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INSIGHTS करेंट अफेयर्स+ पीआईबी नोट्स [ DAILY CURRENT AFFAIRS + PIB Summary in HINDI ] 02 June

विषय-सूची

 सामान्य अध्ययन-II 

1. प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना

2. कांगो में नई इबोला महामारी घोषित

3. चीन द्वारा दक्षिण कोरिया में THAAD रक्षा प्रणाली का विरोध

4. जी -7 समूह

 

सामान्य अध्ययन-III 

1. मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग में गिरावट

2. सोशल स्टॉक एक्सचेंज

3. आरटी-पीसीआर परीक्षण

4. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (NPCI) द्वारा BHIM ऐप डेटा के अतिक्रमण का खंडन

 

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

1. एंटीफा क्या है?

2. तियानमेन स्क्वायर नरसंहार

3. SPIC MACAY

4. चैंपियन: MSMEs को सशक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी मंच

5. अल्ट्रा स्वच्छ

 


 सामान्य अध्ययन-II


 

विषय: केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।

 प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM Svanidhi Yojana)

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा हेतु: योजना की मुख्य विशेषताएं और महत्व।

संदर्भ: आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM Svanidhi) अथवा प्रधान मंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना शुरू का आरम्भ किया है।

इस योजना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 14 मई को की गयी थी। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण मुश्किल में पड़ गए रेहड़ी पटरी वालों को अपनी आजीविका फिर से शुरू करने में सक्षम बनाना है।

प्रमुख बिंदु:

  1. यह 10,000 रु. तक का सस्ता ऋण प्रदान करने के लिए एक विशेष माइक्रो-क्रेडिट सुविधा योजना है।
  2. यह ऋण 24 मार्च को अथवा उससे पूर्व कारोबार करने वाले 50 लाख से अधिक रेहड़ी पटरी वालों को प्रदान किया जायेगा।
  3. यह योजना मार्च 2022 तक वैध है।
  4. लघु उद्योग विकास बैंक (Small Industries Development Bank of India-SIDBI) इस योजना के कार्यान्वयन के लिए तकनीकी भागीदार है।
  5. इसके अंतर्गत सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के माध्यम से ऋण प्रदाता संस्थानों को क्रेडिट गारंटी का प्रबंध किया जायेगा।

योजना के अंतर्गत ऋण

  • इस योजना के अंतर्गत, देश के स्ट्रीट वेंडर सीधा 10,000 रुपये तक की कार्यशील पूंजी ऋण का लाभ उठा सकते हैं। जिसे वे एक वर्ष में मासिक किस्तों में चुका सकते हैं।
  • इस ऋण को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी के तौर पर उनके खाते में सरकार की ओर से ट्रांसफर किया जाएगा।
  • पीएम स्वनिधि योजना के तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है।

पात्रता

इस योजना के अंतर्गत शहरी / ग्रामीण क्षेत्रों के आस-पास सड़क पर माल बेचने वाले विक्रेताओं,सड़क किनारे ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वाले, फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून, पान की दुकान तथा वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति करने वालों को ऋण प्रदान किया जायेगा।

योजना की आवश्यकता

  • लॉकडाउन से दिहाड़ी मजदूरों तथा सड़क किनारे ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों के जीवन तथा उनकी आजीविका को विशेष रूप से प्रभावित हुई है।
  • स्ट्रीट वेंडर आमतौर पर अनौपचारिक स्रोतों से बहुत अधिक ब्याज दरों पर ऋण लेकर छोटी पूंजी लगाकर कार्य करते हैं। इसके अतिरिक्त, लॉकडाउन के दौरान अपनी बचत तथा लागत पूंजी का समाप्त हो जाने के कारण पुनः रोजगार आरंभ करने का संकट इनके सामने है।
  • अतः, व्यापार को फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए स्ट्रीट वेंडर्स को औपचारिक बैंकिंग स्रोतों के माध्यम से कार्यशील पूंजी के लिए सस्ती क्रेडिट प्रदान करने की तत्काल आवश्यकता है।

 प्रीलिम्स लिंक:

  1. योजना की वैधता
  2. कौन लागू करता है?
  3. योजना के तहत पात्रता?
  4. ब्याज की दर?
  5. SIDBI क्या है?

मेंस लिंक:

पीएम स्वनिधि (PM SVANIDHI) योजना के महत्व पर चर्चा कीजिए।

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स्रोत: द हिन्दू

 

विषय: स्वास्थ्य संबंधित मुद्दे।

कांगो में नई इबोला महामारी घोषित

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु: इबोला क्या है? यह कैसे फैलता है तथा इससे प्रभावित क्षेत्र?

मुख्य परीक्षा हेतु: बीमारी के स्वास्थ्य तथा आर्थिक प्रभाव, इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है?

