HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- यह अधिनियम वनस्पतिजात और प्राणीजात दोनों के लिए लागू है और यह संपूर्ण भारत पर प्रभावी है।
- अनुसूची I और अनुसूची II के भाग II के तहत सूचीबद्ध जानवरों को सर्वाधिक संरक्षण प्रदान किया जाता है।
- अनुसूची V में वे जानवर शामिल हैं जिनका शिकार नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: b)
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972, भारत की संसद का एक अधिनियम है जिसे पौधों और जानवरों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत संरक्षित पौधों और जानवरों की प्रजातियों की अनुसूचियां निर्मित की गई हैं।
- इसमें छह अनुसूचियां हैं जो अलग-अलग सुरक्षा प्रदान करती हैं।
- अनुसूची I और अनुसूची II का भाग II पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती हैं – इनके तहत अपराध के लिए अधिकतम दंड निर्धारित किया गया है।
- अनुसूची III और अनुसूची IV में सूचीबद्ध प्रजातियां भी संरक्षित हैं, लेकिन दंड का प्रावधान अपेक्षाकृत कम है।
- अनुसूची V में वे जानवर शामिल हैं जिनका शिकार किया जा सकता है। उन्हें वर्मिन के रूप में जाना जाता है।
- अनुसूची VI अनन्य रूप से पौधों से संबंधित है। अनुसूची VI में निर्दिष्ट स्थानिक पौधों की खेती और रोपण को प्रतिबंधित किया गया है।
Incorrect
उत्तर: b)
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972, भारत की संसद का एक अधिनियम है जिसे पौधों और जानवरों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत संरक्षित पौधों और जानवरों की प्रजातियों की अनुसूचियां निर्मित की गई हैं।
- इसमें छह अनुसूचियां हैं जो अलग-अलग सुरक्षा प्रदान करती हैं।
- अनुसूची I और अनुसूची II का भाग II पूर्ण सुरक्षा प्रदान करती हैं – इनके तहत अपराध के लिए अधिकतम दंड निर्धारित किया गया है।
- अनुसूची III और अनुसूची IV में सूचीबद्ध प्रजातियां भी संरक्षित हैं, लेकिन दंड का प्रावधान अपेक्षाकृत कम है।
- अनुसूची V में वे जानवर शामिल हैं जिनका शिकार किया जा सकता है। उन्हें वर्मिन के रूप में जाना जाता है।
- अनुसूची VI अनन्य रूप से पौधों से संबंधित है। अनुसूची VI में निर्दिष्ट स्थानिक पौधों की खेती और रोपण को प्रतिबंधित किया गया है।
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Question 2 of 5
2. Question
हिम चादर (Ice Sheets) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- हिम चादरें उन क्षेत्रों में निर्मित हैं जहां शीतकाल में बर्फ गिरती है जो ग्रीष्मकाल में यह पूर्ण रूप से नहीं पिघलती हैं।
- वर्तमान में पृथ्वी पर केवल दो हिम चादरें नामतः ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका मौजूद हैं।
- हिम चादरें मौसम और जलवायु को भी प्रभावित करती हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Correct
उत्तर: d)
- हिम चादर (Ice Sheets) हिमनद बर्फ होती है जिसका विस्तार 50,000 वर्ग किलोमीटर (20,000 वर्ग मील) क्षेत्र में होता है। वर्तमान में पृथ्वी पर केवल दो हिम चादरें नामतः ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका मौजूद हैं। अंतिम हिमयुग के दौरान, हिम चादरें उत्तरी अमेरिका और स्कैंडिनेविया के अधिकांश भाग पर विस्तृत थीं।
- हिम चादरों में भारी मात्रा में जमा हुए जल होता है। संयुक्त रूप से, ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक हिम चादरों में पृथ्वी का 99 प्रतिशत से अधिक मीठा जल मौजूद है।
- हिम चादरें उन क्षेत्रों में निर्मित हैं जहां शीतकाल में बर्फ गिरती है जो ग्रीष्मकाल में यह पूर्ण रूप से नहीं पिघलती हैं। हजारों वर्षों में, हिम चादरें बर्फ की मोटी परत के रूप में जमा हो जाती हैं और जैसे-जैसे पुरानी बर्फ पर नई बर्फ पर जमा होती रहती है वैसे-वैसे बर्फ की परतें और अधिक सघन और मोटी होती जाती हैं।
- हिम चादरें लगातार गतिमान रहती हैं, धीरे-धीरे ढलान के सहारे प्रवाहित होती रहती है।
- ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक हिम चादरें मौसम और जलवायु को भी प्रभावित करती हैं।
