HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
उदारीकरण के बाद, भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन (structural change) किए हैं। इस संदर्भ में, ‘संरचनात्मक परिवर्तन’ का अर्थ है
Correct
उत्तर: b)
- संरचनात्मक परिवर्तन (structural change) एक लंबी अवधि में आर्थिक परिवर्तन की मूल विशेषताओं का प्रतिनिधित्व करता है। अर्थव्यवस्था की संरचना का आशय आर्थिक ढांचे की संरचना, व्यावसायिक संरचना, आय का क्षेत्रवार वितरण, औद्योगिक पैटर्न, निर्यात संरचना, बचत-जीडीपी अनुपात आदि से है।
- LPG सुधारों के कारण, बड़े पैमाने पर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था बाद के वर्षों या दशकों में सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन हो गई है।
Incorrect
उत्तर: b)
- संरचनात्मक परिवर्तन (structural change) एक लंबी अवधि में आर्थिक परिवर्तन की मूल विशेषताओं का प्रतिनिधित्व करता है। अर्थव्यवस्था की संरचना का आशय आर्थिक ढांचे की संरचना, व्यावसायिक संरचना, आय का क्षेत्रवार वितरण, औद्योगिक पैटर्न, निर्यात संरचना, बचत-जीडीपी अनुपात आदि से है।
- LPG सुधारों के कारण, बड़े पैमाने पर कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था बाद के वर्षों या दशकों में सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तन हो गई है।
-
Question 2 of 5
2. Question
किसी विशेष उत्पाद के लिए ‘इनवर्टेड ड्यूटी (inverted duty)’ संरचना निम्नलिखित में से किसे हतोत्साहित कर सकता/सकते है/हैं
- घरेलू मूल्य संवर्धन को
- एसोसिएटेड फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को
- कच्चे माल की तुलना में तैयार माल के आयात को
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: a)
- ‘इनवर्टेड ड्यूटी (inverted duty)’ संरचना एक ऐसी स्थिति है जहां तैयार माल पर आयात शुल्क कच्चे माल पर आयात शुल्क की तुलना में कम होता है जो कि ऐसे तैयार माल के उत्पादन में उपयोग किया जाता है।
- उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि टायरों के आयात पर टैरिफ (आयात कर) 10% है और प्राकृतिक रबर (टायरों के उत्पादन में उपयोग) के आयात पर टैरिफ 20% है; अत: यह इनवर्टेड ड्यूटी संरचना की स्थिति को इंगित करता है।
- जब कच्चे माल पर आयात शुल्क अधिक होता है, तो प्रतिस्पर्धी मूल्य पर घरेलू रूप से संबंधित बेहतर उत्पादन करना अधिक कठिन होगा। कई उद्योग आयातित कच्चे माल और घटकों पर निर्भर होते हैं। कच्चे माल पर उच्च कर उन्हें कीमत बढ़ाने के लिए विवश करता है।
- आयातित कच्चे माल के बढ़ते उपयोग के साथ इनवर्टेड ड्यूटी संरचना का नुकसान बढ़ता है। इनवर्टेड ड्यूटी संरचना घरेलू मूल्य संवर्धन को हतोत्साहित करती है।
- दूसरी ओर, कम कर लाभ के कारण विदेशी तैयार माल कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएगा। अंत में, घरेलू उद्योग द्वारा निर्मित माल आयातित तैयार माल के मुकाबले अतिस्पर्धी हो जाता है।
- ऐसे मामले में, यहां तक कि विदेशी निवेशक भी देश में उत्पादन के लिए एक फर्म स्थापित करने में रुचि नहीं लेंगे।
- कथन 3 गलत है क्योंकि यह सिर्फ विपरीत स्थिति को इंगित करता है।
Incorrect
उत्तर: a)
- ‘इनवर्टेड ड्यूटी (inverted duty)’ संरचना एक ऐसी स्थिति है जहां तैयार माल पर आयात शुल्क कच्चे माल पर आयात शुल्क की तुलना में कम होता है जो कि ऐसे तैयार माल के उत्पादन में उपयोग किया जाता है।
- उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि टायरों के आयात पर टैरिफ (आयात कर) 10% है और प्राकृतिक रबर (टायरों के उत्पादन में उपयोग) के आयात पर टैरिफ 20% है; अत: यह इनवर्टेड ड्यूटी संरचना की स्थिति को इंगित करता है।
- जब कच्चे माल पर आयात शुल्क अधिक होता है, तो प्रतिस्पर्धी मूल्य पर घरेलू रूप से संबंधित बेहतर उत्पादन करना अधिक कठिन होगा। कई उद्योग आयातित कच्चे माल और घटकों पर निर्भर होते हैं। कच्चे माल पर उच्च कर उन्हें कीमत बढ़ाने के लिए विवश करता है।