संदर्भ: लोकतांत्रिक गणराज्य कांगो ने पश्चिमी शहर मबंडाका (Mbandaka) में एक नयी इबोला महामारी (Ebola Epidemic) की घोषणा की है।

पूर्वी लोकतांत्रिक कांगो गणराज्य में इबोला महामारी फ़ैली हुई है, इसके साथ ही देश वैश्विक महामारी कोविड-19 तथा खसरे के संक्रमण का सामना कर रहा है।

यह घोषणा पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में लंबे, कठिन और जटिल इबोला प्रकोप के रूप में सामने आई है, जबकि देश COVID-19 और दुनिया के सबसे बड़े खसरे के प्रकोप से भी जूझ रहा है।

चिंता का विषय:

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो में इबोला वायरस सर्वप्रथम वर्ष 1976 में पाया गया था, तब से देश में इबोला का यह 11 वां प्रकोप है।

मबंडाका शहर तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में इबोला का 9वां प्रकोप मई से जुलाई के मध्य वर्ष 2018 में हुआ था।

इबोला (Ebola) क्या है?

इबोला विषाणु रोग (Ebola virus disease -EVD), जिसे पहले इबोला रक्तस्रावी ज्वर (haemorrhagic fever) के रूप में जाना जाता था, एक गंभीर तथा घातक बीमारी है।

इबोला अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षावन वाले इलाके की क्षेत्रीय बीमारी है, जो इससे संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ के संपर्क में आने पर फैलती है।

इसके लक्षणों में शुरू में अचानक बुखार, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और गले में खराश होती है।

संक्रमण: यह वायरस जंगली जानवरों से मनुष्यों में फैलता है, इसके पश्चात मानव आबादी में मानव-से-मानव संचरण के माध्यम से फैलता है।

इबोला संक्रमण होने पर लगभग 90 % रोगियों की मृत्यु हो जाती है।

रोकथाम:

सामुदायिक सहभागिता इबोला संक्रमण को सफलतापूर्वक रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संक्रमण को रोकने हेतु उचित एवं कुशल हस्तक्षेपों, जैसे कि संक्रमित केस प्रबंधन, निगरानी, संपर्को की पहचान, आधुनिक प्रयोगशाला सुविधाएं तथा सामजिक जागरूकता आदि का उपयोग किया जा  सकता है।

निदान:

इबोला वायरस का मानव से मानव संक्रमण मुख्य रुप से रक्त एवं द्रव्यों के साथ प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष संपर्क से जुड़ा हुआ है।

वर्तमान में इबोला संक्रमण के लिए कोई पंजीकृत टीका नहीं है। WHO के नेतृत्व में किये गए एक प्रमुख परीषिण में rVSV-ZEBOV नामक एक इबोला टीके को घातक वायरस के विरुद्ध सुरक्षात्मक पाया गया था।

कारगर इलाज और एक मानव टीका की गैर-मौजूदगी में इबोला संक्रमण से जुड़े खतरों और व्यक्ति विशेषों द्वारा उठाये जाने वाले सुरक्षात्मक कदमों के बारे में जागरुकता पैदा करना ही मानव संक्रमण और मृत्यु को घटाने का एकमात्र रास्ता है।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. इबोला कैसे फैलता है?
  2. पशुजन्य रोग (zoonotic diseases) क्या हैं?
  3. वायरस, बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों के बीच अंतर।
  4. कांगो कहाँ है?
  5. अफ्रीका के किस क्षेत्र में इबोला का प्रकोप देखा गया था?

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।

 चीन द्वारा दक्षिण कोरिया में ‘थाड’ (THAAD) रक्षा प्रणालियों का विरोध

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु: THAAD क्या है, यह कैसे संचालित होता है?

मुख्य परीक्षा हेतु: चीन के लिए महत्व और चिंताएं, वैश्विक प्रभाव।

थाड’ (THAAD) रक्षा प्रणाली क्या है?

थाड, ‘टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस’ (Terminal High Altitude Area Defence – THAAD)का संक्षिप्त रूप है।

यह परिवहन योग्य, जमीन-आधारित मिसाइल रक्षा प्रणाली है, जिसे विश्व की सर्वश्रेष्ठ मिसाइल रक्षा प्रणालियों में गिना जाता है।

यह एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन द्वारा डिजाइन और निर्मित किया गया है।

यह 200 किलोमीटर दूर तक और 150 किलोमीटर की ऊँचाई तक मार करने में सक्षम है।

यह ‘हिट टू किल’ तकनीक पर कार्य करती है अर्थात् सामने से आ रहे हथियार को रोकती नहीं बल्कि नष्ट कर देती है।

यह कैसे संचालित होता है?

THAAD अंतरिक्ष-आधारित और जमीन-आधारित निगरानी स्टेशन से जुड़ा होता है जो अपनी तरफ आने वाली मिसाइलों के बारे में ‘थाड इंटरसेप्टर मिसाइल’ (Thaad Interceptor Missile) को डेटा ट्रांसफर कर खतरे के प्रकार के बारे में सूचित करता है। THAAD को इंफ्रारेड सेंसर युक्त अंतरिक्ष-आधारित उपग्रहों द्वारा अपनी ओर आने वाली मिसाइलों के बारे में सतर्क किया जाता है।

इसे कहां तैनात किया गया है?

दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, गुआम, इज़राइल और रोमानिया।

THAAD को लेकर दक्षिण कोरिया-चीन विवाद क्या है?

