोषण (Eutrophication) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जलीय निकाय में विशेष रूप से फॉस्फेट और नाइट्रेट्स जैसे पोषक तत्वों की अधिकता हो जाती है।
- ये आमतौर पर शैवाल के अत्यधिक विकास को बढ़ावा देते हैं। जैसे ही शैवाल नष्ट और अपघटित होते हैं, वैसे ही कार्बनिक पदार्थों के स्तर में वृद्धि होने लगती है और विघटित सूक्ष्मजीवों के कारण जल में उपलब्ध ऑक्सीजन की मात्रा में कमी होने लगती है, जिससे मछली जैसे अन्य जीवों की मृत्यु हो जाती है।
- उष्ण औद्योगिक अपशिष्ट जलीय निकाय के तापमान में वृद्धि करते हैं और आम तौर पर जल में घुलित ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। यह जलीय जीवों जैसे मछली, उभयचर और अन्य जलीय जीवों को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन, सुपोषण के साथ यह आवश्यक नहीं है।
- सुपोषण किसी जलीय निकाय के लिए एक प्राकृतिक, स्लो-एजिंग प्रक्रिया है, लेकिन मानव गतिविधियों (उदाहरण के लिए औद्योगिक अपशिष्ट)के कारण इस प्रक्रिया में अत्यधिक वृद्धि हुई है।
Incorrect
उत्तर: c)
- सुपोषण (Eutrophication) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जलीय निकाय में विशेष रूप से फॉस्फेट और नाइट्रेट्स जैसे पोषक तत्वों की अधिकता हो जाती है।
- ये आमतौर पर शैवाल के अत्यधिक विकास को बढ़ावा देते हैं। जैसे ही शैवाल नष्ट और अपघटित होते हैं, वैसे ही कार्बनिक पदार्थों के स्तर में वृद्धि होने लगती है और विघटित सूक्ष्मजीवों के कारण जल में उपलब्ध ऑक्सीजन की मात्रा में कमी होने लगती है, जिससे मछली जैसे अन्य जीवों की मृत्यु हो जाती है।
- उष्ण औद्योगिक अपशिष्ट जलीय निकाय के तापमान में वृद्धि करते हैं और आम तौर पर जल में घुलित ऑक्सीजन का स्तर कम होने लगता है। यह जलीय जीवों जैसे मछली, उभयचर और अन्य जलीय जीवों को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन, सुपोषण के साथ यह आवश्यक नहीं है।
- सुपोषण किसी जलीय निकाय के लिए एक प्राकृतिक, स्लो-एजिंग प्रक्रिया है, लेकिन मानव गतिविधियों (उदाहरण के लिए औद्योगिक अपशिष्ट)के कारण इस प्रक्रिया में अत्यधिक वृद्धि हुई है।
-
Question 4 of 5
4. Question
गहन समुद्री जल में निम्नलिखित में से कौन सबसे अधिक जीवित रह सकता है?