- ग्रीनलैंड हिम चादर में बर्फ का द्रव्यमान कम निरंतर कम हो रहा है।
Incorrect
उत्तर: d)
- हिम चादर (Ice Sheets) हिमनद बर्फ होती है जिसका विस्तार 50,000 वर्ग किलोमीटर (20,000 वर्ग मील) क्षेत्र में होता है। वर्तमान में पृथ्वी पर केवल दो हिम चादरें नामतः ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका मौजूद हैं। अंतिम हिमयुग के दौरान, हिम चादरें उत्तरी अमेरिका और स्कैंडिनेविया के अधिकांश भाग पर विस्तृत थीं।
- हिम चादरों में भारी मात्रा में जमा हुए जल होता है। संयुक्त रूप से, ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक हिम चादरों में पृथ्वी का 99 प्रतिशत से अधिक मीठा जल मौजूद है।
- हिम चादरें उन क्षेत्रों में निर्मित हैं जहां शीतकाल में बर्फ गिरती है जो ग्रीष्मकाल में यह पूर्ण रूप से नहीं पिघलती हैं। हजारों वर्षों में, हिम चादरें बर्फ की मोटी परत के रूप में जमा हो जाती हैं और जैसे-जैसे पुरानी बर्फ पर नई बर्फ पर जमा होती रहती है वैसे-वैसे बर्फ की परतें और अधिक सघन और मोटी होती जाती हैं।
- हिम चादरें लगातार गतिमान रहती हैं, धीरे-धीरे ढलान के सहारे प्रवाहित होती रहती है।
- ग्रीनलैंड और अंटार्कटिक हिम चादरें मौसम और जलवायु को भी प्रभावित करती हैं।
- ग्रीनलैंड हिम चादर में बर्फ का द्रव्यमान कम निरंतर कम हो रहा है।
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Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- वन आच्छादन में कमी से मृदा में फास्फोरस और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्वों की कमी हो सकती हैं।
- मृदा में लवणता बढ़ने से उस क्षेत्र में पादप प्रजातियों के वितरण में परिवर्तन हो सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही नहीं है/हैं?
Correct
उत्तर: d)
प्राकृतिक तनावों के साथ-साथ मानवीय गतिविधियों में वृद्धि से भारत के विश्व धरोहर स्थल ‘सुंदरवन’ का बड़े पैमाने पर क्षरण हुआ है।
विशेष रूप से फॉस्फोरस और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्वों की कमी वन आवरण में क्षरण के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है।
प्रजातियों के वितरण में भी परिवर्तन पाया गया है – लवणता के प्रति संवेदनशील हेरितेरा फोम्स (Heriteira Fomes), जाइलोकार्पस प्रजाति (Xylocarpus Species) और फीनिक्स पलूडोसा (Phoenix Paludosa) आदि लवणता में वृद्धि को सामना करने में सक्षम न हो पाने के कारण निम्नीकरण की समस्या से ग्रस्त हैं जबकि लवणता के प्रति सहनशील किस्मों में वृद्धि देखी गई है।
Incorrect
उत्तर: d)
प्राकृतिक तनावों के साथ-साथ मानवीय गतिविधियों में वृद्धि से भारत के विश्व धरोहर स्थल ‘सुंदरवन’ का बड़े पैमाने पर क्षरण हुआ है।
विशेष रूप से फॉस्फोरस और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्वों की कमी वन आवरण में क्षरण के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है।
प्रजातियों के वितरण में भी परिवर्तन पाया गया है – लवणता के प्रति संवेदनशील हेरितेरा फोम्स (Heriteira Fomes), जाइलोकार्पस प्रजाति (Xylocarpus Species) और फीनिक्स पलूडोसा (Phoenix Paludosa) आदि लवणता में वृद्धि को सामना करने में सक्षम न हो पाने के कारण निम्नीकरण की समस्या से ग्रस्त हैं जबकि लवणता के प्रति सहनशील किस्मों में वृद्धि देखी गई है।
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Question 4 of 5
4. Question
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife: NBWL) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत एक “वैधानिक संगठन” है।
- राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों की सीमाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन NBWL की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता है।
- इसकी सिफारिशें देश में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए नीतियों और उपायों को तैयार करते हुए केंद्र सरकार के लिए बाध्यकारी होती हैं।
- NBWL की अध्यक्षता पर्यावरण मंत्री द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही नहीं हैं?