  • अमेरिका का दक्षिण कोरिया में एक सैन्य बेस है। अमेरिका ने इस बेस पर THAAD मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात की है।
  • अमेरिका ने पहले घोषणा की थी कि इस मिसाइल रक्षा प्रणाली को उत्तर कोरिया द्वारा संभावित हमलों के विरुद्ध जवाबी कार्रवाई के लिए तैनात किया गया है।
  • वर्ष 2017 में उत्तरी कोरिया द्वारा जापान स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने की दिशा में मिसाइलों का परीक्षण किये जाने के पश्चात् कोरियाई प्रायद्वीप में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा बढ़ गई थी। इसके परिणामस्वरूप अमेरिका ने THAAD मिसाइल रक्षा प्रणाली को तैनात करना आवश्यक समझा।
  • इसके पश्चात चीन अमेरिका की इस तरह की गतिविधियों को लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहा है।

 चीन की चिंता के कारण

  • THAAD मिसाइल रक्षा प्रणाली’ में उन्नत रडार सिस्टम युक्त है जो चीन की सैन्य गतिविधियों पर नज़र रखने में सक्षम है।
  • अमेरिका के जापान तथा दक्षिण कोरिया में कई सैन्य ठिकाने है जिनके माध्यम से पूर्वी एशिया क्षेत्र में अमेरिका की सशक्त उपस्थिति है। चीन के लिए यह चिंता का विषय है।
  • अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान पर अपना प्रभाव कायम कर रहा है और पूर्वी एशिया में चीन के दीर्घकालिक सैन्य, राजनयिक और आर्थिक हितों पर हस्तक्षेप कर सकता है।

 विवाद का दक्षिण कोरिया पर प्रभाव

इस विवाद के प्रभाव राजनयिक स्तर तक सीमित न रहकर इसके दूरगामी परिणाम हुए।

  • वर्ष 2017 में, पहली बार विवाद उत्पन्न होने पर चीन ने दक्षिण कोरिया को आर्थिक रूप से चोट पहुचायी।
  • इसके परिणामस्वरूप उन व्यायसायिक संस्थानों और उद्यमों को बंद करना पड़ा जिनका रक्षा तथा सेना से कोई संबंध नहीं था।
  • 2017 में इस विवाद के बाद, चीन से दक्षिण कोरिया में पर्यटन में भारी गिरावट आई।
  • चीन के द्वारा सोशल मीडिया पर दक्षिण कोरियाई उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान के कारण उनकी बिक्री पर भी असर देखा गया था।

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अब आगे क्या ?

चीन ने एक बयान जारी कर अमेरिका से बीजिंग और सियोल के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाने का आग्रह किया है।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने लगातार इस बात पर दृढ़ है कि ये मिसाइल केवल उत्तर कोरिया द्वारा संभावित खतरों का मुकाबला करने के लिए हैं।

 प्रीलिम्स लिंक:

  1. THAAD क्या है?
  2. दुनिया भर में अमेरिकी सैन्य ठिकाने।
  3. चीन और कोरियाई प्रायद्वीप की भौगोलिक स्थिति।
  4. चीन के आसपास के सागर तथा महासागर।

मेंस लिंक:

THAAD रक्षा प्रणाली पूर्वी एशिया क्षेत्र में किस प्रकार चीन के प्रभुत्व को कम करती है?

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 

विषय: महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

 G-7 समूह

 

क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु: G7- उद्देश्य, रचना और कार्य।

मुख्य परीक्षा हेतु: आलोचना और सुधार के उपाय।

 संदर्भ: जी -7 समूह को ‘देशों का बहुत पुराना समूह’ कहते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह समूह में भारत, रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करना चाहते है।

जी 7 क्या है?

जी-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी कथित विकसित और उन्नत अर्थव्यवस्था वाले देशों का समूह है। आरम्भ में यह छह देशों का समूह था, जिसकी पहली बैठक 1975 में हुई थी। अगले वर्ष कनाडा इस समूह में शामिल हो गया और इस तरह यह जी-7 बन गया। इन देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा के मुद्दों पर हर साल बैठक करते हैं।

जी-7 शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ (European Union -EU)) तथा निम्नलिखित देशों के प्रतिनधि एकत्र होते हैं:

  1. कनाडा
  2. फ्रांस
  3. जर्मनी
  4. इटली
  5. जापान
  6. यूनाइटेड किंगडम
  7. संयुक्त राज्य अमेरिका

 G-8 क्या है?

  • 1998 में रूस को औपचारिक रूप से G-7 समूह में एक सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया था, इसके पश्चात G-7 समूह G-8 में परिवर्तित हो गया।
  • वर्ष 2014 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा पूर्वी उक्रेन में रूसी सैनिकों की तैनाती तथा क्रीमिया पर कब्जे को लेकर अन्य जी 8 राष्ट्रों ने इन कार्यवाहियों की कड़ी आलोचना की।
  • G-8 समूह के अन्य राष्ट्रों द्वारा रूस की इन कार्यवाहियों परिणामस्वरूप रूस को जी-8 समूह से निलंबित करने का निर्णय किया गया तथा वर्ष 2014 में पुनः जी-7 समूह बन गया।