Correct
उत्तर: b)
- गहन महासागरों में जीवन के लिए प्रकाश एक सीमित कारक है। समुद्र की विभिन्न गहराई पर रहने वाले समुद्री पौधों के लिए दृश्यमान स्पेक्ट्रम के सभी रंग घटक उपलब्ध नहीं होते हैं।
- प्रकीर्णन के माध्यम से समुद्री जल में प्रवेश करने पर सूर्य का प्रकाश सात घटक रंगों में विभक्त हो जाता है। दीर्घ तरंग दैर्ध्य अत्यधिक गहराई में प्रवेश नहीं कर सकती हैं, जबकि लघु तरंग दैर्ध्य कर सकती हैं।
- शैवाल भोजन बनाने के लिए प्रकाश संश्लेषण का उपयोग करते हैं। इसलिए, प्रकाश संश्लेषण के लिए लघु तरंग दैर्ध्य का उपयोग करने वाले जीव ही जीवित रहते हैं।
- लाल शैवाल में लाल वर्णक (फ़ाइकोएर्थ्रिन) होता है जो अधिक गहराई तक प्रवेश करने वाले केवल लघु तरंग दैर्ध्य प्रकाश का उपयोग करके प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को संपादित करते हैं।
- ये समुद्री जल में 200 मीटर तक की गहराई तक पाए जा सकते हैं।
Incorrect
उत्तर: b)
- गहन महासागरों में जीवन के लिए प्रकाश एक सीमित कारक है। समुद्र की विभिन्न गहराई पर रहने वाले समुद्री पौधों के लिए दृश्यमान स्पेक्ट्रम के सभी रंग घटक उपलब्ध नहीं होते हैं।
- प्रकीर्णन के माध्यम से समुद्री जल में प्रवेश करने पर सूर्य का प्रकाश सात घटक रंगों में विभक्त हो जाता है। दीर्घ तरंग दैर्ध्य अत्यधिक गहराई में प्रवेश नहीं कर सकती हैं, जबकि लघु तरंग दैर्ध्य कर सकती हैं।
- शैवाल भोजन बनाने के लिए प्रकाश संश्लेषण का उपयोग करते हैं। इसलिए, प्रकाश संश्लेषण के लिए लघु तरंग दैर्ध्य का उपयोग करने वाले जीव ही जीवित रहते हैं।
- लाल शैवाल में लाल वर्णक (फ़ाइकोएर्थ्रिन) होता है जो अधिक गहराई तक प्रवेश करने वाले केवल लघु तरंग दैर्ध्य प्रकाश का उपयोग करके प्रकाश संश्लेषण की क्रिया को संपादित करते हैं।
- ये समुद्री जल में 200 मीटर तक की गहराई तक पाए जा सकते हैं।
-
Question 5 of 5
5. Question
किसी जलीय निकाय पर हिमावरण में वृद्धि के निम्नलिखित में से कौन-सा/से परिणाम हो सकते है/हैं
- पादप प्लवकों (फाइटोप्लांकटन) की संख्या में आकस्मिक वृद्धि, जो प्रकाश संश्लेषण पर निर्भर नहीं होते हैं।
- झील में ऑक्सीजन संचरण और पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण की प्रक्रिया का बेहतर होना।
- विंटरकील (winterkill) परिस्थिति के निर्माण के कारण मछलियों और जीवों की बड़े पैमाने पर मृत्यु होना।
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
- पादप प्लवकों (फाइटोप्लांकटन) जल निकायों की ऊपरी सतह पर तैरते रहते हैं और इसे पनपने के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। हिमावरण इसके प्रजनन स्थल और आबादी में कमी कर देता।
- हिमावरण पोषक तत्वों और वायुमंडल से ऑक्सीजन के आदान-प्रदान को बाधित करता है।
- जलीय निकाय पर हिमावरण प्रभावी रूप से प्रकाश को अवरुद्ध कर सकता है, जिससे निकाय अंधकारमय हो जाएगा।
- इस प्रकार प्रकाश संश्लेषण की क्रिया समाप्त हो जाएगी लेकिन श्वसन क्रिया जारी रहेगी। इस प्रकार, उथली झीलों में, ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, और ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियों एवं अन्य जीवों की बड़े पैमाने पर मृत्यु हो जाती है। इस स्थिति को विंटरकील (winterkill) के रूप में जाना जाता है।
Incorrect
उत्तर: b)
- पादप प्लवकों (फाइटोप्लांकटन) जल निकायों की ऊपरी सतह पर तैरते रहते हैं और इसे पनपने के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। हिमावरण इसके प्रजनन स्थल और आबादी में कमी कर देता।
- हिमावरण पोषक तत्वों और वायुमंडल से ऑक्सीजन के आदान-प्रदान को बाधित करता है।
- जलीय निकाय पर हिमावरण प्रभावी रूप से प्रकाश को अवरुद्ध कर सकता है, जिससे निकाय अंधकारमय हो जाएगा।
- इस प्रकार प्रकाश संश्लेषण की क्रिया समाप्त हो जाएगी लेकिन श्वसन क्रिया जारी रहेगी। इस प्रकार, उथली झीलों में, ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, और ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियों एवं अन्य जीवों की बड़े पैमाने पर मृत्यु हो जाती है। इस स्थिति को विंटरकील (winterkill) के रूप में जाना जाता है।








