HINDI INSIGHTS STATIC QUIZ 2020-2021
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Question 1 of 5
1. Question
भारत में तेल ताड़ की खेती के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- तेल ताड़ की खेती और उत्पादन में महाराष्ट्र देश में प्रथम स्थान पर है।
- तेल ताड़ की खेती के लिए धान और गन्ने की तुलना में बहुत कम जल की आवश्यकता होती है।
- भारत में, तेल ताड़ का अधिकांश हिस्सा सिंचित भूमि पर उगाया जाता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
Correct
उत्तर : c)
- आंध्र प्रदेश में तेल ताड़ (Oil palm) उत्पादकों को राज्य के उत्तरी भाग में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है, विशेष रूप से पूर्व और पश्चिम गोदावरी जिलों में, जहाँ सफेद मक्खी कीट (white fly infestation) के प्रकोप के कारण इसकी कृषि अत्यधिक प्रभावित हुई हैं।
- राज्य में तेल ताड़ की कृषि का अधिकतर भाग सफेद मक्खी कीट द्वारा प्रभावित हुआ है। यह संक्रमण तेल ताड़ की कृषि के निकट उगने वाले नारियल के पेड़ों से प्रसारित हुआ है। इस प्रकोप के कारण पिछले साल किसानों की पैदावार में 35-40 प्रतिशत तक की गिरावट हुई थी।
- भारत में तेल ताड़ फल का सर्वाधिक उत्पादन आंध्र प्रदेश द्वारा किया जाता है। देश में तेल ताड़ की कुल कृषि के तहत दो लाख हेक्टेयर भूमि में से आंध्र प्रदेश में 5 लाख एकड़ भूमि स्थित है।
- सफेद मक्खी के द्वारा इसकी पत्तियों से सभी पोषक तत्वों को नष्ट कर दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उपज में गिरावट हो गई थी।
- तेल ताड़ की कृषि को ज्यादा जल की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए धान और गन्ने की तुलना में बहुत कम जल की आवश्यकता होती है। लेकिन इसके लिए जल की समय पर आपूर्ति की आवश्यकता होती है।
- ज्ञातव्य है कि विश्व के तेल ताड़ उत्पादन में अग्रणी देश यथा मलेशिया और इंडोनेशिया में वर्षा आधारित परिस्थितियों में इसकी कृषि की जाती है। भारत में इसकी कृषि सिंचित भूमि की जाती है। इसी कारण भारत में इसकी बहुत कम पैदावार होती है।
- मलेशिया में सैकड़ों एकड़ में पर तेल ताड़ के बागान फैले हुए हैं। लेकिन भारत में, लघु जोत जैसी समस्याएं मौजूद है, जिसके कारण इसके क्षेत्र में विस्तार करना और होल्डिंग का परिचालन करना कठिन हो गया है।
Incorrect
उत्तर : c)
- आंध्र प्रदेश में तेल ताड़ (Oil palm) उत्पादकों को राज्य के उत्तरी भाग में बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा है, विशेष रूप से पूर्व और पश्चिम गोदावरी जिलों में, जहाँ सफेद मक्खी कीट (white fly infestation) के प्रकोप के कारण इसकी कृषि अत्यधिक प्रभावित हुई हैं।
- राज्य में तेल ताड़ की कृषि का अधिकतर भाग सफेद मक्खी कीट द्वारा प्रभावित हुआ है। यह संक्रमण तेल ताड़ की कृषि के निकट उगने वाले नारियल के पेड़ों से प्रसारित हुआ है। इस प्रकोप के कारण पिछले साल किसानों की पैदावार में 35-40 प्रतिशत तक की गिरावट हुई थी।