 जी -7 शिखर सम्मेलन

  • जी-7 शिखर सम्मेलन एक अनौपचारिक सभा है जो दो दिनों तक चलती है, जिसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हैं।
  • प्रत्येक सदस्य देश बारी-बारी से इस समूह की अध्यक्षता करता है और दो दिवसीय वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करता है। यह प्रक्रिया एक चक्र में चलती है।
  • सम्मलेन में भाग लेने वाले लोगों में जी-7 देशों के राष्ट्र प्रमुख, यूरोपीयन कमीशन और यूरोपीयन काउंसिल के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मेजबान देश सामन्यतः G-7 के बाहर के गणमान्य लोगों को आमंत्रित करता है।
  • शिखर सम्मेलन के अंत में एक सूचना जारी की जाती है, जिसमें सहमति वाले बिंदुओं का जिक्र होता है।

 महत्व

जी 7 वैश्विक एजेंडा निर्धारित करने में सक्षम समूह है क्योंकि इन प्रमुख आर्थिक शक्तियों द्वारा लिए गए निर्णय वैश्विक प्रभाव डालते है। जी 7 द्वारा लिए गए निर्णय कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रभाव डालते हैं।

G7 की आलोचनाएं

  1. जी 7 के शिखर सम्मलेन के समय काफी विरोध प्रदर्शन किया जाता है तथा प्रतिवर्ष हजारों प्रदर्शनकारी इसमें भाग लेते हैं।
  2. जी 7 का विरोध इस आधार पर किया जाता है कि इसमें किसी भी अफ्रीकी, रूसी या मध्य पूर्वी राष्ट्र का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है तथा यह पूरी तरह से जीर्ण संगठन है।
  3. प्रदर्शनकारी समूह इस वैश्विक मंच का उपयोग महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने के किये करते हैं।
  4. गैर-लाभकारी ऑक्सफेम इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित एक नई रिपोर्ट के अनुसार, जी 7 समूह के देश विश्व में गरीब और अमीर के मध्य एक व्यापक अंतर पैदा करते हैं। परिणामस्वरूप, गरीबी को कम करने के खिलाफ लड़ाई और कठिन होती जा रही हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. G-7 बनाम G-8 बनाम G-20
  2. सदस्य देशों की भौगोलिक स्थिति

मेंस लिंक:

वर्तमान में जी-7 देशों की प्रासंगिकता पर चर्चा कीजिए। समूह को अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्या सुधार आवश्यक हैं?

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस

 


 सामान्य अध्ययन-III


 

विषय: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।

मूडीज (Moody’s) द्वारा भारत की रेटिंग में गिरावट

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु: मूडी की रेटिंग क्या है? नकारात्मक दृष्टिकोण के निहितार्थ?

मुख्य परीक्षा हेतु: चिंताएं और उनके समाधान के तरीके।

संदर्भ: मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस (Moody’s) ने भारत सरकार की विदेशी मुद्रा और स्थानीय-मुद्रा दीर्घावधि जारीकर्ता रेटिंग को ‘Baa2’ से घटाकर ‘Baa3’ कर दिया है।

निहितार्थ

रेटिंग में इस गिरावट से भारत को निम्नतम निवेश ग्रेड श्रेणी में ला दिया है तथा मूडीज रेटिंग ने देश की रेटिंग को विश्व की अन्य दो मुख्य रेटिंग एजेंसियों- स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एस एंड पी) और फिच के अनुरूप ला दिया है।

रेटिंग में गिरावट का अर्थ है कि भारत सरकार द्वारा जारी किए गए बॉन्ड अब पहले की तुलना में ‘जोखिम युक्त’ हैं, क्योंकि धीमा आर्थिक विकास और बिगड़ते राजकोषीय स्वास्थ्य सरकार द्वारा भुगतान करने की क्षमता को कमजोर करते हैं।

जब भारत की संप्रभु रेटिंग में गिरावट होती है, तो भारत सरकार के साथ-साथ सभी भारतीय कंपनियों के लिए फंड जुटाना महंगा हो जाता है क्योंकि विश्व इस स्थिति में निवेश को जोखिम युक्त मनाता है।

 मूडीज द्वारा रेटिंग में गिरावट के चार मुख्य कारण हैं:

  1. 2017 से आर्थिक सुधारों का धीमा कार्यान्वयन
  2. लगातार अपेक्षाकृत निम्न आर्थिक विकास
  3. सरकारों (केंद्र और राज्य) की राजकोषीय स्थिति में भारी गिरावट
  4. भारत के वित्तीय क्षेत्र में बढ़ता तनाव

नकारात्मक’ दृष्टिकोण से क्या तात्पर्य है?

‘नकारात्मक दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था तथा वित्तीय प्रणाली में गहरे तनाव के प्रमुख, पारस्परिक रूप से संबद्ध, नकारात्मक जोखिम को दर्शाता है जो राजकोषीय क्षमता में गंभीर और दीर्घावधि तक क्षरण का कारण बन सकता है’।

विशेष रूप से, मूडीज ने तीव्र आर्थिक विकास हेतु आवश्यक संरचनात्मक चुनौतियों जैसे ‘कमजोर बुनियादी ढांचे, श्रम, भूमि और उत्पाद बाजारों में कठोरता और बढ़ते वित्तीय क्षेत्र के जोखिमों’ आदि पर प्रकाश डाला है।

आर्थिक विकास, नौकरियों और प्रति व्यक्ति आय पर मूडी का दृष्टिकोण क्या है?