- आयातित कच्चे माल के बढ़ते उपयोग के साथ इनवर्टेड ड्यूटी संरचना का नुकसान बढ़ता है। इनवर्टेड ड्यूटी संरचना घरेलू मूल्य संवर्धन को हतोत्साहित करती है।
- दूसरी ओर, कम कर लाभ के कारण विदेशी तैयार माल कम कीमत पर उपलब्ध हो जाएगा। अंत में, घरेलू उद्योग द्वारा निर्मित माल आयातित तैयार माल के मुकाबले अतिस्पर्धी हो जाता है।
- ऐसे मामले में, यहां तक कि विदेशी निवेशक भी देश में उत्पादन के लिए एक फर्म स्थापित करने में रुचि नहीं लेंगे।
- कथन 3 गलत है क्योंकि यह सिर्फ विपरीत स्थिति को इंगित करता है।
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Question 3 of 5
3. Question
‘चालू खाता घाटा (Current Account Deficit: CAD)’ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- चालू खाता देश के भीतर और बाहर होने वाले वाले वस्तुओं, सेवाओं और निवेश के प्रवाह की गणना करता है।
- चालू खाता घाटा अल्पावधि में किसी ऋणी राष्ट्र की सहायता कर सकता है।
- उच्च सॉफ्टवेयर सेवा प्राप्तियां और निजी हस्तांतरण चालू खाता घाटा कम कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: c)
- चालू खाता घाटा (Current Account Deficit: CAD) निर्यात से प्राप्त होने वाले धन और आयात पर व्यय होने वाले धन के बीच की कमी को इंगित करता है। CAD (या अधिशेष) वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार पर प्राप्त और प्रेषित धन के बीच के अंतर और विदेशों में उत्पादन के घरेलू स्वामित्व वाले कारकों से धन के हस्तांतरण का भी मापन करता है।
- चालू खाता के तहत निवल आय, ब्याज और लाभांश तथा विदेशी सहायता, प्रेषण, दान जैसे हस्तांतरण शामिल किया जाता है।
- बढ़ता CAD यह दिखाता है कि यह वह देश अप्रतिस्पर्धी हो गया है, और निवेशक वहां निवेश करने को तैयार नहीं हैं। वे अपना निवेश वापस निकल सकते हैं।
- CAD अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक या नकारात्मक संकेतक हो सकता है जो इस बात पर निर्भर करता है कि वह घाटा क्यों हो रहा है। कई अर्थव्यवस्थाओं में निवेश के लिए विदेशी पूंजी का उपयोग किया जाता है। CAD कम अवधि में एक ऋणी राष्ट्र की सहायता कर सकता है, लेकिन यह दीर्घकालिक में चिंता का विषय हो सकता है क्योंकि निवेशक अपने निवेश पर पर्याप्त प्रतिफल प्राप्त करने के संबंध में आशंकित हो सकते हैं।
- ऐसे कई कारक हैं जिनके कारण CAD कम हो सकता है। जैसे सॉफ्टवेयर प्राप्तियों और साथ ही निजी हस्तांतरण में वृद्धि होना।
Incorrect
उत्तर: c)
- चालू खाता घाटा (Current Account Deficit: CAD) निर्यात से प्राप्त होने वाले धन और आयात पर व्यय होने वाले धन के बीच की कमी को इंगित करता है। CAD (या अधिशेष) वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार पर प्राप्त और प्रेषित धन के बीच के अंतर और विदेशों में उत्पादन के घरेलू स्वामित्व वाले कारकों से धन के हस्तांतरण का भी मापन करता है।
- चालू खाता के तहत निवल आय, ब्याज और लाभांश तथा विदेशी सहायता, प्रेषण, दान जैसे हस्तांतरण शामिल किया जाता है।
- बढ़ता CAD यह दिखाता है कि यह वह देश अप्रतिस्पर्धी हो गया है, और निवेशक वहां निवेश करने को तैयार नहीं हैं। वे अपना निवेश वापस निकल सकते हैं।
- CAD अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक या नकारात्मक संकेतक हो सकता है जो इस बात पर निर्भर करता है कि वह घाटा क्यों हो रहा है। कई अर्थव्यवस्थाओं में निवेश के लिए विदेशी पूंजी का उपयोग किया जाता है। CAD कम अवधि में एक ऋणी राष्ट्र की सहायता कर सकता है, लेकिन यह दीर्घकालिक में चिंता का विषय हो सकता है क्योंकि निवेशक अपने निवेश पर पर्याप्त प्रतिफल प्राप्त करने के संबंध में आशंकित हो सकते हैं।
- ऐसे कई कारक हैं जिनके कारण CAD कम हो सकता है। जैसे सॉफ्टवेयर प्राप्तियों और साथ ही निजी हस्तांतरण में वृद्धि होना।
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Question 4 of 5
4. Question
निम्नलिखित में से कौन-से कारक मुद्रास्फीति (inflation) में वृद्धि कर सकते हैं?