- भारत में तेल ताड़ फल का सर्वाधिक उत्पादन आंध्र प्रदेश द्वारा किया जाता है। देश में तेल ताड़ की कुल कृषि के तहत दो लाख हेक्टेयर भूमि में से आंध्र प्रदेश में 5 लाख एकड़ भूमि स्थित है।
- सफेद मक्खी के द्वारा इसकी पत्तियों से सभी पोषक तत्वों को नष्ट कर दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप उपज में गिरावट हो गई थी।
- तेल ताड़ की कृषि को ज्यादा जल की आवश्यकता नहीं होती है। इसके लिए धान और गन्ने की तुलना में बहुत कम जल की आवश्यकता होती है। लेकिन इसके लिए जल की समय पर आपूर्ति की आवश्यकता होती है।
- ज्ञातव्य है कि विश्व के तेल ताड़ उत्पादन में अग्रणी देश यथा मलेशिया और इंडोनेशिया में वर्षा आधारित परिस्थितियों में इसकी कृषि की जाती है। भारत में इसकी कृषि सिंचित भूमि की जाती है। इसी कारण भारत में इसकी बहुत कम पैदावार होती है।
- मलेशिया में सैकड़ों एकड़ में पर तेल ताड़ के बागान फैले हुए हैं। लेकिन भारत में, लघु जोत जैसी समस्याएं मौजूद है, जिसके कारण इसके क्षेत्र में विस्तार करना और होल्डिंग का परिचालन करना कठिन हो गया है।
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Question 2 of 5
2. Question
निम्नलिखित में से कौन सी जलमग्न तटरेखा की विशेषताएँ हैं
- जलमग्न नदी घाटियाँ
- तरंगों द्वारा अपरदित वेदिका
- फ़्योर्ड की उपस्थिति
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Correct
उत्तर: b)
- जलमग्न तट (Submergent Coasts) वे तट होते हैं जो उस स्थान पर समुद्री जलस्तर में सापेक्षिक वृद्धि के कारण समुद्र में डूब गए हैं। समुद्र जलस्तर में वृद्धि या तो महासागरों के बेसिन में जल की मात्रा में वृद्धि या भूमि सतह के सिकुड़ना के परिणामस्वरूप हो सकता है ।
- एक जलमग्न समुद्र तट की मुख्य विशेषता जलमग्न नदी घाटियाँ या रिया तट और जलमग्न हिमनद घाटियों या फ़्योर्ड तट की उपस्थिति हैं।
- ज्वारनदमुख अक्सर नदियों के जलमग्न मुहाने होते हैं।
- भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी तटीय मैदान जलमग्न तट रेखा के उदाहरण हैं।
- उन्मज्जित तट (Emergent coasts) भूमि सतह के स्थानीय रूप से विवर्तनिकी (टेक्टॉनिक) घटना के कारण उत्थान या महासागरों के बेसिन के जलस्तर में गिरावट का परिणाम होते हैं। अक्सर, उन्मज्जित तटों पर चट्टानीय तटरेखाएं होती हैं जहाँ क्लिफ मौजूद होते हैं। यहाँ पर समतल वेदिकाएं भी मौजूद होती हैं जिसका विस्तार समुद्र की ओर होता है जहाँ पुराने तटीय मैदानों का उत्थान विवर्तनिकी रूप से हुआ है और जो अब नवीन भूमि और समुद्र जल के अंतरापृष्ठ (इंटरफेस) क्षेत्र से ऊपर उठे हुए हैं।
- उन्मज्जित तटरेखा में कई विशिष्ट भूआकृतियाँ मौजूद हो सकती हैं, जैसे:
- उन्मज्जित समुद्र तट
- तरंगों द्वारा अपरदित वेदिका
- समुद्री गुफा
Incorrect
उत्तर: b)
- जलमग्न तट (Submergent Coasts) वे तट होते हैं जो उस स्थान पर समुद्री जलस्तर में सापेक्षिक वृद्धि के कारण समुद्र में डूब गए हैं। समुद्र जलस्तर में वृद्धि या तो महासागरों के बेसिन में जल की मात्रा में वृद्धि या भूमि सतह के सिकुड़ना के परिणामस्वरूप हो सकता है ।
