HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- कला निर्माण करने संबंधी निम्न पुरापाषाणकालीन लोगों के साक्ष्य मौजूद हैं।
- प्रतीक प्रागैतिहासिक चित्रों का हिस्सा नहीं हैं।
- चित्रों की सर्वाधिक संख्या ताम्र पाषाण युग से संबंधित है।
- शिकार के दृश्य मध्यपाषाण काल चित्रों की प्रमुख विशेषता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: c)
- कला निर्माण करने वाले निम्न पुरापाषाणकालीन (lower Paleolithic) लोगों के कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसका निर्माण केवल उत्तर पुरापाषाणकाल (Upper Paleolithic) के दौरान प्रारंभ हुआ था।
- चित्रों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: मनुष्य, पशु और ज्यामितीय प्रतिरूप।
- चित्रों की सबसे बड़ी संख्या मध्यपाषाण (Mesolithic) युग की है।
- शिकार के दृश्य मध्यपाषाणकालीन (Mesolithic) चित्रों में दिखाई देते हैं।
Incorrect
उत्तर: c)
- कला निर्माण करने वाले निम्न पुरापाषाणकालीन (lower Paleolithic) लोगों के कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। इसका निर्माण केवल उत्तर पुरापाषाणकाल (Upper Paleolithic) के दौरान प्रारंभ हुआ था।
- चित्रों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: मनुष्य, पशु और ज्यामितीय प्रतिरूप।
- चित्रों की सबसे बड़ी संख्या मध्यपाषाण (Mesolithic) युग की है।
- शिकार के दृश्य मध्यपाषाणकालीन (Mesolithic) चित्रों में दिखाई देते हैं।
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Question 2 of 5
2. Question
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilisation: IVC) थी, एक:
Correct
उत्तर: b)
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilisation: IVC), या हड़प्पा सभ्यता, एक कांस्य-युगीन सभ्यता थी (3300–1300 BCE; परिपक्व अवधि 2600–1900 ईसा पूर्व)। यह मुख्य रूप से दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में, वर्तमान पाकिस्तान से उत्तर-पूर्व अफगानिस्तान और उत्तर-पश्चिमी भारत तक विस्तृत थी। प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया सभ्यताओं के साथ, यह प्राचीन विश्व की तीन प्रमुख सभ्यताओं में से एक थी और तीनों में सर्वाधिक विस्तृत थी।
Incorrect
उत्तर: b)
सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilisation: IVC), या हड़प्पा सभ्यता, एक कांस्य-युगीन सभ्यता थी (3300–1300 BCE; परिपक्व अवधि 2600–1900 ईसा पूर्व)। यह मुख्य रूप से दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में, वर्तमान पाकिस्तान से उत्तर-पूर्व अफगानिस्तान और उत्तर-पश्चिमी भारत तक विस्तृत थी। प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया सभ्यताओं के साथ, यह प्राचीन विश्व की तीन प्रमुख सभ्यताओं में से एक थी और तीनों में सर्वाधिक विस्तृत थी।
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Question 3 of 5
3. Question
चित्रित धूसर मृदभांड (Painted Grey Ware: PGW) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह पश्चिमी गंगा के मैदान और घग्गर-हकरा घाटी की एक कांस्य युगीन संस्कृति है।
- यह महान महाजनपद राज्यों और मगध साम्राज्य के उदय से संबंधित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
- चित्रित धूसर मृदभांड (Painted Grey Ware: PGW) पश्चिमी गंगा के मैदान और घग्गर-हकरा घाटी की एक लौह युगीन संस्कृति है, जो लगभग 1200 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व तक मौजूद थी।
- यह इस क्षेत्र के भीतर ब्लैक एंड रेड वेयर कल्चर (BRW) की उत्तरवर्ती संस्कृति थी, और पूर्वी गंगा के मैदान और मध्य भारत में BRW संस्कृति की निरंतरता के साथ समकालीन थी।
- काले रंग में ज्यामितीय पैटर्न के साथ चित्रित सूक्ष्म, भूरे रंग के बर्तनों की शैली से निर्मित, PGW संस्कृति ग्रामीण और शहरी बस्तियों, पालतू घोड़ों, हाथी दांत कार्य और लोहे के धातु विज्ञान के आगमन से संबंधित है।
- PGW संस्कृति संभवतः मध्य और उत्तर वैदिक काल अर्थात्, कुरु-पंचाल साम्राज्य (सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के बाद दक्षिण एशिया का पहला बड़ा राज्य) में मौजूद थी।
- यह उत्तरी काले पॉलिशदार मृदभांड (NBPW) (700-500 ईसा पूर्व) की उत्तरवर्ती थी। यह महान महाजनपद राज्यों और मगध साम्राज्य के उदय से संबंधित है।
Incorrect
उत्तर: d)
- चित्रित धूसर मृदभांड (Painted Grey Ware: PGW) पश्चिमी गंगा के मैदान और घग्गर-हकरा घाटी की एक लौह युगीन संस्कृति है, जो लगभग 1200 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व तक मौजूद थी।
- यह इस क्षेत्र के भीतर ब्लैक एंड रेड वेयर कल्चर (BRW) की उत्तरवर्ती संस्कृति थी, और पूर्वी गंगा के मैदान और मध्य भारत में BRW संस्कृति की निरंतरता के साथ समकालीन थी।
- काले रंग में ज्यामितीय पैटर्न के साथ चित्रित सूक्ष्म, भूरे रंग के बर्तनों की शैली से निर्मित, PGW संस्कृति ग्रामीण और शहरी बस्तियों, पालतू घोड़ों, हाथी दांत कार्य और लोहे के धातु विज्ञान के आगमन से संबंधित है।
- PGW संस्कृति संभवतः मध्य और उत्तर वैदिक काल अर्थात्, कुरु-पंचाल साम्राज्य (सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के बाद दक्षिण एशिया का पहला बड़ा राज्य) में मौजूद थी।
- यह उत्तरी काले पॉलिशदार मृदभांड (NBPW) (700-500 ईसा पूर्व) की उत्तरवर्ती थी। यह महान महाजनपद राज्यों और मगध साम्राज्य के उदय से संबंधित है।
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Question 4 of 5
4. Question
यदि आप अजंता की गुफाओं के अंदर घूमते हैं, तो आपको निम्नलिखित में से कौन-सी प्रसिद्ध प्रतिमा / मूर्तिकला दिखाई दे सकती हैं?