मूडीज को उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वास्तविक जीडीपी में 4.0% की वृद्धि होगी। इसके बाद यह 2021-22 में तेज रिकवरी की उम्मीद करता है।

लेकिन दीर्घावधि तक, “निजी क्षेत्र के निवेश, लगातार नौकरी सृजन तथा बिगड़ी हुई वित्तीय प्रणाली” के कारण विकास दर पहले की तुलना में कम हो सकती है।

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प्रीलिम्स लिंक:

  1. विभिन्न एजेंसियों द्वारा क्रेडिट रेटिंग पैमानों की तुलना।
  2. जीडीपी क्या है?
  3. एक नकारात्मक दृष्टिकोण क्या है?

मेंस लिंक:

भारत के लिए मूडीज डाउनग्रेड का क्या तात्पर्य है? इस स्थिति से कैसे निपटना चाहिए?

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: निवेश मॉडल

 सोशल स्टॉक एक्सचेंज

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक तथा मुख्य परीक्षा हेतु: SSE- अर्थ, सुविधाएँ और महत्व।

संदर्भ: सोशल स्टॉक एक्सचेंजों (Social stock exchanges- SSE) पर भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा गठित एक कार्य समूह ने अपनी सिफारिशें प्रस्तुत की हैं।

सितंबर 2019 में सेबी द्वारा SBI फाउंडेशन के निदेशक और टाटा संस में पूर्व वित्त निदेशक, इशात हुसैन की अध्यक्षता में एक कार्यसमूह का गठन किया गया था, इसका उद्देश्य सोशल स्टॉक एक्सचेंजों (SSE) के निर्माण तथा विनियमन हेतु संभावित संरचना और नियम सुझाना था।

पृष्ठभूमि

सामाजिक उद्यम और स्वैच्छिक संगठनों को सूचीवद्ध करने हेतु एक सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) के विचार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2019-20 पेश करते हुए प्रस्तुत किया गया था।

मुख्य सिफारिशें

  1. बॉन्ड जारी करने तथा वितीय उपायों के माध्यम से गैर-लाभकारी संगठनों को सीधे सूचीबद्ध करने की अनुमति दी जाए।
  2. वितीय उपायों में वैकल्पिक निवेश निधियों के तहत सामाजिक उद्यम निधि (SVF) जैसे वित्तीय तंत्रों को सम्मिलित करने का सुझाव दिया गया है।
  3. सोशल स्टॉक एक्सचेंजों (SSEs) के माध्यम से धन जुटाने वाले संगठनों के लिए नए न्यूनतम रिपोर्टिंग मानक भी प्रस्तावित किया गए है।
  4. विशेषज्ञ समिति ने कहा है, एक्सचेंज के जरिये फंडों में स्थायी बढ़ोतरी के लिए बहुआयामी नीतिगत हस्तक्षेप की आवश्यकता है, जो सामाजिक क्षेत्र में फंड के अबाध प्रवाह के अवरोध को कम करेगा और सोशल स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध समेत सोशल एंटरप्राइजेज के लिए रकम का नया स्रोत सामने लाएगा।
  5. समिति ने क्षमता तैयार करने वाले फंड के तौर पर 100 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया है, ताकि क्षमता तैयार करने वाली इकाई का सृजन हो जो इस क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहित करेगा।
  6. समिति ने कहा है कि सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर गैर-लाभकारी संगठनों को दी जाने वाली रकम को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के तहत माना जाना चाहिए।

सोशल स्टॉक एक्सचेंज (SSE) क्या है?

  • भारत में सोशल स्टॉक एक्सचेंज एक नवीन अवधारणा है। इस स्टॉक एक्सचेंज पर सामाजिक उद्यमों और स्वैच्छिक संगठनों को सूचीबद्ध कराया जाएगा।
  • यह एक्सचेंज भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के अंतर्गत कामकाज करेगा।
  • इसके तहत सामाजिक संगठन इक्विटी और बांड और म्यूचुअल फंड की तरह यूनिट जारी कर कोष जुटा सकेंगे।
  • इसके माध्यम से सामाजिक उपक्रम और स्वैच्छिक संगठन इक्विटी, बांड म्यूचुअल फंड की तरह यूनिटों के माध्यम से कोष जुटा पाएंगे।

 सामाजिक उद्यम क्या है?

  • सामाजिक उद्यम एक राजस्व निर्माण करने वाला व्यवसाय है। इसका मुख्य लक्ष्य एक सामाजिक उद्देश्य, जैसे स्वास्थ्य सेवा या स्वच्छ ऊर्जा की प्राप्ति करना है।
  • अधिकांश सामाजिक उद्यम पारंपरिक व्यवसायों की तरह दिखते और संचालित होते हैं।
  • इनमे एकमात्र अन्तर यह है कि इन संस्थाओं द्वारा उत्पन्न लाभ का उपयोग आवश्यक रूप से हितधारकों के भुगतान के लिए नहीं किया जाता है, इसके स्थान पर उनके सामाजिक कार्यक्रमों में पुनर्निवेश किया जाता है।
  • सामाजिक उद्यमी अपनी पैनी नजर से समाज में व्याप्त किसी समस्या की पहचान करता है। उसके बाद सामाजिक उद्यमिता के सिद्धान्तों का सहारा लेते हुए वह सामाजिक परिवर्तन करके उस समस्या का समाधान निकालता है।
  • जहां व्यापारिक उद्यमी अपना कार्य लाभ और हानि के रूप में मापते हैं, सामाजिक उद्यमी अपनी सफलता का मूल्यांकन समाज पर अपने कार्य द्वारा पडे प्रभाव के रूप में मापते हैं।
  • अधिकांश सामाजिक उद्यमी बिना लाभ के काम करने वाली संस्थाओं अथवा नागरिक समूहों के रूप में कार्य करते हैं।