- एक जलमग्न समुद्र तट की मुख्य विशेषता जलमग्न नदी घाटियाँ या रिया तट और जलमग्न हिमनद घाटियों या फ़्योर्ड तट की उपस्थिति हैं।
- ज्वारनदमुख अक्सर नदियों के जलमग्न मुहाने होते हैं।
- भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमी तटीय मैदान जलमग्न तट रेखा के उदाहरण हैं।
- उन्मज्जित तट (Emergent coasts) भूमि सतह के स्थानीय रूप से विवर्तनिकी (टेक्टॉनिक) घटना के कारण उत्थान या महासागरों के बेसिन के जलस्तर में गिरावट का परिणाम होते हैं। अक्सर, उन्मज्जित तटों पर चट्टानीय तटरेखाएं होती हैं जहाँ क्लिफ मौजूद होते हैं। यहाँ पर समतल वेदिकाएं भी मौजूद होती हैं जिसका विस्तार समुद्र की ओर होता है जहाँ पुराने तटीय मैदानों का उत्थान विवर्तनिकी रूप से हुआ है और जो अब नवीन भूमि और समुद्र जल के अंतरापृष्ठ (इंटरफेस) क्षेत्र से ऊपर उठे हुए हैं।
- उन्मज्जित तटरेखा में कई विशिष्ट भूआकृतियाँ मौजूद हो सकती हैं, जैसे:
- उन्मज्जित समुद्र तट
- तरंगों द्वारा अपरदित वेदिका
- समुद्री गुफा
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Question 3 of 5
3. Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
- दक्षिण-पश्चिमी प्रायद्वीपीय पठार में उत्तर-पूर्वी प्रायद्वीपीय पठार की तुलना में अधिक विविध खनिज पाए जाते हैं।
- प्रायद्वीपीय पठार के उत्तर-पश्चिमी भाग में पाए जाने वाले खनिज धारवाड़ चट्टानों से संबंधित हैं।
- तांबा, सीसा, जस्ता, कोबाल्ट और टंगस्टन जैसे खनिज हिमालय क्षेत्र में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
Correct
उत्तर: c)
भारत में अधिकांश धात्विक खनिज प्रायद्वीपीय पठारी क्षेत्र में पाए जाते हैं।
पूर्वोत्तर पठार क्षेत्र: इस बेल्ट के अंतर्गत छोटानागपुर (झारखंड), ओडिशा पठार, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से शामिल हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के खनिज मौजूद हैं। जैसे – लौह अयस्क, कोयला, मैंगनीज, बॉक्साइट, अभ्रक आदि।
दक्षिण–पश्चिमी पठार क्षेत्र: यह बेल्ट कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु और केरल तक फैली हुई है। यह बेल्ट लौह धातुओं और बॉक्साइट में समृद्ध है। यहाँ पर उच्च श्रेणी का लौह अयस्क, मैंगनीज और चू ना पत्थर भी पाया जाता हैं। यह बेल्ट
नैवेली लिग्नाइट को छोड़कर कोयले के भंडार से परिपूर्ण है। इस बेल्ट पर उत्तर-पूर्वी बेल्ट के अनुरूप विविध प्रकार के खनिज नहीं पाए जाते हैं। केरल में मोनाजाइट और थोरियम का भंडार मौजूद है।
उत्तर–पश्चिमी क्षेत्र: यह बेल्ट राजस्थान में अरावली के साथ-साथ गुजरात तक फैली हुई है और यहाँ पाए जाने वाले खनिज धारवाड़ चट्टानों की प्रणाली से संबंधित हैं। इसमें तांबा, जस्ता प्रमुख खनिज हैं। राजस्थान इमारती पत्थर में समृद्ध है। यहाँ बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट, संगमरमर, जिप्सम आदि जैसे पत्थर पाए जाते हैं और मुल्तानी मिटटी के भी विस्तृत निक्षेप पाए जाते हैं। डोलोमाइट और चूना पत्थर सीमेंट उद्योग के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं।
हिमालयन बेल्ट एक अन्य खनिज बेल्ट है जहाँ तांबा, सीसा, जस्ता, कोबाल्ट और टंगस्टन पाया जाता है।