- बुद्ध का महापरिनिर्वाण
- शिवा द्वारा अंधक का वध और शिव की शादी
- पद्मपाणि और वज्रपाणि
- त्रिमूर्ति, गंगाधारा और अर्द्धनारीश्वर
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: c)
- अजंता की गुफाएँ लगभग 30 रॉक-कट बौद्ध गुफा स्मारक हैं, जो भारत के महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर लगभग 480 ई.पू.
- से संबंधित हैं। गुफाओं में पेंटिंग और रॉक-कट की मूर्तियां स्थित हैं जिन्हें प्राचीन भारतीय कला के बेहतरीन जीवित उदाहरणों में से एक के रूप में वर्णित किया जाता है।
- गुफा 1 की दीवारों और छत पर चित्र बने हुए हैं। अजंता में दो सबसे प्रसिद्ध व्यक्तिगत चित्रित चित्र, पीछे के गलियारे की दीवार पर स्थित बुद्ध मंदिर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर सुरक्षात्मक बोधिसत्व पद्मपाणि और वज्रपाणि के दो आदमकद आकृतियाँ हैं।
- गुफा 26 में मूर्तियां उभरी हुई और अधिक जटिल हैं। प्रमुख कलाकृतियों में दीवार पर बुद्ध के महापरिनिर्वाण (विश्राम अवस्था में बुद्ध) से संबंधित चित्र शामिल हैं। बुद्ध को महापरिनिर्वाण तब प्राप्त होता है जब वह अंततः नश्वर संसार से मुक्ति प्राप्त कर लेते हैं।
- कथन 2 और 4: ये एलीफेंटा गुफाओं में पाए जाते हैं। यह “गुप्त-चालुक्य कला की उत्कृष्ट कृति” के रूप में वर्णित है। एलिफेंटा गुफाओं में सबसे महत्वपूर्ण मूर्तिकला त्रिमूर्ति है। यहाँ रावण द्वारा कैलाश पर्वत को उठाते हुए प्रदर्शित करने वाला एक दो स्तरीय चित्र भी है।
Incorrect
उत्तर: c)
- अजंता की गुफाएँ लगभग 30 रॉक-कट बौद्ध गुफा स्मारक हैं, जो भारत के महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर लगभग 480 ई.पू.
- से संबंधित हैं। गुफाओं में पेंटिंग और रॉक-कट की मूर्तियां स्थित हैं जिन्हें प्राचीन भारतीय कला के बेहतरीन जीवित उदाहरणों में से एक के रूप में वर्णित किया जाता है।
- गुफा 1 की दीवारों और छत पर चित्र बने हुए हैं। अजंता में दो सबसे प्रसिद्ध व्यक्तिगत चित्रित चित्र, पीछे के गलियारे की दीवार पर स्थित बुद्ध मंदिर के प्रवेश द्वार के दोनों ओर सुरक्षात्मक बोधिसत्व पद्मपाणि और वज्रपाणि के दो आदमकद आकृतियाँ हैं।
- गुफा 26 में मूर्तियां उभरी हुई और अधिक जटिल हैं। प्रमुख कलाकृतियों में दीवार पर बुद्ध के महापरिनिर्वाण (विश्राम अवस्था में बुद्ध) से संबंधित चित्र शामिल हैं। बुद्ध को महापरिनिर्वाण तब प्राप्त होता है जब वह अंततः नश्वर संसार से मुक्ति प्राप्त कर लेते हैं।
- कथन 2 और 4: ये एलीफेंटा गुफाओं में पाए जाते हैं। यह “गुप्त-चालुक्य कला की उत्कृष्ट कृति” के रूप में वर्णित है। एलिफेंटा गुफाओं में सबसे महत्वपूर्ण मूर्तिकला त्रिमूर्ति है। यहाँ रावण द्वारा कैलाश पर्वत को उठाते हुए प्रदर्शित करने वाला एक दो स्तरीय चित्र भी है।
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Question 5 of 5
5. Question
मुगल चित्रकला शैली के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
Correct
उत्तर: a)
- सम्राट अकबर की चित्रकला और वास्तुकला में गहन दिलचस्पी थी।
- मुगल शैली को प्रकृति और सूक्ष्म चित्रों के चित्रण के आधार पर प्रकृतिवादी चित्र के रूप में निरुपित किया गया है। इसकी विशेषता उच्च सौंदर्यात्मक है। इनकी प्रकृति कुलीनतंत्रीय और धर्मनिरपेक्ष है।
Incorrect
उत्तर: a)
- सम्राट अकबर की चित्रकला और वास्तुकला में गहन दिलचस्पी थी।
- मुगल शैली को प्रकृति और सूक्ष्म चित्रों के चित्रण के आधार पर प्रकृतिवादी चित्र के रूप में निरुपित किया गया है। इसकी विशेषता उच्च सौंदर्यात्मक है। इनकी प्रकृति कुलीनतंत्रीय और धर्मनिरपेक्ष है।