वैश्विक उदाहरण:

यूनाइटेड किंगडम: लंदन में सोशल स्टॉक एक्सचेंज सामाजिक उद्यमों और संभावित निवेशकों को जोड़ने वाली एक निर्देशिका के रूप में कार्य करता है। इसे 2013 में लॉन्च किया गया था, इसमें  केवल उन कंपनियों को स्वीकार किया जाता है जो सामाजिक प्रभाव पर इसके स्वतंत्र मूल्यांकन को पास करती हैं।

केन्या: केन्या सोशल इंवेस्टमेंट एक्सचेंज, 2011 में लॉन्च किया गया, जो विदेशी निवेशकों को विदेशी और घरेलू दोनों तरह के प्रभाव वाले सामाजिक उद्यमों से जोड़ता है। सूचीबद्ध सामाजिक उद्यम को सामाजिक प्रभाव के साथ-साथ वित्त अवधि से परे वित्तीय स्थिरता का प्रदर्शन करना होता है।

कनाडा: ओंटारियो सरकार द्वारा समर्थित, एसवीएक्स एक ऑनलाइन मंच है जो कनाडाई कंपनियों और निधियों में निवेश करने की अनुमति देता है जो “सकारात्मक सामाजिक या पर्यावरणीय प्रभाव” रखते हैं। इसमें खुदरा निवेशकों को भी भाग लेने की अनुमति है।

सिंगापुर: इंपैक्ट इन्वेस्टमेंट एक्सचेंज मॉरीशस के स्टॉक एक्सचेंज के साथ साझेदारी में एक सामाजिक स्टॉक एक्सचेंज चलाता है, जो सीमित मान्यता प्राप्त निवेशकों के लिए खुला है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. सामाजिक उद्यम क्या है?
  2. SSE क्या है?
  3. सामाजिक पूंजी क्या है?
  4. सेबी- प्रमुख कार्य।

मेंस लिंक:

भारत को अपनी अर्थव्यवस्था के आधारभूत कार्मिकों की आजीविका को सुधारने तथा पुनर्निर्माण करने हेतु काफी सामाजिक पूंजी की आवश्यकता होगी। चर्चा कीजिए।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।

आरटी-पीसीआर परीक्षण (RT-PCR tests)

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा हेतु:  आरटी- पीसीआर टेस्ट- प्रक्रिया, महत्व और चुनौतियां, अन्य प्रासंगिक परीक्षणों के साथ तुलना।

संदर्भ: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि विदर्भ में अस्पतालों और नियंत्रण क्षेत्रों में स्पर्शोन्मुख होने वाले सभी फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं को RT-PCR (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन- Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction) विधि का उपयोग करके COVID-19 के लिए परीक्षण करने का अधिकार होगा।

यह निर्णय एक जनहित याचिका (PIL) पर आधारित था, जिसमें COVID-19 रोगियों के साथ काम करने वाले चिकित्सा कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों पर इन परीक्षणों की मांग की गई थी।

आवश्यकता

डॉक्टरों, नर्सों, पुलिस कर्मियों और स्वच्छता कर्मियों सहित फ्रंटलाइन कार्यकर्ता दूसरों के जीवन की रक्षा के लिए अपने जीवन को खतरे में डालकर एक ‘दुस्साध्य’ कार्य कर रहे हैं। वे इस अभियान में योद्धा और सैनिक हैं। इसलिए, इन कार्यकर्ता को संदिग्ध मामलों की परिभाषा के अंतर्गत रखा गया है अतएव इनका परीक्षण किया जाना चाहिए।

 कोविड-19 का पता लगाने के लिए RT-PCR का उपयोग कैसे किया जाता है?

  • COVID-19 बीमारी SARS-COV-2 नामक विषाणु के संक्रमण से होती है। यह एक आरएनए (RNA) वायरस है।
  • RT-PCR परीक्षण RNA से संबंधित वायरस आनुवंशिक सामग्री का पता लगाता है।
  • इसमें, RNA को वायरस का पता लगाने के लिए ‘रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन’ नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से DNA में परिवर्तित किया जाता है।
  • SARS-COV-2 , RNA आमतौर पर संक्रमण के तीव्र चरण के दौरान श्वसन नमूनों में पता लगाने योग्य है।
  • इसके लिए ऊपरी और निचले श्वसन नमूने (जैसे कि नाक, नासोफेरींजल) एकत्र किए जाते हैं।
  • इस नमूने को कई रासायनिक समाधानों के साथ इलाज किया जाता है जो पदार्थों को हटाते हैं, जैसे कि प्रोटीन और वसा, और नमूने में मौजूद केवल RNA को निकालते हैं।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. आरएनए और डीएनए के बीच अंतर।
  2. आरटी पीसीआर और एंटीबॉडी परीक्षणों के बीच अंतर।
  3. आरएनए वायरस क्या है? यह कैसे बचता है?
  4. एंटीबॉडी क्या हैं?