Incorrect
उत्तर: c)
भारत में अधिकांश धात्विक खनिज प्रायद्वीपीय पठारी क्षेत्र में पाए जाते हैं।
पूर्वोत्तर पठार क्षेत्र: इस बेल्ट के अंतर्गत छोटानागपुर (झारखंड), ओडिशा पठार, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्से शामिल हैं। इसमें विभिन्न प्रकार के खनिज मौजूद हैं। जैसे – लौह अयस्क, कोयला, मैंगनीज, बॉक्साइट, अभ्रक आदि।
दक्षिण–पश्चिमी पठार क्षेत्र: यह बेल्ट कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु और केरल तक फैली हुई है। यह बेल्ट लौह धातुओं और बॉक्साइट में समृद्ध है। यहाँ पर उच्च श्रेणी का लौह अयस्क, मैंगनीज और चू ना पत्थर भी पाया जाता हैं। यह बेल्ट
नैवेली लिग्नाइट को छोड़कर कोयले के भंडार से परिपूर्ण है। इस बेल्ट पर उत्तर-पूर्वी बेल्ट के अनुरूप विविध प्रकार के खनिज नहीं पाए जाते हैं। केरल में मोनाजाइट और थोरियम का भंडार मौजूद है।
उत्तर–पश्चिमी क्षेत्र: यह बेल्ट राजस्थान में अरावली के साथ-साथ गुजरात तक फैली हुई है और यहाँ पाए जाने वाले खनिज धारवाड़ चट्टानों की प्रणाली से संबंधित हैं। इसमें तांबा, जस्ता प्रमुख खनिज हैं। राजस्थान इमारती पत्थर में समृद्ध है। यहाँ बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट, संगमरमर, जिप्सम आदि जैसे पत्थर पाए जाते हैं और मुल्तानी मिटटी के भी विस्तृत निक्षेप पाए जाते हैं। डोलोमाइट और चूना पत्थर सीमेंट उद्योग के लिए कच्चा माल प्रदान करते हैं।
हिमालयन बेल्ट एक अन्य खनिज बेल्ट है जहाँ तांबा, सीसा, जस्ता, कोबाल्ट और टंगस्टन पाया जाता है।
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Question 4 of 5
4. Question
निम्नलिखित में से किसका सबसे अधिक प्रकाशानुपात (Albedo / ऐल्बीडो )होता है
Correct
उत्तर: d)
हिमांकमंडल (क्रायोस्फीयर) पृथ्वी की सतह के वे हिस्से हैं जहां जल ठोस रूप में मौजूद होता है, जिसके अंतर्गत समुद्री बर्फ, झील की बर्फ, नदी की बर्फ, हिमावरण, हिमनद, बर्फ की चादरें और जमी हुई भूमि शामिल हैं।
हिम का उच्च प्रकाशानुपात (Albedo / ऐल्बीडो )होता है।
Incorrect
उत्तर: d)
हिमांकमंडल (क्रायोस्फीयर) पृथ्वी की सतह के वे हिस्से हैं जहां जल ठोस रूप में मौजूद होता है, जिसके अंतर्गत समुद्री बर्फ, झील की बर्फ, नदी की बर्फ, हिमावरण, हिमनद, बर्फ की चादरें और जमी हुई भूमि शामिल हैं।
हिम का उच्च प्रकाशानुपात (Albedo / ऐल्बीडो )होता है।
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Question 5 of 5
5. Question
जनगणना 2011 के अनुसार जनसंख्या घनत्व के घटते क्रम में निम्नलिखित राज्यों को व्यवस्थित कीजिए।
- बिहार
- पश्चिम बंगाल
- कर्नाटक
- पंजाब
सही उत्तर कूट का चयन कीजिए:
Correct
उत्तर: b)
राज्य: जनसंख्या घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर)
बिहार: 1102
पश्चिम बंगाल: 1,029
पंजाब: 550
कर्नाटक: 319
Incorrect
उत्तर: b)
राज्य: जनसंख्या घनत्व (व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर)
बिहार: 1102
पश्चिम बंगाल: 1,029
पंजाब: 550
कर्नाटक: 319