Correct
उत्तर: c)
- राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife: NBWL) :
- यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गठित एक “वैधानिक संगठन“ है।
- इसकी भूमिका “सलाहकारी” है तथा यह देश में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए नीतियों और उपायों को तैयार करने पर केंद्र सरकार को सलाह देता है।
- बोर्ड का प्राथमिक कार्य वन्यजीवों और वनों के संरक्षण एवं विकास को बढ़ावा देना है।
- इसे वन्यजीवों से संबंधित सभी मामलों की समीक्षा करने और राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों तथा इसके आसपास की परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्ति प्राप्त है।
- राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों की सीमाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन NBWL की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता है।
- NBWL की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है।
Incorrect
उत्तर: c)
- राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (National Board for Wildlife: NBWL) :
- यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गठित एक “वैधानिक संगठन“ है।
- इसकी भूमिका “सलाहकारी” है तथा यह देश में वन्यजीवों के संरक्षण के लिए नीतियों और उपायों को तैयार करने पर केंद्र सरकार को सलाह देता है।
- बोर्ड का प्राथमिक कार्य वन्यजीवों और वनों के संरक्षण एवं विकास को बढ़ावा देना है।
- इसे वन्यजीवों से संबंधित सभी मामलों की समीक्षा करने और राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों तथा इसके आसपास की परियोजनाओं को मंजूरी देने की शक्ति प्राप्त है।
- राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों की सीमाओं में किसी भी प्रकार का परिवर्तन NBWL की मंजूरी के बिना नहीं किया जा सकता है।
- NBWL की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है।
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Question 5 of 5
5. Question
शुद्ध प्राथमिक उत्पादकता की मात्रा के आधार पर विभिन्न पारिस्थितिकी तंत्रों को उनकी उपज के घटते क्रम में व्यवस्थित किया जा सकता है। इनमें से कौन-सा क्रम सही है?
Correct
उत्तर: d)
- सही क्रम को निरसन विधि (elimination) के द्वारा तार्किक रूप से प्राप्त किया जा सकता है।
- उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में मौसमी वनों और घास के मैदानों की तुलना में अधिक वर्षा होती है। तो, विकल्प (a) और (b) को हटाया जा सकता है।
- इसके अलावा, एक वन क्षेत्र निश्चित रूप से घास के मैदान से अधिक उत्पादक होगा। इसलिए, विकल्प (c) को भी हटाया जा सकता है। अत: सही उत्तर होगा (d) होगा।
Incorrect
उत्तर: d)
- सही क्रम को निरसन विधि (elimination) के द्वारा तार्किक रूप से प्राप्त किया जा सकता है।
- उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में मौसमी वनों और घास के मैदानों की तुलना में अधिक वर्षा होती है। तो, विकल्प (a) और (b) को हटाया जा सकता है।
- इसके अलावा, एक वन क्षेत्र निश्चित रूप से घास के मैदान से अधिक उत्पादक होगा। इसलिए, विकल्प (c) को भी हटाया जा सकता है। अत: सही उत्तर होगा (d) होगा।