मेंस लिंक:

RT- PCR टेस्ट के महत्व पर चर्चा करें।

स्रोत: द हिंदू

 

विषय: साइबर सुरक्षा संबंधित मुद्दे।

 भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (NPCI) द्वारा BHIM ऐप डेटा के अतिक्रमण का खंडन

 क्या अध्ययन करें?

प्रारम्भिक परीक्षा हेतु: NPCI क्या है? BHIM कैसे काम करता है?

मुख्य परीक्षा हेतु: डेटा अतिक्रमण पर चिंता, उपाय तथा चुनौतियों का समाधान कैसे करें?

पृष्ठभूमि

सुरक्षा शोधकर्ताओं की हालिया रिपोर्ट में वेबसाइट के उल्लंघन के कारण BHIM भुगतान एप्लिकेशन के लाखों उपयोगकर्ताओं के व्यक्तिगत डेटा के लीक होने का आरोप लगाया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, 409-गीगाबाइट डेटा, जिसमें 7.26 मिलियन रिकॉर्ड शामिल थे, लीक हुए थे और डेटा कोष में व्यक्तिगत पहचान योग्य जानकारी जैसे आधार विवरण, निवास प्रमाण, बैंक रिकॉर्ड और पूर्ण प्रोफ़ाइल सम्मिलित थे।

हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (NPCI) ने इस दावे का खंडन किया है।

BHIM क्या है?

  • भारत इंटरफेस फॉर मनी (BHIM) एक UPI आधारित भुगतान इंटरफ़ेस है।
  • इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित किया गया है।
  • यह रियल टाइम फंड ट्रांसफर को सक्षम बनाता है।
  • इसे दिसंबर, 2016 में लॉन्च किया गया।

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (NPCI) के बारे में:

  • एनपीसीआई भारत में खुदरा भुगतान और निपटान प्रणाली के संचालन के लिए एक अम्ब्रेला संगठन है।
  • इसे भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) द्वारा भारत में भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (The Payment and Settlement Systems Act, 2007) के प्रावधानों के तहत एक मज़बूत भुगतान और निपटान अवसंरचना के विकास हेतु स्थापित किया गया है।
  • इसे कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के प्रावधानों के तहत ‘गैर-लाभकारी संगठन’ के रूप में शामिल किया गया है।
  • यह भुगतान प्रणालियों की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से खुदरा भुगतान प्रणालियों में नवाचार पर केंद्रित है।

 मुख्य प्रवर्तक:

इसके दस प्रमुख प्रवर्तक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, सिटी बैंक तथा एचएसबीसी हैं।

 भारतीय राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली (NPCI) के अंतर्गत सेवाएँ

 नेशनल फाइनेंशियल स्विच (National Financial Switch-NFS):  NFS बैंकों के ATMs के इंटर-कनेक्टेड नेटवर्क द्वारा नागरिकों को किसी भी बैंक के ATM के माध्यम से लेन-देन की सुविधा उपलब्ध कराता है।

तत्काल भुगतान सेवा (Immediate Payment Service-IMPS):  IMPS ग्राहकों को बैंकों और RBI द्वारा अधिकृत प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट जारीकर्त्ताओं (PPI) के माध्यम से तुरंत पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा देती है।

आधार सक्षम भुगतान सेवा (AEPS): इसके अंतर्गत आधार से जुड़े बैंक खाते वाला कोई भी आम इंसान नकद निकासी तथा अन्य बुनियादी बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकता है, भले ही उसका खाता किसी भी बैंक में हो।

चेक ट्रंगकेशन सिस्टम (Cheque Truncation System-CTS): यह चेकों के शीघ्र क्लियरिंग के लिये भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू किया गया एक चेक क्लियरिंग सिस्टम है।

RuPay: यह एक नयी कार्ड भुगतान प्रणाली है जिसे RBI द्वारा शुरू किया गया है।

नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH): यह एक वेब-आधारित उपाय है जो इंटरबैंक, उच्च मात्रा वाले इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की सुविधा देता है।

*99# : यह नवंबर 2012 में शुरू की गई NPCI की USSD- आधारित मोबाइल बैंकिंग सेवा है।

एकीकृत भुगतान प्रणाली (United Payments Interface-UPI): इस प्रणाली के अंतर्गत एक मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से कई बैंक खातों का संचालन, विभिन्न बैंकों की विशेषताओं को समायोजन, निधियों का निर्बाध आवागमन और व्यापारिक भुगतान किया जा सकता है।

भारत बिल भुगतान प्रणाली (Bharat Bill Payment System-BBPS): यह भारतीय रिज़र्व बैंक की एक अभिकल्पित प्रणाली है, जिसका संचालन NPCI द्वारा किया जाता है। यह प्रणाली सभी प्रकार के बिलों के लिये एक अंतिम भुगतान प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करती है।

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC): भारत में इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है।

भीम एप (BHIM): भारत इंटरफेस फॉर मनी (BHIM) को भुगतान को सरल और आसान बनाने के लिए शुरू किया गया था। तत्काल बैंक-टू-बैंक भुगतान मोबाइल नंबर या वर्चुअल भुगतान पते (UPI ID) का उपयोग करके किया जा सकता है।

BharatQR: मूल रूप से, एक क्यूआर कोड एक वर्ग ग्रिड में व्यवस्थित काले वर्गों की एक श्रृंखला है जिसे एक कैमरा द्वारा पढ़ा जा सकता है।

प्रीलिम्स लिंक:

  1. एनपीसीआई द्वारा प्रदान की गई विभिन्न सेवाएं।
  2. देश में एटीएम को कौन नियंत्रित करता है?
  3. UPI क्या है?
  4. नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) क्या है?
  5. राष्ट्रीय वित्तीय स्विच क्या है?