- अत्यधिक उपभोक्ता मांग
- धन की आपूर्ति में वृद्धि
- कीमतों में वृद्धि
- तकनीकी नवाचार
सही कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
- जब किसी अर्थव्यवस्था में सकल मांग सकल आपूर्ति को बढ़ा देती है, तो कीमतें बढ़ जाती हैं। अर्थशास्त्रियों ने कुछ वस्तुओं के लिए अधिक डॉलर के व्यय के परिणामस्वरूप मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति का वर्णन किया है।
- यदि कोई सरकार करों में कमी करती है, तो परिवारों की डिस्पोजेबल आय बढ़ जाती है। यह बदले में, उपभोक्ता व्यय में वृद्धि करता है, इस प्रकार सकल मांग में वृद्धि होती है और अंततः मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति स्थित उत्पन्न होती है।
- जब कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो लागत-प्रेरित मुद्रास्फीति स्थित उत्पन्न होती है।
Incorrect
उत्तर: b)
- जब किसी अर्थव्यवस्था में सकल मांग सकल आपूर्ति को बढ़ा देती है, तो कीमतें बढ़ जाती हैं। अर्थशास्त्रियों ने कुछ वस्तुओं के लिए अधिक डॉलर के व्यय के परिणामस्वरूप मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति का वर्णन किया है।
- यदि कोई सरकार करों में कमी करती है, तो परिवारों की डिस्पोजेबल आय बढ़ जाती है। यह बदले में, उपभोक्ता व्यय में वृद्धि करता है, इस प्रकार सकल मांग में वृद्धि होती है और अंततः मांग-प्रेरित मुद्रास्फीति स्थित उत्पन्न होती है।
- जब कीमतों में बढ़ोतरी होती है तो लागत-प्रेरित मुद्रास्फीति स्थित उत्पन्न होती है।
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Question 5 of 5
5. Question
‘कॉल मनी रेट (Call money rate)’ के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- बैंक परिसंपत्ति-देयताओं घाटे को पूरा करने, वैधानिक CRR और SLR आवश्यकताओं का अनुपालन करने और फंड की अकस्मात मांग को पूरा के लिए कॉल मनी लोन (Call money loans) का सहारा लेते हैं।
- तरलता की मांग और आपूर्ति कॉल मनी रेट को प्रभावित करती है।
- केवल RBI और बैंक ही कॉल मनी मार्केट के भागीदार होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उतर: c)
- ‘कॉल मनी रेट (Call money rate)’ वह दर है जिस पर अल्पकालिक धनराशि उधार ली जाती है और मुद्रा बाजार में उधार दिया जाता है।
- कॉल मनी लोन की अवधि 1 दिन की होती है। बैंक परिसंपत्ति-देयताओं घाटे को पूरा करने, वैधानिक CRR और SLR आवश्यकताओं का अनुपालन करने और फंड की अकस्मात मांग को पूरा के लिए कॉल मनी लोन (Call money loans) का सहारा लेते हैं। RBI, बैंक, प्राथमिक डीलर आदि कॉल मनी मार्केट के भागीदार होते हैं। तरलता की मांग और आपूर्ति कॉल मनी दर को प्रभावित करती है। एक मजबूत तरलता स्थिति कॉल मनी दर में वृद्धि कर सकती है और एक कमजोर तरलता स्थिति कॉल मनी दर में कमी कर सकती है।
Incorrect
उतर: c)
- ‘कॉल मनी रेट (Call money rate)’ वह दर है जिस पर अल्पकालिक धनराशि उधार ली जाती है और मुद्रा बाजार में उधार दिया जाता है।
- कॉल मनी लोन की अवधि 1 दिन की होती है। बैंक परिसंपत्ति-देयताओं घाटे को पूरा करने, वैधानिक CRR और SLR आवश्यकताओं का अनुपालन करने और फंड की अकस्मात मांग को पूरा के लिए कॉल मनी लोन (Call money loans) का सहारा लेते हैं। RBI, बैंक, प्राथमिक डीलर आदि कॉल मनी मार्केट के भागीदार होते हैं। तरलता की मांग और आपूर्ति कॉल मनी दर को प्रभावित करती है। एक मजबूत तरलता स्थिति कॉल मनी दर में वृद्धि कर सकती है और एक कमजोर तरलता स्थिति कॉल मनी दर में कमी कर सकती है।