स्रोत: द हिंदू

 


प्रीलिम्स के लिए तथ्य


एंटीफा (Antifa) क्या है?

  • अमेरिका में फासीवाद के विरोधी लोगों को Antifa (anti-fascists) कहते हैं।
  • अमेरिका में Antifa आंदोलन उग्रवादी, वामपंथी और फासीवादी विरोधी आंदोलन के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
  • ये लोग नव-नाजी, नव-फासीवाद, श्वेत सुपीरियॉरिटी और रंगभेद के खिलाफ होते हैं और सरकार के विरोध में खड़े रहते हैं।
  • इस आंदोलन से जुड़े लोग आमतौर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हैं, रैलियां करते हैं। हालांकि, विरोध के दौरान हिंसा के भी परहेज नहीं किया जाता है।
  • एंटीफा के सदस्य आमतौर पर काले रंग के कपड़े पहनते हैं और अक्सर अपने प्रदर्शनों में एक मुखौटा पहनते हैं, और पूंजीवाद विरोधी जैसी दूरगामी विचारधाराओं का पालन करते हैं।

समाचार में क्यों?

जॉर्ज फ्लोयड की मौत के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद भी अमेरिका में पत्थरबाजी जारी रही, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि उनकी सरकार द्वारा वामपंथी समूह एंटिफा को आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया जाएगा।

तियानमेन स्क्वायर हत्याकांड (Tiananmen Square Massacre)

संदर्भ: 30 वर्षों में पहली बार, हांगकांग तियानमेन स्क्वायर नरसंहार की स्मृति में व्यापक प्रदर्शन का आयोजन नहीं करेगा।

 पृष्ठभूमि: 4 जून 1989 को बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर के आसपास लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों पर चीनी सैनिकों ने हमला किया था। इस दिन कम्युनिस्ट पार्टी के उदारवादी नेता हू याओबैंग की मौत के खिलाफ हजारों छात्र तियानमेन चौक पर प्रदर्शन कर रहे थे। चौक पर जमा लोकतंत्र समर्थकों पर चीनी सरकार ने सैन्य कार्रवाई की। 3 और 4 जून की मध्य रात को सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की. सेना ने उन पर टैंक चढ़ा दिया था।

अभी तक इसमें मरने वालों को आधिकारिक संख्या कभी जारी नहीं की गई है, लेकिन राइट्स समूहों का अनुमान है कि यदि हजारों संख्या में लोग मारे गए।

 SPIC MACAY

पीएम ने SPIC MACAY के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया।

  • भारतीय शास्त्रीय संगीत और संस्कृति के संवर्धन के लिए समाज युवा (SPIC MACAY) एक स्वैच्छिक युवा आंदोलन है जो भारतीय सांस्कृतिक विरासत के अमूर्त पहलुओं को बढ़ावा देता है।
  • यह भारतीय शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोक संगीत, योग, ध्यान, शिल्प और भारतीय संस्कृति के अन्य पहलुओं को बढ़ावा देकर करता है।
  • इसकी स्थापना डॉ. किरण सेठ ने 1977 में IIT दिल्ली में की थी।

चैंपियन (CHAMPIONS): MSMEs को सशक्त बनाने के लिए प्रौद्योगिकी मंच

पीएम ने उत्पादन और राष्ट्रीय शक्ति बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी मंच CHAMPIONS का शुभारंभ किया। CHAMPIONS यानी क्रिएशन एंड हार्मोनियस एप्लीकेशन ऑफ मार्डन प्रोसेसेज फॉर इंक्रीजिंग द आउटपुट एंड नेशनल स्ट्रेंथ पोर्टल टेक्नोलॉजी पर आधारित मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम है।

चैंपियन्स पोर्टल के जरिए पूंजी की कमी, श्रमशक्ति की किल्लत, जरुरी अनुमतियों जैसी समस्या निपटाई जा सकेगी। इसके साथ ही ये पोर्टल उन यूनिट्स की पहचान कर उनकी मदद करेगा जो आज जैसी विषम परिस्थितियों से निकल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन बन सके।

अल्ट्रा स्वच्छ (Ultra Swachh)

यह व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई), इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, कपड़े, आदि सहित सामग्रियों की एक विस्तृत श्रृंखला कीटाणुरहित करने के लिए एक कीटाणुशोधन इकाई है।

इसे DRDO द्वारा विकसित किया गया है।

यह प्रणाली एक उन्नत ऑक्सीडेटिव प्रक्रिया का उपयोग करती है जिसमें कीटाणुशोधन के लिए ओज़ोनेटेड स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है।

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Insights Current Affairs Analysis (ICAN) by IAS Topper